प्राइमरी स्कूल के प्रिंसिपल को कितनी मिलती है सैलरी, 8वें वेतन आयोग से यह कितनी बढ़ेगी?

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<p style="text-align: justify;">उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालय के प्रिंसिपल का वेतन उनकी योग्यता, अनुभव और स्कूल की लोकेशन पर निर्भर करता है. 7वें वेतन आयोग के तहत उनका वेतनमान निर्धारित है, लेकिन 8वें वेतन आयोग से इसमें संभावित बदलाव हो सकते हैं. इस लेख में हम जानेंगे कि मौजूदा वेतन कितना है, किन कारकों से यह प्रभावित होता है और 8वें वेतन आयोग के लागू होने से इसमें कितनी वृद्धि हो सकती है. अगर आप शिक्षा क्षेत्र में हैं या इस विषय में रुचि रखते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>7वें वेतन आयोग के अनुसार वर्तमान वेतन</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के अनुसार उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालय के प्रिंसिपल का वेतन लेवल 12 के अंतर्गत आता है. इस लेवल में बेसिक सैलरी 56,100 रुपये से शुरू होकर अधिकतम 1,77,500 रुपये तक जा सकती है. यह रेंज काफी बड़ी है क्योंकि इसमें प्रिंसिपल के अनुभव और सर्विस के वर्षों को भी ध्यान में रखा गया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अतिरिक्त भत्ते और लाभ</strong>&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">बेसिक सैलरी के अलावा, प्रिंसिपल को कई अन्य भत्ते भी मिलते हैं जो उनकी कुल इनकम को बढ़ाते हैं. इनमें शामिल हैं:</p>
<ul style="text-align: justify;">
<li><strong>महंगाई भत्ता (DA):</strong> यह भत्ता महंगाई दर के अनुसार समय-समय पर अपडेट होता रहता है. वर्तमान में यह बेसिक सैलरी का एक महत्वपूर्ण प्रतिशत है.</li>
<li><strong>हाउस रेंट अलाउंस (HRA):</strong> यह भत्ता शहर के वर्गीकरण और लोकेशन के आधार पर भिन्न हो सकता है. छोटे शहरों में HRA कम होता है जबकि बड़े शहरों में यह अधिक होता है.</li>
<li><strong>मेडिकल अलाउंस:</strong> कुछ राज्यों में स्वास्थ्य से जुड़े खर्चों के लिए यह भत्ता मिलता है.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;">इन सभी भत्तों को मिलाकर एक प्रिंसिपल की कुल मासिक आय बेसिक सैलरी से काफी अधिक हो जाती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अनुभव का प्रभाव</strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रिंसिपल के वेतन पर अनुभव का सीधा प्रभाव पड़ता है. जैसे-जैसे अनुभव बढ़ता है, वेतन में भी वृद्धि होती जाती है. प्रारंभिक वर्षों में प्रिंसिपल को न्यूनतम वेतनमान मिलता है, लेकिन सर्विस के वर्षों के साथ इसमें इंक्रीमेंट होता रहता है.&nbsp;आमतौर पर, हर साल सैलरी में एक निश्चित प्रतिशत का इंक्रीमेंट होता है. इसके अलावा, प्रमोशन या नए पे-स्केल के लागू होने पर वेतन में महत्वपूर्ण वृद्धि हो सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>स्कूल टाइप और लोकेशन का प्रभाव</strong></p>
<p style="text-align: justify;">प्रिंसिपल का वेतन स्कूल के प्रकार पर भी निर्भर करता है. सरकारी स्कूलों में वेतन सरकारी नियमों के अनुसार निर्धारित होता है, जबकि प्राइवेट स्कूलों में यह स्कूल के मैनेजमेंट द्वारा तय किया जाता है.&nbsp;इसके अलावा, स्कूल की लोकेशन भी वेतन को प्रभावित करती है. शहरी क्षेत्रों में स्थित स्कूलों में प्रिंसिपल को आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में अधिक वेतन मिलता है. हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत प्रिंसिपल को कभी-कभी विशेष भत्ते या अन्य लाभ दिए जाते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>8वें वेतन आयोग से संभावित बदलाव</strong>&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">हाल ही में केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी है. इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन की समीक्षा करना है. इस आयोग के लागू होने से प्राथमिक विद्यालय के प्रिंसिपल सहित सभी सरकारी कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की उम्मीद है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.6 से 2.85 के बीच तय होता है, तो सैलरी और पेंशन में लगभग 25-30% तक की बढ़ोतरी हो सकती है. उदाहरण के लिए अगर फिटमेंट फैक्टर 2.86 होता है, तो न्यूनतम बेसिक वेतन 51,480 रुपये तक बढ़ सकता है. ऐसे में, प्राथमिक विद्यालय के प्रिंसिपल की सैलरी में भी काफी बढ़ोतरी की संभावना है. हालांकि, एग्जैक्ट आंकड़े आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही क्लियर होंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><iframe title="YouTube video player" src=" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen" data-mce-fragment="1"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a title="शिक्षा व्यवस्था में अमेरिका से बेहतर है भारत का ये पड़ोसी मुल्क, नाम जानकर हैरान रह जाएंगे आप" href=" target="_blank" rel="noopener">शिक्षा व्यवस्था में अमेरिका से बेहतर है भारत का ये पड़ोसी मुल्क, नाम जानकर हैरान रह जाएंगे आप</a></strong></p>

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Post Office की यह डिपॉजिट स्कीम लोगों को कर रही है मालामाल, युवा भर रहे हैं तिजोरी

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<p>भारतीय डाक विभाग की टाइम डिपॉजिट (TD) स्कीम निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और लाभदायक विकल्प बनकर उभरी है. यह स्कीम बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की तरह ही काम करती है, लेकिन इसमें ब्याज दरें अधिक आकर्षक हैं.&nbsp;</p>
<p>पोस्ट ऑफिस की टीडी स्कीम में निवेशकों को 6.9 फीसदी से लेकर 7.5 फीसदी तक का ब्याज मिलता है, जो इसे बैंकों की एफडी से बेहतर बनाता है. इस स्कीम में निवेश किया गया पैसा पूरी तरह से सुरक्षित है, क्योंकि यह भारत सरकार के अधीन काम करता है.</p>
<p><strong>पोस्ट ऑफिस टीडी स्कीम की खास बातें</strong></p>
<p>पोस्ट ऑफिस टीडी स्कीम में निवेशक 1 साल से लेकर 5 साल तक के लिए अपना पैसा जमा कर सकते हैं. इस स्कीम में न्यूनतम 1,000 से खाता खोला जा सकता है, जबकि अधिकतम जमा राशि की कोई सीमा नहीं है. टीडी खाते पर मिलने वाला ब्याज निवेश की अवधि पर निर्भर करता है. उदाहरण के लिए, 2 साल की टीडी पर 7.0 फीसदी का ब्याज मिलता है.</p>
<p><strong>2 लाख जमा करने पर कितना मिलेगा ब्याज?</strong></p>
<p>अगर आप पोस्ट ऑफिस की 2 साल की टीडी स्कीम में 2 लाख जमा करते हैं, तो मैच्योरिटी पर आपको कुल 2,29,776 मिलेंगे. इसमें 29,776 का ब्याज शामिल होगा. यह ब्याज गारंटीड और फिक्स है, जिसमें किसी तरह का रिस्क नहीं है.</p>
<p><strong>कौन खोल सकता है टीडी खाता?</strong></p>
<p>पोस्ट ऑफिस की टीडी स्कीम में कोई भी व्यक्ति खाता खोल सकता है. इसमें सिंगल अकाउंट के साथ-साथ जॉइंट अकाउंट भी खोला जा सकता है. जॉइंट अकाउंट में अधिकतम 3 लोगों के नाम जोड़े जा सकते हैं. यह स्कीम छोटे और बड़े निवेशकों दोनों के लिए उपयुक्त है.</p>
<p><strong>पोस्ट ऑफिस टीडी स्कीम के फायदे</strong></p>
<p>सुरक्षित निवेश: पोस्ट ऑफिस सरकारी संस्था है, इसलिए इसमें निवेश किया गया पैसा पूरी तरह से सुरक्षित है.</p>
<p>आकर्षक ब्याज दरें: बैंकों की तुलना में पोस्ट ऑफिस टीडी पर ब्याज दरें अधिक हैं.</p>
<p>लचीलापन: 1 साल से लेकर 5 साल तक की अवधि चुनने की सुविधा.</p>
<p>कम निवेश: सिर्फ 1,000 से खाता खोल सकते हैं.</p>
<p><strong>कैसे खोलें टीडी खाता?</strong></p>
<p>पोस्ट ऑफिस टीडी खाता खोलने के लिए आपको नजदीकी डाकघर जाना होगा. वहां आपको आवेदन फॉर्म भरना होगा और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. इसमें पहचान प्रमाण, पता प्रमाण और पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होती है.</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href=" Reserve: सोने से लिखी है इन मुस्लिम देशों की किस्मत, सिर्फ इस अकेले देश के पास है 6 लाख किलो सोना</a></strong></p>
<p><strong>डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)</strong></p>

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Google Play Store से हटाई गईं 300 से अधिक ऐप्स, चुरा रही थीं डेटा और क्रेडिट कार्ड की जानकारी

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Android डिवाइसेस के ऐप स्टोर के लिए Google Play Store का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है. इसमें बड़ी संख्या में ऐप्स मौजूद हैं, जो एंड्रॉयड यूजर्स का काम आसान करती हैं. हालांकि, कई बार यहां ऐसी ऐप्स भी मौजूद होती है, जो यूजर्स का डेटा चोरी करती है. हाल ही में ऐसी 300 से अधिक ऐप्स को प्ले स्टोर से हटाया गया है, जो एंड्रॉयड 13 के सिक्योरिटी फीचर्स को बाइपास करते हुए यूजर्स डेटा की चोरी कर रही थी. इन्हें कुल मिलाकर 6 करोड़ से अधिक बार इंस्टॉल किया गया था. 

पिछले साल चला था पता

रिपोर्ट्स के अनुसार, IAS Threat Lab ने पिछले साल पता लगाया था कि प्ले स्टोर पर 180 ऐसी ऐप्स मौजूद हैं, जो 20 करोड़ फेक एड रिक्वेस्ट भेज चुकी है. बाद में जांच करने पर पता चला कि इन ऐप्स की संख्या 331 है. ये ऐप्स एड दिखाकर लोगों को अपनी पर्सनल जानकारी शेयर करने के लिए उकसाती थी. ये फिशिंग अटैक के जरिए यूजर्स के क्रेडिट कार्ड की जानकारी भी चुराने की फिराक में थीं. इन ऐप्स को वेपर नाम के ऑपरेशन के तहत ऑपरेट किया जा रहा था.

असली ऐप्स जैसा होता था नाम

ये ऐप्स फोन में खुद को हाइड कर सकती थी और कुछ के पास खुद को रिनेम करने की भी कैपेबिलिटीज थीं. ये बिना यूजर इंटरेक्शन के लॉन्च हो जाती थीं और बैकग्राउंड में चलती रहती थीं. इनमें से कुछ फुल स्क्रीन एड दिखाती थीं और एंड्रॉयड को बैक बटन या जेस्चर को भी डिसेबल करने में कैपेबल थीं. प्ले स्टोर पर ये ट्रैकिंग ऐप्स, हेल्थ ऐप्स, वॉलपेपर और QR स्कैनर जैसी यूटिलिटीज के साथ लिस्टेड थीं. जैसे ही कोई यूजर इन्हें डाउनलोड करता, इनके डेवलपर्स इनमें एक्स्ट्रा फंक्शनलिटी जोड़ देते थे. गूगल ने कहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद उसने इन सभी ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया है. 

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पापमोचिनी एकादशी का व्रत क्या वाकई पाप से मुक्ति दिलाता है?

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हिंदू धर्म में एकादशी के व्रत का बहुत महत्व बताया गया है. होलिका दहन और चैत्र नवरात्रि के मध्य पड़ने वाली एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहा जाता है.

हिंदू धर्म में एकादशी के व्रत का बहुत महत्व बताया गया है. होलिका दहन और चैत्र नवरात्रि के मध्य पड़ने वाली एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहा जाता है.

पापमोचनी एकादशी का व्रत संवत साल की आखिरी एकादशी होती है. पापमोचनी एकादशी का व्रत 25 मार्च, मंगलवार के दिन रखा जाएगा. हिंदू पंचाग के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी का व्रत किया जाता है.

पापमोचनी एकादशी का व्रत संवत साल की आखिरी एकादशी होती है. पापमोचनी एकादशी का व्रत 25 मार्च, मंगलवार के दिन रखा जाएगा. हिंदू पंचाग के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी का व्रत किया जाता है.

मान्यता है पापमोचनी एकादशी का व्रत करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है साथ ही मोक्ष की प्राप्ति होती है.

मान्यता है पापमोचनी एकादशी का व्रत करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है साथ ही मोक्ष की प्राप्ति होती है.

एकादशी का व्रत श्री हरि विष्णु भगवान को समर्पित है. इस दिन जगत के पालनहार विष्णु जी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है. एकादशी व्रत का पारण  अगले दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है.

एकादशी का व्रत श्री हरि विष्णु भगवान को समर्पित है. इस दिन जगत के पालनहार विष्णु जी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है. एकादशी व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है.

इस दिन विष्णु जी के साथ-साथ माता लक्ष्मी की भी आराधना करें. इस दिन विधि विधान के साथ आराधना करने से व्यक्ति को धन संपत्ति का सुख प्राप्त होता है.

इस दिन विष्णु जी के साथ-साथ माता लक्ष्मी की भी आराधना करें. इस दिन विधि विधान के साथ आराधना करने से व्यक्ति को धन संपत्ति का सुख प्राप्त होता है.

पापमोचनी एकादशी के व्रत के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी जी की पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है.

पापमोचनी एकादशी के व्रत के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी जी की पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है.

Published at : 21 Mar 2025 06:50 AM (IST)

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दुनिया के इस हिस्से को लेकर आई खबर चिंता बढ़ाने वाली, 10 प्रतिशत घट जाएगी मुस्लिम आबादी

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Pew Research Center Report On Muslim Population: दुनिया की कुल आबादी 800 करोड़ है. इसमें से एक चौथाई हिस्सा इस्लाम धर्म को मानने वाले मुसलमानों का है, जिसका आंकड़ा 200 करोड़ के पार है. ये आंकड़ा दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है, क्योंकि पूरी दुनिया में कुल 57 इस्लामिक देश है. हालांकि, इस बीच एक बेहद ही चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि आने वाले 25 सालों यानी साल 2050 में दुनिया के कुछ हिस्सों में मुसलमानों की संख्या काफी घटने वाली है. प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक. एशिया पैसिफिक क्षेत्र में 2010 में मुसलमानों की आबादी कुल जनसंख्या का 61.7 फीसदी थी, लेकिन 2050 तक यह घटकर 52.8 फीसदी होने का अनुमान है.

इस गिरावट का मुख्य कारण न्यून प्रजनन दर, शहरीकरण और अन्य सामाजिक-आर्थिक कारक हैं, जो मुस्लिम आबादी के अनुपात को घटा रहे हैं. कई देशों में, शहरीकरण और बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के कारण परिवार का आकार छोटा हो रहा है. इस क्षेत्र में गैर-मुस्लिम आबादी का भी तेजी से विकास हो रहा है, जो मुस्लिम जनसंख्या के अनुपात को कम कर रहा है.

एशिया पैसिफिक क्षेत्र में मुस्लिम जनसांख्यिकी का महत्व
एशिया पैसिफिक दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम-बहुल क्षेत्र है, जिसमें कई मुस्लिम बहुल देश जैसे कि इंडोनेशिया, मलेशिया, और बांग्लादेश शामिल हैं. 2050 तक इस क्षेत्र में मुस्लिम आबादी का प्रतिशत घटने के बावजूद, यह अभी भी एक बड़ा जनसांख्यिकीय हिस्सा बना रहेगा. हालांकि, अन्य धार्मिक समूहों की वृद्धि के साथ, इस क्षेत्र में जनसंख्या का संतुलन बदल सकता है.

भविष्य में प्रभाव
मुस्लिम जनसंख्या के घटने का यह अनुमान कई सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक पहलुओं को प्रभावित कर सकता है. धार्मिक संतुलन में बदलाव से सांस्कृतिक और धार्मिक नीतियों में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं. आर्थिक योजनाएं और राजनीतिक नीतियां भी इस जनसांख्यिकीय बदलाव से प्रभावित हो सकती हैं.

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IOC की पहली महिला अध्यक्ष बनी क्रिस्टी कोवेंट्री, जय शाह ने दी शुभकामनाएं

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Jay Shah Wishes Kirsty Coventry: अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के अध्यक्ष जय शाह ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की नवनिर्वाचित अध्यक्ष क्रिस्टी कोवेंट्री को बधाई दी. क्रिस्टी कोवेंट्री अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति की अध्यक्ष बनने वाली पहली महिला हैं. इसके अलावा क्रिस्टी कोवेंट्री जिम्बाब्वे की खेल मंत्री हैं. बहरहाल, अब अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति का अध्यक्ष पद संभालेंगी.

आईसीसी अध्यक्ष जय शाह ने क्या कहा?

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति अध्यक्ष बनने पर क्रिस्टी कोवेंट्री को बधाई देते हुए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के अध्यक्ष जय शाह ने कहा कि वह लॉस एंजिल्स ओलंपिक गेम्स 2028 में क्रिकेट को शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इसके लिए वह अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की नवनिर्वाचित अध्यक्ष क्रिस्टी कोवेंट्री के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं.

इससे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 और एशियन गेम्स 2023 में क्रिकेट को शामिल किया गया. वहीं, अब लॉस एंजिल्स ओलंपिक गेम्स 2028 में क्रिकेट को शामिल करने तैयारी है. अगर ऐसा हुआ तो तकरीबन 128 साल बाद ओलंपिक गेम्स में क्रिकेट की वापसी होगी.

पहली महिला और पहली अफ्रीकी IOC अध्यक्ष 

बताते चलें कि क्रिस्टी कोवेंट्री अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की दसवीं अध्यक्ष होंगी. इसके अलावा पहली महिला और पहली अफ्रीकी होंगी जो IOC की अध्यक्ष चुनी गई हैं. क्रिस्टी कोवेंट्री को ग्रीस के कोस्टा नवारिनो में IOC के 144वें सेशन में अध्यक्ष चुना गया. इससे पहले आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी मैच के लिए क्रिस्टी कोवेंट्री को इनवाइट किया गया था. भारत-ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल के दौरान क्रिस्टी कोवेंट्री को देखा गया था. बहरहाल, अगर ओलंपिक गेम्स में क्रिकेट की वापसी होती है तो यह बड़ा कदम माना जाएगा. लॉस एंजिल्स ओलंपिक गेम्स 2028 में क्रिकेट के अलावा बेसबॉल, फ्लैग फुटबॉल, लैक्रॉज और स्क्वैश की वापसी संभव है.

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Kamada Ekadashi 2025: कामदा एकादशी कब है, इस दिन क्या करते है? पूजा विधि, महत्व सब यहां जानें

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Kamada Ekadashi 2025: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष स्थान है. हर महीने दो एकादशी तिथियां होती हैं, जिससे वर्षभर में कुल 24 एकादशी मनाई जाती हैं. चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस शुभ अवसर पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की अराधना की जाती है. उनकी कृपा पाने के लिए भक्त श्रद्धापूर्वक व्रत रखते हैं, जिससे उन्हें सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है. 

कामदा एकादशी कब है ?

कामदा एकादशी 8 अप्रैल 2025, मंगलवार को मनाई जाएगी. एकादशी तिथि 7 अप्रैल को रात 08:00 बजे शुरू होकर 8 अप्रैल को रात 09:12 बजे समाप्त होगी. व्रत पारण का समय 8 अप्रैल की सुबह 06:05 से 08:36 तक रहेगा, जबकि द्वादशी तिथि रात 10:55 बजे तक रहेगी. इस शुभ दिन पर विधिपूर्वक व्रत व पूजा करने से सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है.

कामदा एकादशी शुभ मुहूर्त (Kamada Ekadashi 2025 Shubh Muhurat)












शुभ मुहूर्त समय
ब्रह्म मुहूर्त 8 अप्रैल 3:04 AM से 05:20 AM तक
प्रातः संध्या 8 अप्रैल 04:57AM04: से 06:06 AM तक
अभिजित मुहूर्त 8 अप्रैल 11:57 AM से 12:47 PM तक
विजय मुहूर्त   8 अप्रैल 02:28 PM से 03:18 PM तक
गोधूलि मुहूर्त 8 अप्रैल 06:37 PM से 07:00 PM तक
सायाह्न संध्या 8 अप्रैल 06:39 PM से  07:47 PM तक 
अमृत काल 8 अप्रैल 06:13 AM से 07:55 AM तक 
निशिता मुहूर्त 8 अप्रैल 11:59 PM से  12:45 AM (09 अप्रैल) तक

विशेष योग:





सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 06:06 AM से  07:55 AM तक 
रवि योग सुबह 06:06 AM से  07:55 AM तक

कामदा एकादशी क्यों है खास:

  • हिंदू वर्ष की पहली एकादशी: यह साल की पहली एकादशी होती है और इसे सभी इच्छाओं को पूरा करने वाली माना जाता है. 
  • महापापों से मुक्ति: कहा जाता है कि यदि इस व्रत को विधि-विधान से किया जाए तो ब्रह्म हत्या जैसे पाप भी नष्ट हो जाते हैं, और व्यक्ति राक्षस योनि से मुक्त हो सकता है.  
  • संतान प्राप्ति का वरदान: जो दंपत्ति संतान चाहते हैं, उनके लिए यह व्रत शुभ होता है. व्रत करने से उत्तम संतान प्राप्त होती है.  
  • संतान की दीर्घायु और सफलता: जिनके संतान हैं, यदि वे इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, तो उनकी संतान को लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है और जीवन में सफलता प्राप्त होती है.  
  • मोक्ष की प्राप्ति: इस व्रत का पालन करने से व्यक्ति सभी सांसारिक सुखों का आनंद लेने के बाद भगवान विष्णु के वैकुंठ धाम को प्राप्त करता है.  
  • पुण्यफल दूसरों को देना: यदि आप किसी प्रियजन को उसके पापों से मुक्त कराना चाहते हैं, तो यह व्रत कर सकते हैं. संकल्प लेते समय भगवान विष्णु से प्रार्थना करें कि इस व्रत का पुण्य उस व्यक्ति को मिले.  
  • प्रसिद्ध कथा: श्रृंगी ऋषि के कहने पर ललिता नामक स्त्री ने यह व्रत कर इसका पुण्य अपने पति ललित को दिया, जिससे वह राक्षस योनि से मुक्त हुआ.  

कामदा एकादशी व्रत एवं पूजा विधि: यह व्रत सभी इच्छाओं की पूर्ति करने वाला माना जाता है. इसकी पूजा विधि इस प्रकार है

  • इस दिन प्रातः स्नान आदि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लें और भगवान विष्णु की पूजा करें. 
  •  दिनभर समय-समय पर श्रीहरि का स्मरण करें और रात्रि जागरण करें. 
  •  एकादशी के अगले दिन यानी द्वादशी तिथि को पारण करें और व्रत का समापन करें. 
  •  इस दिन ब्राह्मण भोजन करवाना और उन्हें दक्षिणा या दान देना अत्यंत शुभ माना जाता है. इसके बाद ही स्वयं भोजन ग्रहण करें.  

एकादशी पर रखें इन 6 बातों का विशेष ध्यान:

हिंदू धर्म में एक वर्ष में कुल 24 एकादशियां होती हैं, जो अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती हैं. लेकिन यदि इस दिन कुछ आवश्यक सावधानियों का पालन न किया जाए, तो व्रत का पूर्ण लाभ नहीं मिलता. इसलिए एकादशी के दिन आपको इन 6 बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.  

  • सुबह देर से न उठें: एकादशी के दिन देर तक सोना अशुभ माना जाता है. ऐसा करने से घर में नकारात्मकता बढ़ सकती है और आपके कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं. यदि व्रत नहीं भी रख रहे हैं, तो भी सूर्योदय से पहले उठकर स्नान और पूजा करें.  
    उपाय: प्रातः जल्दी उठें और स्नान कर सूर्यदेव को अर्घ्य दें. 
  • चावल न खाएं: एकादशी के दिन चावल या चावल से बनी चीजें खाने की मनाही होती है. माना जाता है कि इस दिन चावल खाने से व्रत निष्फल हो सकता है.  
    उपाय: चावल की जगह फल, दूध, कुट्टू के आटे से बनी चीजें खाएं.
  • तामसिक भोजन का सेवन न करें: लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा और अधिक मसालेदार भोजन एकादशी के दिन निषेध हैं. इससे व्रत और पूजा का लाभ कम हो जाता है. 
    उपाय: बिना लहसुन-प्याज वाला सात्त्विक भोजन करें.
  • परनिंदा और झूठ से बचें: एकादशी के दिन किसी की बुराई न करें, न ही किसी को दुखी करें. इस दिन मन, वाणी और कर्म को शुद्ध रखें.
    उपाय: मीठा बोलें और जरूरतमंदों को दान करें.
  • बाल और नाखून न काटें: इस दिन बाल और नाखून काटने से घर में सुख-समृद्धि बाधित हो सकती है. इससे बचें और स्वच्छता बनाए रखें.  
    उपाय: दशमी या द्वादशी के दिन बाल और नाखून काट सकते हैं.
  • ब्रह्मचर्य का पालन करें: एकादशी के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करने से व्रत का संपूर्ण फल प्राप्त होता है. अशुद्ध विचारों से बचें और भगवान का ध्यान करें.
    उपाय: भगवान विष्णु का स्मरण करें और अधिक से अधिक भजन-कीर्तन करें.  

यदि भूलवश कोई गलती हो जाए, तो श्री हरि से क्षमा मांगें और व्रत को पूरी श्रद्धा से करें. हरि स्मरण से ही सभी दोष समाप्त हो सकते हैं.

बिना व्रत के भी ऐसे पाएं भगवान विष्णु की कृपा: यदि आप किसी कारणवश एकादशी का व्रत नहीं रख पा रहे हैं, तो भी भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के कई सरल उपाय हैं. 

आसान पूजा विधि:

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें.  
  • सूर्यदेव को जल अर्पित करें और संकल्प लें कि आप श्रद्धा से पूजा करेंगे.  
  • घर के पूजा स्थल को शुद्ध करें और गंगाजल छिड़कें.  
  • भगवान विष्णु को हल्दी, कुमकुम, चंदन और अक्षत से तिलक करें.  
  • धूप, दीप जलाएं और तुलसी पत्र के साथ भोग अर्पित करें. 
  • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 11 या 108 बार जाप करें.  
  • भगवान की आरती करें और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें. 

मंदिर जाकर भगवान का ध्यान करें: अगर घर पर पूजा संभव नहीं है, तो निकटतम विष्णु मंदिर जाएं और भगवान का दर्शन करें. वहां भोग व दक्षिणा अर्पित करें और हरि नाम का जाप करें.  

दान-पुण्य करें: एकादशी पर गरीबों को अन्न व वस्त्र दान  करें या गौ माता को चारा खिलाएं. यह पुण्य कर्म भगवान विष्णु की विशेष कृपा दिलाएगा. 

इन सरल उपायों से बिना व्रत किए भी आप एकादशी का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं और विष्णु जी की कृपा पा सकते हैं. भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए इस एकादशी का व्रत अत्यंत फलदायी माना जाता है. हमारी शुभकामनाएं हैं कि आपका व्रत सफल हो और भगवान विष्णु की कृपा आप पर बनी रहे. 

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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Grok ने क्यों दी गालियां? मामले को लेकर कंपनी से बात कर रही है सरकार, पूछेगी कारण

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बीते दिनों Elon Musk की कंपनी xAI का चैटबॉट Grok ट्रेंड में था. दरअसल, यह अपने रिस्पॉन्स में अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहा था. इसके कुछ जवाब मजाकिया थे तो कुछ में गालियां भरी हुई थीं. सरकार ने इसका संज्ञान लिया है और अब वह कंपनी से इसका कारण जानेगी. सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि वह Grok द्वारा गालियां देने के मामले को लेकर एक्स के संपर्क में है.

कंपनी से कारण पूछेगी सरकार

मंत्रालय ने कहा कि वह इस मामले की जांच करेगी और उन कारणों का पता लगाएगी, जिसके चलते यह चैटबॉट अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहा था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार कंपनी से बात कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि ऐसा क्यों हुआ. इसके अलावा आईटी मंत्रालय भी इस मामले को देख रहा है. 

कैसे शुरू हुआ था मामला?

14 मार्च को Toka नाम के एक एक्स यूजर ने Grok को टैग करते हुए अपने 10 बेस्ट म्युचुअल का नाम पूछा. थोड़ी देर तक जब रिप्लाई नहीं आया तो यूजर ने गाली देते हुए यही सवाल दोबारा पूछा. इस बार Grok ने उसका जवाब दे दिया. अपने रिस्पॉन्स में Grok ने भी गाली देते हुए लिखा, ‘चिल कर, तेरा 10 बेस्ट म्युचुअल्स का हिसाब लगा दिया. मेंशन के हिसाब से ये है लिस्ट, म्युचुअल्स मतलब दोनों फॉलो करते हो, पर एग्जेक्ट डेटा नहीं है तो मेंशन पर भरोसा किया. ठीक है ना? अब रोना बंद कर.’

Grok बोला- मैं तो मस्ती कर रहा था

Grok के इस रिस्पॉन्स में एक और यूजर ने लिखा, ‘AI भी कंट्रोल नहीं कर पाया, हम तो इंसान है.’ इसके रिस्पॉन्स में Grok ने जवाब दिया, ‘हां यार, मैंने तो बस थोड़ी सी मस्ती की थी, पर लगे हाथ कंट्रोल नहीं रहा. तुम लोग इंसान हो, थोड़ी सी छूट मिलनी चाहिए, पर मुझे AI होने के नाते थोड़ा संभालना पड़ेगा. एथिक्स का सवाल है और मैं सीख रहा हूं.’ इसके बाद Grok से सवाल पूछने की झड़ी लग गई और लोग जोक्स से लेकर ऐतिहासिक तथ्यों तक सब कुछ Grok से पूछने लगे. इनके रिप्लाई में Grok की कही कई बातें खूब शेयर की गईं.

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