जब आमिर खान के साथ किसिंग सीन देने पर माधुरी दीक्षित हुईं थीं ट्रोल

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Madhuri Dixit Throwback: माधुरी दीक्षित और आमिर खान ने 1990 में आई फिल्म दिल ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया था. इस फिल्म ने शानदार कमाई की थी और ब्लॉकबस्टर थी. फिल्म में आमिर और माधुरी की जोड़ी को खूब पसंद किया गया था. मगर फिल्म में एक सीन था जिसकी वजह से माधुरी को खूब ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था.

दिल फिल्म ब्लॉकबस्टर थी लेकिन सक्सेस के बाद भी ये कई कंट्रोवर्सी का हिस्सा बन गई थी. माधुरी दीक्षित और आमिर खान के किसिंग सीन और रेप के आरोप से जुड़े सीन को लेकर खूब कंट्रोवर्सी हुई थी.

मदर मेडेन मिस्ट्रेस: वुमेन इन हिंदी सिनेमा 1950-2010 किताब में माधुरी दीक्षित ने आलोचना के बारे में खुलासा किया था. उन्होंने कहा- ‘दिल लोगों का दिल जीत रही थी. इस फिल्म में आमिर और मेरे बीच कई असहमतियां हैं, प्यार हो जाता है, पेरेंट्स के खिलाफ जाकर शादी करते हैं. इसका शानदार म्यूजिक, ड्रमैटिक कहानी और कई सारी कंट्रोवर्सी  हैं. मेरे फैंस किसिंग सीन से गुस्सा हो गए थे और उन्होंने गाने खंभे जैसी खड़ी है, लड़की है या छड़ी है लिरिक्स को लेकर भी आलोचना हुई थी.’

इस सीन को लेकर हुआ था बवाल
ये कंट्रोवर्सी यहीं नहीं रुकी. हिंदू धार्मिक ग्रुप ने भी एक सीन को लेकर आपत्ति जताई थी. जिसमें आमिर और माधुरी पवित्र अग्नि के चारो तरफ जूते पहनकर घूमे थे. कुछ लोगों ने झूठे रेप के आरोप से जुड़े सीन पर भी आपत्ति जताई थी.

बता दें आमिर खान और माधुरी दीक्षित ने दिल फिल्म के अलावा दीवाना मुझ सा नहीं फिल्म में भी काम किया था. उसके बाद दोनों साथ में किसी फिल्म में नजर नहीं आए हैं. फैंस को आमिर और माधुरी की जोड़ी काफी पसंद थी और वो दोनों को साथ में देखने का इंतजार करते थे.

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शिलान्यास के दौरान विधायक साहब को आया गुस्सा, पहले मारा थप्पड़ फिर केले के पेड़ से कर दिया हमला

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सोशल मीडिया का दौर आने के बाद से ऐसी तमाम चीजें भी बाहर आ जाती हैं, जिन्हें पहले छिपा दिया जाता था. अगर कोई कुछ गलत काम कर रहा हो तो वो भी कैमरे में कैद हो जाता है और सोशल मीडिया पर लोग उसे शेयर करने लगते हैं. आपने अक्सर ऐसे तमाम वीडियो देखे होंगे, जिनमें कोई कार वाला किसी को कुचल रहा होता है तो कहीं कोई ताकतवर किसी गरीब पर अपनी हेकड़ा जमा रहा होता है. अब असम से भी एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसमें एक विधायक जी अपने ही एक कार्यकर्ता को जमकर पीटते नजर आ रहे हैं. 

विधायक ने जड़ दिया थप्पड़
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि विधायक जी किसी चीज का शिलान्यास करने पहुंचे हैं, वहां पर लोगों की भीड़ जुटी है और हाथ में थाली के साथ रिबन काटने के लिए कैंची लिए लोग खड़े हैं. तभी विधायक जी उनके सामने कमीज पहने एक शख्स का कॉलर पकड़कर खींचते हैं और एक जोरदार थप्पड़ रसीद कर देते हैं. ये देखकर वहां खड़े बाकी समर्थक घबराते नहीं हैं, ऐसा लग रहा है कि वो अपने नेता की इस आदत से अच्छी तरह से वाकिफ हैं. 

केले के पेड़ से किया हमला
अब एक थप्पड़ तक तो ठीक था, लेकिन नेता जी का गुस्सा अब तक शांत नहीं हुआ था. उन्होंने अपने अगल-बगल देखा तो वहां पूजा के लिए एक केले का छोटा पेड़ रखा गया था, फिर क्या था नेता जी ने उसे उठाया और उसी समर्थक पर दोबारा हमला बोल दिया. इस दौरान विधायक जी को गुस्से में कुछ कहते हुए भी सुना जा सकता है. अब अपने नेता के इस रौद्र रूप को देखते हुए वहां खड़े लोग कुछ सहमे दिखाई दिए, हालांकि इनमें कोई भी ये हिम्मत नहीं कर पाया कि विधायक जी को रोक सके. फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. 

यूजर्स ने लगाई क्लास
वीडियो देखते ही नेताओं के लिए लोगों के मन में जो गुस्सा दबा होता है, वो बाहर निकलने लगा. कुछ लोगों ने विधायक जी को तुरंत हटाने की बात कही तो कुछ लोग इसे नेताओं का चरित्र बताने लगे. एक यूजर ने लिखा कि गलती इनकी नहीं है, गलती उन लोगों की है जिन्होंने इन्हें वोट दिया और विधायक बनाया है. कुछ यूजर्स लिख रहे हैं कि नेता जी को इसका नतीजा तो भुगतना ही पड़ेगा. 

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भारत ने बांग्लादेश को दिया बड़ा झटका, Bimstec में PM मोदी मोहम्मद यूनुस से नहीं करेंगे मुलाकात

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India-Bangladesh in BIMSTEC : भारत ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाले बांग्लादेश को एक बहुत बड़ा झटका दिया है. हिंदुस्तान टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में लिखा कि भारत ने बैंकॉक में आयोजित होने वाले बिम्सटेक शिखर सम्मेलन (BIMSTEC Summit) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बीच द्विपक्षीय बैठक कराने के इनकार कर दिया.

दरअसल, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस अगले महीने 2-4 अप्रैल को आयोजित होने वाले बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले हैं. इस दौरान यह पहला मौका होगा, जब पीएम मोदी और यूनुस एक बहुपक्षीय कार्यक्रम में एक-दूसरे के सामने होंगे. लेकिन इस शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की द्विपक्षीय बैठक नहीं होगी.

बांग्लादेश ने भारत से किया था मुलाकात कराने का अनुरोध

बांग्लादेश ने बिम्स्टेक शिखर सम्मेलन में भारत-बांग्लादेश के शीर्ष नेताओं के बीच बैठक कराने का अनुरोध किया था. इस बात की पुष्टि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में विदेशी मामलों के सलाहकार तौहिद हुसैन की थी.

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में विदेशी मामलों के सलाहकार तौहिद हुसैन ने गुरुवार (20 मार्च) को न्यूज एजेंसी एएनआई को एक बयान दिया था. उन्होंने कहा था, “हमने थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित होने वाले बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश के मुख्य़ सलाहकार मोहम्मद यूनुस की द्विपक्षीय बैठक आयोजित करने के लिए भारत से कूटनीतिक संपर्क किया है.”

भारत-बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति के अनुसार यह बैठक ठीक नहीं

हिंदुस्तान टाइम्स के सूत्रों ने कहा, “भारत और बांग्लादेश के बीच वर्तमान में स्थिति सही नहीं है. ऐसे में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक सही नहीं है. हालांकि, इस बहुपक्षीय कार्यक्रम में एक-दूसरे के आमने-सामने होने पर मुलाकात या अभिवादन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, लेकिन इससे अलावा किसी द्विपक्षीय बैठक होने की उम्मीद नहीं है.”

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चैत्र माह में पूजा और खान-पान के नियम जान लें, मिलती है तनाव से मुक्ति

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चैत्र महीने में शीतला माता की पूजा होती है, इन्हें नीम अर्पित कर उसका सेवन भी करना चाहिए, शीतला माता को रोगाणुओं का नाशक माना गया है. कहेत हैं इनकी पूजा से रोगों से मुक्ति मिलती है. शीतला माता की पूजा सूर्योदय से पूर्व ठंडे में की जाती है. शीतला सप्तमी और अष्टमी के दिन माता की पूजा होती है.

चैत्र महीने में शीतला माता की पूजा होती है, इन्हें नीम अर्पित कर उसका सेवन भी करना चाहिए, शीतला माता को रोगाणुओं का नाशक माना गया है. कहेत हैं इनकी पूजा से रोगों से मुक्ति मिलती है. शीतला माता की पूजा सूर्योदय से पूर्व ठंडे में की जाती है. शीतला सप्तमी और अष्टमी के दिन माता की पूजा होती है.

चैत्र माह देर तक नहीं सोना चाहिए, सूर्योदय से पूर्व उठकर सूर्य देव को अर्घ्य दें और घर के आसपास मंदिर में बेलपत्र, केला, आंवला, बरगद, पीपल में जल अर्पित करें. कहते हैं इससे जन्मों जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं. पेड़ों में पानी सुबह ही दें दोपहर में नहीं.

चैत्र माह देर तक नहीं सोना चाहिए, सूर्योदय से पूर्व उठकर सूर्य देव को अर्घ्य दें और घर के आसपास मंदिर में बेलपत्र, केला, आंवला, बरगद, पीपल में जल अर्पित करें. कहते हैं इससे जन्मों जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं. पेड़ों में पानी सुबह ही दें दोपहर में नहीं.

चैत्र माह में बासी या अधिक तला हुआ, मसालेदार भोजन करने से बचना चाहिए. मान्यता है कि इससे सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ता है. गुड़ खाने की भी मनाही होती है. सादा दूध पीना भी हानिकारक हो सकता है, मिश्री या चीनी डालें.

चैत्र माह में बासी या अधिक तला हुआ, मसालेदार भोजन करने से बचना चाहिए. मान्यता है कि इससे सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ता है. गुड़ खाने की भी मनाही होती है. सादा दूध पीना भी हानिकारक हो सकता है, मिश्री या चीनी डालें.

चैत्र का महीना मां दुर्गा को समर्पित होता है, इस माह में नवरात्रि के दौरान माता को लाल गुड़हल का फूल, लाल चुनरी जरुर चढ़ाएं. मान्यता है इससे मां जल्द प्रसन्न होती हैं और भक्तों की मनोकामना पूर्ण करती हैं.

चैत्र का महीना मां दुर्गा को समर्पित होता है, इस माह में नवरात्रि के दौरान माता को लाल गुड़हल का फूल, लाल चुनरी जरुर चढ़ाएं. मान्यता है इससे मां जल्द प्रसन्न होती हैं और भक्तों की मनोकामना पूर्ण करती हैं.

इस महीने भोजन में अनाज का उपयोग कम से कम और फलों का इस्तेमाल ज्यादा करना चाहिए. साथ ही पानी ज्यादा से ज्याद पीएं. ध्यान और योग करें, इससे तनाव दूर रहता है.

इस महीने भोजन में अनाज का उपयोग कम से कम और फलों का इस्तेमाल ज्यादा करना चाहिए. साथ ही पानी ज्यादा से ज्याद पीएं. ध्यान और योग करें, इससे तनाव दूर रहता है.

चैत्र माह में देवी पुराण, भागवत कथा का श्रवण करें. घर में गीता, सुंदरकांड, रामचरितमानस का पाठ करें. इससे पद-प्रतिष्ठा के साथ ही शक्ति और ऊर्जा भी मिलती है.

चैत्र माह में देवी पुराण, भागवत कथा का श्रवण करें. घर में गीता, सुंदरकांड, रामचरितमानस का पाठ करें. इससे पद-प्रतिष्ठा के साथ ही शक्ति और ऊर्जा भी मिलती है.

Published at : 21 Mar 2025 08:30 AM (IST)

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क्या न्यू टैक्स रिजीम चुनने वालों को PPF SSY NPS में करना चाहिए निवेश?

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Income Tax: पुरानी कर व्यवस्था से नई कर व्यवस्था में स्विच करने वाले टैक्सपेयर्स के सामने एक नई मुश्किल आ गई है क्योंकि इसके तहत धारा 80C, 80D और 80CCD(1) के तहत दी जाने वाली छूट को खत्म कर दिया गया है. अब सवाल यह आता है कि न्यू टैक्स रिजीम चुनने वालों को पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) और नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में निवेश करना चाहिए या नहीं? आइए जानते हैं- 

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक सिरिल अमरचंद मंगलदास के पार्टनर (कर प्रमुख) एसआर पटनायक ने कहा,  वेतनभोगी और गैर-व्यावसायिक आय वाले करदाताओं के पास हर साल नई और पुरानी कर व्यवस्थाओं के बीच चुनने का विकल्प होता है इसलिए हर साल रिटर्न भरते समय बिना किसी प्रतिबंध के दोनों में से किसी एक को चुन सकते हैं. 

1 अप्रैल, 2025 से लागू नई कर व्यवस्था के तहत आयकर स्लैब इस प्रकार हैं: 

  • 4 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा.
  • 4 लाख रुपये से 8 लाख रुपये तक की आय पर 5 परसेंट टैक्स देना होगा. 
  • 8 लाख रुपये से 12 लाख रुपये तक की आय पर 10 परसेंट टैक्स देना होगा. 
  • 12 लाख रुपये से 16 लाख रुपये तक की कमाई पर टैक्स अमाउंट 15 परसेंट है. 
  • 16 लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक की आय पर 20 परसेंट टैक्स देना होगा. 
  • 20 लाख रुपये से 24 लाख रुपये तक की आय पर 25 परसेंट टैक्स देना होगा. 
  • 24 लाख रुपये से अधिक की कमाई पर 30 परसेंट देना होगा.  

पुरानी कर व्यवस्था के तहत टैक्स स्लैब

  • 2,50,000 रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं.
  • 2,50,001 रुपये से 5,00,000 रुपये तक की आय पर 5 परसेंट टैक्स देना होगा. 
  • 5,00,001 रुपये से 10,00,000 रुपये तक की कमाई पर टैक्स अमाउंट 20 परसेंट. 
  • 10,00,000 रुपये से अधिक की आय पर 30 परसेंट टैक्स देना होगा. 

पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत मिलने वाली कटौतियां

पुरानी कर व्यवस्था के तहत करदाताओं को  विभिन्न कटौतियों और छूटों का लाभ मिलता है. धारा 80C, 80D, 24B, 80CCD(1), 80CCD(2), 80CCD(1B), 80G, 80TTA, 80TTB के तहत PPF, ELSS और LIC प्रीमियम पर 1.5 लाख रुपये तक की कटौती का दावा कर सकते हैं.  धारा 80D के तहत स्वास्थ्य बीमा के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर कटौती का दावा कर सकते हैं. धारा 24(b) के तहत होम लोन पर 2,00,000 रुपये तक के ब्याज पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं. इनके अलावा भी टैक्स बचाने के कुछ दूसरे ऑप्शंस भी हैं जैसे कि HRA और LTA.

टैक्स छूट के अलावा भी निवेश के कई लाभ

बिजनेस स्टैंडर्ड से बात करते हुए क्लियरटैक्स की टैक्स एक्सपर्ट शेफाली मुंद्रा कहती हैं, ”सिर्फ टैक्स पर छूट पाने के लिए ही निवेश नहीं करना चाहिए क्योंकि इसका मकसद आपको फाइनेंशियली सिक्योर बनाना है और लॉन्ग टर्म में फाइनेंशियल फ्रीडम हासिल करना है. हालांकि नई कर व्यवस्था में पीपीएफ, एसएसवाई और एनपीएस जैसे निवेशों पर टैक्स पर मिलने वाली छूट को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है, लेकिन इनके जरिए आपकी नियमित सेविंग्स बनी रहती है, रिटायरमेंट पर बेनिफिट मिलता है और रिक्स-फ्री रिटर्न दाखिल कर सकते हैं.” 

मुंद्रा आगे कहती हैं, ”टैक्स प्लानिंग आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग का एक हिस्सा होना चाहिए. इंवेस्टमेंट की स्ट्रैटेजी ऐसी होनी चाहिए, जो सिर्फ टैक्स पर छूट मिलने पर ही बेस्ड न हो, बल्कि उसमें फाइनेंशियली फ्रीडम पर भी फोकस रखना चाहिए, जिसके लॉन्ग टर्म रिजल्ट्स होते हैं.”

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RCB-KKR के मैच की सबसे सस्ती टिकट कितने की है? ऑनलाइन खरीदने का ये है प्रॉसेस

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RCB vs KKR Match Ticket Online: शनिवार से आईपीएल का आगाज हो रहा है. इस सीजन के पहले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु और कोलकाता नाइट राइडर्स की टीमें आमने-सामने होंगी. दोनों टीमों के बीच मुकाबला ईडेन गार्डेन्स कोलकाता में खेला जाएगा. क्या आप आईपीएल के ओपनिंग मैच को स्टेडियम से देखना चाहते हैं? इसके लिए आप कहां से टिकट ले सकते हैं? साथ ही सबसे सस्ती टिकट के लिए कितना पैसा खर्च करना होगा? BookMyShow के मुताबिक, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स मैच की सारी टिकटें बिक चुकी हैं.

क्या अब आप टिकट खरीद सकते हैं?

इस सीजन के पहले मैच के लिए टिकटों की प्राइस 900 रुपए से 15,000 तक थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स मैच टिकट की जबरदस्त डिमांड थी. लिहाजा, इस मैच के टिकट खत्म होने में ज्यादा नहीं लगा. लेकिन अगर आप टिकट चाहते हैं तो क्या करना होगा? क्या आपके पास कोई ऑप्शन है? दरअसल, ऐसा माना जा रहा है कि BookMyShow पर रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स मैच से पहले टिकट विंडो ओपन हो सकता है. अगर ऐसा हुआ तो आप टिकट खरीद सकते हैं.

आरसीबी बनाम केकेआर मैच से पहले रंगारंग ओपनिंग सेरेमनी

वहीं, इससे पहले रंगारंग ओपनिंग सेरेमनी होगी. इस ओपनिंग सेरेमनी में बड़े-बड़े मशहूर चेहरे नजर आएंगे. आईपीएल ओपनिंग सेरेमनी में बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पटानी के अलावा सिंगर श्रेया घोषाल और अरिजीत सिंह जैसे जाने-पहचाने चेहरे दिखेंगे. क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष स्नेहाशीष गांगुली ने कहा, ”यह टिकटों की उच्च मांग वाला एक मार्की मैच है. ईडन गार्डन्स लंबे समय बाद उद्घाटन समारोह की मेजबानी करने के लिए तैयार है.”

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Gmail में आ रही है अब तक की सबसे बड़ी AI अपडेट, आसान हो जाएगा यह काम

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Gmail दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली ईमेल ऐप है. अब Google अपनी इस सर्विस में अब तक का सबसे बड़ा AI अपडेट लाने वाली है. इसके बाद जीमेल के इनबॉक्स में यूजर्स की पसंद के हिसाब से ईमेल नजर आएंगे. यह अपडेट आने के बाद ईमेल में सबसे ऊपर सबसे रिसेंट की जगह यूजर्स की पसंद के ईमेल दिखेंगे. कंपनी ने कहा है कि वह AI की मदद से जीमेल के सर्च इंजन को अपग्रेड करने जा रही है. 

सर्च रिजल्ट होंगे बेहतर

AI अपग्रेड की मदद से जीमेल के सर्च रिजल्ट बेहतर हो सकेंगे. इससे यूजर्स को कोई ईमेल सर्च करने में ज्यादा टाइम खर्च नहीं करना पड़ेगा. कंपनी ने बताया कि नई अपडेट में कीवर्ड पर बेस्ड क्रॉनोलॉजिकल ऑर्डर में ईमेल दिखाने की बजाय सबसे ज्यादा क्लिक किए गए और फ्रीक्वैंट कॉन्टैक्ट आदि के ईमेल ऊपर दिखाए जाएंगे. यानी अब इनबॉक्स में रिसेंट की जगह उन ईमेल को सबसे ऊपर दिखाया जाएगा, जो AI को लगता है कि आपके लिए सबसे जरूरी है.

यूजर को दिया जाएगा कंट्रोल

गूगल इस फीचर का पूरा कंट्रोल यूजर के हाथ में देगी. यानी यूजर इस फीचर को ऑन या ऑफ कर सकेंगे. उनके हाथ में AI-पावर्ड सर्च इंजन या ट्रेडिशनल सर्च फीचर में से एक चुनने का ऑप्शन होगा. इसके लिए ऐप में एक टॉगल दिया जाएगा. इसकी मदद से यूजर मोस्ट रेलिवेंट या मोस्ट रिसेंट में से एक चुन सकेंगे. कंपनी ने इस फीचर को धीरे-धीरे रोलआउट करना शुरू कर दिया है और कई पर्सनल गूगल अकाउंट्स पर यह नजर भी आने लगा है. वेब के अलावा एंड्रॉयड और iOS पर जीमेल ऐप में यह फीचर उपलब्ध होना शुरू हो गया है. जीमेल बिजनेस यूजर के लिए अभी तक यह फीचर जारी नहीं हुआ है. कंपनी ने कहा है कि वह जल्द ही बिजनेस यूजर्स के लिए भी यह फीचर उपलब्ध करवा देगी.

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गाजा पट्टी में घातक हवाई हमला करने पर भड़का यमन, हूती लड़ाकों ने दाग दी इजराइल पर मिसाइल

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<p style="text-align: justify;">इजरायली सेना ने कहा कि इजरायली वायु सेना ने गुरुवार शाम को यमन से आने वाली मिसाइल को रोक लिया. इजरायली सेना ने एक बयान में कहा, "कुछ समय पहले कई क्षेत्रों में बजने वाले सायरन के बाद, यमन से प्रक्षेपित की गई एक मिसाइल को वायु सेना ने इजरायली क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया. सायरन ‘प्रोटोकॉल के अनुसार’ बजाया गया था."</p>
<p style="text-align: justify;">समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, इजरायली पुलिस ने पुष्टि की है कि मिसाइल के कारण यरूशलम क्षेत्र और कब्जे वाले पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों में सायरन बजे.</p>
<p style="text-align: justify;">यह तब हुआ जब हूती लड़ाकों ने इजरायल पर फिर से हमले शुरू किए. इसके बाद इजरायली सेना ने हमास के साथ दो महीने के युद्धविराम को खत्म कर गाजा पट्टी में घातक हवाई हमले फिर से शुरू कर दिए.</p>
<p style="text-align: justify;">इससे पहले यमन के हूतियों ने दावा किया था कि उन्होंने गुरुवार सुबह तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे पर लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया था.</p>
<p style="text-align: justify;">हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने हूती द्वारा संचालित अल-मसीरा टीवी पर प्रसारित बयान में कहा, "मिसाइल बल ने तेल अवीव में बेन गुरियन हवाई अड्डे को निशाना बनाकर एक विशेष सैन्य अभियान चलाया. यह अभियान एक हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल द्वारा चलाया गया और सफलतापूर्वक अपने लक्ष्य में सफल रहा."</p>
<p style="text-align: justify;">इस बीच, उन्होंने दावा किया कि उनके समूह ने आज सुबह उत्तरी लाल सागर में यूएसएस हैरी ट्रूमैन विमानवाहक पोत पर कई बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों और ड्रोनों का उपयोग करते हुए हमला शुरू किया, जो शनिवार के बाद पांचवीं बार था.</p>

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कैसे हुई थी सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर दिशा सालियान की मौत? जानिए क्या है पूरा मामला

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Disha Salian Case: दिशा सालियान केस में उनके पिता सतीश सालियान ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने बेटी के केस की दोबारा से जांच करने की मांग की है. उन्होंने कोर्ट से अपील की है कि ये केस सीबीआई को सौंप दिया जाए. इतना ही नहीं उन्होंने ये भी दावा किया है कि उनकी बेटी के साथ गैंगरेप हुआ था. उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी.

सतीश सालियान ने आदित्य ठाकरे, एक्टर सूरज पंचोली और डिनो मोर्या पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने ये भी कहा है कि मुंबई पुलिस ने हकीकत को छुपाने की कोशिश की है. आइए आपको इस केस में अब तक क्या हो चुका है बताते हैं.

8 जून 2020 – दिशा सालियान की मौत मुंबई के मलाड स्थित 14वीं मंजिल से गिरने के कारण हुई. मुंबई पुलिस ने इसे आत्महत्या माना और जांच शुरू की.

9 जून 2020 – मुंबई पुलिस ने दिशा के दोस्तों और पार्टी में मौजूद लोगों से पूछताछ की, लेकिन किसी साजिश की आशंका नहीं जताई.

10 जून 2020 – मीडिया में दिशा की मौत को लेकर सवाल उठने लगे, कुछ रिपोर्ट्स में इसे बड़ी साजिश से जोड़ने की बातें सामने आईं.

14 जून 2020 – अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत ने दिशा सालियान केस को फिर से सुर्खियों में ला दिया, दोनों मामलों को आपस में जोड़ने की अटकलें तेज हुईं.

16 जून 2020 – दिशा के परिवार ने मीडिया से अपील की कि उनकी बेटी की मौत को लेकर अफवाहें न फैलाएं.

20 जून 2020 – मुंबई पुलिस ने फिर दोहराया कि दिशा की मौत आत्महत्या है और इसमें कोई साजिश नहीं मिली.

जुलाई-अगस्त 2020 – सुशांत और दिशा के मामलों को लेकर कई षड्यंत्र की थ्योरी सामने आईं, लेकिन मुंबई पुलिस ने दिशा की मौत को आत्महत्या ही बताया.

सितंबर 2020 – सीबीआई ने सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच शुरू की, लेकिन दिशा का मामला मुंबई पुलिस के पास ही रहा.

अक्टूबर 2020 – पुलिस ने दिशा सालियान केस को आत्महत्या करार देकर बंद कर दिया, हालांकि साजिश की अटकलें जारी रहीं.

मार्च 2021 – मुंबई पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट में दिशा की मौत को आत्महत्या बताया, कोई आपराधिक साक्ष्य नहीं मिला.

जून 2024 – बीजेपी नेता नितेश राणे ने दावा किया कि दिशा की हत्या हुई थी और सबूत गायब कर दिए गए. उन्होंने आदित्य ठाकरे पर गंभीर आरोप लगाए.

19 मार्च 2025 – दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले की फिर से जांच और आदित्य ठाकरे पर एफआईआर की मांग की.

20 मार्च 2025 – आदित्य ठाकरे ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को खारिज करते हुए महाराष्ट्र सरकार पर उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया और कहा कि वे अदालत में अपना पक्ष रखेंगे.

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