अगले 5-10 सालों में हर टास्क कर सकेगी AI, इंसानों की कर लेगी बराबरी- Google DeepMind के CEO

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इन दिनों हर क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का बोलबाला है. इसके कारण कई काम आसान हो रहे हैं और चीजें तेजी से बदल रही हैं. जानकारों का कहना है कि यह अभी शुरुआत भर है और आने वाले सालों में इसमें कई कमाल दिख सकते हैं. हाल ही में गूगल डीपमाइंड के सीईओ ने कहा है कि अगले 5-10 सालों में इंसानों के बराबर या इंसानों से स्मार्ट AI दुनिया के सामने होगी और यह इंसानों की तरह हर टास्क करने लगेगी. 

आर्टिफिशियल जनरल इंटेलीजेंस की बढ़ेगी दुनिया- हसाबिस

गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हसाबिस के मुताबिक, ऐसी AI अब थोड़े ही वक्त की बात है, जो हर टास्क में इंसानों की बराबरी कर सके. अगले 5-10 सालों में इंसानों से स्मार्ट AI आना शुरू हो जाएगी. आज के सिस्टम कई चीजें नहीं कर सकते, लेकिन आने वाले समय में इनमें सारी कैपेबिलिटीज आ जाएंगी और दुनिया आर्टिफिशियल जनरल इंटेलीजेंस (AGI) की तरफ जाना शुरू कर देगी. उन्होंने कहा कि AGI ऐसा सिस्टम होता है, जिसमें इंसानों की तरह कई जटिल क्षमताएं होती हैं. इसे बनाने में सबसे बड़ी चुनौती मौजूदा AI सिस्टम्स को रियल वर्ल्ड का कॉन्टेक्स्ट समझाना है. यह काम होने पर AGI को आसानी से तैयार किया जा सकता है.

कई और लोग भी जता चुके ऐसी उम्मीद

AGI की बात करने वाले हसाबिस अकेले नहीं हैं. पिछले साल चीनी टेक दिग्गज बायडू के सीईओ ने भी कहा था कि AGI को आने में 10 साल लग सकते हैं. हालांकि, AI स्टार्टअप एंथ्रोपिक के सीईओ डेरियो एमोडेई ने कहा था कि अगले 2-3 सालों में हर काम को इंसान से बेहतर करने वाली AI आ जाएगी. उनके अलावा टेस्ला के सीईओ एलन मस्क का मानना है कि AGI 2026 तक उपलब्ध हो जाएगी, वहीं OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन का कहना है कि AGI के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

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एक या दो नहीं, IPL 2025 के लिए 13 अलग-अलग ओपनिंग सेरेमनी, क्या चल रहा कोई मजाक?

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IPL 2025 Opening Ceremony: इंडियन प्रीमियर लीग का 18वां सीजन कई मायनों में खास रहने वाला है. कई सारी टीमों के खिलाड़ियों में फेरबदल हुआ है, कई सारे कप्तान बदल चुके हैं और आगामी सीजन के लिए खिलाड़ियों पर कुछ नियम भी लागू किए गए हैं. मगर हर बार आईपीएल का पहला मैच खेले जाने से पहले ओपनिंग सेरेमनी महफिल लूटने का काम करती रही है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स अनुसार इस बार श्रद्धा कपूर से लेकर दिशा पाटनी और अरिजीत सिंह जैसे बड़े सितारे ओपनिंग सेरेमनी में चार चांद लगा सकते हैं. मगर फैंस के लिए एक अच्छी खबर है कि इस बार मैचों के आयोजन के लिए चुने गए सभी 13 शहरों में ओपनिंग सेरेमनी का कार्यक्रम करवाया जा सकता है.

स्पोर्टस्टार में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड, इस बार एक नहीं, दो नहीं बल्कि 13 अलग-अलग उद्घाटन समारोह करवा सकता है. बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब एक से अधिक ओपनिंग सेरेमनी करवाए जाने का प्लान सामने आया है. साल 2017 यानी IPL के दसवें सीजन में पहला मैच खेले जाने से पूर्व सभी 8 शहरों में उद्घाटन समारोह करवाया गया था.

इस बार ज्यादा धमाकेदार होगी ओपनिंग सेरेमनी, जानें क्यों?

इस बार 8 के बजाय 13 शहरों में उद्घाटन समारोह करवाए जाने की अटकलें हैं. IPL 2025 का पहला मैच 22 मार्च को कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा. इस मैच से पूर्व सबसे पहली सेरेमनी कोलकाता में ही होगी, जिसमें श्रेया घोषाल, करन औजला और दिशा पाटनी के आने की भी खबर है.

इसी रिपोर्ट अनुसार BCCI के सूत्र ने बताया कि BCCI टूर्नामेंट को एक नया टच देना चाहती है. इससे सभी शहरों में मौजूद लोग ओपनिंग सेरेमनी का आनंद ले पाएंगे. हर एक वेन्यू के लिए राष्ट्रीय और स्थानीय कलाकारों को प्रदर्शनी का मौका दिया जाएगा.

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IISER भोपाल में खुलेगा अनोखा स्कूल, ड्रोन बनाना और उड़ाना दोनों सिखाएगा!

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अब आईआईएसईआर (IISER) भोपाल में देश का पहला ऐसा स्कूल ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा, जहां न सिर्फ ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग दी जाएगी, बल्कि इनकी डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्निकल डेवलपमेंट तक की शिक्षा दी जाएगी.

अब आईआईएसईआर (IISER) भोपाल में देश का पहला ऐसा स्कूल ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा, जहां न सिर्फ ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग दी जाएगी, बल्कि इनकी डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्निकल डेवलपमेंट तक की शिक्षा दी जाएगी.

सरकार का उद्देश्य है कि यह स्कूल न केवल युवाओं को रोजगार के नए अवसर दे, बल्कि प्रदेश को ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बनाए. इसके लिए आईआईएसईआर भोपाल को आईआईटी मुंबई, हैदराबाद और इंदौर जैसे बड़े तकनीकी संस्थानों का भी सहयोग मिलेगा. इस पहल की निगरानी खुद राज्य के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की तरफ से की जाएगी.

सरकार का उद्देश्य है कि यह स्कूल न केवल युवाओं को रोजगार के नए अवसर दे, बल्कि प्रदेश को ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बनाए. इसके लिए आईआईएसईआर भोपाल को आईआईटी मुंबई, हैदराबाद और इंदौर जैसे बड़े तकनीकी संस्थानों का भी सहयोग मिलेगा. इस पहल की निगरानी खुद राज्य के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की तरफ से की जाएगी.

इस स्कूल में पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों को खास तौर पर शामिल किया जाएगा. कोर्स में ड्रोन कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधारित ड्रोन सॉफ्टवेयर, ड्रोन असेंबली, रिपेयरिंग और मेंटेनेंस, फ्लाइट सिम्युलेटर ट्रेनिंग, स्वायत्त ड्रोन संचालन और सर्वे, मैपिंग और कृषि में ड्रोन का उपयोग शामिल रहेगा.

इस स्कूल में पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों को खास तौर पर शामिल किया जाएगा. कोर्स में ड्रोन कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधारित ड्रोन सॉफ्टवेयर, ड्रोन असेंबली, रिपेयरिंग और मेंटेनेंस, फ्लाइट सिम्युलेटर ट्रेनिंग, स्वायत्त ड्रोन संचालन और सर्वे, मैपिंग और कृषि में ड्रोन का उपयोग शामिल रहेगा.

स्टूडेंट्स को न केवल क्लासरूम में सिखाया जाएगा, बल्कि प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाएगी. इतना ही नहीं, सेंटर में ड्रोन के सॉफ्टवेयर से लेकर हार्डवेयर तक हर पहलू पर फोकस किया जाएगा.

स्टूडेंट्स को न केवल क्लासरूम में सिखाया जाएगा, बल्कि प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाएगी. इतना ही नहीं, सेंटर में ड्रोन के सॉफ्टवेयर से लेकर हार्डवेयर तक हर पहलू पर फोकस किया जाएगा.

रिपोर्ट्स की मानें तो यह स्कूल समाज कल्याण के लिए भी अहम साबित होगा. ड्रोन टेक्नोलॉजी को कृषि, स्वास्थ्य, डिजास्टर मैनेजमेंट और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में उपयोगी बनाने के लिए भी खास ट्रेनिंग दी जाएगी. सरकार का मकसद है कि मध्यप्रदेश देश में ड्रोन निर्माण और संचालन में अग्रणी राज्य बने.

रिपोर्ट्स की मानें तो यह स्कूल समाज कल्याण के लिए भी अहम साबित होगा. ड्रोन टेक्नोलॉजी को कृषि, स्वास्थ्य, डिजास्टर मैनेजमेंट और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में उपयोगी बनाने के लिए भी खास ट्रेनिंग दी जाएगी. सरकार का मकसद है कि मध्यप्रदेश देश में ड्रोन निर्माण और संचालन में अग्रणी राज्य बने.

ये महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट इसी वर्ष से शुरू होने जा रहा है. 2025 के अंत तक यह स्कूल पूरी तरह संचालित हो जाएगा.

ये महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट इसी वर्ष से शुरू होने जा रहा है. 2025 के अंत तक यह स्कूल पूरी तरह संचालित हो जाएगा.

Published at : 18 Mar 2025 05:19 PM (IST)

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ट्रंप और पुतिन के बीच फोन पर हुई बातचीत, दो घंटे में यूक्रेन युद्ध समेत इन मुद्दों पर हुई चर्चा

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Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए प्रयास कर रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से लगातार बातचीत कर रहे हैं. इस मामले को लेकर मंगलवार (18 मार्च, 2025) को ये बातचीत फिर से शुरू हुई और लगभग 2 घंटे तक चली. इस दौरान युद्ध विराम समझौते के साथ-साथ अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई. इस बात की जानकारी व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ डैन स्कैविनो ने दी.

उन्होंने ट्वीट किया, “राष्ट्रपति ट्रंप वर्तमान में ओवल ऑफिस में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ सुबह 10:00 बजे से बातचीत कर रहे हैं. बातचीत अच्छी चल रही है और अभी भी जारी है.” यह बातचीत तीन साल से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए हो रही है. रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध ने लाखों लोगों की जान ले ली है, लाखों लोगों को विस्थापित कर दिया है और यूक्रेन के कई हिस्सों को बर्बाद कर दिया है.

पुतिन को मनाने में लगे डोनाल्ड ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप पुतिन को 30 दिन के युद्धविराम समझौते को औपचारिक रूप से स्वीकार करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं. इस पर यूक्रेनी अधिकारियों ने पिछले सप्ताह सऊदी अरब में अमेरिका के नेतृत्व में बातचीत के दौरान सहमति व्यक्त की थी. इस बातचीत के दौरान नेतृत्व विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने किया था. पुतिन से फोन पर बातचीत से पहले ट्रंप ने संकेत दिया कि क्षेत्रीय नियंत्रण और परमाणु ऊर्जा संयंत्र जैसे प्रमुख बुनियादी ढांचे चर्चा का हिस्सा होंगे. 

रूस क्या चाहता है?

बीते दिन सोमवार (17 मार्च, 2025) को ट्रंप ने कहा था, “हम देखेंगे कि क्या हम युद्ध विराम और शांति स्थापित कर सकते हैं. मुझे लगता है कि हम ऐसा करने में सक्षम होंगे.” वहीं, पुतिन ने पिछले सप्ताह अमेरिका के युद्ध विराम प्रस्ताव के लिए समर्थन व्यक्त किया था, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि रूस की ओर से अपने आक्रमण को रोकने के लिए सहमत होने से पहले कई शर्तें पूरी होनी चाहिए. क्रेमलिन ने क्रीमिया और पूर्वी यूक्रेन के बड़े हिस्सों सहित कब्ज़ा किए गए इलाकों पर नियंत्रण बनाए रखने पर जोर दिया है.

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बजट में ऑल-राउंडर स्मार्टफोन है Itel A50, पढ़ें पूरा रिव्यू

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Itel A50 Review: Itel अपने किफायती और बजट स्मार्टफोन्स के लिए जाना जाता है. हाल ही में कंपनी ने Itel A50 को भारतीय बाजार में पेश किया है जिसकी कीमत 7,000 रुपये से कम रखी गई है. यह फोन HD+ डिस्प्ले और 5000mAh की बैटरी के साथ आता है. इसका डिज़ाइन आकर्षक है, इंटरफ़ेस उपयोग में आसान है, और यह उन यूज़र्स के लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है जिन्हें बेसिक फीचर्स के साथ एक विश्वसनीय स्मार्टफोन चाहिए. हमने इसे इस्तेमाल किया और यहां इसका पूरा रिव्यू दिया गया है.

हमें क्या अच्छा लगा

  • मुफ़्त स्क्रीन रिप्लेसमेंट ऑफ़र (100 दिनों के भीतर)
  • डायनेमिक बार 
  • 5000 एमएएच बैटरी
  • आकर्षक डिजाइन
  • बेहतरीन परफॉर्मेंस

हमें क्या अच्छा नहीं लगा

  • कैमरा बढ़िया हो सकता है.
  • कम स्टोरेज

अंतिम निर्णय

6,499 रुपये की कीमत में Itel A50 एक बेहतरीन एंट्री-लेवल स्मार्टफोन साबित होता है. इसका HD+ डिस्प्ले, ऑक्टा-कोर प्रोसेसर और डुअल कैमरा इसे इस सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार बनाते हैं. 5000mAh बैटरी के साथ, यह पूरे दिन तक बिना किसी परेशानी के चल सकता है. यह उन यूज़र्स के लिए खास तौर पर उपयुक्त है जो फीचर फोन से स्मार्टफोन पर अपग्रेड करना चाहते हैं या फिर एक किफायती सेकंडरी फोन की तलाश में हैं. अपने बजट सेगमेंट में यह एक संतुलित और भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभरता है.

Itel A50 Review: डिज़ाइन

Itel A50 का डिज़ाइन इसे बजट सेगमेंट के अन्य स्मार्टफोन्स से अलग बनाता है. इसका स्लिम और स्टाइलिश लुक इसे इस प्राइस रेंज में एक अनोखा विकल्प बनाता है. फोन फ्लैट स्क्रीन डिज़ाइन और ग्लासटिक रियर पैनल के साथ आता है जो इसे प्रीमियम लुक देता है. यह ब्लैक, ब्लू, ग्रीन और गोल्डन रंगों में उपलब्ध है. ये देखने में काफी अच्छा और स्टाइलिश है. फोन के पीछे डुअल कैमरा सेटअप बाईं ओर LED फ्लैश के साथ दिया गया है. टेक्सचर्ड और चमकदार बैक पैनल इसे और आकर्षक बनाता है. पावर बटन और वॉल्यूम रॉकर दाईं ओर दिए गए हैं जबकि सिम कार्ड स्लॉट बाईं तरफ स्थित है. यूएसबी टाइप-C चार्जिंग पोर्ट और 3.5mm ऑडियो जैक फोन के निचले हिस्से में मौजूद हैं.

बजट में ऑल-राउंडर स्मार्टफोन है Itel A50, पढ़ें पूरा रिव्यू

Itel A50 Review: डिस्प्ले

Itel A50 में 6.6-इंच HD+ डिस्प्ले दिया गया है जिसका 720×1612 पिक्सल रिज़ॉल्यूशन है. इस कीमत में यह एक शानदार डिस्प्ले अनुभव देता है. फोन में 60Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट मिलता है जिससे यह रोज़मर्रा के इस्तेमाल के लिए सुचारू रूप से काम करता है. स्क्रीन के चारों ओर पतले बेज़ल दिए गए हैं, लेकिन चिन थोड़ी मोटी है. इसका डिस्प्ले ब्राइट और कलरफुल है जिससे गेमिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग का अनुभव अच्छा रहता है. इसके अलावा, इसमें आई केयर मोड भी दिया गया है, जो ब्लू लाइट को कम करके आंखों को सुरक्षित रखता है.

बजट में ऑल-राउंडर स्मार्टफोन है Itel A50, पढ़ें पूरा रिव्यू

Itel A50 Review: परफॉर्मेंस

Itel A50 में ऑक्टा-कोर Unisoc T603 चिपसेट दिया गया है जो कि इस कीमत के हिसाब से एक अच्छा प्रोसेसर है. यह दो वेरिएंट में आता है – 3GB+64GB और 4GB+64GB. फोन का परफॉर्मेंस नॉर्मल यूसेज के लिए ठीक-ठाक है और हल्के-फुल्के टास्क जैसे मैसेजिंग, ब्राउज़िंग और सोशल मीडिया के लिए अच्छा काम करता है.

हल्के गेम्स जैसे Candy Crush यह आसानी से चला सकता है लेकिन हाई-एंड गेमिंग के लिए यह उपयुक्त नहीं है. यह ग्राफिक्स-इंटेंसिव गेम्स को हैंडल करने में सक्षम नहीं है और हेवी मल्टीटास्किंग के दौरान थोड़ा धीमा पड़ सकता है. हालांकि, एंड्रॉइड 14 गो एडिशन ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने के कारण इसका इंटरफेस तेज और उपयोग में आसान लगता है. फोन में एक ऐप ड्रॉअर भी दिया गया है, जिससे होम स्क्रीन को व्यवस्थित रखा जा सकता है.

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Itel A50 Review: कैमरा

Itel A50 में डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है जिसमें 8MP का प्राइमरी सेंसर और एक AI कैमरा शामिल है. इसके अलावा, 5MP का फ्रंट कैमरा भी दिया गया है. कैमरा अच्छे रोशनी वाले माहौल में ठीक-ठाक तस्वीरें लेता है लेकिन कम रोशनी में इसका प्रदर्शन उतना प्रभावशाली नहीं है. HDR और ब्यूटी मोड जैसे बेसिक कैमरा फीचर्स दिए गए हैं जो इमेज क्वालिटी को थोड़ा सुधार सकते हैं. फ्रंट कैमरा कैज़ुअल सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए ठीक है, लेकिन इससे बेहद हाई-क्वालिटी तस्वीरें की उम्मीद नहीं की जा सकती.

Itel A50 Review: बैटरी लाइफ

Itel A50 की सबसे बड़ी खासियत इसकी 5000mAh बैटरी है. कंपनी का दावा है कि यह एक बार चार्ज करने पर पूरे दिन का बैकअप देती है और हमारे टेस्ट में भी यह दावा सही साबित हुआ. फोन में तीन बैटरी सेविंग मोड दिए गए हैं.

अनरेस्ट्रिक्टेड मोड जिसमें बैकग्राउंड ऐप्स बिना किसी रोक-टोक के चलते रहते हैं.

ऑप्टिमाइज़्ड मोड जो बैटरी को बैलेंस तरीके से बचाता है और सामान्य यूज़र्स के लिए सबसे उपयुक्त है.

रिस्टिक्टेड मोड जो बैकग्राउंड ऐप्स को सीमित कर देता है, जिससे बैटरी अधिक समय तक चलती है. हालांकि, इस मोड में नोटिफिकेशन में देरी हो सकती है और कुछ ऐप्स उम्मीद के मुताबिक काम नहीं करेंगे.

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लाखों भी पड़ रहे कम! लंदन में नौकरी कर रही महिला ने रोया किराए का दुखड़ा, सपोर्ट में आए यूजर्स

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लोग नौकरी पाने के लिए काफी जद्दोजहद करते हैं. काफी हाथ-पैर मारने के बाद मिली नौकरी से इंसान खुश तो हो जाता है लेकिन फिर इसके बाद जो परेशानियां आती हैं वो ज्यादातर लोग संभाल नहीं पाते हैं. ऐसा ही कुछ हुआ लंदन में रह रही एक भारतीय मूल की महिला के साथ. 25 साल की तरुणा ने अपने लिंक्डइन अकाउंट से अपनी जॉब के दौरान आने वाली परेशानी को लोगों के साथ शेयर किया और नाराजगी जताते हुए कहा कि मैं अब ऑफिस आने जाने का किराया अफॉर्ड नहीं कर सकती. जिसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी सकते में आ गए और उनसे इसके पीछे वजह पूछने लगे.

लंदन में लाखों की नौकरी कर रही महिला ने रोया किराए का दुखड़ा

तरुणा ने कहा कि जब ऑफिस में जाकर भी वीडियो कॉल पर ही हेडफोन लगाकर बैठना है तो क्यों न घर से ही काम किया जाए. तरुणा ने बताया कि एक अच्छी नौकरी होने के बावजूद हर महीने बिल भरने के लिए जूझना पड़ता है और खुद का घर खरीदना तो अब केवल एक सपना सा रह गया है. इसके अलावा तरुणा ने नाराजगी जताते हुए जॉब के फूड कल्चर पर भी सवाल उठाया और कहा कि पहले फ्री लंच, बोनस और ट्रैवलिंग जैसे फायदे लोगों को मिला करते थे, लेकिन आज की जनरेशन केवल ठंडी पिज्जा स्लाइस और वर्क बीयर तक सिमट कर रह गई है.

लाखों भी पड़ रहे कम! लंदन में नौकरी कर रही महिला ने रोया किराए का दुखड़ा, सपोर्ट में उतरे यूजर्स

कंपनी बना रही दबाव

अब तरुणा की यह नाराजगी सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. तरुणा का कहना है कि कंपनी मुझे हफ्ते में 3 दिन ऑफिस आने का दबाव बना रही है. जबकि लंदन में पब्लिक ट्रांसपोर्ट काफी महंगा है और मैं इसे अफोर्ड नहीं कर सकती. LEGO कंपनी में ग्लोबल इंफ्लुएंसर स्ट्रैटेजी मैनेजर के तौर पर काम करने वाली 25 साल की तरुणा कंपनी के इस रवैये से खासी नाराज हैं.

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यूजर्स उतरे सपोर्ट में, कुछ ने किया किनारा

सोशल मीडिया पर जैसे ही तरुणा का पोस्ट वायरल हुआ इस पर यूजर्स ने तरह-तरह के रिएक्शन देने शुरू कर दिए. एक यूजर ने लिखा…कंपनियां यही करती हैं, लंदन में किराए के तौर पर रोजाना मुड़ते हैं. एक और यूजर ने लिखा…आप सही कह रही हैं, या तो कंपनी को एक्सपेंस देना चाहिए. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…लंदन में अच्छी जॉब प्रोफाइल के बाद भी रो रही हो मैडम, गजब करती हो.

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6 Planets in Pisces: मीन राशि में 6 ग्रह, शनि राहु के साथ ये ग्रह तबाही का दे रहे संकेत!

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6 Planets in Pisces: ज्योतिषीय ग्रंथों में जब एक ही राशि में कई ग्रह एकत्र होते हैं, तो इसे ग्रह संयोग (संमसप्तक या बहु-ग्रह योग) कहा जाता है. ऐसे संयोगों का वर्णन वेदों, पुराणों और विभिन्न ज्योतिषीय ग्रंथों में मिलता है. मीन राशि में 6 ग्रहों के इस विशेष संयोग से जुड़े प्रभावों के बारे में बृहद् पाराशर होरा शास्त्र, फलदीपिका, ब्रह्मांड पुराण और अन्य ग्रंथों में बताया गया है.

बृहद् पाराशर होरा शास्त्र में बहु-ग्रह योग
बृहद् पाराशर होरा शास्त्र में कहा गया है कि जब एक ही राशि में 5 या अधिक ग्रह होते हैं, तो यह दुनिया में बड़े परिवर्तन लेकर आता है.

श्लोक:
“यदि पंच ग्रहाः स्थाने स्वेऽथवा नीचगे स्थिताः.
भयं महद् भवेद् राज्ञां दुर्भिक्षं च प्रजास्वपि॥”
(बृहद् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 53)

अर्थ:
जब एक ही राशि में पांच या अधिक ग्रह होते हैं, तो यह राजनीतिक अस्थिरता, अकाल, सामाजिक अराजकता, और युद्ध जैसी स्थितियां उत्पन्न कर सकता है.

प्रभाव:

शासकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. खाद्य संकट या प्राकृतिक आपदाएं हो सकती हैं. वैश्विक संघर्ष और बड़े परिवर्तन संभव हैं.

फलदीपिका में षडग्रही योग का वर्णन
फलदीपिका में कहा गया है कि जब किसी राशि में 6 ग्रह एकत्र होते हैं, तो यह राष्ट्र और विश्व स्तर पर सामाजिक व आर्थिक उथल-पुथल ला सकता है.

श्लोक:
“षड्ग्रहारिष्टयुक्ते च नृणां दुःखं समागतम्.
सर्वे वाणिज्य संकोचं युद्धं च जायते पुनः॥”
(फलदीपिका, अध्याय 27)

अर्थ:

जब 6 ग्रह एक ही राशि में होते हैं, तो व्यापार में संकट आ सकता है. युद्ध, विद्रोह और राजनीतिक अस्थिरता की संभावना बढ़ जाती है. कुछ जातकों को मानसिक तनाव और स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं.

ब्रह्मांड पुराण में दुर्लभ ग्रह संयोगों का प्रभाव
ब्रह्मांड पुराण में कहा गया है कि जब राहु और शनि जैसे ग्रह मीन राशि में अन्य ग्रहों के साथ संयोग बनाते हैं, तो दुनिया में बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं.

श्लोक:
“राहुश्च शनिना युक्ते चक्रे देवगते यदि.
म्लेच्छा बलं समाप्नोति धर्मः शिथिलतां व्रजेत्॥”
(ब्रह्मांड पुराण, खंड 4)

अर्थ:

जब राहु और शनि एक साथ होते हैं, तो धर्मिक और नैतिक मूल्यों में गिरावट हो सकती है. विदेशी शक्तियां अधिक प्रभावशाली हो सकती हैं. राजनीतिक अस्थिरता और युद्ध की संभावनाएं बढ़ जाती हैं.

वराहमिहिर के बृहत्संहिता में बहु-ग्रह योग
श्लोक:
“षड्ग्रहाः यदि संक्रान्ते सिंहस्थे वा महाग्रहे.
राज्ञः क्षयः प्रजा हीनं भयं च स्यान्महाभयम्॥”
(बृहत्संहिता, अध्याय 15)

अर्थ:

जब एक राशि में 6 ग्रह होते हैं, तो राजा (शासक) के लिए संकट उत्पन्न होता है. जनता में असंतोष बढ़ता है और उथल-पुथल होती है. यह स्थिति किसी बड़े युद्ध या क्रांति का कारण बन सकती है.

भविष्य पुराण में युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं का संकेत
श्लोक:
“गुरुश्च शनिना युक्ते राहुं चन्द्रेण संयुते.
नृणां क्लेशं महद् दुःखं सर्वक्षेत्रे विधीयते॥”
(भविष्य पुराण, अध्याय 36)

अर्थ:

जब गुरु और शनि एक साथ होते हैं, तो राजनीतिक और आर्थिक संकट उत्पन्न होते हैं. राहु और चंद्रमा का संयोग मानसिक तनाव और भ्रामक निर्णयों को जन्म देता है. यह कालखंड युद्ध, आर्थिक मंदी और प्राकृतिक आपदाओं को जन्म दे सकता है. संभावित प्रभाव: राजनीतिक और वैश्विक उथल-पुथल कुछ देशों में शासकों का पतन या सरकारों में परिवर्तन हो सकता है. भारत, अमेरिका, चीन, रूस और यूरोप में राजनीतिक घटनाक्रम तेज हो सकते हैं.

प्राकृतिक आपदाएं

जल से जुड़ी आपदाएं (बाढ़, सुनामी, चक्रवात) संभव हैं. भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट की संभावनाएं बढ़ सकती हैं. आर्थिक संकट और व्यापार में मंदी शेयर बाजार में भारी अस्थिरता आ सकती है. आर्थिक मंदी या कुछ सेक्टरों में आर्थिक गिरावट संभव है. सामाजिक और धार्मिक परिवर्तन. समाज में नैतिक और धार्मिक मूल्यों में परिवर्तन हो सकता है. धर्म, परंपरा और आध्यात्मिकता की ओर लोगों का झुकाव बढ़ सकता है.

करने योग्य कार्य (DOs):

  1. ध्यान और योग का अभ्यास करें.
  2. धन और निवेश के मामले में सावधानी रखें.
  3. मानसिक शांति बनाए रखें और भावनात्मक रूप से संतुलित रहें.
  4. प्राकृतिक आपदाओं और अनिश्चितताओं के लिए तैयार रहें.

न करने योग्य कार्य (DON’Ts):

  1. अनावश्यक वाद-विवाद और राजनीतिक बहसों से बचें.
  2. बड़े निवेश या वित्तीय जोखिम न लें.
  3. भावनात्मक रूप से अस्थिर होकर कोई बड़ा निर्णय न लें.
  4. अफवाहों और गलत सूचनाओं से बचें.

ज्योतिषीय ग्रंथों में ऐसे दुर्लभ ग्रह संयोगों को बड़े वैश्विक बदलाव, राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक संकट, प्राकृतिक आपदाएं, और सामाजिक परिवर्तन का कारक माना गया है. हालांकि, हर संयोग का प्रभाव व्यक्ति और समाज पर अलग-अलग हो सकता है. इसलिए, इसे भय के रूप में देखने के बजाय सावधानी और समझदारी से इस समय का उपयोग करना चाहिए.”धैर्यं परं बलम्” यानी धैर्य ही सबसे बड़ी शक्ति है-इस सिद्धांत को अपनाकर इस समय का सदुपयोग करें!

​मार्च 2025 में मीन राशि में छह ग्रहों का दुर्लभ संयोग लगभग 57 वर्षों बाद पुनः बन रहा है. इस संयोग की अवधि और संबंधित ग्रहों के मीन राशि में प्रवेश की तिथियों को विस्तार से समझते हैं-










ग्रह का नाम प्रवेश की तिथि
शुक्र 27 फरवरी 2025
सूर्य  14 मार्च 2025
चंद्रमा 28 मार्च 2025
शनि 29 मार्च 2025
बुध 27 फरवरी 2025
राहु  पहले से मीन राशि में स्थित है

षडग्रही योग की अवधि:

यह दुर्लभ संयोग, जिसे षडग्रही योग कहा जाता है, 29 मार्च 2025 को बनेगा, जब ये छह ग्रह मीन राशि में एक साथ होंगे. यह स्थिति कुछ दिनों तक बनी रहेगी, जिसके बाद ग्रह क्रमशः अपनी अगली राशियों में प्रवेश करेंगे.​

ग्रहों का मीन राशि से प्रस्थान:










ग्रह का नाम मीन राशि से प्रस्थान की तिथि
चंद्रमा 30 मार्च 2025
सूर्य  13 अप्रैल 2025
बुध 14 अप्रैल 2025
शुक्र  16 अप्रैल 2025
शनि  दीर्घकालिक मीन राशि में
राहु  दीर्घकालिक मीन राशि में

इस प्रकार, मीन राशि में छह ग्रहों का यह दुर्लभ संयोग 29 मार्च 2025 को बनेगा और लगभग 14 अप्रैल 2025 तक प्रभावी रहेगा, जब तक कि अधिकांश ग्रह मीन राशि से प्रस्थान नहीं कर जाते. शनि और राहु जैसे ग्रह मीन राशि में अधिक समय तक रह सकते हैं, क्योंकि उनकी गति धीमी होती है.

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