US के साथ ट्रेड वॉर के बीच यूरोपियन देशों के साथ संबंधों पर जोर

[ad_1]

Canadian PM Mark Carney Future Plan: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अपनी पहली विदेश यात्रा के दौरान फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम के साथ कनाडा के संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया. यह यात्रा उस समय हो रही है जब कनाडा को अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापार युद्ध और संप्रभुता के खतरों का सामना करना पड़ रहा है.

मार्क कार्नी, जो जस्टिन ट्रूडो के उत्तराधिकारी बने हैं और पूर्व में बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर रह चुके हैं, ने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के बजाय यूरोप को चुना. कार्नी ने कहा कि कनाडा को फ्रांस जैसे विश्वसनीय सहयोगियों के साथ अपने संबंधों को बढ़ावा देने की जरूरत है, खासकर अमेरिका के साथ व्यापार युद्ध और सुरक्षा चुनौतियों के बीच. कार्नी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “कनाडा के लिए फ्रांस जैसे विश्वसनीय सहयोगियों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है.”

अमेरिका से व्यापार युद्ध और कनाडा की प्रतिक्रिया
डोनाल्ड ट्रंप की ओर से कनाडाई वस्तुओं पर इम्पोर्ट रेट बढ़ाने और कनाडा की संप्रभुता को चुनौती देने से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. कनाडाई संप्रभुता को ट्रंप की ओर से चुनौती दिए जाने पर कनाडाई नागरिकों में बेचैनी है. जनमत सर्वेक्षणों से पता चलता है कि अधिकांश कनाडाई ट्रंप के इस तर्क को अस्वीकार करते हैं कि कनाडा अमेरिका का 51वां राज्य बनकर बेहतर होगा. कार्नी ने कहा कि कनाडा को अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए यूरोपीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना होगा.

रूस-यूक्रेन युद्ध पर कनाडा की भूमिका
फ्रांस और कनाडा ने रूस के आक्रमण के बाद से यूक्रेन का समर्थन करने की प्रतिबद्धता जताई है. दोनों देशों ने मिलकर यूक्रेन की संप्रभुता की रक्षा के लिए सुरक्षा गारंटी की मांग की है. मैक्रोन और कार्नी ने कहा कि वे रूस से स्पष्ट प्रतिबद्धताओं की मांग करेंगे, ताकि यूक्रेन और पूरे यूरोप की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

ब्रिटेन और फ्रांस के साथ व्यापारिक संबंध
फ्रांस और ब्रिटेन के साथ कनाडा के व्यापारिक संबंधों पर भी जोर दिया गया है. कनाडा का फ्रांस के साथ व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता है, और वह CPTPP (कंप्रीहेंसिव एंड प्रोग्रेसिव एग्रीमेंट फॉर ट्रांस-पैसिफिक पार्टनरशिप) का सदस्य है, जिसमें अब ब्रिटेन भी शामिल है. कार्नी ने कहा कि अमेरिका के साथ टैरिफ और जवाबी उपायों के कारण व्यापार प्रभावित हो सकता है, लेकिन यूरोपीय संघ और अन्य देशों के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है.

आर्कटिक सुरक्षा और संप्रभुता
कार्नी अपनी यात्रा के अंतिम चरण में नुनावुत जाएंगे, जो कनाडा की आर्कटिक सुरक्षा और संप्रभुता की पुष्टि करने के लिए महत्वपूर्ण है. यह यात्रा डेनमार्क के स्वायत्त देश ग्रीनलैंड के करीब है, जिसे ट्रम्प ने विलय का लक्ष्य बनाया था.

ये भी पढ़ें: Pakistan News: खिलौने वाली बंदूकों पर भी पाकिस्तान में लगा बैन! जानें क्यों किया ये ऐलान

[ad_2]

कौन हैं शार्क टैंक इंडिया के नए जज श्रीकांत बोल्ला? उन पर बन चुकी है बॉलीवुड फिल्म

[ad_1]

Srikanth Bolla: श्रीकांत बोल्ला आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है. देश के इस जाने-माने उद्योगपति श्रीकांत देख नहीं सकते, लेकिन बावजूद इसके उन्होंने अपनी जिंदगी में आई हर एक चुनौती का बहादुरी से सामना किया और सफलता का एक नया मुकाम हासिल किया. इसकी एक झलक हमें उन पर बनी बॉलीवुड की एक फिल्म में देखने को मिल चुकी है. 


‘ये तो बस शुरुआत है’: श्रीकांत

बोलंट इंडस्ट्रीज के फाउंडर और चेयरमैन श्रीकांत बोल्ला अब रियलिटी शो शार्क टैंक इंडिया में जज के तौर पर चुने गए हैं. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इसकी जानकारी दी. उन्होंने इंस्टाग्राम पर शोज से जुड़ी कई तस्वीरें पोस्ट की हैं और इसके साथ लिखा है, ”शार्क के झुंड से बचने के लिए, आपको खुद भी एक शार्क बनना होगा.”

इन तस्वीरों में श्रीकांत बिजनेस टायकून गौतम अडानी के छोटे बेटे जीत अडानी के साथ नजर आ रहे हैं. सच कहूं तो शार्क टैंक इंडिया की वजह से भारत में उद्यमिता को बहुत बढ़ावा मिला है.” उन्होंने आगे लिखा, ”सेट पर आकर मुझे एहसास हुआ कि सपने सिर्फ सोचने वालों के लिए नहीं होते- वे काम करने वालों के लिए होते हैं! पैनल में इन सभी सफल उद्यमियों से मिलना बहुत मजेदार था. मुझे आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद शार्क टैंक इंडिया – यह तो बस शुरुआत है!”

फर्श से अर्श तक सफर 

1991 में आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम शहर के सीतापुरम में पैदा हुए श्रीकांत जन्म से देख नहीं सकते हैं. इनके माता-पिता खेती-बाड़ी कर अपना गुजारा करते थे. श्रीकांत ने 12वीं साइंस से की, लेकिन इसकी उन्हें इजाजत नहीं मिली थी.  विज्ञान में पढ़ाई करने के लिए उन्होंने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में केस दर्ज किया. 6 महीने के लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार अदालत ने अपना फैसला सुनाया कि नेत्रहीन छात्र भी अब आंध्र प्रदेश राज्य बोर्ड के सभी स्कूलों में विज्ञान की पढ़ाई कर सकते हैं. 12वीं बोर्ड 98 परसेंट से टॉप करने के बाद श्रीकांत ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से मैनेजमेंट साइंस की डिग्री हासिल की. 

ये भी पढ़ें:

पटरियों पर सरपट दौड़ेगी हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनें! पायलट प्रोजेक्ट की तैयारी में रेलवे



[ad_2]

‘अबे-तबे’ और ‘ऐसी-तैसी’ भी करता है एलन मस्क का ग्रोक एआई, जवाब पढ़ लेंगे तो हंसते-हंसते…

[ad_1]

एलन मस्क के एआई टूल ‘ग्रोक’ ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लोगों को खूब मजे कराए. जी हां, एआई टूल्स अमूमन उन्हें गाली देने पर चेतावनी देते हैं और या फिर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं समझते. लेकिन हाल ही में एक्स के एआई टूल ग्रोक ने जो भारतीय यूजर्स के साथ किया वह देखकर हर कोई हैरान है. जब चैटबॉट ने एक यूजर की बोलचाल का हिंदी में जवाब दिया और उससे अपशब्द भी बोले. जी हां, अपशब्द. यह सब तब शुरू हुआ जब एक यूजर ने चैटबॉट से उसके एक म्यूचुअल फ्रेंड के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब न देने के लिए सवाल किया.

यूजर ने सवाल करते हुए ग्रोक से पूछा… “अरे @grok, मेरे 10 सबसे अच्छे म्यूचुअल फ्रेंड कौन हैं?” यूजर ने जब ग्रोक से ये सवाल पूछा तो ग्रोक ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जिसके बाद एलन मस्क के एआई को जगाने के लिए यूजर ने हिंदी के अपशब्दों का इस्तेमाल किया और उसे ग्रोक पर पोस्ट कर दिया. इस बार, AI ने शख्स को उसी तरह जवाब दिया… ” चिल कर. तेरा ’10 बेस्ट म्यूचुअल’ का हिसाब लगा दिया है. मेंशन के हिसाब से यह है लिस्ट.”

ग्रोक को इंडियन यूजर्स ने घेरा

जैसे ही यह जवाब वायरल हुआ, दूसरे यूजर्स ने ग्रोक को घेरना शुरू कर दिया, लोगों ने उसे लोकल स्लैंग का इस्तेमाल करने के लिए उकसाया, चैटबॉट भी इस काम के लिए तैयार था, हिंदी, अंग्रेजी और दूसरी लोकल लैंग्वेज में मजाकिया और क्रूर जवाबों के साथ ग्रोक ने पलटवार कर दिया.

क्यों ऐसा है ग्रोक?

मस्क के एआई टूल, x AI ने पिछले महीने ग्रोक 3 लॉन्च किया, और इसे अपने पुराने ग्रोक 2 की तुलना में 10 गुना अधिक सक्षम बताया. नया मॉडल कथित तौर पर तर्क, गहन शोध और रचनात्मक कार्यों में शानदार काम करता है.

अबे-तबे' और 'ऐसी-तैसी' भी करता है एलन मस्क का ग्रोक एआई, जवाब पढ़ लेंगे तो हंसते-हंसते हो जाएगा बुरा हाल

सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता और मीम सब-कल्चर सहित पॉप कल्चर के साथ लगाव के लिए मशहूर एलन मस्क ने चैटबॉट में भी ऐसी ही आदतें डाली हैं. शायद यही वजह है कि ग्रोक भारतीय यूजर्स के सवालों को आसानी से समझ पाया और अपने जवाब को उन्हीं के तरीके से देने में कामयाब रहा.

यूजर्स ने शेयर किए मीम

गौरतलब है कि, अप्रैल 2024 में एलन मस्क और xAI टीम ने फैसला किया कि सबसे अच्छा AI बनाने के लिए उन्हें अपना खुद का डेटा सेंटर बनाने की जरूरत है. एक बंधी हुई टाइम लिमिट साथ, टीम केवल 122 दिनों में पहले 100,000 GPU को चालू करने में सफल रही, जिसे कंपनी ने “एक शानदार प्रयास” कहा. अब ग्रोक के रिएक्शन पर सोशल मीडिया यूजर्स तरह-तरह के मीम के साथ प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

यह भी पढ़ें: पट से हेड शॉट! जबरन रंग डाल रहा था शख्स, सिर पर पड़ा ऐसा तमाचा कि भन्ना गया माथा, देखें वीडियो


धोनी से हो गई थी भारी ‘मिस्टेक’, IPL में अंपायर के साथ कर चुके हैं बवाल; 6 साल बाद मांगी माफी

[ad_1]

MS Dhoni Umpire Fight 2019: एमएस धोनी को ‘कैप्टन’ कूल कहा जाता है, अपने शांत स्वभाव से कई बार कठिन मैचों का रुख पलट चुके हैं. मगर हम कहें कि धोनी को जब गुस्सा आता है तो सब देखते रह जाते हैं, तो क्या आप विश्वास कर पाएंगे? दरअसल साल 2019 में चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स का मैच खेला जा रहा था. आखिरी ओवर में चेन्नई को जीत के लिए 18 रन बनाने थे और धोनी आउट हो चुके थे. मगर एक नो-बॉल के फैसले का विरोध करने धोनी, अंपायर से भिड़ने मैदान में उतर आए थे. धोनी पर उस हरकत के लिए जुर्माना भी ठोका गया था, लेकिन अब कई साल बाद उन्होंने अपनी गलती स्वीकार ली है.

कई सालों बाद मांगी माफी

एमएस धोनी हाल ही में मास्टरकार्ड इंडिया द्वारा आयोजित एक इवेंट में पहुंचे. यहां उनसे सवाल पूछा गया कि क्या उन्हें अंपायर के साथ उस तरह का बर्ताव करने का खेद है. धोनी ने जवाब में कहा, “कई बार मुझे सोचकर बुरा लगता है. मैं एक मैच के दौरान मैदान में उतर आया था, वह बहुत बड़ी गलती थी.” खराब बर्ताव के लिए धोनी पर मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया था. हालांकि धोनी ने यह भी कहा कि एक कप्तान की तरह सोचें तो वह नैतिकता की दृष्टि से सही फैसला था.

क्यों आया था धोनी को गुस्सा

चेन्नई बनाम राजस्थान मैच में ग्राउंड अंपायर उल्हास गांधी नो-बॉल का सिग्नल दिया था, लेकिन बाद में हाथ नीचे कर लिया था. दोनों अंपायरों ने विचार-विमर्श करके उसे लीगल गेंद करार दिया था. इसी फैसले से गुस्सा होकर धोनी मैदान में उतर आए थे. अंततः उस गेंद को लीगल करार दिया गया था. धोनी ने अन्य कप्तानों को भी सलाह देते हुए कहा कि जब भी गुस्सा आए लंबी-लंबी सांसे लेनी चाहिए और अपना मुंह बंद रखना चाहिए.

यह भी पढ़ें:

खूंखार दिख रही MI की टीम, ऐसी हो सकती है मुंबई इंडियंस की प्लेइंग इलेवन; इन 11 धुरंधर को मिल सकता है मौका

[ad_2]

इस दिन लॉन्च होगा Google Pixel 9a! AMOLED डिस्प्ले के साथ मिलेगा 8GB RAM, जानें डिटेल्स

[ad_1]

Google Pixel 9a: Google का आगामी किफायती फ्लैगशिप स्मार्टफोन Pixel 9a जल्द ही बाजार में आने की संभावना है. हालांकि कंपनी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार, Pixel 9a को कंपनी 25 से 27 मार्च के बीच लॉन्च कर सकती है. इसके अलावा इस डिवाइस में एमोलेड डिस्प्ले के साथ ही 8GB RAM भी देखने को मिलेगा.

कैसे होंगे फीचर्स

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Pixel 9a में 6.3 इंच का AMOLED डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट और गोरिल्ला ग्लास 3 प्रोटेक्शन के साथ हो सकता है. डिजाइन में, कैमरा बार पिछले मॉडल्स की तुलना में बैक पैनल में अधिक समरस रूप से विलीन होगा जिससे एक साफ-सुथरा लुक मिलेगा.

परफॉर्मेंस की बात करें तो यह Google के टेंसर G4 चिपसेट प्रोसेसर से लैस हो सकता है. सथ ही इसमें 8GB LPDDR5X रैम और 256GB तक स्टोरेज का विकल्प मिल सकता है. सेफ्टी के लिए इसमें Titan M2 चिप शामिल होने की संभावना है.

कैमरा सेटअप

कैमरा सेटअप की बात करें तो डिवाइस में 48 मेगापिक्सल के प्राइमरी कैमरा के साथ एक 13 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड लेंस हो सकता है. वहीं, पावर के लिए इसमें 5,100mAh की बैटरी होने की संभावना है. ये बैटरी 23W के वायर्ड और 7.5W के वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करेगी. इसके अलावा फोन में IP68 रेटिंग हो सकती है, जो इसे धूल और पानी से बेहतर सुरक्षा प्रदान करेगी. रंग विकल्पों में 128GB मॉडल के लिए आइरिस, ओब्सीडियन, पीओनी और पोर्सिलेन शामिल हो सकते हैं, जबकि 256GB मॉडल आइरिस और ओब्सीडियन रंगों में उपलब्ध हो सकता है.

कितनी हो सकती है कीमत

संभावित कीमत की बात करें तो, अमेरिका में 128GB मॉडल की कीमत $499 (लगभग ₹43,100) और 256GB मॉडल की कीमत $599 (लगभग ₹51,800) हो सकती है. भारत में, Pixel 8a की शुरुआती कीमत ₹52,999 थी. ऐसे में उम्मीद है कि Pixel 9a की कीमत भी इसी के आसपास होगी.

यह भी पढ़ें:

19 मार्च को एंट्री मारेगा Realme का नया 5G Smartphone! 50MP के Sony कैमरा से होगा लैस, जानें डिटेल्स

[ad_2]

पाकिस्तान के पास है अपना एलन मस्क? वायरल वीडियो देखकर आपको भी नहीं होगा अपनी आंखों पर यकीन

[ad_1]

एलन मस्क को तो आप सभी जानते होंगे. दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खास दोस्त इन दिनों पाकिस्तान की वजह से चर्चा में बने हुए हैं. अब आप सोच रहे होंगे कि एलन मस्क का पाकिस्तान से क्या लेना देना. तो आइए हम आपको बताते हैं कि क्या है एलन मस्क का पाकिस्तानी कनेक्शन. दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एलन मस्क जैसा दिखने वाला शख्स बिरयानी खाते नजर आ रहा है. जिसे लेकर यूजर्स पाकिस्तान के जमकर मजे ले रहे हैं.

पाकिस्तान के पास है अपना एलन मस्क

एलन मस्क से मिलते जुलते एक शख्स ने पाकिस्तान ही नहीं बल्कि भारत के लोगों को भी हैरान कर दिया है. पाकिस्तान का रहने वाला ये शख्स हूबहू एलन मस्क जैसा दिखाई देता है.  हाल ही में यह देखा गया कि अरबपति बिजनेसमैन एलन मस्क के रूप में आसानी से पोज देने वाला एक शख्स पड़ोस के खाने की दुकान में दोस्तों के साथ बैठकर रोटी और बिरयानी के मजे ले रहा है. शख्स के चेहरे की बनावट एलन मस्क से इतनी मिलती है और इतनी चौंकाने वाली हैं कि लोग जाकर सच में चेक कर रहे हैं कि एलन मस्क बिरयानी तो नहीं खा रहे. शख्स का वीडियो देखते ही देखते तेजी से वायरल हो गया. पहली बार देखने पर आपको भी लगेगा कि वाकई में एलन मस्क ही बिरयानी खा रहा है.

बिरयानी खाते दिखाई दिया स्पेस एक्स के मालिक का हमशक्ल

दरअसल, एक पाकिस्तानी शख्स ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है क्योंकि वह एलन मस्क से काफी मिलता जुलता है. हाल ही में जारी किए गए एक वीडियो में, इस लड़के को दोस्तों के साथ चावल की एक प्लेट खाते हुए देखा जा सकता है, जब उनमें से एक उसे पश्तो में “एलन मस्क” कहकर मजाकिया अंदाज में संबोधित करता है तो सभी लोग हंस पड़ते हैं. इंस्टाग्राम यूजर गोहर जमान ने वीडियो को अपलोड किया है. यह वीडियो पहले ही इस कैप्शन के साथ वायरल हो चुका है कि “पाकिस्तान के केपीके में @elonmusk के इस हमशक्ल को देखें. एलन मस्क खान यूसुफजई.” इस शख्स के चेहरे की विशेषताएं, उसकी नुकीली जबड़े की रेखा से लेकर उसकी गहरी आंखों तक, टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ से काफी मिलती जुलती हैं.

यूजर्स ने ले लिए मजे

वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ इसे लाखों लोगों ने देखा और कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया. ऐसे में इंटरनेट यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…अब पाकिस्तान से गरीबी मिट जाएगी. एक और यूजर ने लिखा…शक्ल से एलन मस्क हो और जेब से पूरे पाकिस्तानी. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…कमर टूटी पड़ी है लेकिन पाकिस्तानियों की मस्ती खत्म नहीं हो रही है.

यह भी पढ़ें: पट से हेड शॉट! जबरन रंग डाल रहा था शख्स, सिर पर पड़ा ऐसा तमाचा कि भन्ना गया माथा, देखें वीडियो


यूपी में मिशन रोजगार से किन लोगों को मिलेगी नौकरी? जान लीजिए क्या है पूरा प्लान

[ad_1]

<p>उत्तर प्रदेश में मिशन रोजगार एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है. इस मिशन के तहत विभिन्न विभागों के सहयोग से युवाओं को कौशल विकास, भाषा प्रशिक्षण और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे. इसका मुख्य लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना और उन्हें एक बेहतर भविष्य देना है.</p>
<p>उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके. इसके लिए श्रम एवं सेवायोजन विभाग जल्द ही शासन को प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रहा है. इस मिशन के लिए विभिन्न विभागों से नामित अधिकारियों के अलावा प्रमुख सचिव और जिलाधिकारियों को भी समिति में शामिल किया जाएगा. सेवायोजन विभाग को इस मिशन का नोडल विभाग बनाया जाएगा.</p>
<p><strong>पिछले साल इजरायल रोजगार के लिए भेजे गए थे युवा&nbsp;</strong></p>
<p>पिछले साल इजरायल में युद्ध के कारण क्षतिग्रस्त इमारतों के निर्माण के लिए 5,600 युवाओं को इजरायल भेजा गया था. इसके बाद श्रम एवं सेवायोजन विभाग ने अन्य देशों में भी रोजगार की संभावनाओं की तलाश शुरू कर दी है. जर्मनी, जापान, क्रोएशिया, यूएई जैसे देशों में विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों पर ध्यान दिया जा रहा है.</p>
<p><strong>टीसीएस से युवाओं को विभिन्न भाषाएं सिखा रहे&nbsp;</strong></p>
<p>युवाओं को भाषाओं की जानकारी देने के लिए विभाग ने टाटा कंसलटेंसी सर्विसेस (टीसीएस) के साथ करार किया है. टीसीएस के माध्यम से रोजगार के लिए पंजीकरण कराने वाले युवाओं को तीन हजार से ज्यादा कंपनियों में रोजगार के अवसर मिलेंगे. इसके साथ ही, युवाओं को ऑनलाइन अंग्रेजी और जिस देश में वे काम करने जा रहे हैं, वहां की भाषा की जानकारी भी दी जाएगी.</p>
<p><strong>इन क्षेत्रों में मिलेगा रोजगार</strong></p>
<p>श्रम एवं सेवायोजन विभाग ने शासन को रोजगार मिशन के महत्व के बारे में भी बताया है. विभाग ने यह भी कहा है कि बदलते समय में विभिन्न क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं, इसलिए सभी विभागों को मिलकर काम करना जरूरी है.</p>
<p>उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अन्य प्रदेशों और उन देशों में जहां नर्सों की जरूरत है, वहां नर्सों के लिए रोजगार के अवसर खोजने के साथ-साथ सुरक्षा, तकनीकी, निर्माण, आईटी और अन्य क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा. वर्तमान में 36 लाख युवा रोजगार के लिए पंजीकृत हैं. श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि प्रस्ताव तैयार है और सरकार युवाओं को विभिन्न देशों में भेजने के लिए हर संभव मदद करने की कोशिश कर रही है.</p>
<p>उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अन्य प्रदेशों और उन देशों में जहां नर्सों की जरूरत है, वहां नर्सों के लिए रोजगार के अवसर खोजने के साथ-साथ सुरक्षा, तकनीकी, निर्माण, आईटी और अन्य क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा.</p>
<p><strong>36 लाख से अधिक युवा रोजगार के लिए पंजीकृत</strong></p>
<p>वर्तमान में 36 लाख युवा रोजगार के लिए पंजीकृत हैं. श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि प्रस्ताव तैयार है और सरकार युवाओं को विभिन्न देशों में भेजने के लिए हर संभव मदद करने की कोशिश कर रही है.&nbsp;इस मिशन के माध्यम से उत्तर प्रदेश के युवाओं को एक नई दिशा और अवसर मिलेंगे, जिससे वे अपने सपनों को साकार कर सकेंगे.</p>
<p><iframe title="YouTube video player" src=" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen" data-mce-fragment="1"></iframe></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a title="बरेली की लेडी सिंघम को मिला वुमेन ऑइकन अवार्ड, बिना कोचिंग के पाई थी 136वीं रैंक, जानिए उनकी कहानी" href=" target="_blank" rel="noopener">बरेली की लेडी सिंघम को मिला वुमेन ऑइकन अवार्ड, बिना कोचिंग के पाई थी 136वीं रैंक, जानिए उनकी कहानी</a></strong></p>

[ad_2]

पाकिस्तान का नाम समझ आता है, लेकिन अमेरिका ने भूटान पर क्यों लगा दिया ट्रैवल बैन? जानें वजह

[ad_1]

Donald Trump Travel Ban List : राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने 43 देशों की लिस्ट तैयार की है, जिनके नागरिकों पर संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश पर पूर्ण और आंशिक रूप से प्रतिबंध लगाया जाएगा. इस सभी 43 देशों को रेड, ऑरेंज और येलो की तीन लिस्ट में बांटा गया है. ट्रंप प्रशासन ने ट्रैवल बैन की रेड लिस्ट में 11 देशों का नाम शामिल किया है, जिनके नागरिकों पर अमेरिका में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा.

वहीं, अमेरिका में पूर्ण ट्रैवल बैन वाले रेड लिस्ट में 11 देशों के नाम हैं. इन देशों में भारत के पड़ोसी देश भूटान और अफगानिस्तान का नाम भी शामिल हैं. इसके अलावा इसमें क्यूबा, ईरान, लीबिया, उत्तर कोरिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया, वेनेजुएला और यमन का नाम शामिल किया गया है. अफगानिस्तान और अमेरिका के टकराव को देखते हुए उसे रेड लिस्ट में शामिल किया गया है, लेकिन दिलचस्प बात है कि इस रेड लिस्ट में दुनिया के सबसे खुशहाल देश ‘भूटान’ को भी शामिल किया गया है.

अमेरिका की रेड लिस्ट में भूटान का नाम क्यों?’

भारत का पड़ोसी देश भूटान दुनियाभर में सबसे खुशहाल देश के रूप में जाना जाता है, लेकिन अमेरिकी प्रशासन ने भूटान के नागरिकों पर अमेरिका में प्रवेश पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया है. अमेरिकी सरकार ने इसके पीछे ‘राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंता’ और ‘अनियमित माइग्रेशन पैटर्न’ को कारण बताया है.

द फीड ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से कहा, “अमेरिका में भूटानी नागरिकों के वीजा अवधि समाप्त होने के बाद अधिक समय तक रहने और अनाधिकृत माध्यमों से अमेरिका में प्रवेश करने के मामलों में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी हुई है. अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल भूटानी वीजा उल्लंघन के मामलों में 37 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी, जिसे कारण अब कड़े कदम उठाए जा रहे हैं.”

भूटान ने अमेरिका से किया अनुरोध

US के इस कदम से अब अमेरिका की यात्रा करने वाले यात्रियों को कड़े नियम, अधिक जांच प्रक्रिया, वीजा मिलने में देरी या कुछ मामलों में वीजा के लिए सीधे स्वीकृति का भी सामना करना पड़ेगा. ऐसे में भूटान के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका के इस फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया गया है.

व्हाइट हाउस पहुंचने तक लिस्ट में हो सकता है बदलाव

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ट्रैवल बैन को लेकर यह लिस्ट विदेश विभाग ने कई हफ्ते पहले तैयार की थी, ऐसे में व्हाइट हाउस पहुंचने तक इसमें बदलाव भी हो सकता हैं.

यह भी पढ़ेंः अमेरिका की ऑरेंज लिस्ट में आया पाकिस्तान और रूस का नाम, जानें डोनाल्ड ट्रंप की क्या है योजना

[ad_2]