
भाई दूज को भ्रातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है. होली के बाद यानी चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर भाई दूज मनाई जाती है. शास्त्रों के अनुसार इस दिन जो बहने अपने भाई को तिलक कर उसके उज्जवल भविष्य की कामना करती हैं उसका जीवन सुखमय बनता है.

होली के बाद भाई दूज 16 मार्च 2025 को है. इस दिन चैत्र कृष्ण द्वितीया तिथि 15 मार्च 2025 को दोपहर 2.33 मिनट से शुरू होकर 16 मार्च तक शाम 4.58 तक रहेगी.

होली भाई दूज के दिन सुबह 7.58 मिनट से दोपहर 12.28 तक तिलक करने का शुभ मुहूर्त है. यह त्योहार भाई-बहन के प्यार और स्नेह का प्रतीक है.

होली भाई दूज के दिन भाई को घर पर भोजन के लिए आमंत्रित करें और फिर आदर सम्मान के साथ कुमकुम का तिलक करें, अक्षत लगाएं और मिठाई खिलाएं. गुलाल लगाएं और फिर आरती उतारकर ईश्वर से भाई-बहन के रिश्तों को मजबूत बनाए रखने और खुशहाली की कामना करें.

ध्यान रहे भाई को चौकी पर बैठाकर ही तिलक लगाना चाहिए, न कि खड़े होकर या कुर्सी पर बैठाकर. तिलक करते समय भाई का मुख उत्तर या उत्तर पश्चिम दिशा में होना चाहिए.

राहुकाल और भद्रा में भाई को तिलक कभी न करें, ये अनिष्ठ को न्यौता देने जैसा है. इससे रिश्तों में दरार आ सकती है.
Published at : 15 Mar 2025 07:00 AM (IST)
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