Surya Grahan 2025: सूर्य ग्रहण में सूतक क्या होता है? मार्च में लगने वाले ग्रहण में क्या ये लगे

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Surya Grahan 2025: साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण जल्द ही लगने वाला है. इस वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण होगा जो 29 मार्च, 2025 शनिवार को लग रहा है. सूर्य ग्रहण में सूतक काल को बहुत विशेष माना गया है. सबसे पहले जानते हैं साल का पहला सूर्य ग्रहण कब लगेगा और कहां-कहां नजर आएगा.

कब लगेगा साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण?

  • साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च 2025, को लग रहा है.
  • भारतीय समय अनुसार यह ग्रहण दोपहर 2.20 मिनट पर लगेगा और शाम 6.16 मिनट पर समाप्त होगा.
  • ग्रहण की कुल अवधि 2.53 मिनट रहेगी.

सूर्य ग्रहण में सूतक काल क्या होता है?

सूर्य ग्रहण को एक खगोलीय घटना माना जाता है. सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आने से सूर्य ग्रहण लगता है. सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है. सूतक काल का अर्थ है जब ग्रहण के असर का प्रभाव बढ़ जाता है. इस दौरान धार्मिक और मांगलिक और शुभ कार्य नहीं किए जाते. सूतक काल के दौरान मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं. सूतक काल का ग्रहण के दौरान बहुत महत्व होता है. 

साल 2025 में लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, यह ऑस्ट्रेलिया, एशिया, हिंद महासागर में नजर आएगा. इसीलिए जहां ग्रहण दिखाई नहीं देता वहां सूतक काल मान्य नहीं होता. 

सूतक काल में क्या नहीं करना चाहिए?

  • सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ नहीं करना चाहिए.
  • इस दौरान मंदिर में भगवान की मूर्तियों को स्पर्श नहीं करना चाहिए.
  • सूतक काल के दौरान भोजन नहीं पकाना चाहिएं.
  • सूतक काल में खाना के भोजन में तुलसी के पत्ते डाल देने चाहिए.
  • सूतक काल के दौरान किसी भी ठोस या तरल खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें.
  • ग्रहण के प्रतिकूल प्रभाव के कारण भोजन दूषित और अस्वास्थ्यकर हो सकता है.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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क्या अंडे खाने से भी बढ़ता है कैंसर होने का खतरा? ये स्टडी उड़ा देगी आपके होश

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Eggs and Cancer : जब भी प्रोटीन रिच फूड की बात आती है तो अंडा सबसे बेस्ट माना जाता है. इसे ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर किसी भी समय खाया जा सकता है. अंडे को डाइट के लिए जरूरी माना जाता है. कहा जाता है कि रोजाना एक अंडा खाने से ही शरीर को कई बड़े फायदे मिलते हैं. लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि अंडा खाने से कैंसर भी हो सकता है. यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है एक हालिया रिपोर्ट में. जिसमें कहा गया है कि हफ्ते में कुछ अंडे खाने से कैंसर (Cancer) का खतरा 19% तक बढ़ सकता है. आइए जानते हैं इस रिसर्च के बारें में…

अंडा खाने से कैंसर का खतरा

Nutrition Facts वेबसाइट में पब्लिश एक न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, अंडे को खाने के लिए जिस तरह से पकाते हैं, वह इसके साइड इफेक्ट्स को तय करता है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अंडे कार्सिनोजेनिक केमिकल्स के सोर्स हो सकते हैं, जो हाई टेंपरेचर पर तलने के दौरान बनते हैं. इसमें यह भी कहा गया है कि उबले हुए अंडे तले हुए अंडों से ज्यादा सुरक्षित हैं, जो कैंसर के खतरे को दोगुना कर सकते हैं. इसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हफ्ते में केवल कुछ अंडे भी कोलोरेक्टल कैंसर (Colorectal Cancer) के 19 प्रतिशत ज्यादा रिस्क से जुड़े हो सकते हैं, लेकिन अगर हफ्ते में तीन या उससे ज्यादा अंडे खाते हैं, तो यह रिस्क 71 प्रतिशत तक बढ़ सकता है.

अंडा क्यों इतना खतरनाक

अंडा और कैंसर न्यूट्रिशन फैक्ट्स वेबसाइट के एक वीडियो के अनुसार, अंडे में कोलीन की मात्रा अधिक होती है और यह कोलीन जब आंत के बैक्टीरिया (Gut Bacteria) से संपर्क करता है, तो यह ट्राइमेथिलैमाइन (TMA) में बदल जाता है, जो हमारे लीवर से ऑक्सीकृत होकर ट्राइमेथिलैमाइन-एन-ऑक्साइड (TMAO) में बदल जाता है, जो आगे चलकर सूजन को बढ़ाता है और कैंसर के बढ़ने का कारण बनता है. ऐसा कहा जाता है कि TMAO का लेवल सूजन, ऑक्सीडेटिव तनाव और ट्यूमर को बढ़ावा दे सकता है, जिससे कैंसर के बढ़ने की आशंका बढ़ सकती है, खासकर कोलन और लीवर कैंसर में.

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एक अन्य स्टडी में अंडे से कैंसर होने का दावा

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन द्वारा किए गए एक अन्य अध्ययन में भी अंडे से कैंसर होने की बात कही गई है. ‘Egg Consumption and the Risk of Cancer: a Multisite Case-Control Study in Uruguay’ नाम की इस स्टडी में 1996 और 2004 के बीच उरुग्वे में 11 कैंसर साइट्स का केस-कंट्रोल अध्ययन किया, जिसमें 3,539 कैंसर के मामले और 2,032 हॉस्पिटल कंट्रोल शामिल थे, उन्होंने अंडे के ज्यादा सेवन और कई कैंसर के बढ़ते खतरों के  बीच संबंध पाया.

क्या अंडे खाना बंद कर देना चाहिए

एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी अन्य फूड्स की तरह की अंडे का सेवन भी एक लिमिट में ही करना चाहिए. ऐसा कहा जाता है कि प्रोबायोटिक्स, फाइबर से भरपूर फूड्स और प्रोसेस्ड फूड्स को सीमित करके संतुलित गट माइक्रोबायोम बनाए रखने से TMAO के लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है. हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसार, एक व्यक्ति को हफ्ते में एक या दो से अधिक अंडे नहीं खाने चाहिए. इसका कारण अंडे की जर्दी में कोलेस्ट्रॉल की उच्च मात्रा है. 

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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रमजान में भी टारगेट पर अहमदिया मुस्लिम, पाकिस्तानी पुलिस ने नहीं पढ़ने दी नमाज; 45 को उठा ले गए

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Ahmadi Community: पाकिस्तान में रमजान के महीने में भी अहमदिया मुस्लिमों को नहीं बख्शा जा रहा है. इस समुदाय के लोग जब शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए अपनी मस्जिदों में थे, तो पाकिस्तानी पुलिस इन्हें उठा ले गई. पाकिस्तान में दो अलग-अलग जगहों पर ये घटनाएं सामने आईं. कुल 45 लोगों को हिरासत में लिया गया. बता दें कि पाकिस्तानी कानून के मुताबिक, अहमदिया समुदाय के लोग खुद को मुस्लिम नहीं कह सकते हैं और न ही इन्हें नमाज पढ़ने की इजाजत है. 

कराची में पुलिस ने बताया कि उन्होंने 25 अहमदिया लोगों को हिरासत में लिया है. पुलिस के मुताबिक, जब ये लोग सुरजानी शहरी इलाके में अपनी मस्जिद में थे तो स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इन्हें घेर लिया और इनके खिलाफ नारे लगाए. पुलिस अधिकारी इरफान अली बलूच के मुताबिक, तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के कई कार्यकर्ता अहमदिया पूजा स्थल के बाहर इकट्ठा हुए और उन्हें धमकी दी कि वे शुक्रवार की नमाज अदा करना बंद कर दें क्योंकि यह केवल मुसलमानों के लिए है. इरफान अली ने बताया कि TLP सदस्यों द्वारा अहमदिया लोगों पर संभावित हमले की आशंका के चलते पुलिस ने पूजा स्थल पर मौजूद 25 अहमदिया लोगों को सुरक्षात्मक हिरासत में ले लिया.

सरगोधा में 20 पर मामला दर्ज
लाहौर से करीब 200 किलोमीटर दूर पंजाब प्रांत के सरगोधा जिले में करीब 20 अहमदियों पर उनके इबादतगाह पर नमाज पढ़ने के कारण हिरासतमें लिया गया. यहां भी TLP के दबाव के चलते पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी. सरगोधा पुलिस ने कहा कि उन्होंने अहमदियों पर पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 298सी के तहत मामला दर्ज किया है. बता दें कि धारा 298-सी उन अहमदियों को अपराधी बनाती है जो खुद को मुस्लिम कहते हैं. 

अहमदी लोगों को मुस्लिम नहीं मानता पाकिस्तान
अहमदिया समुदाय के लोग हमेशा से खुद को मुस्लिम मानते हैं, लेकिन 1974 में पाकिस्तान की संसद ने इस समुदाय को गैर-मुस्लिम घोषित कर दिया था. एक दशक बाद, उन्हें न केवल खुद को मुस्लिम कहने पर प्रतिबंध लगा दिया गया, बल्कि इस्लाम के कुछ पहलुओं का पालन करने पर भी रोक लगा दी गई. पाकिस्तानी कानून के तहत, अहमदी लोग मस्जिदों पर मीनार या गुंबद बनाने या कुरान की आयतें सार्वजनिक रूप से लिखने जैसे चीजें नहीं कर सकते हैं, यानी वह कोई भी ऐसा काम नहीं कर सकते हैं, जिससे उनकी पहचान मुस्लिम के रूप में हो.

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ऐसा हुआ तो चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीत लेगी टीम इंडिया! ये रहे तीन फैक्टर

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Champions Trophy 2025 Final: रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम इंडिया इतिहास रचने से महज एक कदम दूर है. भारत चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के खिताब के बहुत करीब पहुंच चुका है. भारत और न्यूजीलैंड के बीच रविवार को फाइनल मैच खेला जाएगा. रोहित के साथ-साथ विराट कोहली के लिए भी यह मैच अहम होगा. अगर भारत के जीत के फैक्टर्स की बात करें तो वह खिताब पर कब्जा कर सकता है. इसमें तीन फैक्टर अहम साबित हो सकते हैं. रिकॉर्ड्स को देखें तो टीम इंडिया का न्यूजीलैंड पर पलड़ा भारी नजर आता है.

भारत और न्यूजीलैंड के बीच अभी तक कुल 119 वनडे मैच खेले गए हैं. इस दौरान भारत ने 61 मैच जीते हैं. जबकि न्यूजीलैंड ने 50 मैचों में जीत दर्ज की है. भारतीय टीम अब एक बार फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ मैदान पर उतरेगी. भारत ने न्यूजीलैंड को ग्रुप मैच में बुरी तरह हराया था. अब दुबई में खेले जाने वाले फाइनल में भी जीत हासिल कर सकती है. अगर भारतीय टीम की बॉलिंग और बैटिंग ने कमाल किया तो खिताब पर कब्जा हो सकता है.

भारत का घातक बॉलिंग अटैक –

टीम इंडिया की जीत में सबसे बड़ा फैक्टर बॉलिंग अटैक साबित हो सकता है. मोहम्मद शमी और वरुण चक्रवर्ती ने अभी तक कमाल का प्रदर्शन किया है. शमी ने 4 मैचों में 8 विकेट झटके हैं. वहीं वरुण चक्रवर्ती ने 2 मैचों में ही 7 विकेट ले डाले हैं. शमी और चक्रवर्ती फाइनल में भी कमाल दिखा सकते हैं. इनके साथ-साथ अक्षर पटेल, कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा भी बॉलिंग में कमाल का प्रदर्शन कर चुके हैं. 

टीम इंडिया मजबूत बैटिंग लाइन अप –

भारतीय टीम के पास विराट कोहली, रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर जैसे दमदार बैटर हैं. टीम इंडिया के लिए रोहित और शुभमन गिल ओपनिंग कर सकते हैं. अगर यह जोड़ी नहीं भी चली तो कोहली और अय्यर मामले को संभाल सकते हैं. इसके बाद मिडिल ऑर्डर में केएल राहुल और हार्दिक पांड्या दम दिखा सकते हैं. टीम इंडिया के बैटर उसकी जीत में अहम साबित हो सकते हैं.

शानदार कप्तानी के साथ अच्छी फील्डिंग –

भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा अभी तक चार आईसीसी टूर्नामेंट्स के फाइनल में पहुंच चुके हैं. उनकी कप्तानी में भारत ने टी20 विश्व कप 2024 का खिताब भी जीता. अब वे एक बार फिर फाइनल में पहुंचे हैं. रोहित भारत की जीत में अहम साबित हुए हैं. उनके साथ टीम की फील्डिंग भी अहम रही है.

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इनकम टैक्स के बाद अब जीएसटी रेट में होगी कटौती, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिए संकेत

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<p style="text-align: justify;">GST Rate Cut: इनकम टैक्स रेट में कमी के बाद अब जीएसटी रेट्स कम होने वाली है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खुद इस बात के संकेत दिए हैं. वित्त मंत्री ने कहा, गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स रेट और स्लैब को युक्तिसंगत बनाने का काम लगभग अंतिम चरण में है और जल्द ही रेट्स को घटाने का फैसला लिया जाएगा.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">निर्मला सीतारमण ने ‘द इकोनॉमिक टाइम्स अवार्ड्स’ में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, ”जीएसटी दरों और स्लैब को युक्तिसंगत बनाने का काम लगभग अपने आखिरी फेज में है. उन्होंने कहा कि राजस्व तटस्थ दर (आरएनआर) एक जुलाई, 2017 को जीएसटी की शुरुआत के समय 15.8 प्रतिशत से घटकर 2023 में 11.4 प्रतिशत हो गई है, और इसमें और कमी आएगी. वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली जीएसटी काउंसिल ने सितंबर 2021 में दरों को युक्तिसंगत बनाने और स्लैब में बदलाव का सुझाव देने के लिए मंत्रियों के समूह (जीओएम) का गठन किया था.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">वित्त मंत्री ने कहा, जीओएम ने बेहतरीन काम किया है, लेकिन अब इस चरण में मैंने एक बार फिर से प्रत्येक समूह के काम की पूरी तरह से समीक्षा करने का बीड़ा उठाया है, और फिर शायद मैं इसे परिषद के पास ले जाऊंगी. तब विचार किया जाएगा कि हम इस बारे में अंतिम निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं या नहीं.” निर्मला सीतारमण ने कहा कि दरों को तर्कसंगत बनाने पर कुछ और काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा, ”हम इसे अगली काउंसिल की बैठक में ले जाएंगे। हम कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दों, जैसे दरों में कटौती, तर्कसंगत बनाने, स्लैब की संख्या पर विचार करने आदि पर अंतिम निर्णय लेने के बहुत करीब हैं.”</p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल सरकार पर डिमांड और खपत को बढ़ावा देने का दबाव है जिसके लिए जीएसटी काउंसिल अब जीएसटी रेट्स में कटौती करने पर विचार कर रही है. ये माना जा रहा है कि सरकार 12 फीसदी के स्लैब वाले जीएसटी रेट को खत्म कर सकती है. और इस स्लैब में आने वाले गुड्स को 5 फीसदी या जरूरत पड़ने पर 18 फीसदी के स्लैब में डाल सकती है. इस कवायद का मकसद जीएसटी रेट स्ट्रक्चर को तर्कसंगत बनाने के साथ खपत को बढ़ाना है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल लंबे समय से यह मांग उठ रही है कि जीएसटी के स्लैब में बदलाव किया जाए और दरों को तार्किक बनाया जाए. अभी जीएसटी के तहत टैक्स के चार स्लैब हैं. वे चार स्लैब 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी के हैं. कुछ लग्जरी व सिन आइटम पर अलग से सेस का प्रावधान है. जीएसटी के स्लैब की संख्या को 4 से घटाकर 3 करने की डिमांड उठती रही है.</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:</strong></p>
<p><a href=" में अंडे पर छिड़ी सियासत! सड़क पर उतरे डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थक, न्याय विभाग करेगी जांच</strong></a></p>

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ट्रेन में लगे सेंसर से बच गई हजारों जानें! ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान, दिल दहला देगा वीडियो

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<p style="text-align: justify;">सोशल मीडिया पर आए दिन रेल दुर्घटना के वीडियो वायरल होते रहते हैं. खासकर भारत में तो पिछले कुछ सालों में रेल हादसों ने काफी रफ्तार पकड़ी है. अब इंटरनेट पर ऐसा ही एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दो ट्रेनें आपस में टकराने से बाल बाल बच गईं और इतना ही नहीं, ट्रेन ड्राइवर ने चलती ट्रेन से कूदकर अपनी जान बचाई, जिसे देखकर यूजर्स हैरान रह गए. देखने में आपको भी ये वीडियो किसी फिल्मी सीन जैसा लगेगा, लेकिन यह सच है कि ट्रेन में अगर सेंसर नहीं होते तो एक साथ हजारों लोगों की जान जा सकती थी. आइए आपको वीडियो दिखाते हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>आपस में टकराने से बाल बाल बची ट्रेन</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में आप देखेंगे कि कैसे दो रेलगाड़ियां अचानक पटरी पर आमने सामने आ गई हैं. तेज रफ्तार रेलगाड़ी में सेंसर होने की वजह से उसमें इमरजेंसी ब्रेक जरूर लगते हैं लेकिन फिर भी वो सामने खड़ी ट्रेन से टकराने से केवल कुछ इंच से बच जाती है.</p>
<blockquote class="instagram-media" style="background: #FFF; border: 0; border-radius: 3px; box-shadow: 0 0 1px 0 rgba(0,0,0,0.5),0 1px 10px 0 rgba(0,0,0,0.15); margin: 1px; max-width: 540px; min-width: 326px; padding: 0; width: calc(100% – 2px);" data-instgrm-captioned="" data-instgrm-permalink=" data-instgrm-version="14">
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<div style="background-color: #f4f4f4; border-radius: 50%; flex-grow: 0; height: 40px; margin-right: 14px; width: 40px;">&nbsp;</div>
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<div style="background-color: #f4f4f4; border-radius: 4px; flex-grow: 0; height: 14px; margin-bottom: 6px; width: 100px;">&nbsp;</div>
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<div style="color: #3897f0; font-family: Arial,sans-serif; font-size: 14px; font-style: normal; font-weight: 550; line-height: 18px;">View this post on Instagram</div>
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<div style="background-color: #f4f4f4; height: 12.5px; transform: rotate(-45deg) translateX(3px) translateY(1px); width: 12.5px; flex-grow: 0; margin-right: 14px; margin-left: 2px;">&nbsp;</div>
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<p style="color: #c9c8cd; font-family: Arial,sans-serif; font-size: 14px; line-height: 17px; margin-bottom: 0; margin-top: 8px; overflow: hidden; padding: 8px 0 7px; text-align: center; text-overflow: ellipsis; white-space: nowrap;"><a style="color: #c9c8cd; font-family: Arial,sans-serif; font-size: 14px; font-style: normal; font-weight: normal; line-height: 17px; text-decoration: none;" href=" target="_blank" rel="noopener">A post shared by गित्रपाल कश्यप (@gitrpaalkshyp)</a></p>
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</blockquote>
<p style="text-align: justify;">
<script src="//www.instagram.com/embed.js" async=""></script>
</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>ड्राइवर ने यूं बचाई अपनी जान</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात तो ये है कि हालात अपने हाथ से निकलते देख ट्रेन ड्राइवर भी ट्रेन से छलांग लगा देता है और अपनी जान बचाता है. वीडियो देखने के बाद आपकी भी रूह कांप उठेगी. वीडियो कनाडा का बताया जा रहा है.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>यूजर्स हुए हैरान</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">वीडियो को gitrpaalkshyp नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…कनाडा था इसलिए ट्रेन रुक भी गई, वरना भारत होता तो न जाने क्या होता. एक और यूजर ने लिखा…ड्राइवर को सेंसर पर भरोसा नहीं था. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…ड्राइवर समझदार निकला जो पहले ही कूद गया.</p>

छावा का 23वें दिन तूफान, रिकॉर्ड ब्रेक कमाई के साथ 500 करोड़ क्लब में पहुंचीं फिल्म

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Chhaava Box Office Collection Day 23: विक्की कौशल ने छावा से धमाल मचा दिया है. फिल्म ताबड़तोड़ कमाई कर रही है. फिल्म ने कई रिकॉर्ड ब्रेक कर दिए हैं. अब फिल्म 500 करोड़ क्लब में एंट्री ले चुकी है. आइए जानते हैं फिल्म का अब तक का टोटल कलेक्शन कितना रहा है.

छावा की हुई 500 करोड़ क्लब में एंट्री

Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, छावा ने चौथे शनिवार को जबरदस्त कलेक्शन किया है. फिल्म ने 16.5 करोड़ कमा लिए हैं. हालांकि, चौथे शनिवार के कलेक्शन के आंकड़े अभी तक ऑफिशियल नहीं आए हैं. पर अगर 23वें दिन फिल्म 16.5 करोड़ कमाती है तो फिल्म का टोटल कलेक्शन 508.8 करोड़ हो जाएगा. इसी के साथ फिल्म 500 करोड़ क्लब में भी एंट्री कर लेती है. फिल्म ने 23 वें दिन के अपने कलेक्शन से सभी को सरप्राइज कर दिया है.


बता दें कि छावा ने पहले दिन 31 करोड़ की कमाई की थी. फिल्म की शानदार ओपनिंग के बाद पूरे वीक भी जबरदस्त कलेक्शन रहा. फिल्म ने पहले वीक में टोटल 219.23 करोड़ का कलेक्शन किया. वहीं दूसरे हफ्ते में फिल्म ने 180.25 करोड़ कमाए. तीसरे वीक में फिल्म ने 84.05 करोड़ का कलेक्शन किया. 22 वें दिन छावा ने 8.75 करोड़ का बिजनेस किया. 

छावा की बात करें तो इस फिल्म में विक्की कौशल लीड रोल में हैं. वो छत्रपति संभाजी महाराज का किरदार निभाया है. फिल्म में रश्मिका मंदाना फीमेल लीड रोल में हैं. वो विक्की कौशल की पत्नी के किरदार में नजर आईं. वहीं फिल्म में अक्षय खन्ना ने औरंगजेब का रोल प्ले किया है. फिल्म में दिव्या दत्ता, आशुतोष राणा जैसे स्टार्स भी नजर आए. 

फिल्म में सभी एक्टर्स के काम की तारीफ हो रही है. फिल्म के क्लाईमैक्स से सभी बहुत इमोशनल हो गए हैं. विक्की कौशल इस फिल्म से फैंस के दिलों पर छा गए है.

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ईरान ने दिखाई अमेरिका को आंख! खामेनेई बोले-धौंस जमाने वाले बातचीत पर जोर दे रहे

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<p style="text-align: justify;"><strong>Iran News:</strong> ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर निशाना साधा है. उन्होंने अमेरिका और अन्य कुछ देशों पर निशाना साधते हुए उन्हें धौंस जमाने वाली सरकारें कहा.</p>
<p style="text-align: justify;">इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता को पत्र लिखकर देश के परमाणु कार्यक्रम पर नए सिरे से बातचीत करने का आग्रह किया है. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अयातुल्ला अली खामेनेई ने साधा निशाना&nbsp;</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ईरान द्वारा अपने परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता से इनकार करने पर सैन्य कार्रवाई की धमकी देने वाले ट्रंप के बयान के बाद खामेनेई ने अधिकारियों से कहा, ‘कुछ धमकाने वाली सरकारें वार्ता पर जोर देती हैं.’ खामेनेई ने कहा, "उनकी वार्ता का उद्देश्य समस्याएं सुलझाना नहीं, बल्कि वर्चस्व स्थापित करना है."</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने अमेरिका का नाम लिए बिना या ट्रंप के पत्र का उल्लेख किए बिना कहा, "वे नई उम्मीदें लगा रहे हैं, जिनको लेकर मेरा मानना है कि ईरान इसे पूरा होने नहीं देगा.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कही ये बात&nbsp;</strong></p>
<p style="text-align: justify;">शुक्रवार को विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एएफपी को दिए इंटरव्यू में कहा था कि तेहरान अधिकतम दबाव के तहत बातचीत नहीं करेगा, हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर ट्रंप के पत्र का जिक्र नहीं किया था. जनवरी में व्हाइट हाउस लौटने पर ट्रंप ने ईरान पर अधिकतम दबाव की अपनी अपने कार्यकाल की नीति को फिर से लागू कर दिया है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">इस नीति के तहत, संयुक्त राज्य अमेरिका 2018 में ईरान परमाणु समझौते से हट गया, जिसे औपचारिक रूप से संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) के रूप में जाना जाता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी को लेकर भी खड़े किए सवाल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">तेहरान हाल के महीनों में तीन यूरोपीय देशों (ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी) के साथ कूटनीतिक प्रयास कर रहा है, जिसका उद्देश्य उसकी परमाणु महत्वाकांक्षाओं से जुड़े मुद्दों को हल करना है. हालांकि शनिवार को खामेनेई ने तीन यूरोपीय देशों की इस घोषणा के लिए भी आलोचना की कि ईरान ने जेसीपीओए के तहत अपनी परमाणु प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं किया है.</p>
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