वायरल गर्ल मोनालिसा ने हनी सिंह के गाने पर मचाई तबाही, वीडियो हो रहा वायरल

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Trending Video: महाकुंभ में आए कई लोगों ने यूजर्स को इंप्रेस किया और ध्यान अपनी ओर खींचा. आईआईटी वाले बाबा हों चाहे चिमटे वाले बाबा. लेकिन इन सब के बीच एक लड़की जिसने यूजर्स के साथ साथ फिल्म इंडस्ट्री का ध्यान भी अपनी ओर खींचा वो थी कुंभ में मालाएं बेचने वाली मोनालिसा. जिसकी खूबसूरत आंखों की सोशल मीडिया पर हर किसी ने तारीफ की. अब मोनालिसा का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वो यो यो हनी सिंह के गाने पर जमकर थिरकती दिखाई दे रही हैं.

हनी सिंह के गाने पर मोनालिसा ने किया जमकर डांस

हाल ही में फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा के साथ मोनालिसा नेपाल के मौलापुर में मधानी महोत्सव में पहुंची थी. इस दौरान वायरल गर्ल को स्टेज पर परफॉर्म करने का मौका मिला. मोनालिसा यो यो हनी सिंह के मशहूर गाने ‘मूड नहीं है’ पर जमकर थीरकती नजर आईं.


नेपाल पहुंची थी मोनालिसा

दरअसल, नेपाल के मौलापुर में महाशिवरात्रि पर मधानी महोत्सव का आयोजन किया गया था जिसमें मोनालिसा अपने परिवार और फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा के साथ पहुंची थी. जहां मोनालिसा को सम्मानित किया गया और उन्होंने हनी सिंग के गाने पर जानदार और शानदार डांस भी किया. जहां उन्होंने स्टेज पर लोगों के साथ अलग अलग गानों पर भी जमकर ठुमके लगाए. मोनालिसा इन दिनों फिल्म मणिपुर डायरी के लिए शूटिंग कर रही है. फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने उन्हें कुंभ से वायरल होने के बाद अपनी फिल्म में लेने का फैसला किया था.

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यूजर्स ने दी बधाइयां

सोशल मीडिया पर जैसे ही मोनालिसा का वीडियो वायरल हुआ वैसे ही इसे लाखों लोगों ने देखा और इसे लाइक भी किया. अब इंटरनेट पर लोग इस वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…तुम्हें धन्यवाद करना चाहिए उस शख्स का जिसने तुम्हें वायरल करके तुम्हारी जिंदगी बदल दी. एक और यूजर ने लिखा…जीवन में जो कुछ मिल रहा है उसे स्वीकार करने के साथ साथ अपनी पिछली स्थितियों को भी जहन में रखना. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…भविष्य के लिए बधाई, खूबसूरत दिख रही हो.

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर स्कूलों में दमदार भाषण देने के लिए यहां पढ़ें पूरी हिस्ट्री

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“महिला दिवस हर दिन मनाया जाना चाहिए, क्योंकि महिलाएं हर दिन समाज के विकास में योगदान देती हैं.”-यह पंक्ति नारी के अद्वितीय महत्व और शक्ति को दर्शाती है. इतिहास गवाह है कि महिलाओं ने अपने साहस और संघर्ष के साथ बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना किया और मुश्किल परिस्थितियों में भी अपने आत्मविश्वास से असंभव को संभव कर दिखाया. हर साल महिलाओं के अधिकारों, समानता और उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. इस दिन का उद्देश्य महिलाओं की सांस्कृतिक, राजनीतिक और सामाजिक-आर्थिक उपलब्धियों को याद करना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है.

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास

इस दिन का इतिहास बहुत पुराना है और इसकी शुरुआत वर्ष 1909 में हुई थी. यह दिन पहली बार न्यूयॉर्क शहर में 15000 महिलाओं के एक मजदूर आंदोलन के बाद मनाया गया था, जहां इन महिलाओं ने बेहतर वेतन, कम काम के घंटे और मतदान का अधिकार मांगा था. एक साल बाद, 1909 में अमेरिका की सोशलिस्ट पार्टी ने पहला राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया. इसके बाद 1910 में क्लारा जेटकिन ने 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा और 1911 में आस्ट्रिया, डेनमार्क, स्विट्जरलैंड और जर्मनी में पहली बार इसे बड़े स्तर पर मनाया गया.

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 की थीम

इस वर्ष की थीम “Accelerate Action” है, जिसका मतलब है महिलाओं के लिए एक अधिक समावेशी और बेहतर दुनिया बनाने के लिए त्वरित कार्रवाई करना. यह महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने और उनके लिए समान अवसरों की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान है. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर यह याद दिलाने का दिन है कि महिलाएं हर क्षेत्र में समान अवसर की हकदार हैं और समाज को उनकी शक्ति और योगदान को पहचानने की आवश्यकता है.

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर भाषण देने के टिप्स

STEM में महिलाओं की भागीदारी – इस भाषण में छात्र विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) क्षेत्रों में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर कर सकते हैं. वे उन महिला वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और आविष्कारकों की प्रेरणादायक कहानियाँ साझा कर सकते हैं जिन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया है. इसके साथ ही, वे यह भी बता सकते हैं कि जेंडर स्टीरियोटाइप को तोड़ना क्यों जरूरी है और लड़कियों को STEM के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित क्यों करना चाहिए.

स्टीरियोटाइप तोड़ना – जेंडर के भेदभाव को चुनौती देना: इस भाषण में छात्र जेंडर स्टीरियोटाइप के महिलाओं और समाज पर पड़ने वाले नकरात्मक प्रभाव पर बात कर सकते हैं. वे उदाहरण दे सकते हैं कि कैसे ये स्टीरियोटाइप हानिकारक होते हैं और इसके परिणाम क्या होते हैं, साथ ही कैसे व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयासों से इन्हें चुनौती दी जा सकती है. 

शिक्षा की ताकत – लड़कियों और महिलाओं को सशक्त बनाना: इस भाषण में छात्र यह बता सकते हैं कि महिलाओं और लड़कियों के लिए शिक्षा कितनी महत्वपूर्ण है और कैसे यह समानता की दिशा में मदद करती है. वे उन कहानियों को साझा कर सकते हैं, जहां शिक्षा ने महिलाओं को सशक्त बनाया है, चाहे वह किसी छोटे समुदाय में हो या फिर विश्वभर में.

अनसुनी नायिकाओं का उत्सव – रोज़ की महिलाएं जो फर्क डाल रही हैं: इस भाषण में छात्र उन सामान्य महिलाओं के अद्भुत योगदानों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, जो भले ही Spotlight में न हों, लेकिन अपने समुदायों में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं. 

समानता का भविष्य – इस भाषण में छात्र एक ऐसे भविष्य की कल्पना कर सकते हैं जहां महिलाओं और लड़कियों को समान अवसर मिले, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सकें.

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कमाल है ये लड़का, चैंपियंस ट्रॉफी की 3 पारियों में दूसरी सेंचुरी; रचिन रवींद्र ने किया कमाल

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NZ vs SA Score Champions Trophy 2025: चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के दूसरे सेमीफाइनल मैच में रचिन रवींद्र ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतक जड़ दिया है. उन्होंने 93 गेंदों में सेंचुरी पूरी की और यह मौजूदा टूर्नामेंट में उनका दूसरा शतक भी है. रवींद्र ने अपने छोटे से वनडे करियर में 5वीं सेंचुरी लगा डाली है. रवींद्र इतनी गजब की फॉर्म में चल रहे हैं कि उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की तीन पारियों के भीतर 2 सेंचुरी लगा डाली हैं.

विराट कोहली से केवल एक शतक पीछे

रचिन रवींद्र, विराट कोहली का एक महारिकॉर्ड तोड़ने के बहुत करीब आ गए हैं. विराट के नाम ICC वनडे टूर्नामेंट्स में कुल 6 शतक हैं, वहीं रवींद्र ने मात्र 25 की उम्र में 5 शतक लगा दिए हैं. हालांकि इस लिस्ट में सबसे ऊपर रोहित शर्मा हैं, जिन्होंने ICC वनडे इवेंट्स में कुल मिलाकर 8 सेंचुरी लगाई हैं.

रचिन रवींद्र चैंपियंस ट्रॉफी में एक से अधिक शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं. इस सेंचुरी के साथ उन्होंने विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया है. विराट के नाम अभी तक चैंपियंस ट्रॉफी में सिर्फ एक शतक है जबकि रवींद्र के नाम 2 चैंपियंस ट्रॉफी सेंचुरी हो गई हैं.

केन विलियमसन के साथ मिलकर बनाया रिकॉर्ड

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में रचिन रवींद्र ने केन विलियमसन के साथ मिलकर एक बड़ा रिकॉर्ड कायम कर डाला है. उनके बीच 164 रनों की साझेदारी हुई, जो चैंपियंस ट्रॉफी इतिहास में न्यूजीलैंड के लिए बनी सबसे बड़ी पार्टनरशिप है. रवींद्र ने इस मैच में 108 रनों की पारी के दौरान 13 चौके और एक छक्का लगाया. रचिन रवींद्र अब चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में दूसरे स्थान पर आ गए हैं. उन्होंने 3 पारियों में 226 रन बना डाले हैं. उनसे आगे सिर्फ बेन डकेट हैं, जिन्होंने इस टूर्नामेंट में 227 रन बनाए हैं.

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गजब! फोल्ड होकर ब्रीफकेस बन जाता है Samsung का यह लैपटॉप, कंपनी ने MWC में दिखाई झलक

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बार्सिलोना में चल रही मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस (MWC) 2025 में कई शानदार प्रोडक्ट्स और कॉन्सेप्ट देखने को मिल रहे हैं. यह ऐसा आयोजन होता है, जिसमें कंपनियां टेक्नोलॉजी के भविष्य की झलक पेश करती है. इसी आयोजन में Samsung ने एक गजब का लैपटॉप पेश किया है, जो फोल्ड होकर ब्रीफकेस बन जाता है. फोल्ड होने के बाद इसे बिल्कुल ब्रीफकेस की तरह कैरी किया जा सकता है. आइए इस गजब के लैपटॉप की पूरी डिटेल्स जानते हैं.

Samsung Flexible Briefcase

MWC में सैमसंग ने अपने लेटेस्ट इनोवेशन “Flexible Briefcase” को शोकेस किया है. यह एक फोल्डेबल लैपटॉप कॉन्सेप्ट है. इस गजब के डिवाइस में 18.1 इंच का QD-OLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 2,000 x 2,664 पिक्सल रेजॉल्यूशन और 184 PPI पिक्सल डेन्सिटी को सपोर्ट करता है. यह अपने गजब के डिजाइन के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है. इसमें दो हैंडल लगे हुए हैं, जो फोल्ड होने पर ब्रीफकेस के हैंडल की तरह काम करते हैं. ब्रीफकेस में पावर और वॉल्यूम बटन भी जोड़े गए हैं, जो स्टाइल के साथ-साथ फंक्शनलिटी को भी सपोर्ट करते हैं.

क्रिएटर्स के आ सकता है काम

बड़ी स्क्रीन और फोल्डेबल मैकेनिज्म इस लैपटॉप को बाकियों से अलग बनाता है. अगर कंपनी इसे कमर्शियली लॉन्च करती है तो यह क्रिएटर्स की पसंद बन सकता है. बता दें कि अभी यह सिर्फ कॉन्सेप्ट है. इसे बिक्री के लिए उपलब्ध कराने को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है. अगर इसे बाजार में उतारा भी जाता है तो लंबा समय लग सकता है.

Lenovo लेकर आई सोलर एनर्जी से चार्ज होने वाला लैपटॉप

MWC 2025 में Lenovo ने सोलर एनर्जी से चलने वाले लैपटॉप का कॉन्सेप्ट पेश किया है. इसमें सोलर पैनल लगे हुए हैं, जो बिना बिजली के इसे सीधा धूप से चार्ज कर सकते हैं. कंपनी का कहना है कि इसे 20 मिनट धूप में रखने से एक घंटे का वीडियो प्लेबैक मिल सकता है.

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अफगानिस्तान में वापसी करेगी अमेरिकी सेना! ट्रंप ने गड़ाई इस एयरबेस पर निगाह

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<p style="text-align: justify;"><strong>USA News:</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में घोषणा की है कि अमेरिका अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस पर अपनी सैन्य उपस्थिति फिर से स्थापित करने पर विचार कर रहा है. &nbsp;ट्रंप का दावा है कि वर्तमान में इस एयरबेस पर चीन का नियंत्रण है और अमेरिका यहां एक छोटी सैन्य टुकड़ी तैनात करके चीन के बढ़ते प्रभाव को नियंत्रित करना चाहता है.</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं तालिबान ने ट्रंप के चीन के कब्&zwj;जे के दावे को खारिज किया है. आइये जानते हैं कि बगराम एयरबेस अमेरिका के लिए इतना जरूरी क्यों है और चीन की नजर इस पर क्यों है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बगराम एयरबेस का रणनीतिक महत्व</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बगराम एयरबेस अफगानिस्तान के परवान प्रांत में स्थित है और यह अमेरिका के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है. यह एयरबेस चीन के परमाणु ठिकानों से मात्र एक घंटे की दूरी पर स्थित है, जिससे अमेरिका यहां से चीन पर निगरानी रख सकता है. 1950 के दशक में सोवियत संघ द्वारा निर्मित इस बेस का उपयोग 1979 में अफगानिस्तान पर आक्रमण के दौरान रूसी सेना के मुख्य ठिकाने के रूप में किया गया था. बाद में 2001 में अमेरिका ने इस पर कब्जा कर इसे अपने सबसे बड़े सैन्य अड्डों में से एक बनाया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तालिबान ने खारिज किया दावा&nbsp;</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ट्रंप के दावे के विपरीत तालिबान ने बगराम एयरबेस पर चीन के नियंत्रण के आरोपों को खारिज किया है. तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने इन दावों को ‘भावनात्मक’ और ‘गलत सूचना पर आधारित’ बताया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान में चीनी सैनिकों की उपस्थिति नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जानें क्यों बगराम एयरबेस है इतना अहम</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बगराम एयरबेस, जिसे कभी ‘अफगानिस्तान की गुआंतानामो जेल’ कहा जाता था, में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए द्वारा अल-कायदा के आतंकवादियों से पूछताछ की जाती थी. इस विशाल बेस में 10,000 अमेरिकी सैनिकों के रहने की क्षमता थी, जिसमें स्विमिंग पूल, सिनेमा, स्पा और बर्गर किंग जैसे रेस्तरां भी शामिल थे.</p>
<p style="text-align: justify;">&nbsp;फरवरी 2020 में, ट्रंप ने तालिबान के साथ सैनिकों की वापसी पर चर्चा की थी जिसे बाद में राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में लागू किया गया. हालांकि अब ट्रंप का मानना है कि चीन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए बगराम एयरबेस पर अमेरिकी उपस्थिति आवश्यक है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>चीन बढ़ा रहा है अफगानिस्तान में अपना प्रभाव&nbsp;</strong></p>
<p style="text-align: justify;">चीन ने हाल में ही अफगानिस्तान में अपना प्रभाव बढ़ाया है. चीन की कंपनियों ने साल 2023 में कई समझौतों पर हस्&zwj;ताक्षर किए थे . हालांकि चीन का कहना है कि उसका एक सैनिक अफगानिस्तान में नहीं ही. चीन की नजर अफगानिस्&zwj;तान के अरबों डॉलर के लिथियम भंडार और तेल तथा खनिजों पर है. चीन चाहता है कि अफगानिस्&zwj;तान बीआरआई में शामिल हो.&nbsp;</p>

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Petrol Diesel Price: यहां जानिए आज क्या है 1 लीटर पेट्रोल और डीजल की सरकारी कीमत

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Petrol Diesel Price: डायनेमिक प्राइसिंग की वजह से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हर रोज बदलाव होता है. जिसकी वजह से कुछ जगहों पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें घटती हैं, तो कुछ जगहों पर इनके दामों में इजाफा होता है. आपको बता दें कि हर रोज सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की कीमत अपडेट की जाती हैं. आज बुधवार 5 मार्च 2025 को सुबह 6 बजे  सरकारी तेल कंपनियों के द्वारा पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी गई हैं.

आपके शहर में क्या है पेट्रोल-डीजल की कीमत

अगर आप पेट्रोल या डीजल भरवाने जा रहे हैं तो एक नजर आज की नई कीमतों पर जरूर डाल लें. आइए जानते हैं आज आपके शहर में पेट्रोल और डीजल के दाम क्या हैं. दिल्ली में आज एक लीटर पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपए और डीजल 87.67 रुपए प्रति लीटर है. जबकि मुंबई में पेट्रोल की कीमत 103.50 रुपए और डीजल 90.03 रुपए प्रति लीटर है. वहीं, कोलकाता में आज पेट्रोल की कीमत 105.01 रुपए और डीजल 91.82 रुपए प्रति लीटर है. जबकि, चेन्नई की बात करें तो पेट्रोल 100.76 रुपए और डीजल 92.39 प्रति लीटर है.

अन्य शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत

बेंगलुरु में आज पेट्रोल 102.92 रुपए और डीजल 88.99 रुपए प्रति लीटर है. हैदराबाद की बात करें तो पेट्रोल 107.41 रुपए और डीजल 95.70 रुपए प्रति लीटर है. जबकि, नोएडा और गुरुग्राम में पेट्रोल 94.87 रुपए और 95.25 रुपए प्रति लीटर है. वहीं डीजल की कीमत इन दोनों शहरों में 88.01 और 88.01 रुपए प्रति लीटर है.

इसके अलावा पटना में पेट्रोल की कीमत 105.60 रुपए और डीजल की कीमत 92.43 रुपए प्रति लीटर है. जयपुर में पेट्रोल 104.72 रुपए प्रति लीटर और डीजल 90.21 रुपए प्रति लीटर है. जबकि चंडीगढ़ में पेट्रोल 94.30 और डीजल 90.21 रुपए प्रति लीटर है.
 
मोबाइल पर ऐसे जानें पेट्रोल-डीजल की कीमत 

अगर आप अपने शहर के लेटेस्ट पेट्रोल और डीजल की कीमतों के बारे में जानना चाहते हैं तो आप अपने मोबाइल पर मैसेज (SMS) के जरिए जान सकते है. अगर आप इंडियन ऑयल (IOCL) के कस्टमर हैं तो आपको RSP के साथ शहर का कोड लिखकर 9224992249 पर भेजना होगा. जिसके बाद कंपनी आपको मैसेज के जरिए आपके शहर के लेटेस्ट पेट्रोल-डीजल की कीमतों की जानकारी दे देगी. अगर आप बीपीसीएल के कस्टमर हैं तो आप RSP लिखकर 9223112222 पर भेजकर पेट्रोल और डीजल की लेटेस्ट जानकारी ले सकते हैं.

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साल 2025 में होलिका दहन कब? जानें होलिका दहन का मुहूर्त और शुभ मुहूर्त

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होली का पर्व हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है. साल 2025 में होली का पर्व 14 मार्च, शुक्रवार के दिन मानाया जाएगा.

होली का पर्व हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है. साल 2025 में होली का पर्व 14 मार्च, शुक्रवार के दिन मानाया जाएगा.

साल 2025 में होलिका दहन 13 मार्च, गुरुवार के दिन होगा. होलिका दहन रंग वाली होली से दिन दिन पूर्व किया जाता है. होलिका दहन भद्राकाल में करना शुभ नहीं माना जाता है.

साल 2025 में होलिका दहन 13 मार्च, गुरुवार के दिन होगा. होलिका दहन रंग वाली होली से दिन दिन पूर्व किया जाता है. होलिका दहन भद्राकाल में करना शुभ नहीं माना जाता है.

होलिका दहन का मुहूर्त किसी त्यौहार के मुहूर्त से ज्यादा महवपूर्ण और आवश्यक है, 13 मार्च को होलिका दहन के दिन भद्रा का साया रहेगा. भद्रा काल रात 10.30 समाप्त होगा.

होलिका दहन का मुहूर्त किसी त्यौहार के मुहूर्त से ज्यादा महवपूर्ण और आवश्यक है, 13 मार्च को होलिका दहन के दिन भद्रा का साया रहेगा. भद्रा काल रात 10.30 समाप्त होगा.

पंचांग के अनुसार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 13 मार्च को रात 11.26 मिनट से लेकर 12.30 मिनट तक रहेगा. लगभग 1.04 मिनट तक होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रहेगा.

पंचांग के अनुसार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 13 मार्च को रात 11.26 मिनट से लेकर 12.30 मिनट तक रहेगा. लगभग 1.04 मिनट तक होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रहेगा.

इस दिन धृति योग और शूल योग रहेगा. धृति योग- दोपहर 1.03 मिनट तक रहेगा. वहीं शूल रोग अगले दिन 14 मार्च, शुक्रवार को दोपहर 1.23 मिनट तक रहेगा.

इस दिन धृति योग और शूल योग रहेगा. धृति योग- दोपहर 1.03 मिनट तक रहेगा. वहीं शूल रोग अगले दिन 14 मार्च, शुक्रवार को दोपहर 1.23 मिनट तक रहेगा.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार धृति योग एक शुभ योग है. इस योग में जन्म लेने वाले लोग धैर्यवान, प्रतिभाशाली, और बुद्धिमान होते हैं.होलिका दहन और रंग वाली होली के दिन बनने वाले दुर्लभ शूल योग के दौरान होलिका दहन किया जाएगा.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार धृति योग एक शुभ योग है. इस योग में जन्म लेने वाले लोग धैर्यवान, प्रतिभाशाली, और बुद्धिमान होते हैं.होलिका दहन और रंग वाली होली के दिन बनने वाले दुर्लभ शूल योग के दौरान होलिका दहन किया जाएगा.

Published at : 05 Mar 2025 02:50 PM (IST)

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झूलेलाल जयंती कब ? क्यों और कैसे मनाया जाता है ये पर्व

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Jhulelal Jayanti 2025: चैत्र शुक्ल द्वितीया से सिंधी नववर्ष का आरंभ होता है. इस दिन भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव मनाया जाता है, इसे झूलेलाल जयंती के नाम से जाना जाता है. चैत्र मास को सिंधी में चेट कहा जाता है और चांद को चण्ड.

सभी त्योहारों की तरह इस पर्व के पीछे भी पौराणिक कथाएं हैं. चेटीचंड को अवतारी युगपुरुष भगवान झूलेलाल के जन्म दिवस के रूप में जाना जाता है. इस साल झूलेलाल जयंती कब मनाई जाएगी.

झूलेलाल जयंती 2025 डेट

चेटी चंड यानी झूलेलाल जयंती 30 मार्च 2025 को मनाई जाएगी. इस दिन 10वीं शताब्दी में सिन्ध प्रान्त भगवान झूलेलाल का जन्म हुआ था. यह वह समय था, जब सिन्ध प्रान्त में सुमरा वंश का शासन था. सुमरा वंश के शासक अन्य सभी धर्मों के प्रति सहिष्णु थे.

झूलेलाल जयंती 2025 मुहूर्त

चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से 29 मार्च 2025 को शाम 4 बजकर 27 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 30 मार्च 2025 को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर समाप्त होगी.

चेटी चण्ड मुहूर्त – शाम 6.38 से रात 7.45, अवधि 1 घंटा 7 मिनट

झूलेलाल जयंती मनाने का तरीका

यह दिन अत्यधिक शुभः माना जाता है तथा अत्यधिक धूमधाम से मनाया जाता है. इस पावन अवसर पर, जीवन रूपी जल की पूजा की जाती है. इस दिन सिंधी समुदाय के लोग लकड़ी का मंदिर बनाकर उसमें एक लोटे से जल और ज्योति प्रज्वलित की जाती है. 

इस मंदिर को श्रद्धालु चेटीचंड के दिन अपने सिर पर उठाते हैं, जिसे बहिराणा साहब भी कहा जाता है. चेटी चण्ड वह दिन है, जब अमावस्या के पश्चात् प्रथम चन्द्र दर्शन होता है. चेटी माह में चन्द्रमा के प्रथम दर्शन के कारण, इस दिन को चेटी चण्ड के रूप में जाना जाता है.

जल के देवता है झूलेलाल

प्राचीन काल में जब सिंधी समाज के लोग व्यापार से संबंधित जलमार्ग से यात्रा करते थे. तब यात्रा को को सकुशल बनाने के लिए जल देवता झूलेलाल से प्रार्थना करते थे और यात्रा सफल होने पर भगवान झूलेलाल का आभार व्यक्त किया जाता था. इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए चेटीचंड का त्योहार माना जाता है.

Holashtak Kab Se Hai 2025: होलाष्टक में कौन-कौन से काम नहीं किए जाते, क्यों है ये डरावना काल

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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विधानसभा में गुटखा थूककर चले गए विधायक तो लोगों ने ले ली मौज, बोले- ये यूपी है प्रधान…

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उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दौरान एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया जिसके बाद विधानसबी के स्पीकर सतीश महाना बुरी तरह से नाराज हो गए. जी हां, आज विधानसभा में बजट सत्र के दौरान किसी विधायक ने पान गुटका/ पान मसाला खाकर असेंबली में थूक दिया. जब इसका पता विधानसभा अध्यक्ष को लगा तो वो बुरी तरह से नाराज हो गए और खड़े रहकर इसे साफ करवाया. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिस पर अब यूजर्स जमकर मजे ले रहे हैं.

यूपी विधानसभा में विधायक ने थूका गुटका

वीडियो में देखा जा सकता है कि विधानसभा में एंट्री गेट पर सीट के पास ही किसी विधायक ने पान मसाला खाकर थूका दिया है. जिसके बाद सतीश महाना वहां पहुंचे और उन्होंने वहीं खड़े रहकर इन निशानों को साफ कराया. इसके अलावा उन्होंने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की. यही नहीं उन्होंने ये तक कह दिया कि जिन माननीयों ने ये किया है उसका वीडियो उन्होंने देखा है. उन्हें अपने व्यवहार के लिए खुद आगे आकर माफी मांगनी चाहिए.

नाराज हुए विधानसभा अध्यक्ष

सतीश महाना ने सदन की शुरुआत होते ही इस मुद्दे को उठाया और कुछ विधायकों द्वारा पान मसाला खाकर थूकने पर नाराजगी जाहिर की. सतीश महाना ने आसन पर बैठते ही कहा कि  “आज सवेरे मुझे सूचना मिली की हमारी विधानसभा के इस हॉल में किसी माननीय सदस्य ने पान मसाला खा कर वहीं पर सेवाएं दे दी. ये सुनकर मैं आया और मैंने उसकी साफ-सफाई करवाई. मैंने वीडियो में माननीय सदस्य को देख भी लिया है.

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यूजर्स ने लिए मजे

वीडियो को न्यूज एजेंसी @ANI के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में यूजर्स वीडियो को लेकर जमकर मजे ले रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…सरकार विधानसभा में गुटके पर बैन क्यों नहीं लगा देती. एक और यूजर ने लिखा…ये यूपी है प्रधान, यहां बच्चा बच्चा जबान में केसर लिए चलता है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा..विधायक के ये हाल हैं तो जनता को कौन समझाएगा.

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