शाहरुख खान ने अटेंड की थी आशुतोष गोवारिकर के बेटे कोणार्क की शादी, देखें वीडियो

[ad_1]

Shah Rukh Khan At Konark Gowarikar’s Wedding: दिग्गज फिल्म मेकर आशुतोष गोवारिकर के बेटे कोणार्क गोवारिकर की शादी हो गई है. कोणार्क ने 2 मार्च को नियति कनकिया के साथ सात फेरे लिए थे. उनकी शादी में कई दिग्गज बॉलीवुड सितारों ने शिरकत की थी जिनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आए थे. इस फंक्शन में बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान भी शामिल हुए थे जिनका इवेंट से एक वीडियो भी सामने आया है.

शाहरुख खान ने आशुतोष गोवारिकर के बेटे कोणार्क की शादी में ग्रैंड एंट्री ली. वे अपनी मैनेजर पूजा ददलानी और बॉडीगार्ड्स के साथ वहीं पहुंचे. इस दौरान किंग खान का स्टाइलिश अंदाज देखने को मिला.

किंग खान के स्टाइलिश एंट्री
व्हाइट शर्ट, ब्लैक ब्लेजर-पैंट और गले में टाई पहने सुपरस्टार काफी डैशिंग दिख रहे थे. मैचिंग सनग्लासेस और फॉर्मल शूज के साथ उन्होंने अपना लुक फाइनल किया था. कोणार्क गोवारिकर की शादी से शाहरुख खान का जो वीडियो सामने आया है उसमें देखा जा सकता है कि सुपरस्टार को देखते ही आशुतोष उन्हें गले लगा लेते हैं. वहीं किंग खान की एक फोटो भी सामने आई है जिसमें वे न्यूली वेड कपल कोणार्क और नियति के साथ पोज देते दिख रहे हैं. 

शाहरुख और गोवारिकर ने किया साथ काम
बता दें कि शाहरुख खान और आशुतोष गोवारिकर ने एक साथ कई फिल्मों में काम किया है. उन्होंने फिल्म ‘चमत्कार’ (1992), ‘कभी हां कभी ना’ (1994) और ‘स्वदेश’ (2004) में साथ काम किया. वे 1989 के शो ‘सर्कस’ में भी साथ नजर आए थे.

आशुतोष गोवारिकर के बेटे की शादी में पहुंचे थे ये सितारे
शाहरुख खान के अलावा आशुतोष गोवारिकर के बेटे की शादी में कई बड़े सितारों ने शिरकत की थी. इनमें आमिर खान, किरण राव, जेनेलिया डिसूजा, रितेश देशमुख, विद्या बालन, सिद्धार्थ रॉय कपूर, सोनाली बेंद्रे, पूजा हेगड़े और चंकी पांडे शामिल हैं.

ये भी पढ़ें: फेमस होने के डर से विदेश भाग गए थे सनी देओल के ‘भाई’, पीने लगे थे खूब शराब, खुद बताई वजह



[ad_2]

जान ले लेगा ये भाईचारा! एक बाइक पर बैठ गए 7 दोस्त फिर हवा से की बातें, वीडियो देख भड़के यूजर्स

[ad_1]

कहते हैं भाईचारा सभी के लिए अच्छा होता है. इससे दोस्ती पक्की रहती है और मुश्किल वक्त में साथ खड़े रहने वाले लोगों की संख्या बढ़ जाती है. लेकिन क्या आपको पता है कि कुछ भाईचारे आपकी जान भी मुसीबत में डाल सकते हैं. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ छपरी लड़के एक बाइक पर सवार हैं और इसे अपनी समझदारी और बहादुरी का परिचय समझ रहे हैं. आप भी एक नजर मार लीजिए यकीनन आपका भी खून खौल जाएगा.

एक बाइक पर बैठे 7 लोग!

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सात दोस्त एक ही बुलेट बाइक पर सवार होकर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं. जी हां, जिस बाइक पर आमतौर पर दो लोग मुश्किल से बैठते हैं, उस पर ये दोस्त ‘भाईचारा’ का अनोखा प्रदर्शन कर रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि एक दोस्त बाइक चला रहा है और बाकी छह किसी न किसी तरह उस पर अटके हुए हैं. जिनमें एक दोस्त टंकी पर बैठा है, दो कंधों पर लदे हैं और पीछे तीन लटककर किसी तरह से बैलेंस बना रहे हैं. इनकी ये भाईचारा राइड देखकर लोग हैरान भी हैं और हंस भी रहे हैं. वीडियो पश्चिम बंगाल का बताया जा रहा है.

सड़क पर भरा फर्राटा

आपको बता दें कि बाइक पर 2 से ज्यादा सवारी बैठाना गैरकानूनी है और इसके लिए आपको मोटा जुर्माना भरना पड़ सकता है. लेकिन बावजूद इसके ये लापरवाह लोग एक बाइक पर 7 लोग बैठे हैं और इस तरह से मौज उड़ाते हुए जा रहे हैं मानों इसमें कुछ गलत उन्होंने किया ही नहीं है. इन लोगों को न तो अपनी जान की परवाह है और न ही दूसरे लोगों की जिंदगी का ख्याल. बहरहाल वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है जिसके बाद लोग अलग अलग तरह से रिएक्ट कर रहे हैं.

यूजर्स ने खींची टांग

वीडियो को @VishalMalvi_ नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक हजारों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भाई बुलेट बाइक को बुलेट ट्रेन बना डाला. एक और यूजर ने लिखा…गाड़ी नंबर के आधार पर इन लोगों की पहचान की जाए. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…क्या लापरवाही है, जिंदगी से प्यार नहीं है क्या.


अनस्कूलिंग करने वाले बच्चों का कैसा होगा करियर, कौन से देश इस दिशा में कर रहे काम?

[ad_1]

परंपरागत शिक्षा प्रणाली से हटकर एक नया ट्रेंड दुनिया भर में तेजी से अपनी जगह बना रहा है ‘अनस्कूलिंग’. यह शिक्षा का एक ऐसा मॉडल है जिसमें बच्चों को औपचारिक स्कूली व्यवस्था से बाहर रखकर उन्हें अपनी रुचि और प्राकृतिक जिज्ञासा के अनुसार सीखने की आजादी दी जाती है. लेकिन सवाल उठता है कि क्या इस तरह की शिक्षा पाने वाले बच्चों का भविष्य और करियर सुरक्षित होगा?

जानिए क्या है अनस्कूलिंग 

अनस्कूलिंग शिक्षा का एक ऐसा तरीका है जिसमें बच्चे किसी निर्धारित पाठ्यक्रम या स्कूली समय-सारिणी के बिना, अपनी रुचि और गति से सीखते हैं. यह होमस्कूलिंग से भी अलग है, क्योंकि इसमें माता-पिता बच्चों को किसी तय पाठ्यक्रम पर नहीं बल्कि उनकी स्वाभाविक जिज्ञासा को प्रोत्साहित करते हैं. शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. अमित शर्मा के अनुसार, ‘अनस्कूलिंग बच्चों को real-world experiences के माध्यम से सीखने पर जोर देता है. इसमें बच्चों को प्रश्न पूछने, खोज करने और अपने हितों का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.’

अनस्कूलिंग और करियर की संभावनाएं

कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि अगर बच्चे स्कूल नहीं जाएंगे तो उनका करियर कैसा होगा? क्या वे कॉम्पिटेटिव जॉब मार्केट में सफल हो पाएंगे? अनस्कूलिंग के समर्थकों का मानना है कि इस तरह की शिक्षा पाने वाले बच्चे अक्सर अधिक आत्मनिर्भर, रचनात्मक और problem-solving skills से लैस होते हैं. वे एंटरप्रेन्योरशिप की ओर अधिक झुकाव रखते हैं और नए विचारों को अपनाने में अधिक फ्लेक्सबल होते हैं.

अनस्कूलिंग के वैश्विक अध्ययनों से पता चलता है कि इस पद्धति से सीखने वाले बच्चे अक्सर क्रिएटिव आर्ट्स, टेक्नॉलजी इनोवेशन और सोशल एंटरप्रेन्योरशिप जैसे क्षेत्रों में अपना करियर बनाते हैं. ये बच्चे परंपरागत नौकरियों के अलावा नए-नए करियर पाथ तलाशने में अधिक सफल होते हैं.

शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. मीरा गुप्ता बताती हैं, ‘डिजिटल एज में स्किल्स का महत्व डिग्री से अधिक हो गया है. कई बड़ी कंपनियां जैसे गूगल और एप्पल अब फॉर्मल डिग्री को हायरिंग का इसेंचल क्राइटेरिया नहीं मानतीं, बल्कि प्रैक्टिकल स्किल्स और इनोवेटिव थिंकिंग पर अधिक जोर देती हैं.’

हालांकि, चुनौतियां भी हैं. अनस्कूल्ड बच्चों को फॉर्मल डिग्री और सर्टिफिकेट की कमी का सामना करना पड़ सकता है, जिन्हें कई एम्प्लॉयर अभी भी महत्व देते हैं.

जानिए कौन से देश दे रहे हैं अनस्कूलिंग को बढ़ावा?

फिनलैंड

फिनलैंड, जिसकी शिक्षा प्रणाली पहले से ही दुनिया में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है, अब अनस्कूलिंग के कांसेप्ट को अपने मुख्यधारा शिक्षा प्रणाली में शामिल कर रहा है. यहां “phenomenon-based learning” को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें विषयों की सीमाओं को मिटाकर असली जीवन के कॉन्सेप्ट्स पर ध्यान केंद्रित किया जाता है.

न्यूजीलैंड

न्यूजीलैंड में, अनस्कूलिंग को कानूनी मान्यता प्राप्त है और सरकार इसे एक वैकल्पिक शिक्षा मार्ग के रूप में स्वीकार करती है. यहां के शिक्षा मंत्रालय अनस्कूलिंग करने वाले परिवारों को संसाधन और समर्थन प्रदान करता है.

कनाडा

कनाडा के कई प्रांतों में अनस्कूलिंग के लिए लचीले नियम हैं. यहां “unschooling-friendly communities” बढ़ रही हैं, जहां परिवार अपने अनुभवों को साझा करते हैं और संसाधनों का आदान-प्रदान करते हैं.

भारत में अनस्कूलिंग की स्थिति

भारत में अनस्कूलिंग अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है. बेंगलुरु, मुंबई और पुणे जैसे शहरों में कई परिवार इस विकल्प को अपना रहे हैं.

शिक्षाविद् सुधा रामन कहती हैं, ‘भारत में अनस्कूलिंग के लिए कानूनी ढांचा अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन नई शिक्षा नीति 2020 में लचीलापन और विकल्पों को महत्व दिया गया है, जो अनस्कूलिंग जैसे वैकल्पिक शिक्षा मॉडल्स के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर सकता है.’

यह भी पढ़ें: Success Story: दो बार फेल हुईं, बीमारी से लड़ी लेकिन हिम्मत नहीं हारी, AIR 94 लाकर बनीं IFS ऑफिसर

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

[ad_2]

Alert! सोशल मीडिया पर India Post के नाम पर चल रहा फर्जी लकी ड्रॉ, सरकार ने बताया Scam

[ad_1]

Social Media पर India Post (भारतीय डाक) के नाम पर एक फर्जी लकी ड्रॉ चल रहा है. एक पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि भारतीय डाक की 170वीं वर्षगांठ के मौके पर हर किसी के पास शानदार उपहार जीतने का मौका है. रिवॉर्ड को क्लेम करने के लिए कंटिन्यू करने को कहा जा रहा है. अगर आपके सामने भी ऐसी कोई पोस्ट या मैसेज आया है तो सावधान हो जाने की जरूरत है. सरकार ने इसे स्कैम बताया है. 

सरकार ने दी यह सलाह

पीआईबी फैक्ट चेक ने इस फर्जी दावे की पोल खोली है. पीआईबी ने बताया कि भारतीय डाक के नाम पर एक फेक लकी ड्रॉ चलाया जा रहा है. इसमें फ्री गिफ्ट्स का लालच दिखाकर लोगों से उनकी पर्सनल जानकारी चुराई जा रही है. यह एक स्कैम है और यह भारतीय डाक से संबंधित नहीं है. सरकार ने लोगों से सावधान रहते हुए ऐसे किसी भी लिंक पर क्लिक करने से बचने को कहा है.

स्कैमर्स इस लुभावने विज्ञापन के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाने की ताक में है. इस पोस्ट के साथ एक फॉर्म अटैच किया गया है. इसमें दिए गए सवालों का जवाब देने पर लोगों को गिफ्ट जीतने का लालच दिया जा रहा है. असल में यह लोगों की पर्सनल जानकारी चुराने की कोशिश है.

ऐसे स्कैम से कैसे बचें?

  • सोशल मीडिया पर दिखने वाले किसी भी लुभावने विज्ञापन के लालच में न आएं.
  • लालच देने या बड़े-बड़े दावे करने वाली किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें.
  • किसी भी अनजान या संदिग्ध व्यक्ति से आए मैसेज या ईमेल में दिए गए लिंक या अटैचमेंट को ओपन न करें.
  • किसी भी संदिग्ध या अनजान व्यक्ति के साथ OTP समेत पर्सनल जानकारी शेयर न करें.
  • अगर आप साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए हैं तो तुरंत संबंधित एजेंसियों से संपर्क करें. शुरुआती कुछ मिनटों में नुकसान रोका जा सकता है. 

ये भी पढ़ें-

आपके नाम पर सिम कार्ड लेकर साइबर अपराधी कर सकते हैं बड़े कांड, बचने का है तरीका, सरकार ने बताया उपाय



[ad_2]

वित्त वर्ष 2025-26 में GDP ग्रोथ रेट 6.5 फीसदी रहने का अनुमान, कर्ज होगा सस्ता, महंगाई से राहत

[ad_1]

India GDP Growth Rate: एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ेगी. आने वाले वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025-26 में 6.5 फीसदी रहने का अनुमान है. साथ ही बेहतर मानसून के चलते महंगाई से भी राहत मिलने की उम्मीद है क्योंकि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कमी आ सकती है. 

क्रिसिल ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर जारी की रिपोर्ट में कहा कि निजी खपत में सुधार होने की उम्मीद है. हालांकि, निवेश वृद्धि निजी पूंजीगत व्यय पर निर्भर करेगी. रिपोर्ट में कहा गया कि कृषि उत्पादन में सुधार और खाद्य महंगाई में कमी की उम्मीद के कारण निजी खपत में और सुधार की उम्मीद है. खाद्य महंगाई में नरमी से घरेलू बजट में विवेकाधीन खर्च के लिए जगह बनेगी. रिपोर्ट में बताया गया कि केंद्रीय बजट 2025-26 में इनकम टैक्स में बढ़ाई गई छूट से खपत को बढ़ावा मिलेगा. इसके अतिरिक्त, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा मौद्रिक नीति में ढील देने से भी खपत को बढ़ावा मिलेगा. 

क्रिसिल को उम्मीद है कि आरबीआई वित्त वर्ष 2025-26 में रेपो रेट में 50-75 बेसिस प्वाइंट तक की कटौती कर सकता है. आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए क्रिसिल की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024-25 के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पिछले वित्त वर्ष की जीडीपी विकास दर 9.2 प्रतिशत से कम है. हालांकि, विकास दर वित्त वर्ष 2011 और 2020 के बीच महामारी से पहले के दशक के औसत 6.6 प्रतिशत के करीब बनी हुई है और इससे भारत को सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था का अपना टैग बरकरार रखने में मदद मिलेगी. 

चौथी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर बढ़कर 7.6 प्रतिशत होने की उम्मीद है, जिससे चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि 6.5 प्रतिशत हो जाएगी.  चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर बढ़कर 6.2 प्रतिशत हो गई है, जो दूसरी तिमाही की जीडीपी वृद्धि दर 5.6 प्रतिशत से अधिक है. 

ये भी पढ़ें:

Ola Electric से बाहर निकाले जाएंगे 1,000 से अधिक लोग! 5 महीने में दूसरी बार हो रही छंटनी

[ad_2]

‘दूसरे राष्ट्रपतियों ने रूस को बहुत कुछ दिया लेकिन मैंने बस दुख दिया’, ये क्या बोल गए ट्रंप

[ad_1]

<p style="text-align: justify;">अमेरिका और यूक्रेन में फिर से बात करने के लिए ज़ेलेंस्की से क्या अपेक्षा करनी चाहिए? सोमवार को जब अमेरिकी राष्ट्रपति &nbsp;ट्रंप से यह सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा,” मुझे लगता है कि ज़ेलेंस्की को वार्ता के लिए और अधिक पहल करनी चाहिए क्योंकि अमेरिका हर अच्छे-बुरे समय में उनके साथ खड़ा रहा है.”</p>
<p style="text-align: justify;">ट्रंप ने आगे कहा कि यूक्रेन को हमने यूरोप से कहीं ज़्यादा दिया है जबकि यूरोप को हमसे कहीं ज़्यादा उन्हें देना चाहिए था. अगर हमने एक डॉलर दिया, तो उन्हें भी देना चाहिए था, हमने 350 बिलियन डॉलर दिए, लेकिन इन सबसे बढ़कर, यूरोप को अपना पैसा वापस मिल जाता है क्योंकि वे इसे लोन के रूप में दे रहे हैं, और यह एक सुरक्षित लोन है. मैं चाहता हूं कि लोगों की हत्या बंद हो. मैं चाहता हूं कि उन सभी युवाओं की हत्या बंद हो. मैं इसे रुकते हुए देखना चाहता हूं. यूक्रेन हर हफ़्ते हज़ारों सैनिकों को खो रहा है. मैं इसे रुकते हुए देखना चाहता हूं. ज़ेलेंस्की ने आज कथित तौर पर एक बयान दिया उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि युद्ध लंबे समय तक चलने वाला है और बेहतर होगा कि वे इस बारे में सही न हों. मैं बस इतना ही कह रहा हूं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यूक्रेन के लोग समझौता करना चाहते हैं</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि समझौता के लिए दो देशों की ज़रूरत होती है और अगर आपको रूस और यूक्रेन के साथ कोई सौदा करना है, तो आपको यूरोपीय देशों की सहमति लेनी होगी, क्योंकि मुझे लगता है कि यह महत्वपूर्ण है. हर किसी को एक कमरे में बैठना होगा, इसलिए हमें एक समझौता करना होगा और यह समझौता बहुत तेज़ी से किया जा सकता है. यह समझौता करना इतना मुश्किल नहीं होना चाहिए. हो सकता है कि कोई समझौता न करना चाहे और अगर कोई समझौता नहीं करना चाहता, तो मुझे लगता है कि वह व्यक्ति ज़्यादा समय तक नहीं टिकेगा ,मेरा मानना ​​है कि रूस सौदा करना चाहता है. मेरा मानना ​​है कि निश्चित रूप से यूक्रेन के लोग समझौता करना चाहते हैं. उन्होंने बहुत ज़्यादा कष्ट झेले हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मैंने रूस को दुख के अलावा कुछ नहीं दिया</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ट्रंप ने कहा कि जब बुश राष्ट्रपति थे तब रूस को जॉर्जिया मिला. राष्ट्रपति ओबामा के समय रूस को बड़ा पनडुब्बी बेस मिला, ज़मीन का एक बड़ा हिस्सा जहां उनकी पनडुब्बियां हैं. ट्रंप के समय रूस को कुछ नहीं मिला और राष्ट्रपति बाइडेन के समय उन्होंने पूरा यूक्रेन हासिल करने की कोशिश की. अगर मैं राष्ट्रपति नहीं बनता तो रूस यूक्रेन पर कब्ज़ा भी कर लेता. &nbsp;मैंने रूस को दुख के अलावा कुछ नहीं दिया. हमें एक समझौता करना होगा क्योंकि बहुत से लोग मारे जा रहे हैं जिन्हें नहीं मारा जाना चाहिए था, लेकिन याद रखें, ट्रंप ने उन्हें कुछ नहीं दिया और अन्य राष्ट्रपतियों ने उन्हें बहुत कुछ दिया.</p>

[ad_2]

क्या ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वरुण चक्रवर्ती खेलेंगे? जानें रोहित शर्मा का रूख

[ad_1]

Rohit Sharma On Varun Chakaravarthy: चैंपियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैदान पर उतरेगी. दोनों टीमें दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में आमने-सामने होंगी. लेकिन इस मैच में भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन क्या होगी? क्या वरुण चक्रवर्ती को मौका मिलेगा? क्या भारतीय टीम 4 स्पिनरों के साथ उतरेगी? दरअसल, न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम इंडिया 4 स्पिनरों के साथ उतरी थी. उस मैच में वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, रवींद्र जडेजा और वरुण चक्रवर्ती प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे. न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 विकेट लेने के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में वरुण चक्रवर्ती की जगह पक्की नहीं है.

भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने क्या कहा?

रोहित शर्मा ने कहा कि हमें वास्तव में यह सोचने की जरूरत है कि अगर हम चार स्पिनरों के साथ खेलना भी चाहें तो हम चार स्पिनरों को कैसे शामिल कर सकते हैं? मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि हम यहां के हालात से अच्छी तरह वाकिफ हैं. हम जानते हैं कि क्या काम करता है और क्या नहीं… हालांकि, रोहित शर्मा ने वरुण चक्रवर्ती की जमकर तारीफ की. भारतीय कप्तान ने कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने दिखाया कि वह क्या कर सकता है, लेकिन यह समय हमारे लिए सही कॉम्बिनेशन चयन करने का है. हम बेहतर से बेहतर प्लेइंग इलेवन के साथ उतरना चाहते हैं.

न्यूजीलैंड के खिलाफ 4 स्पिनरों के साथ उतरी थी टीम इंडिया

न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय स्पिनर वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने 10-10 ओवर डाले. कुलदीप यादव ने 9.3 ओवर गेंदबाजी की. इसके अलावा रवींद्र जडेजा ने 8 ओवर डाले. इस तरह भारतीय टीम के स्पिनरों ने 37.3 ओवर किए. वरुण चक्रवर्ती ने 5 विकेट लिए. कुलदीप यादव को 2 कामयाबी मिली. इसके अलावा अक्षर पटेल, रवींद्र जडेजा और हार्दिक पांड्या ने 1-1 बल्लेबाज को आउट किया. बहरहाल, यह देखना मजेदार होगा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन क्या होती है?

ये भी पढ़ें-

पाकिस्तान की इंटरनेशनल बेइज्जती, सेमीफाइनल से पहले गद्दाफी स्टेडियम की छत हुई लीक; खुल गई PCB की पोल

[ad_2]

अचानक से टूट जाती है नींद, सिर में महसूस होती है विस्फोट सी आवाज, हो जाएं सावधान

[ad_1]

Exploding Head Syndrome : तेजी से बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ते कॉम्पटीशन में तनाव से बच पाना आसान नहीं है. इसकी वजह से कई तरह की गंभीर समस्याएं बढ़ रही हैं. तनाव के चलते रात में नींद पूरी नहीं हो पाती है. जिसका असर हमारी दिनचर्या पर देखने को मिलता है. लगातार ऐसा होने से कई लोगों को रात में सोते समय सिर चकराने, तेज सिदरद्रद और कुछ टूटने की आवाज आती है. इसकी वजह से उनकी नींद टूट जाती है. इससे झुंझलाहट से पूरा शरीर भर जाता है. यह कंडीशन एक्सप्लोडिंग हेड सिंड्रोम कहलाता है. इस स्लीप डिसऑर्डर से कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं.

एक्सप्लोडिंग हेड सिंड्रोम क्या होता है

एक्सप्लोडिंग हेड सिंड्रोम, एक स्लीप डिसऑर्डर है, जिसमें इंसान को अपने सिर में तेज आवाज, विस्फोट जैसी कई आवाजें सुनाई पड़ सकती है. इसे एपिसोडिक क्रेनियल सेंसरी शॉक (Episodic Cranial Sensory Shock) भी कहा जाता हैं. इस कंडीशन को पैरासोमनिया (Parasomnia) भी कहा जाता है. इस समस्या में सुनाई देने वाली आवाजें काल्पनिक होती हैं. ऐसा होने पर डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए.

यह भी पढ़ें : टीवी या फोन दिखाकर बच्चे को खाना खिलाते हैं आप? जान लीजिए ये कितना खतरनाक

एक्सप्लोडिंग हेड सिंड्रोम का कारण क्या है

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेPडिसिन के अनुसार, एक्सप्लोडिंग हेड सिंड्रोम न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम है, जो अनजाने ​भय और चिंता से जुड़ा है. हाई लेवल का स्ट्रेस या नींद की कमी इस बीमारी का खतरा बढ़ा सकती है. रिसर्च के अनुसार, बुजुर्गों और महिलाओं में ये समस्या मुख्य तौर से मिलती है. इसके अलावा कॉलेज जाने वाले बच्चों में भी ये समस्याएं देखी जाती हैं.

एक्सप्लोडिंग हेड सिंड्रोम के लक्षण क्या होते हैं

1. ब्रेन के सेंसरी न्यूरॉन्स को बनाने वाले हिस्से में अचानक से इलेक्ट्रिकल एक्टीविटी महसूस होना.

2. इनर ईयर का क्षतिग्रस्त होना और समस्याओं से भागने से बचना.

3. कान में हमेशा झनझनाहट बने रहना.

4. गहरी नींद में अचानक से आंख खुल जाना.

5. सिरदर्द की समस्या बने रहना.

6. तनाव, डिप्रेशन और एंग्जाइटी डिसऑर्डर रहना.

एक्सप्लोडिंग हेड सिंड्रोम से कैसे बचें

1. तनाव से दूर रहें. योगा-मेडिटेशन और एक्सरसाइज करें.

2. स्लीप डिसऑर्डर से बचने के लिए डॉक्टर से सलाह लेकर दवाएं लें.

3. लाइप में हाइजीन मेंटेन करें. सोते समय आसपास अंधेरा करें. डिस्टर्ब करने वाली चीजों से खुद को बचाएं.

4. सिडेंटरी लाइफस्टाइल मेंटल हेल्थ को बढ़ाता है. काम के दौरान ब्रेक जरूर लेते रहें.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

यह भी पढ़ें: ‘मुझे जीना ही नहीं है अब…’ दीपिका पादुकोण ने छात्रों को सुनाई अपने डिप्रेशन की कहानी

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

[ad_2]

उम्र बढ़ने की रफ्तार 10 गुना ज्यादा! उम्र से पहले बूढ़ी हो रही लड़की, 20 साल की उम्र में सड़ गए दांत, देखें तस्वीरें

[ad_1]

उम्र बढ़ने की रफ्तार 10 गुना ज्यादा! उम्र से पहले बूढ़ी हो रही लड़की, 20 साल की उम्र में सड़ गए दांत, देखें तस्वीरें