यूक्रेन संग जंग रुकवाने में ट्रंप देंगे रूस का साथ, पुतिन भी कर्ज उतारने को तैयार!

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Russia  To Help Trump Administration: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच संभावित समझौते की खबरें सामने आई हैं. अमेरिका और रूस के बीच यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने और ईरान परमाणु संकट पर मध्यस्थता को लेकर वार्ता की संभावना जताई जा रही है.

ट्रंप-पुतिन की गुप्त डील?
ट्रंप और पुतिन के बीच 12 फरवरी,2025  को फोन पर बातचीत हुई. अमेरिका-रूस संबंध यूक्रेन युद्ध के बाद टूट गए थे, लेकिन अब सुधार की कोशिश हो रही है. ट्रंप ने सीधे पुतिन से कहा कि वे यूक्रेन युद्ध खत्म करने में रुचि रखते हैं. रूस भी बदले में ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते में मध्यस्थता के लिए तैयार है.

मॉस्को के सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन चाहता है कि रूस ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अमेरिका विरोधी गुटों पर दबाव बनाए.

ईरान विवाद में रूस निभाएगा मध्यस्थ की भूमिका?
रूस ने ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता को समर्थन देने की पेशकश की. रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि मास्को सभी समस्याओं का हल बातचीत से निकालने में विश्वास करता है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाघई ने कहा कि जरूरत पड़ने पर कई पक्ष मध्यस्थता के लिए आगे आ सकते हैं.

अमेरिका-ईरान संबंधों में तनाव
अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर चिंतित है. रूस के पास ईरान पर दबाव बनाने का साधन है, जिससे वह ट्रंप प्रशासन को संतुष्ट कर सकता है.

क्या ट्रंप-पुतिन मिलकर यूक्रेन खत्म करेंगे युद्ध ?
ट्रंप और पुतिन दोनों ही यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की इच्छा जता चुके हैं. रूस ने संकेत दिया है कि वह व्यापार और आर्कटिक संसाधनों पर अमेरिका के साथ सहयोग कर सकता है.
अमेरिका रूस पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने की शर्त पर यूक्रेन में शांति वार्ता की योजना बना सकता है. विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप अपने चुनावी एजेंडे के तहत अमेरिका की “टेंशन” कम करने के लिए यह रणनीति अपना सकते हैं.

क्या अमेरिका रूस के खिलाफ अपने रुख में नरमी लाएगा?
अमेरिका ने रूस पर कठोर प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन ट्रंप प्रशासन अगर रूस के साथ बातचीत करता है, तो इन प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है. अगर रूस ईरान को नियंत्रण में लाने में मदद करता है, तो अमेरिका बदले में कुछ रियायतें दे सकता है. ट्रंप प्रशासन के तहत अमेरिका-रूस संबंधों में एक नया अध्याय शुरू हो सकता है.

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अब टेंपरेचर भी माप सकेगी Galaxy Ring, Samsung जोड़ेगी यह नया फीचर, पेटेंट से हुआ खुलासा

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Samsung ने पिछले साल Galaxy Ring को लॉन्च किया था. इस छोटे-से डिवाइस में स्मार्टवॉच वाले कई फीचर मौजूद हैं. अब कंपनी इसे और मददगार बनाने के लिए इसमें नए फीचर्स जोड़ने जा रही है. एक पेटेंट से खुलासा हुआ है कि गैलेक्सी रिंग के नेक्स्ट-जेन मॉडल में टेंपरेचर मापने का फीचर दिया जा सकता है. इसके अलावा कंपनी रिंग के जरिए ही यूजर को अलर्ट करने के तरीके भी खोज रही है.

रिंग में मिलेगा नया सेंसर

गैलेक्सी रिंग के मौजूदा मॉडल में एक टेंपरेचर सेंसर दिया गया है, लेकिन यूजर इसे अपनी मर्जी से ट्रिगर नहीं कर सकता. यह महिलाओं के मेंस्ट्रुअल साइकल का अंदाजा लगाने के लिए सोते वक्त उनके शरीर के तापमान को मापता है, लेकिन नए मॉडल में यह बदलने वाला है. नया सेंसर मिलने के बाद यूजर अपने मर्जी से इस फंक्शन को यूज कर सकता है. यह सेंसर रिंग के अंदर की तरफ लगा होगा और इसकी रीडिंग सैमसंग हेल्थ ऐप पर नजर आएगी.

दूसरों का टेंपरेचर भी माप सकेंगे यूजर

पेटेंट के डॉक्यूमेंट से पता चला है कि इस सेंसर की मदद से यूजर दूसरे लोगों का टेंपरेचर भी माप सकेंगे. इसके लिए उन्हें रिंग को दूसरे लोगों के माथे पर रखना होगा. नया सेंसर जोड़ने के अलावा सैमसंग रिंग के जरिए ही यूजर को अलर्ट करने के तरीके भी ढूंढ रही है. रिंग के मौजूदा मॉडल में कोई हेप्टिक मोटर या अलर्ट भेजने का कोई तरीका नहीं है. ऐसा माना जा रहा है कि आगामी मॉडल में कंपनी वाइब्रेट के जरिए यूजर्स को अलर्ट करने का फीचर भी जोड़ सकती है. अगर किसी यूजर का टेंपरेचर अधिक है और उसे मदद की जरूरत है तो यह रिंग वाइब्रेशन के जरिए उसे अलर्ट कर सकती है. 

कब तक आ सकता है इस फीचर वाला मॉडल

यहां यह बता देना जरूरी है कि टेंपरेचर मापने का फीचर अभी तक पेटेंट के कागजों तक ही सीमित है. बिक्री के लिए इसके उपलब्ध होने की कोई गारंटी नहीं है. कई बार कंपनियां पेटेंट को भविष्य के लिए भी बचाकर रख सकती है. ऐसे में इसकी लॉन्चिंग को लेकर कोई भी कयास लगा पाना बहुत जल्दबाजी होगी. 

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इसे कहते हैं किस्मत…बेंगलुरु एयरपोर्ट पर डेटिंग ऐप चला रहा था शख्स, एक साथ मिल गए इतने मैच

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किस्मत खुलना आप किसे कहेंगे? शायद बहुत सारा पैसा, हर ख्वाहिश की वक्त रहते पूर्ति और एक खूबसूरत सी बीवी. लेकिन एक शख्स की किस्मत इन सब के ना रहते हुए भी उस वक्त खुल गई जब उसे बेंगलुरु एयरपोर्ट पर एक डेटिंग ऐप के जरिए एक नहीं, दो नहीं बल्कि पूरे 111 मैच मिल गए. जी हां, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि एक शख्स जो बोरियत मिटाने के लिए डेटिंग ऐप का इस्तेमाल कर रहा था, उसे एक साथ 111 मैच मिल गए. जहां लोगों को तमाम कोशिशों के बाद एक हमसफर नहीं मिलता वहां इस शख्स को बगैर मांगे 111 लड़कियों के मैच मिल गए. सोशल मीडिया पर पोस्ट के वायरल होते ही यूजर्स इस शख्स से टिप्स मांगने लगे हैं.

शख्स को 10 मिनट में डेटिंग ऐप पर मिले 111 मैच

दरअसल, हुआ कुछ यूं कि बेंगलुरु एयरपोर्ट पर अंकित नाम के एक शख्स ने वक्त बिताने के लिए डेटिंग ऐप का सहारा लिया. जहां उसे 10 मिनट के अंदर ही 111 मैच मिल गए. ये दावा शख्स ने अपनी पोस्ट में किया जो उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की है. शख्स ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा…ईमानदारी से कहूं तो 100/घंटा मैच की संख्या काफी उचित है. मेरे 4 छात्र हर रोज 600-700 मैच कर रहे हैं. यहां बताया गया है कि कोई भी शख्स यह कैसे कर सकता है. पहले तो आप स्वाइप न करें. प्रीमियम खरीदें.

केवल उन लोगों पर स्वाइप करें जो आप पर स्वाइप करते हैं. इससे आपके मैच मिलने की संभावना 100% बनी रहती है. इसके अलावा घोड़ों के साथ तस्वीरें अच्छी लगती हैं. कुत्ते अब फैशन से बाहर हो चुके हैं. मैं घुड़सवारी करता हूं, इसलिए इससे मदद मिलती है.

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यूजर्स ने मांगी टिप्स, शख्स ने शेयर की

इसके अलावा शख्स ने कहा कि आमतौर पर जहां हर कोई क्लिक कर रहा हो, वहां क्लिक होना एक बुरा विचार है. अगर आप बेंगलुरु में हैं, तो यूरोप की तस्वीरें काम आती हैं. अगर आप यूरोप में हैं, तो बेंगलुरु की तस्वीरें काम आती हैं. आपका बायो सबसे आखिर में आता है. लेकिन आपका पेशा और कॉलेज पहले आते हैं. वहां रचनात्मक बनें. इसके अलावा भी शख्स ने कई सारे टिप्स लोगों को दे डाले. अब यूजर्स इस पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…क्या बात है भाई, किस्मक वाला है. एक और यूजर ने लिखा…कुछ और टिप्स दे दो भाई नहीं हो रहा है.

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तीसरे मंगलवार को छावा का धमाल, विक्की कौशल की फिल्म बना सकती है ये एक और रिकॉर्ड

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Chhaava Box Office Collection Day 19: विक्की कौशल इन दिनों फिल्म छावा को लेकर चर्चा में हैं. इस फिल्म ने 450 करोड़ से ज्यादा से कमाई कर ली है. फिल्म रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही है. फिल्म के 500 करोड़ क्लब में एंट्री करने को लेकर उम्मीदें हैं. 19वें दिन भी फिल्म के अच्छी कमाई करने की उम्मीदें हैं. आइए जानते हैं फिल्म ने अब तक कितनी कमाई की है. 

19वें दिन छावा का कलेक्शन

Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने 19वें दिन (तीसरे मंगलवार) रात 9 बजे तक 4.72 करोड़ की कमाई कर ली है. छावा के 6-8 करोड़ कमाने की उम्मीदें हैं. अभी तक फिल्म का टोटल कलेक्शन 471.72 करोड़ हो गया है. अगर फिल्म 6-8 करोड़ की कमाई करती है तो ये फिल्म 2025 की तीसरे मंगलवार को सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन जाएगी.

बता दें कि छावा ने पहले दिन 31 करोड़ की कमाई की थी. ओपनिंग के साथ ही छावा ने धमाल मचा दिया था. इसके बाद फिल्म ने दूसरे दिन 37 करोड़ कमाए और तीसरे दिन 48 करोड़ कमाकर धमाल मचा दिया. पहले हफ्ते में फिल्म ने 219.25 करोड़ का कलेक्शन किया था. दूसरे वीक में फिल्म ने 180.25 करोड़ का कलेक्शन किया.


15वें दिन उन्होंने 13 करोड़ का कलेक्शन किया. फिर 16वें दिन भी 22 करोड़ के कलेक्शन के साथ सभी को सरप्राइज किया. 17वें दिन 24.25 करोड़ और 18वें दिन 8.25 करोड़ का कलेक्शन किया.

फिल्म में विक्की कौशल लीड रोल में हैं. विक्की कौशल छत्रपति संभाजी महाराज के रोल में हैं. फिल्म में रश्मिका मंदाना फीमेल लीड रोल में हैं. फिल्म में अक्षय खन्ना ने औरंगजेब का रोल प्ले किया है. वहीं विनीत सिंह, आशुतोष राणा और दिव्या दत्ता जैसे एक्टर्स भी अहम रोल में हैं. फिल्म की स्टोरीलाइन और एक्टर्स की एक्टिंग की खूब तारीफ हो रही है. 

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दिल्ली की लड़की ने बताई अपनी ‘ख्वाहिश’, सोशल मीडिया यूजर्स बोले- बेस्ट बिजनेस आइडिया है बॉस

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दिल्ली की इस लड़की का पोस्ट पढ़कर कुछ ने तो यहां तक कह दिया कि यह तो बेस्ट बिजनेस आइडिया है. आइए आपको पूरे मामले से रूबरू कराते हैं.

दिल्ली की इस लड़की का पोस्ट पढ़कर कुछ ने तो यहां तक कह दिया कि यह तो बेस्ट बिजनेस आइडिया है. आइए आपको पूरे मामले से रूबरू कराते हैं.

दिल्ली की रहने वाली मोनालिका पटनायक बीटेक स्टूडेंट है. उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट किया.

दिल्ली की रहने वाली मोनालिका पटनायक बीटेक स्टूडेंट है. उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट किया.

मोनालिका ने लिखा, 'मेरा ड्रीम जॉब बेंगलुरु में पीजी ओनर बनना है. इसके बाद कुछ करने की जरूरत नहीं. हर महीने के आखिर में किराया वसूलना है और सिक्योरिटी डिपॉजिट किसी भी हाल में नहीं लौटाना है.'

मोनालिका ने लिखा, ‘मेरा ड्रीम जॉब बेंगलुरु में पीजी ओनर बनना है. इसके बाद कुछ करने की जरूरत नहीं. हर महीने के आखिर में किराया वसूलना है और सिक्योरिटी डिपॉजिट किसी भी हाल में नहीं लौटाना है.’

मोनालिका का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है. अब तक साढ़े पांच लाख से ज्यादा लोग इस पोस्ट को देख चुके हैं. वहीं, काफी यूजर्स बेंगलुरु के अपने अनुभव के बारे में बता रहे हैं.

मोनालिका का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है. अब तक साढ़े पांच लाख से ज्यादा लोग इस पोस्ट को देख चुके हैं. वहीं, काफी यूजर्स बेंगलुरु के अपने अनुभव के बारे में बता रहे हैं.

मयंक कुलश्रेष्ठ नाम के एक यूजर ने लिखा कि स्टार्टअप भूल जाओ. भारत में असली यूनिकॉर्न तो बेंगलुरु के पीजी ओनर्स हैं. इस काम में इनवेस्टमेंट जीरो और बेपनाह रिटर्न है. साथ ही, रिफंड का तो सवाल ही नहीं उठता. यह बिजनेस मॉडल बेस्ट है बॉस.

मयंक कुलश्रेष्ठ नाम के एक यूजर ने लिखा कि स्टार्टअप भूल जाओ. भारत में असली यूनिकॉर्न तो बेंगलुरु के पीजी ओनर्स हैं. इस काम में इनवेस्टमेंट जीरो और बेपनाह रिटर्न है. साथ ही, रिफंड का तो सवाल ही नहीं उठता. यह बिजनेस मॉडल बेस्ट है बॉस.

रोमा सुंदर नाम की एक लड़की ने लिखा कि बेंगलुरु में तमाम ऐसे लोग हैं, जो अपना सिक्योरिटी डिपॉजिट कभी वापस नहीं ले पाए. यह तो बेंगलुरु का स्टाइल है. आप सिक्यॉरिटी डिपॉजिट जमा कर दीजिए और उसे वापस लेना भूल जाइए, क्योंकि वह वापस नहीं मिलेगा.

रोमा सुंदर नाम की एक लड़की ने लिखा कि बेंगलुरु में तमाम ऐसे लोग हैं, जो अपना सिक्योरिटी डिपॉजिट कभी वापस नहीं ले पाए. यह तो बेंगलुरु का स्टाइल है. आप सिक्यॉरिटी डिपॉजिट जमा कर दीजिए और उसे वापस लेना भूल जाइए, क्योंकि वह वापस नहीं मिलेगा.

वंशिता नाम की यूजर ने लिखा कि इस पोस्ट ने मुझे मेरा खोया हुआ पैसा याद दिला दिया. तुम्हें ऐसा करने का कोई हक नहीं. वहीं, पल्लवी पांडे नाम की यूजर ने लिखा कि बेंगलुरु में सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस नहीं मिलना हकीकत है.

वंशिता नाम की यूजर ने लिखा कि इस पोस्ट ने मुझे मेरा खोया हुआ पैसा याद दिला दिया. तुम्हें ऐसा करने का कोई हक नहीं. वहीं, पल्लवी पांडे नाम की यूजर ने लिखा कि बेंगलुरु में सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस नहीं मिलना हकीकत है.

Published at : 04 Mar 2025 07:36 PM (IST)

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इंडियन ओवरसीज बैंक में निकली 750 पदों पर भर्ती, ग्रेजुएट्स फटाफट करें अप्लाई

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अगर आप भी बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने की चाह रखते हैं तो ये खबर आपके बेहद काम की है. इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने बंपर अप्रेंटिस पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है. इस भर्ती प्रक्रिया के तहत योग्य उम्मीदवारों को बैंक में अप्रेंटिस के रूप में काम करने का मौका मिलेगा. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 9 मार्च 2025 तक IOB की आधिकारिक वेबसाइट iob.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.

अधिसूचना के अनुसार इस भर्ती अभियान के जरिए बैंक में अप्रेंटिसशिप के कुल 750 पदों पर भर्ती की जाएगी. आइए जानते हैं इस भर्ती के लिए आवेदन करने के लिए जरूरी योग्यता और उम्र क्या है?

योग्यता
इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएट होना जरूरी है.

उम्र सीमा
आवेदन करने वाले उम्मीदवार की उम्र 1 मार्च 2025 के अनुसार 20 से 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए. हालांकि, आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा में नियमानुसार छूट दी जाएगी.

इतना देना होगा आवेदन शुल्क
आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा. इस भर्ती में आवेदन शुल्क सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 944 रुपये है. वहीं, एससी/एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को 708 रुपये और पीएच (दिव्यांग) वर्ग के उम्मीदवारों को 472 रुपये आवेदन शुल्क के रूप में जमा करना होगा.

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चयन प्रक्रिया
इस भर्ती में चयन के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले ऑनलाइन रिटेन टेस्ट से गुजरना होगा. यह परीक्षा बहुविकल्पीय (MCQ) प्रकार की होगी, जिसमें 100 प्रश्न पूछे जाएंगे. परीक्षा के चार मुख्य सेक्शन होंगे. जोकि नीचे बताए गए हैं.  ऑनलाइन टेस्ट में सफल होने के बाद उम्मीदवारों को लोकल लैंग्वेज टेस्ट से गुजरना होगा. इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा.

जनरल/फाइनेंसिंग अवेयरनेस: 25 प्रश्न
जनरल इंग्लिश: 25 प्रश्न
क्वांटिटेटिव एवं रीजनिंग एप्टीट्यूड: 25 प्रश्न
कंप्यूटर या विषय ज्ञान: 25 प्रश्न

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कितना होगा स्टाइपेंड
चयनित उम्मीदवारों को उनके तैनाती स्थान के अनुसार मासिक स्टाइपेंड मिलेगा. मेट्रो ब्रांच में तैनाती होने पर 15,000 रुपये, शहरी (Urban) क्षेत्र में 12,000 रुपये, और सेमी-उर्बन/ग्रामीण (Semi-Urban/Rural) क्षेत्र में 10,000 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा.

ऐसे करें अप्लाई
कैंडिडेट्स सबसे पहले इंडियन ओवरसीज बैंक में अप्रेंटिसशिप भर्ती के लिए इच्छुक उम्मीदवारों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट www.iob.in पर जाना होगा. यहां “Careers” सेक्शन में या फिर वेबसाइट www.bfsissc.com के “Career Opportunities” सेक्शन में जाकर ऑनलाइन आवेदन करें. आवेदन से जुड़ी डिटेल्स दर्ज करें. साथ ही निर्धारित शुल्क जमा कर दें. फॉर्म सबमिट कर उसका प्रिंट निकाल लें.  

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Education Loan Information:
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बेरोजगारी, महंगाई और टैक्स... ट्रंप के टैरिफ प्लान से अमेरिकियों को भुगतना पड़ेगा बड़ा खामियाजा, एक्सर्ट्स ने दी चेतावनी

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गांव, गाय और क्रांति से खड़ी हुई ये कंपनी, आज हर घर में सुबह-सुबह पहुंच जाता है इसका प्रोडक्ट

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Amul Success Story: भारत में दूध और डेयरी उत्पादों का नाम आते ही सबसे पहले जो ब्रांड दिमाग में आता है, वह है AMUL. यह न सिर्फ एक ब्रांड है, बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता और सहकारिता की एक मिसाल है. AMUL, जिसका पूरा नाम ‘आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड’ है, ने न सिर्फ भारत को ‘दूध की कमी’ वाले देश से ‘दूध का सबसे बड़ा उत्पादक’ बनने की राह दिखाई, बल्कि लाखों किसानों की जिंदगी भी बदल दी. यह कहानी है AMUL की सफलता की, जो आज दुनिया भर में एक मॉडल के तौर पर पहचानी जाती है.

एक सपना और संघर्ष

AMUL की नींव 1946 में रखी गई थी, जब गुजरात के खेड़ा जिले के किसानों ने अन्यायपूर्ण व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई. उस समय ब्रिटिश शासन और बड़े डेयरी व्यवसायियों के चंगुल में फंसे किसानों को दूध के लिए उचित दाम नहीं मिलते थे. इस स्थिति से तंग आकर सरदार वल्लभभाई पटेल और मोरारजी देसाई के नेतृत्व में किसानों ने एक सहकारी समिति बनाई, जिसका नाम रखा गया ‘खेड़ा डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड’. इसी संगठन ने आगे चलकर AMUL का रूप लिया.

डॉ. वर्गीज कुरियन, जिन्हें ‘भारत की श्वेत क्रांति के जनक’ के रूप में जाना जाता है, ने इस आंदोलन को नई दिशा दी. उनके नेतृत्व में AMUL ने न सिर्फ किसानों को उचित दाम दिलाए, बल्कि दूध के उत्पादन और वितरण में भी क्रांति ला दी.

दूध क्रांति की शुरुआत

1970 में शुरू हुए ‘ऑपरेशन फ्लड’ ने AMUL की सफलता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया. यह दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी विकास कार्यक्रम था, जिसका उद्देश्य भारत को दूध के मामले में आत्मनिर्भर बनाना था. इस कार्यक्रम के तहत AMUL ने गांव-गांव में डेयरी सहकारी समितियों का नेटवर्क बनाया. किसानों को प्रशिक्षण दिया गया, दूध की गुणवत्ता सुधारने के लिए तकनीकी सहायता मुहैया कराई गई और एक कुशल आपूर्ति श्रृंखला विकसित की गई.

ऑपरेशन फ्लड की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 1970 में भारत दूध की कमी वाला देश था, लेकिन 1998 तक यह दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बन गया. AMUL ने इस क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाई.

AMUL का बिजनेस मॉडल

AMUL की सफलता का राज इसके अनूठे बिजनेस मॉडल में छुपा है. यह मॉडल ‘सहकारी समितियों’ पर आधारित है, जिसमें किसान सीधे तौर पर जुड़े होते हैं. AMUL के पास आज 36 लाख से ज्यादा किसान सदस्य हैं, जो हर रोज करोड़ों लीटर दूध का उत्पादन करते हैं.

इस मॉडल की खास बात यह है कि इसमें किसानों को दूध का उचित दाम मिलता है और वे उत्पादन से लेकर मार्केटिंग तक की पूरी प्रक्रिया में शामिल होते हैं. AMUL ने डेयरी उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला विकसित की है, जिसमें दूध, दही, मक्खन, पनीर, आइसक्रीम और चॉकलेट जैसे उत्पाद शामिल हैं.

‘द टेस्ट ऑफ इंडिया’

AMUL ने न सिर्फ उत्पादन में, बल्कि ब्रांडिंग और मार्केटिंग में भी नए मानदंड स्थापित किए हैं. AMUL का मशहूर नारा ‘उत्तम दूध, उत्तम स्वास्थ्य’ और ‘द टेस्ट ऑफ इंडिया’ ने इसे घर-घर में पहचान दिलाई. AMUL की मास्कट ‘अमुल गर्ल’ और उसके विज्ञापनों ने भारतीय जनमानस पर गहरी छाप छोड़ी है.

वैश्विक पहचान और भविष्य

आज AMUL न सिर्फ भारत, बल्कि दुनिया भर में एक विश्वसनीय ब्रांड है. इसने निर्यात के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है. AMUL की सफलता ने साबित किया है कि सहकारिता और सामूहिक प्रयास से किसानों की जिंदगी बदली जा सकती है. भविष्य में AMUL नई तकनीकों और इनोवेशन के जरिए अपने उत्पादों को और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और ई-कॉमर्स के जरिए AMUL ने अपनी पहुंच को और व्यापक बनाया है.

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बेरोजगारी, महंगाई… ट्रंप के टैरिफ प्लान को लेकर एक्सपर्ट्स ने अमेरिकियों को क्या चेतावनी दी

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ प्लान ने दुनियाभर में तो ट्रेड वॉर जैसी स्थिति पैदा कर ही दी है, लेकिन इसका खामियाजा अमेरिकियों को भी भुगतना पड़ेगा. एक्सपर्ट्स ने अमेरिका और जवाब में दूसरे देशों की ओर से लगाए जा रहे टैक्स को देखते हुए अनुमान जताया है कि इससे बेरोजगारी बढ़ेगी और महंगाई की भी मार अमेरिकियों को झेलनी पड़ेगी. अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि ट्रंप की व्यापार नीतियों से कीमतें बढ़ेंगी, प्रोडक्शन कम होगा, आपूर्ति बाधित होगी और आर्थिक अस्थिरता आएगी.

सोमवार (3 मार्च, 2025) को अमेरिकी सरकार के टैरिफ ऐलान से पहले ही एक दस्तावेज में चिंता जताई गई थी कि टैरिफ बढ़ाए जाने से प्रोडक्सन पर असर पड़ेगा. उसमें तर्क दिया गया कि अगर ट्रंप ने कनाडा और मेक्सिको के लिए टैरिफ बढ़ाया तो सामानों के फैक्ट्री गेट प्राइस में बढ़ोतरी होगी, जिसकी वजह से प्रोडक्शन पर असर पड़ेगा. फैक्ट्री गेट प्राइस किसी सामान की टैक्स लगाए जाने से पहले की कीमत होती है. 

ट्रंप के टैरिफ प्लान से बढ़ेगी बेरोजगारी
कनेडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के सीईओ कैंडेस लेइंग ने कहा कि ट्रंप का यह फैसला अमेरिका और कनाडा को मंदी, बेरोजगारी और आर्थिक आपदा की ओर मजबूर कर रहा है. उन्होंने कहा कि ट्रंप जो टैरिफ लगा रहे हैं, वो अमेरिकियों के लिए टैक्स है. कैंडेस ने कहा कि ट्रंप अमेरिका के स्वर्ण युग की शुरुआत की बातें कर रहे हैं, लेकिन उनके ये फैसले उपभोक्ताओं और उत्पादकों के लिए लागत बढ़ाएंगे, जिसकी वजह से प्रोडक्शन और आपूर्ति श्रंखला बाधित होगी.  

अमेरिकियों का बढ़ेगा बोझ
ट्रंप के टैरिफ प्लान से ग्रोसरी मार्केट बड़े स्तर पर प्रभावित होगा. खाद्य मुद्रास्फिती (Food Inflation) पहले से ही अमेरिकियों के लिए चिंता का विषय है. अमेरिका मेक्सिको से बड़े लेवल पर सब्जियां, फल और फ्रोजन जूस खरीदता है. 2023 में अमेरिका ने 10 अरब डॉलर की सब्जियां और 11 अरब डॉलर के फल और जूस खरीदे थे. अब नए टैरिफ लगने से अमेरिकियों का घर खर्च बढ़ेगा. इसके अलावा, मेक्सिको से आने वाले एवेकेडो, बीयर, टकीला और खाद्य सामानों की कमीतों में वृद्धि का बोझ भी अमेरिकियों पर पड़ेगा.

अमेरिका में इस्तेमाल किए जाने वाले आधे से ज्यादा ऑटोमोटिव व्हीकल्स, पार्ट्स और इंजन मेक्सिको और कनाडा में बनते हैं. ट्रंप के ऐलान से ऑटोमोटिव सेक्टर भी प्रभावित होगा.

ट्रंप के ऐलान से शेयर मार्केट को लगा झटका
टैरिफ की खबरों का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला. शेयर मार्केट जबरदस्त तरीके से नीचे गया, जबकि सेफ-हेवन बॉन्ड्स में बढ़ोतरी देखी गई. सोमवार को यूएस वॉल स्ट्रीट का मुख्य स्टोक इंडेक्स नीचे गिर गया और देर रात काफी कम पर बंद हुआ. एस एंड पी 500 1.75 फीसदी की गिरवट के साथ 5,850.31 पॉइंट्स पर बंद हुआ, जबकि नसदाक कोम्पोसाइट (Nasdaq Composite) 2.64 पर्सेंट की गिरावट के साथ 18,350 पर आ गया. डोउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 1.47 पर्सेंट की गिरावट के साथ 43,197.30 पर बंद हुआ.

चीन, कनाडा और मेक्सिको ने भी अमेरिकी इंपोर्ट पर लगाए टैरिफ
चीन, कनाडा और मेक्सिको पर अमेरिका ने ट्रैरिफ लगाया, जिसके बाद इन देशों ने भी अमेरिकी इंपोर्ट पर जवाब में टैरिफ लगा दिए. चीन पर अमेरिका ने 20 फीसदी का टैरिफ लगाया है, जिसके बाद चीन ने अमेरिकी इंपोर्ट पर 10 से 15 फीसदी तक के अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. उधर, कनाडा और मेक्सिको को एक महीने की मोहलत देने के बाद 3 मार्च से ट्रंप प्रशासन ने 25 पर्सेंट का टैरिफ लगा दिया. कनाडाई एनर्जी प्रोडक्ट्स पर 10 फीसदी एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया गया है. कनाडा ने भी अमेरिकी सामानों पर 25 पर्सेंट का टैरिफ लगाया है

 

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अब Netflix की तरह काम करेगी YouTube, होने जा रहा बड़ा बदलाव, कंपनी ने बनाया यह प्लान

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वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म YouTube में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि कंपनी अब सब्सक्रिप्शन-बेस्ड कंटेट की तरफ ज्यादा ध्यान लगाएगी. नेटफ्लिक्स और अमेजन की तरह यहां भी थर्ड-पार्टी कंटेट इंटीग्रेट किया जा सकता है. दरअसल, YouTube विज्ञापनों के अलावा अन्य तरीकों से भी पैसा कमाने के रास्ते खोज रही है. इसके चलते पूरे प्लेटफॉर्म के लेआउट को भी रीडिजाइन करने की योजना बनाई जा रही है. आइए जानते हैं कि इस बारे में और क्या-क्या जानकारी सामने आई है.

कैसा होगा रीडिजाइन्ड प्लेटफॉर्म?

रिपोर्ट्स के अनुसार, YouTube ऐप का लेआउट दोबारा डिजाइन किया जाएगा और इस बारे इसे नेटफ्लिक्स या डिज्नी प्लस जैसा लुक दिया जा सकता है. इसमें शोज को एक अलग जगह पर दिखाया जाएगा. इसी तरह पेड सब्सक्रिप्शन सर्विसेस के लिए अलग से सेक्शन दिया जा सकता है. क्रिएटर्स के लिए इस नए डिजाइन में काफी कुछ होगा. क्रिएटर्स को अपने शोज के एपिसोड्स और सीजन दिखाने के लिए डेडिकेटेड शो पेज मिलेंगे, जो अभी तक उपलब्ध नहीं है. इसकी मदद से व्यूअर्स के लिए अपने मनपसंद क्रिएटर्स के शोज देखना आसान हो जाएगा.

YouTube से ही कई सर्विसेस के लिए किया जा सकेगा साइन-अप

अमेजन अभी अपनी ऐप पर कई स्ट्रीमिंग सर्विसेस के सब्सक्रिप्शन ऑफर करती है. इसी तरह YouTube पर भी कई सर्विसेस में लॉग-इन की सुविधा मिलेगी. यूजर्स बिना YouTube से बाहर आए इनकी सर्विसेस को सब्सक्राइब कर सकेंगे. रिपोर्ट्स के अनुसार, नया डिजाइन पेड सर्विसेस के साथ-साथ क्रिएटर्स के शोज को डिस्कवरी को आसान बनाने का काम करेगा. इसकी टाइमलाइन अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि अगले कुछ महीनों में यूजर्स को YouTube का एक नया रूप देखने को मिलेगा.

विज्ञापन दिखाने का तरीका भी बदलेगी YouTube

यूट्यूब ने कहा है कि 12 मई से वीडियो के नैचुरल ब्रेकप्वाइंट पर विज्ञापन नजर आएंगे. इसका मतलब है कि अभी जैसे वीडियो के बीच में कहीं भी विज्ञापन चलना शुरू हो जाते हैं. इसे बदलकर अब कंपनी किसी सीन या डायलॉग के बीच विज्ञापन नहीं दिखाएगी. अब ये विज्ञापन किसी सीन के ट्रांजिशन पर पॉज पर प्लेस किए जाएंगे. इससे वीडियो देखने का अनुभव बेहतर होगा और क्रिएटर्स की कमाई भी बढ़ेगी.

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