राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता और साइंटिस्ट इस सेंट्रल यूनिवर्सिटी से हैं पढ़े, ये है एडमिशन प्रोसेस

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<p>केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम 2009 के तहत स्थापित, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ गुजरात (CUG) ने अपने 16 सालों के सफर में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. 2009 में अपनी यात्रा शुरू करने वाले इस विश्वविद्यालय ने शुरुआत में छोटे पैमाने पर कार्य किया, लेकिन आज यह गुजरात का एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान बन चुका है.&nbsp;विश्वविद्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य था उच्च शिक्षा को अधिक समावेशी और पहुंच योग्य बनाना. शुरुआत में सेक्टर 29, गांधीनगर में अस्थायी परिसर से शुरू हुआ यह विश्वविद्यालय, अब शाहपुर में अपने स्थायी परिसर में विकसित हो रहा है.</p>
<p><strong>प्रवेश प्रक्रिया: योग्य छात्रों के लिए अवसर</strong></p>
<p>CUG में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और योग्यता आधारित है. स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए छात्रों को CUET-PG (सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट फॉर पोस्ट ग्रेजुएट) परीक्षा पास करना आवश्यक है. वहीं, पीएचडी प्रोग्राम के लिए UGC-NET या CSIR-NET के साथ-साथ विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इंटरव्यू में पास होना जरूरी है.</p>
<p><strong>यूनिवर्सिटी में ये हैं कोर्स और फीस स्ट्रक्चर</strong></p>
<p>वर्तमान में CUG में कई स्कूल और केंद्र हैं जो विभिन्न विषयों में स्नातकोत्तर और शोध पाठ्यक्रम कर रहे हैं:</p>
<p>- स्कूल ऑफ केमिकल साइंसेज<br />- स्कूल ऑफ एनवायरनमेंटल साइंसेज<br />- स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज<br />- स्कूल ऑफ लैंग्वेज, लिटरेचर एंड कल्चर स्टडीज<br />- स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज<br />- स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज<br />- स्कूल ऑफ लाइब्रेरी एंड इनफॉर्मेशन साइंस</p>
<p>स्नातक स्तर पर BA, BA (Hons.) Research &nbsp;की वार्षिक फीस लगभग 7,500 से 10,000 रुपये के बीच है, मास्टर्स स्तर पर MA, M.Sc, M.Ed, M.Phil की फीस 8 हज़ार से 14 हजार जबकि पीएचडी प्रोग्राम के लिए शुल्क प्रति वर्ष लगभग 8,000 से 12,000 रुपये है. यह शुल्क अन्य निजी विश्वविद्यालयों की तुलना में काफी कम है, जिससे अधिक से अधिक छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं.</p>
<p><strong>प्रसिद्ध पूर्व छात्र और उनकी उपलब्धियां:&nbsp;</strong></p>
<p>CUG के कई पूर्व छात्रों ने अपने-अपने क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. कुछ प्रमुख नाम हैं:</p>
<p>- डॉ. प्रणव पटेल, जिन्होंने पर्यावरण विज्ञान के क्षेत्र में अपने शोध के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जीता.<br />- सुश्री अंजलि मेहता, जो अब ISRO में वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत हैं.<br />- डॉ. राजेश शर्मा, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर अपने काम के लिए ख्याति प्राप्त की है और अब दिल्ली के एक प्रमुख थिंक टैंक में कार्यरत हैं.<br />- सुश्री नीलम सिंह, जो अब एक प्रसिद्ध समाजसेवी हैं और गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार के लिए काम कर रही हैं.<br />&nbsp;भविष्य की योजनाएं</p>
<p style="text-align: justify;"><iframe title="YouTube video player" src=" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen" data-mce-fragment="1"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:&nbsp;<a title="Success Story: दो बार फेल हुईं, बीमारी से लड़ी लेकिन हिम्मत नहीं हारी, AIR 94 लाकर बनीं IFS ऑफिसर" href=" target="_blank" rel="noopener">Success Story: दो बार फेल हुईं, बीमारी से लड़ी लेकिन हिम्मत नहीं हारी, AIR 94 लाकर बनीं IFS ऑफिसर</a></strong></p>

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कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती में किसे मिलेगा मौका? भारतीय प्लेइंग 11 में होंगे 4 स्पिनर्स!

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Varun Chakaravarthy vs Kuldeep Yadav: चैंपियंस ट्रॉफी में भारत और न्यूजीलैंड की टीमें अपना आखिरी ग्रुप-स्टेज मैच खेलेगी. इससे पहले भारत ने बांग्लादेश और पाकिस्तान को हराया. रोहित शर्मा की अगुवाई वाली भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है. लिहाजा, न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत बिना किसी दबाव के उतरेगा. ऐसा कहा जा रहा है कि भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा पूरी तरह फिट नहीं हैं. रोहित शर्मा की जगह प्लेइंग इलेवन में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को मौका मिल सकता है. इसके अलावा भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में क्या-क्या बदलाव संभव है?

भारत के पास विकल्प क्या-क्या हैं?

ऐसा माना जा रहा है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ वरुण चक्रवर्ती को मौका मिल सकता है, लेकिन सवाल है कि अगर भारतीय प्लेइंग इलेवन में वरुण चक्रवर्ती को शामिल किया जाता है तो किसे बाहर बैठना होगा? क्या कुलदीप यादव की जगह वरुण चक्रवर्ती को मौका मिलेगा? या फिर अक्षर पटेल या रवींद्र जडेजा की जगह वरुण चक्रवर्ती प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होंगे? अब सवाल है कि वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव में ज्यादा असरदार कौन है? दरअसल, कुलदीप यादव की स्टॉक बॉल राइड हैडेंड बैट्समैन के लिए बड़ी चुनौती बनती है. जबकि वरुण चक्रवर्ती लेफ्ट हैंडेड बैट्समैन के लिए ज्यादा घातक साबित होते हैं.

वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव में कौन कितना असरदार?

इसके अलावा वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव की गेंदबाजी में सबसे बड़ा अंतर स्पीड का है. दरअसल, कुलदीप यादव धीमी और हवा में गेंद को फ्लाइट देना पसंद करते हैं. वहीं, वरुण चक्रवर्ती को विकेट टू विकेट और थोड़ी तेज गेंद पसंद है. साथ ही दोनों गेंदबाज आसानी से गूगली डालने के लिए जाने जाते हैं. बहरहाल, अब देखना मजेदार होगा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय प्लेइंग 11 में किसे मौका मिलता है? ऐसा माना जा रहा है कि भारतीय टीम अपनी प्लेइंग 11 में 4 स्पिनरों के साथ उतर सकती है. अगर ऐसा हुआ तो वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल खेलते नजर आएंगे.

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ट्रंप के साथ बहस से जेलेंस्की को हुआ फायदा! यूक्रेन की जनता अपने नेता के लिए हुई एकजुट

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Ukrainians Support President Zelensky: रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के बीच ओवल ऑफिस में तीखी बहस हुई. हालांकि, मामले के बाद यूक्रेन के नागरिकों ने ज़ेलेंस्की के साथ एकजुटता दिखाई, भले ही दुनिया के कुछ सबसे शक्तिशाली नेताओं ने उनकी आलोचना की हो.

एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, ज़ेलेंस्की के साथ खड़े होने वाले यूक्रेनी नागरिकों ने उनके साहस की सराहना की है. कीव में एक 67 वर्षीय रिटायर महिला नतालिया सेरहिएंको ने कहा, “ज़ेलेंस्की शेर की तरह लड़े, और उन्होंने अपने देश के हितों की रक्षा की.” यूक्रेन में यह भावना व्यापक रूप से महसूस की जा रही है. खासकर तब जब ट्रंप और वेंस ने ज़ेलेंस्की को उनके तरफ से दिए गए मदद के लिए आभारी न होने का आरोप लगाया.

ट्रंप-जेलेंस्की टकराव की पृष्ठभूमि
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शुक्रवार (28 फरवरी) को खुले तौर पर यूक्रेनी नेता को फटकार लगाई और आरोप लगाया कि ज़ेलेंस्की “शांति के लिए तैयार नहीं” हैं. इसके अलावा, जेलेंस्की पर अमेरिका का अपमान करने का भी आरोप लगाया गया. यह बैठक खनिज सौदे के समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए निर्धारित थी, लेकिन वह समझौता अधर में लटक गया.

यूक्रेनी एकता और जेलेंस्की की समर्थन लहर
यूक्रेनियन राष्ट्रपति जेलेंस्की का समर्थन करते हुए यूक्रेनी सोशल मीडिया और सार्वजनिक जीवन में जबरदस्त प्रतिक्रिया दी है. कीव में 43 वर्षीय विटालिना तारासोवा ने कहा, “ट्रंप और वेंस का व्यवहार युद्ध में मारे गए लोग और उनके परिवारों का अपमान था.” एक अन्य 30 वर्षीय एंड्री यूक्रेनी नागरिक ने बीबीसी से कहा, “वे यूक्रेन के लोगों का सम्मान नहीं करते,” जबकि 26 वर्षीय दिमित्रो का मानना है, “ऐसा लगता है जैसे वाशिंगटन रूस का समर्थन कर रहा है!”

राष्ट्रपति जेलेंस्की की लोकप्रियता
रूसी आक्रमण से पहले जेलेंस्की की ट्रस्ट रेटिंग 37 फीसदी थी, लेकिन युद्ध के बाद यह 90 फीसदी तक पहुंच गई. जेलेंस्की की तीखी आलोचना के बावजूद, उनके पक्ष में समर्थन में वृद्धि देखी गई है, यहां तक कि उनके विरोधी भी उनके चारों ओर इकट्ठा हो रहे हैं.

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मॉर्गन स्टैनली ने कहा, भारत में इकोनॉमिक ग्रोथ पकड़ रही रफ्तार, RBI की नीति से मिल रहा सपोर्ट

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India GDP Growth: वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट के 6.2 फीसदी रहने के बाद मॉर्गन स्टैनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दिसंबर तिमाही का जीडीपी आंकड़ा हमारे नजरिए को सही सिद्ध करता है और ये दिखाता है कि भारत में इकोनॉमिक ग्रोथ वापस से तेज हो रही है. 

मॉर्गन स्टैनली ने कहा कैपिटल एक्सपेंडिचर और खपत को बढ़ावा देने वाली मॉनिटरी पॉलिसी  और कम होती ब्याज दरों, बढ़ती लिक्विडिटी एवं रेगुलेशन में ढील देने के कारण मौद्रिक नीति में आई नरमी से भारत की विकास दर को रफ्तार मिल रही है. ग्लोबल फाइनेंशियल फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सर्विस निर्यात में तेजी आना जॉब मार्केट के लिए सकारात्मक संकेत है. इससे विकास दर को बढ़ाने में मदद मिल रही है.

रिपोर्ट में बताया गया कि दिसंबर तिमाही का जीडीपी आंकड़ा हमारे नजरिए को सही सिद्ध करता है और दिखाता है कि ग्रोथ वापस से तेज हो रही है. जनवरी और फरवरी के हाई फ्रीक्वेंसी इंडीकेटर्स मिलाजुला संकेत देते हैं. यह दिखाता है कि धीरे-धीरे रिकवरी हो रही है. एडवांस एस्टीमेंट्स के मुताबिक, मार्च तिमाही की अनुमानित वृद्धि 7.6 प्रतिशत है, लेकिन हमारा मानना ​​है कि वृद्धि संभवतः 6.7 प्रतिशत से कम रहेगी. रिपोर्ट में अनुमान जताया गया कि वृद्धि दर वित्त वर्ष 25 में 6.3 प्रतिशत पर रह सकती है.

रिपोर्ट में कहा गया कि वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही के लिए, आंतरिक आंकड़े बताते हैं कि सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि मुख्य रूप से निजी खपत और सरकारी खपत (सरकारी खर्च में वृद्धि) दोनों में मजबूती के कारण हुई. इस दौरान निजी खपत में सालाना आधार पर 6.9 प्रतिशत का इजाफा देखा गया. वहीं, सरकारी खपत में सालाना आधार पर 8.3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो कि पिछली पांच तिमाही की उच्चतम वृद्धि दर है. 

रिपोर्ट में बताया गया कि इंडस्ट्री में अक्टूबर से दिसंबर की अवधि में विनिर्माण गतिविधि और बिजली, गैस और खपत में वृद्धि हुई, जबकि निर्माण गतिविधि की गति पिछली तिमाही की तुलना में धीमी रही. सर्विस सेक्टर में वृद्धि का नेतृत्व व्यापार, होटल, परिवहन और संचार सेवाओं ने किया, जिसे हॉलिडे सीजन से सपोर्ट मिला; जबकि अन्य की स्थिति पिछली तिमाही समान ही थी. 

 

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जब प्रेमानंद महाराज के पास इंसानी शक्ल में आया दूत? महाराज ने खुद बताया कब होगी उनकी मृत्यु?

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Trending Video: प्रेमानंद महाराज को तो आप सभी जानते होंगे. आए दिन उनके वीडियो सोशल मीडिया पर छाए रहते हैं, जहां राजनेता से लेकर सुप्रीम कोर्ट के वकील और बॉलीवुड की हस्तियों का आना जाना लगा रहता है. सनातन धर्म और इंसानियत का प्रचार करते हुए प्रेमानंद महाराज आए दिन चर्चा में बने रहते हैं. हाल ही में प्रेमानंद महाराज ने बड़ा चौंकाने वाला किस्सा बताया, जिसमें वो अपनी मौत को लेकर बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं. महाराज ने बताया कि एक अलौकिक साधु कैसे उनके पास आकर उनकी मौत की भविष्यवाणी करके गए. यह बात उन्होंने अपने दरबार में आए बॉलीवुड अभिनेता आशुतोष राणा को बताई.

प्रेमानंद महाराज ने बताया, कब होगी उनकी मृत्यु?

दरअसल, हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता आशुतोष राणा प्रेमानंद महाराज के दरबार में आशीर्वाद लेने पहुंचे थे, जहां बाबा के स्वास्थ्य को लेकर चर्चा हो रही थी. इतने में आशुतोष राणा ने बाबा को कह दिया कि अभी तो आप 80-85 साल की उम्र पाएंगे, जिसके बाद प्रेमानंद महाराज ने एक साधु की भविष्यवाणी को बताते हुए कहा कि “एक दिन वह श्रीजी के लिए जाप कर रहे थे, तभी उनके पास एक साधु आए, वह कौन थे, अलौकिक थे मालूम नहीं”, लेकिन उन्होंने मुझसे भेंट करते हुए कहा कि ‘ऐ, महाराज, क्यों परेशान दिख रहे हो? जिसके बाद महाराज ने उन्हें बताया कि उनकी दोनों किडनियां खराब हैं. जिसके बाद वो साधु महात्मा प्रेमानंद महाराज को कहकर गए कि तुम 80-85 वर्ष तक जिंदा रहोगे’.

20 साल से दोनो किडनियां हैं खराब!

अब प्रेमानंद महाराज की मृत्यु की भविष्यवाणी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. आपको बता दें कि प्रेमानंद महाराज का दावा है कि उनकी दोनों किडनियां खराब हैं और उनका रोज डायलिसिस किया जाता है. बावजूद इसके वो जिंदा हैं और उनकी किडनी खराब हुए 20 साल से ज्यादा का वक्त बीत गया है. अब सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.

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यूजर्स ने दिए रिएक्शन

वीडियो को सोशल मीडिया पर अलग अलग प्लेटफॉर्म से शेयर किया गया है जिसे अब तक कई लोगों ने देखा है. ऐसे में अब यूजर्स बाबा को लेकर तरह तरह के रिएक्शन भी दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…महाराज आप खूब लंबी उम्र जियो, हम यही चाहते हैं. एक और यूजर ने लिखा…प्रेमानंद महाराज सच्चे संत हैं. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…दो शानदार व्यक्ति एक दूसरे से बात करते हुए काफी अच्छे लग रहे हैं.

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जंक फूड का आपके दिमाग पर होता ये असर, जानकर हैरान रह जाएंगे आप

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Junk Food For Brain : क्या आप भी जंकफूड यानी बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइच खाकर अपनी भूक मिटा रहे हैं. अगर हां तो सावधान हो जाएं. क्योंकि हाल ही में एक स्टडी से बताया गया है कि इन चीजों को खाने से ब्रेन फंक्शन और बिहैवियर पर गंभीर असर होता है. इससे दिमाग प्रभावित हो सकता है. जंक फूड को लेकर पहले ही आगाह किया जा चुका है.

WHO के अनुसार, दुनिया में सबसे अधिक मौतें हार्ट डिजीज की वजह से हो रही हैं, जिसका एक कारण जंकफूड भी है. अमेरिकी अल्जाइमर्स एसोसिएशन की इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में पेश एक रिसर्च में बताया गया कि ज्यादा अल्ट्रा प्रॉसेस्ड फूड यानी जंक फूड खाने वालों में गंभीर डिमेंशिया का खतरा है.यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें याददाश्त, भाषा, रीजनिंग पॉवर और सोचने की क्षमता खत्म होने लगती है. ऐसे में आइए जानते हैं जंकफूड खाने से दिमाग पर क्या-क्या असर हो सकता है.

जंकफूड खाने का दिमाग पर असर

1. मेमोरी और डिसीजन मेकिंग खराब हो सकता है

जंकफूड (Junk Food Side Effects) हमारे दिल के लिए खतरनाक है. इसका दिमाग पर ही उतना ही नुकसान होता है. इसमें मौजूद ट्रांस फैट और शुगर से मेमोरी पॉवर और फैसले लेने की क्षमता को बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं. लंबे समय तक इसका सेवन डिमेंशिया जैसी खतरनाक बीमारी का कारण भी बन सकता है.

2. ब्रेन की बनावट बिगड़ सकती है

हाई कैलोरी जंकफूड ब्रेन की बनावट पर निगेटिव असर डालते हैं. इसमें पाए जाने वाले हाई फैट और शुगर ब्रेन के हिप्पोकैम्पस एरिया को प्रभावित करते हैं. यह ब्रेन का वह हिस्सा होता है, जो मेमोरी और सीखने के लिए जरूरी होता है. ज्यादा जंकफूड हिप्पोकैम्पस के न्यूरॉन्स को नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं.

3. न्यूरोट्रांसमीटर का बिगड़ सकता है संतुलन

जंक फूड खाने से ब्रेन में न्यूरोट्रांसमीटर का असंतुलन हो सकता है. ये ववे केमिकल होते हैं, जो दिमाग के अलग-अलग हिस्सों में संदेश भेजने का काम करते हैं. हाई कैलोरी जंक फूड से डोपामाइन का लेवल भी बढ़ जाता है, जो इंसान के मूड से जुड़ा है. डोपामाइन किसी चीज की लत लगा सकता है. इससे जंकफूड ज्यादा खाने का मन करता है.

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4. मेंटल हेल्थ प्रभावित हो सकता है

हाई कैलोरी जंक फूड खाने से मेंटल हेल्थ बुरी तरह प्रभावित हो सकता है. इससे जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है. जिसकी वजह से डिप्रेशन, स्ट्रेस और एंग्जाइटी बढ़ सकती है. ट्रांस फैट और शुगर की ज्यादा मात्रा ब्रेन में सूजन का कारण भी बन सकती है.

5. बदल सकता है व्यवहार

हाई कैलोरी जंक फूड खाने से बिहैवियर भी बदल सकता है. इससे स्वभाव में चिड़चिड़ापन, आलस, जिंदगी से उबन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. जंकफूड गुस्सैल और आक्रामक भी बना सकता है. इसमें पाए जाने वाले केमिकल्स का असर ब्रेन को उन हिस्सों पर पड़ता है, जो इमोशंस और बिहैवियर को कंट्रोल करते हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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बिना कोचिंग पास किया UPSC, IAS छोड़ IPS को दिया पहला प्रेफरेंस, सोशल मीडिया पर हैं लाखों फॉलोअर

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UPSC परीक्षा पास करना एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती है, जो दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है. इस परीक्षा के लिए सिर्फ बुद्धि नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती, कठिन परिश्रम और धैर्य की भी आवश्यकता होती है. कई उम्मीदवार इस परीक्षा की तैयारी में सालों लगा देते हैं, फिर भी सफलता की गारंटी नहीं होती. हम आपके लिए एक खास सीरीज ‘सक्सेस मंत्रा’ लेकर आए हैं, जिसमें आज हम आपको बताएंगे IPS अधिकारी आशना चौधरी की. इनकी कहानी आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय की सशक्त मिसाल है. उत्तर प्रदेश के छोटे से शहर हापुड़ ज़िले में स्थित पिलखुआ से आशना का IPS अधिकारी बनने तक का सफर प्रेरणादायक है. 

दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज से की पढ़ाई

UPSC की अपनी पहली दो कोशिशों में असफल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. इन असफलताओं को उन्होंने सीखने और खुद को सुधारने के अवसर के रूप में लिया. आशना की शैक्षिक यात्रा भी शानदार रही. उन्होंने अपनी 12वीं की परीक्षा में 96.5% अंक प्राप्त किए और दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से इंग्लिश लिटरेचर में स्नातक की डिग्री हासिल की. इसके बाद, उन्होंने साउथ एशियन यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशंस में मास्टर डिग्री की और साथ ही एक NGO में काम किया, जो वंचित बच्चों की मदद करता था.

तीसरे अटेम्प्ट में पास किया UPSC

2019 में, अपने परिवार से प्रेरित होकर आशना ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की. पहले दो प्रयासों में असफल होने के बाद भी उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी रणनीति में बदलाव किया और और भी कड़ी मेहनत की. उन्होंने अपनी गलतियों का विश्लेषण किया, तैयारी की विधि को सुधारा, और मॉक टेस्ट के साथ रिवीजन किया. 

अच्छी रैंक आने के बाद भी IAS छोड़ IPS को चुना 

आखिरकार, 2022 में अपने तीसरे प्रयास में आशना ने UPSC परीक्षा पास की और ऑल इंडिया रैंक 116 हासिल की. वह चाहतीं तो आईएएस को प्रेफरेंस में भर सकती थीं लेकिन उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) को पहले प्रेफरेंस दिया. उन्होंने यह सफलता बिना कोचिंग के, केवल आत्म-अध्यान और रणनीतिक तैयारी के जरिए हासिल की. उनकी सफलता यह साबित करती है कि मेहनत, सही दिशा और निरंतर प्रयास से बड़ी से बड़ी बाधाओं को पार किया जा सकता है.

सोशल मीडिया पर नहीं हैं किसी सेलिब्रिटी से कम 

आशना सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं और Instagram पर 2.75 लाख फॉलोअर्स के साथ अपने अनुभव और सलाह साझा करती हैं. वह aspirants को यह संदेश देती हैं कि “असफलता अंत नहीं, सफलता की ओर एक कदम है.” उनकी कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह हमें यह भी सिखाती है कि कभी भी अपने सपनों को छोड़ना नहीं चाहिए और हमेशा सुधार के लिए प्रयास करते रहना चाहिए.

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WPL 2025: RCB की एक और हार, दिल्ली कैपिटल्स ने बुरी तरह रौंदा; Shafali Verma और Jonassen चमकीं

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WPL 2025: विमेंस प्रीमियर लीग के 14वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को एकतरफा मुकाबले में हराया. आरसीबी द्वारा मिले 148 के लक्ष्य का पीछा करते हुए सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा (Shafali Verma) ने ताबड़तोड़ 80 रनों की पारी खेली. उनके साथ जेस जोनासन (Jess Jonassen) ने भी 61 रनों की तेज तर्रार पारी खेली. लक्ष्य को दिल्ली ने 27 गेंद शेष रहते हासिल कर 9 विकेट से बड़ी जीत दर्ज की. इस जीत के साथ दिल्ली कैपिटल्स ने डब्ल्यूपीएल 2025 के प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली है.

दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत अच्छी नहीं हुई थी. टीम की कप्तान मैग लैनिंग 2 रन बनाकर रेणुका सिंह की गेंद पर कैच आउट हुई थी. एलिस पेरी ने कमाल का कैच पकड़ा था. इसके बाद आरसीबी के गेंदबाज कोई विकेट नहीं ले पाए. तीसरे नंबर पर आई जेस जोनासन ने शेफाली वर्मा के साथ नाबाद रहते हुए टीम क जीत दिलाई. दिल्ली ने 9 विकेट से बड़ी जीत दर्ज की. ये आरसीबी की विमेंस प्रीमियर लीग में लगातार चौथी हार है.

शेफाली वर्मा ने खेली 80 रनों की ताबड़तोड़ पारी 

शेफाली ने 43 गेंदों में नाबाद 80 रन बनाए. इस पारी में उन्होंने 8 चौके और 4 छक्के जड़े. जेस जोनासन ने भी तेज तर्रार अंदाज में नाबाद 61 रन बनाए. 38 गेंदों में खेली इस पारी में उन्होंने 9 चौके और 1 छक्का लगाया.

दिल्ली ने प्लेऑफ के लिए किया क्वालीफाई, आरसीबी अंक तालिका में फिसली

इस जीत के साथ दिल्ली कैपिटल्स ने प्लेऑफ में अपना स्थान पक्का कर लिया है. उसने 7 मैचों में 5 में जीत दर्ज की है. उसका अभी एक मैच बाकी है. आरसीबी का ये छठा मैच था, उसने सिर्फ शुरूआती 2 मैच जीते थे. 4 अंकों के साथ टीम चौथे स्थान पर खिसक गई है.

डेब्यू मैच में नल्लपुरेड्डी चरानी ने लिए 2 विकेट

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी आरसीबी की शुरुआत खराब हुई. कप्तान स्मृति मंधाना के रूप में टीम को पहला झटका लगा, वह 8 रन बनाकर शिखा पांडे का शिकार हुई. इसके बाद डेनिएल वैट 21 रन बनाकर मरिज़नने कप्प की गेंद पर कैच आउट हुई. इसके बाद एलिस पेरी और राघवी आनंद सिंह बिष्ट ने पारी को संभाला और टीम का स्कोर 100 पार पहुंचाया. 

एलिस पेरी ने अर्धशतकीय पारी खेली. उन्होंने 47 गेंदों में 60 रनों की नाबाद पारी खेली. इस पारी में उन्होंने 3 छक्के और इतने ही चौके लगाए. राघवी बिष्ट ने 32 गेंदों में 33 रन बनाए. 

दिल्ली कैपिटल्स के लिए शिखा पांडेय और विमेंस प्रीमियर लीग में डेब्यू मैच खेल रही नल्लपुरेड्डी चरानी ने 2-2 विकेट चटकाए. मरिज़नने कप्प को 1 सफलता मिली.



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