अडानी की अगली योजना एनसीडी के जरिए 11 हजार करोड़ रुपये जुटाने की है, जो अडानी बोर्ड की मंजूरी पर निर्भर है

अडानी की अगली योजना एनसीडी के जरिए 11 हजार करोड़ रुपये जुटाने की है, जो अडानी बोर्ड की मंजूरी पर निर्भर है


अदानी बोर्ड का प्रस्ताव: गौतम अडानी की पैसा कंपनी को अपने भविष्य की कंपनी के लिए जरूरी है। इसलिए अडानी ग्रुप 11 हजार करोड़ की कंपनी की तैयारी कर रही है। पहले कंपनी ने एनसीडी यानी नॉन कन्वर्टेबल डिबेंचर के जरिए पांच हजार करोड़ की कंपनी की योजना बनाई थी। अब इसे दोगुने से भी ज्यादा 11 हजार करोड़ कर दिया गया है। इस पर विचार करने के लिए कंपनी के बोर्ड की बैठक 29 जनवरी यानी बुधवार को होने वाली है। उसी दिन इस प्रस्ताव पर विचार कर निर्णय लिया जाएगा। इस राशि को एनसीडी के बजाय क्वालीफाएडेट इंस्टिट्यूशनल स्टूडियो के माध्यम से भी रसायन शास्त्र पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा शेयर लिस्टिंग के अन्य उत्पादों के बारे में बोर्ड में भी जानकारी ली जा सकती है। 26 जनवरी को अदानी ग्रुप की ओर से जारी एक दस्तावेज़ में इस बारे में बताया गया है।

28 अक्टूबर को पब्लिक ईशू से फ़ायदेमंद शेयरों के बारे में फैसला हुआ

अदानी ग्रुप की पिछली बैठक 28 अक्टूबर को हुई थी। इस बैठक में पब्लिक ईशू के अधिग्रहीत पोर्टफोलियो के बारे में निर्णय लिया गया। इसमें पब्लिक ईश्यू प्राइवेट लिमिटेड और बोथ्स के कुल मिलाकर भी नोबेल पोर्टफोलियो के बारे में विचार किया गया था। 29 जनवरी को जा रही बोर्ड की बैठक में यह तय हो जाएगा कि यह प्रक्रिया एक चरण में या दो चरण में तय की जाएगी। इसके बारे में आप इक्विटीज शेयरिंग या ऑनलाइन प्रोटोटाइप्स के बारे में भी विचार कर सकते हैं। यह शेयर धारकों की स्वीकृति पर ही वांछनीय है। शेयर धारकों के बारे में शेयर धारकों के बारे में प्रस्ताव देकर भी निर्णय लिया जा सकता है। सितंबर की तिमाही में प्रमोटर्स और जीक्यूजी की तरह के इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर अडानी ग्रुप में अपना स्टेक बढ़ाया गया था।

क्या है अदानी ग्रुप का प्लान

अडानी ग्रुप फ्यूचर के विस्तार के लिए अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी की तलाश में है। किसी भी छात्र के लिए यह एनईटी से मदद मिल सकती है। इसलिए कंपनी की ओर से नॉन कंवर्टिबल डिवेंचर के माध्यम से इस पर विचार किया जा रहा है।

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