श्रम संहिता कार्यान्वयन: सप्ताह में चार दिन का काम और तीन दिन का आराम लेने वाले मजदूर कोड देश में छुट्टी के लिए तैयार हो गए हैं। ऐसे चार लेबर कोड के अब लागू होने का इंतजार किया जा रहा है। टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार के आगामी बजट में इस बारे में बड़े पैमाने पर निर्णय जारी किया जा सकता है। इसके तहत लेबर कोड किस तरीके से लागू किया जाएगा, इसके बारे में बजट के दौरान घोषणा होने की संभावना है। विशेष रूप से किस-किस तरह की सोसायटी में लेबर कोड लागू होने के तरीके क्या होंगे, सबसे पहले किस-किस तरह की सोसायटी में इसे लागू किया जाएगा, इसके बारे में रोशनी डाली जाएगी। इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष यानी अप्रैल, 2025 से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष में इसे लागू करने का फैसला लिया है।
500 से अधिक कर्मचारी वाली कंपनी में पहले होंगे लागू
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार के नए लेबर कोड को सबसे पहले 500 से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनी में लागू किया गया। बड़े पैमाने पर आस्था को लागू करने की शुरुआत के बाद तीन चरणों में दूसरी सोसायटी में भी लागू किया जाएगा। पहले साल में 500 से ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनी में ही लागू होगा। उसके बाद मंझोले स्तर यानी 100-500 कर्मचारियों वाले इंटरप्राइजेज में इसे दूसरे साल में लागू किया जाएगा। छोटे एस्टेबलिशमेंट यानी 100 कर्मचारियों से नीचे वाले में तीसरे साल से इसे लागू करने की योजना बनाई गई है। इसे लागू करने के लिए बड़े पैमाने पर कई राज्यों में संबंधित ड्राफ्ट रूल को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसी तरह माइक्रो एंड स्मॉल इंटरप्राइजेज के तहत आने वाले भारत के 85 प्रतिशत एरेज को लेबर कोड लागू करने में दो साल का समय लगेगा।
सभी चार श्रमिक कोड का ड्राफ्ट नियम मार्च तक तैयार हो जाएं
अमेरिकन टाइम्स को यूनियन चल लैबर मिनिस्ट्री के अधिकारियों ने बताया कि सभी चार लेबर कोड को लागू करने के लिए राज्यों के मुख्य सचिवों से लगातार बातचीत जारी है। लगभग सभी राज्यों में संबंधित ड्राफ्ट रूल मार्च तक तैयार हो जाएं।
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