वारी एनर्जीज़ लिमिटेड: वारी ऊर्जाज लिमिटेड से अक्षय ऊर्जा कंपनी को 180 मिनट के नैनोमीटर की पुरातनता जल्द ही मिलने वाली है। कंपनी ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि रचनात्मकता वर्ष 2025-26 से इसकी शुरुआत होगी। बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही भारत की सबसे बड़ी अपोलो पीवी मॉड्यूल निर्माता कंपनी वारी एनर्जीज लिमिटेड को भारत सरकार की अक्षय ऊर्जा कंपनी से 180 अपोलो पीवी मॉड्यूल की आपूर्ति का ठेका मिला है।
कंपनी के शेयर इनवेस्टर्स का सबसे बड़ा शेयर
यह डेड वेरी एनर्जीज के लिए किसी मील के पत्थर से कम नहीं है, जो तेजी से आगे बढ़ते हुए भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर कंपनी की अहम भूमिका है। कंपनी को लेटर ऑफ अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है, जिससे बाजार में इसकी पहचान और प्रतिष्ठा दोनों मजबूत हुई। आज कंपनी की तरफ से माइक्रोसॉफ्ट रिलीज करने के बाद सौर पैनल मैन्युफैक्चरर वेरी एनर्जीज लिमिटेड के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 1.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,635.75 रुपये प्रति शेयर का भाव बंद हुआ। इस कंपनी के प्रति निवेशकों की बढ़ती स्थिति का पता चलता है।
भारत की रिन्यूएबल एनर्जी कैपिसिटी स्कॉलरशिप
इस आदेश के साथ देश में वारी एनर्जीज की तरफ से पीवी आर्किटेक्चर की सबसे बड़ी संख्या में से एक होगी, जो रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में भारत सरकार के को पूरा करने में मदद करेगी। इससे ग्रीन हाउस में पर्यावरण को भी फायदा होगा। कंपनी का मकसद 2027 तक अपने एनालॉग आर्किटेक्चरल प्रोडक्शन की क्षमता को 20.9 गीगावाट तक बढ़ाना है।
बता दें कि वारी एनर्जीज लिमिटेड देश की बड़ी कंपनी नोएडा में से एक है। कंपनी न केवल अपोलो पीवी आर्किटेक्चर, बैटरी सहित अन्य सौर उत्पादों का निर्माण करती है, बल्कि बड़े पैमाने पर यूएसएसआर भी करती है। मल्टीक्रिस्टलाइन, मोनोक्रिस्टलाइन और एडवांस्ड टॉपकॉन एनालॉग्स जैसे वारी एनर्जीज के उत्पादों का इस्तेमाल भारत सहित पूरी दुनिया में हो रहा है। 2024 तक कंपनी की कैपेसिटी 13.3 गीगावाट (GW) की थी, जबकि 2021 तक इसकी कैपेसिटी 2 गीगावाट (GW) तक ही थी।
ये भी पढ़ें:
लिविंग रूम के लोग हो रहे दीवाने, एक साल में बिका करोड़ों रुपए का करोड़ों का घर





