अर्जुन तेंदुलकर पर पृथ्वी शॉ: पिछले दिनों मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने वानखेड़े स्टेडियम की 50वीं जयंती का जश्न मनाया। इस मॉल में मुंबई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तानों को सम्मानित किया गया। वहीं, अब वानखेड़े स्टेडियम में 19 जनवरी को एक और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुंबई के स्थिर खिलाड़ी नजर आए। 50वीं वर्षगांठ के मौके पर सोया वानखेड़े स्टेडियम में युवा ओपनर बल्लेबाज पृथ्वी शॉ भी मौजूद रहीं। इस दौरान युवा बल्लेबाज ने वानखेड़े स्टेडियम से जुड़ी अपनी पुरानी यादों को शेयर किया। साथ ही बताया कि वह पहली बार इस ऐतिहासिक स्टेडियम में कब आये थे।
‘वह पहली बार अर्जुन के साथ यहां आए थे…’
पृथ्वी शॉ ने कहा कि वह पहली बार वानखेड़े स्टेडियम में साल 2011 विश्व कप का फाइनल मैच देखने आई थीं। फाइनल मुकाबला भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया। धोनी की सिल्वासा में टीम इंडिया ने श्रीलंका को सुपरमार्केट जीता था। उन्होंने कहा कि वह पहली बार अर्जुन के साथ यहां आये थे। अर्जुन के पिता सचिन तेंदुलकर भी विश्व कप 2011 फाइनल के ग्यारहवें संस्करण में थे। साथ ही उन्होंने कहा कि इसे स्टेडियम लेकर मेरी पहली स्मृति को मैं कभी नहीं भूल सकता। जब मैं यहां विश्व कप फाइनल मैच देखने आया था तो मैं सिर्फ 11 साल का था।
‘मैं उस पल को कभी नहीं भूल सकता जब तक टीम इंडिया…’
पृथ्वी शॉ ने कहा कि मैंने और अर्जुन ने साथ मिलकर फाइनल मैच को लाइव देखा था। मैं उस पल को कभी नहीं भूल सका जब टीम इंडिया ट्रॉफी थी। एक बच्चे के बारे में मैंने हमेशा सोचा था कि काश मुझे कभी वानखेड़े स्टेडियम में अवसर का मौका मिले और अब देखो इस स्टेडियम में हम 50वीं कक्षा मना रहे हैं। मुझे लगता है कि इस खास काम को मिलकर सेलिब्रेट करना चाहिए। मैं मुंबई की जनता से आग्रह करता हूं कि आप सभी 19 जनवरी को आएं और विशेष कार्यक्रम बनाएं।
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