भारत विदेशी मुद्रा रिजर्व: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार गिरावट जारी है और इसके शेयरों में लगातार गिरावट जारी है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 10 जनवरी को समाप्त सप्ताह में 8.71 अरब डॉलर प्रति डॉलर 625.87 अरब डॉलर का हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि इससे पिछले सप्ताह यह 5.69 अरब डॉलर 634.58 अरब अमेरिकी डॉलर रहा था। ऐसा देखा जाए तो पिछले सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 9 अरब डॉलर की गिरावट आई थी, जबकि पिछले सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 7 अरब डॉलर की गिरावट आई थी।
क्यों आ रही विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार गिरावट
विदेशी मुद्रा भंडार में पिछले कुछ प्रतिशत से गिरावट आ रही है। इस गिरावट की वजह है रुपये में गिरावट- आरबीआई के विदेशी बाजार में दखलंदाजी को कम करने के लिए, इसकी मुद्रा के साथ रुपये की वैल्यूएशन भी इसके पीछे की वजह बन रही है।
सितम्बर में यह सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार था
सितंबर के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार का बोझ 704.88 अरब अमेरिकी डॉलर के अब तक के लाभ स्तर पर पहुंच गया था और सरकार की संसद ने शीतकालीन सत्र में ये जानकारी दी थी।
जानें किन-किन क्षेत्रों में घटा फॉरेक्स रिजर्व
शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार आरबीआई की ओर से कहा गया है कि 10 जनवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का प्रमुख हिस्सा विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 9.47 अरब डॉलर की राशि 536.01 अरब डॉलर रह गयी हैं। उल्लेखित संदर्भ में विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार डॉलर में यूरो, पाउंड और येन जैसे गैर-अमेरिकी मुद्राओं की घट-बढ़ का असर शामिल होता है।
देश का स्वर्ण भंडार बढ़ा
समीक्षाधीन सप्ताह यानी 10 जनवरी को समाप्त सप्ताह में भारत के स्वर्ण भंडार की कीमत 79.2 करोड़ डॉलर का उछाल 67.88 अरब डॉलर हो गया। इसके साथ विशेष आवास अधिकार (एसडीआर) 3.3 करोड़ डॉलर 17.78 अरब डॉलर पर है।
आई स्टॉल के पास लगभग रखा भंडारा
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक इस शेयर में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत का रिजर्व बैंक 40 लाख डॉलर का शेयर 4.19 अरब डॉलर रह गया है।
ये भी पढ़ें
जीडीपी: भारत का विकास दर आने वाले दो वर्षों में 6.7 फीसदी पर रहेगा, वर्ल्ड बैंक ने दिया अनुमान



.jpg)

