मकर संक्रांति 2025: सूर्य ग्रह जब मकर राशि में रहता है तब मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है। आमतौर पर हर साल मकर संक्रांति 14 या 15 जनवरी को होती है। इस वर्ष मकर संक्रांति का त्योहार मंगलवार, 14 जनवरी 2025 को मनाया जा रहा है। इस पर्व में स्नान, दान और सूर्य पूजा का विशेष महत्व है। हम पिछले कई ईस्टर से मकर संक्रांति का त्योहार 14 या फिर 15 जनवरी को ही मना रहे हैं।
मकर संक्रांति का त्यौहार कब मनाया जाता है या पूरी तरह से सूर्य की चाल पर प्रतिबंध लगाता है, इसलिए मकर संक्रांति की तिथि में बदलाव होते हैं। लेकिन आने वाले समय में मकर संक्रांति 14 या 15 नहीं बल्कि 16 जनवरी को मनाई जाएगी। आइए जानते हैं इसका क्या कारण है.
मकर संक्रांति का त्यौहार 1902 से लेकर अब तक 14 जनवरी या 15 जनवरी को ही मनाया जाता है। लेकिन 18वीं संक्रांति में मकर संक्रांति 12 या 13 जनवरी को मनाई गई थी। राजा रुद्रोदय (हर्षवर्धन) का समय मकर संक्रांति का पर्व 24 दिसंबर को मनाया गया था। वहीं मुगल शासक अकबर (मुगल सम्राट अकबर) के शासन काल में मकर संक्रांति 10 जनवरी को मुबारकबाद दी गई थी। वहीं शिवाजी के मेमोरियल में यह उत्सव 11 जनवरी को मनाया गया था। 2077 तक हम मकर संक्रांति का त्योहार 14 या 15 जनवरी को ही मनाएंगे।
मकर संक्रांति की तिथि में परिवर्तन का कारण क्या है?
ज्योतिषाचार्य अनीश व्यास कहते हैं कि, सूर्य देव जब धनु राशि की यात्रा समाप्त करते हैं और मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है। प्रत्येक वर्ष सूर्य के मकर राशि में भ्रमण में लगभग 20 मिनट की देरी होती है। इस तरह हर 3 साल बाद सूर्य लगभग 1 घंटे की देरी से मकर राशि में प्रवेश करता है। इस तरह 72 वर्ष में सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के समय में एक दिन की देरी हो जाती है। यही कारण है कि हर 72 वर्ष में मकर संक्रांति की तिथि एक दिन आगे बढ़ जाती है।
हज़ार साल पहले 1 जनवरी को मकर संक्रांति की पूजा की गई थी
ज्योतिष गणना के अनुसार सूर्य की गति में हर साल लगभग 20 सेकंड की वृद्धि हो रही है। इस प्रकार यदि हम गणना करें तो माना जा सकता है कि हजारों वर्ष पूर्व मकर संक्रांति 1 जनवरी को मनाया गया था। इस आधार पर अगर अनुमान लगाया जाए तो कहा जा सकता है कि आने वाले 5000 साल बाद मकर संक्रांति फरवरी के अंत में मनाई जाएगी। 2077 तक हम मकर संक्रांति का त्योहार 14 या 15 जनवरी को मनाएंगे।
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