नया क्रेडिट रिपोर्टिंग नियम: क्रेडिट स्कोर जिसे सिबिल स्कोर भी कहा जाता है, उसे लेकर बाजार का साया नया नहीं है। लोन स्कोर से बातचीत लोग बार-बार अपना क्रेडिट खराब करने में भेदभाव की शिकायत करते रहते हैं। इसे देखते हुए रिजर्व बैंक ने क्रेडिट स्कोर पैटर्न के नियम को ही बदल दिया है। रिजर्व बैंक की ओर से जारी नए नियम के अनुसार, हर 15 दिन में क्रेडिट स्कोर अपडेट हो जाएगा।
साल में दो बार की रिपोर्ट, लेंडर कतिपय रहा
महीने में दो बार तैयारी वाले क्रेडिट स्कोर में 15 तारीख तक की रिपोर्ट सात दिन बात होने तक जारी कर देगी। उसी तरह का स्कोर महीने की अंतिम तिथि तक की क्रेडिट पांच दिन बाद जारी की जाएगी। साल में दो बार यह रिपोर्ट जारी की जाएगी कि कौन-कौन लेंडर लोन रिपेमेंट में शामिल है। यह उसके क्रेडिट स्कोर में भी दर्ज किया जाएगा। रिजर्व बैंक ने सभी क्रेडिट ब्यूरो को 300-900 के लिए एक दस्तावेज जारी किया है। हर कंजुमर अपने अलग-अलग पंजीकृत मल्टीपल एड्रेस के अलावा एक ही क्रेडिट स्कोर प्राप्त करता है। सभी क्रेडिट ब्यूरो से को-बोरोअर्स और गारंटर्स को भी क्रेडिट स्कोर की सूची में शामिल करने के लिए कहा गया है। ताकि कोई भी नए लोन आवेदन पर विचार कर सके टाइम बैंक या फाइनेंशियल लोन लेने वाले के सामने और उसके गारंटर की सभी सही तस्वीरें सामने रख सकें। इस तरह के मानक कंजूमर इंट्रेस्ट की रक्षा करने के लिए सफा-सुथरे लेंडिंग प्रैक्टिस को भी प्रमोट करेंगे।
ग़लत पर क्रेडिट ब्यूरो को हर दिन 100 रुपये पेनल्टी
रिजर्व बैंक के नए नियम में क्रेडिट ब्यूरो को कई तरह के सिद्धांतों में बांधा गया है। कंज्यूमर का क्रेडिट क्रॉउलल अपडेट हर क्रेडिट ब्यूरो को उसकी सूचना ईमेल या एसएमएस के माध्यम से कंज्यूमर को देना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे कंजूमर को पता चल जाएगा कि उनकी क्रेडिट क्रॉनिकल की समीक्षा कौन कर रही है, इसलिए क्रेडिट स्कोर तैयार करने के लिए कंजूमर याचिका पर किसी तरह की गड़बड़ी की जा सकती है। क्रेडिट ब्यूरो कंजूमर की किसी भी शिकायत का समाधान 30 दिनों के भीतर करने के लिए बाध्य हैं। फेल होने पर क्रेडिट ब्यूरो को एक दिन में 100 रुपये का जुर्माना लगेगा।
ये भी पढ़ें:
अर्बन कंपनी आईपीओ: होम सर्विस प्रोवाइडर अर्बन कंपनी आपको कर सकती है 3000 करोड़ का आई शेयर



.jpg)

