WhatsApp दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला जाने वाला इंस्टेंट टेक्नोलॉजी ऐप है। इस ऐप के पूरी दुनिया में 295 करोड़ से भी ज्यादा डेली एक्टिव यूजर हैं। व्हाट्सएप को सबसे सुरक्षित मैसेजिंग ऐप माना जाता है। इसका मुख्य कारण एंड-टू-एंड एन रिकॉर्ड्स का होना है। इसकी निजी विशेषता उपभोक्ता की निजी चैट को लाइक करने से होती है। कंपनी का दावा है कि व्हाट्सएप पर जाने वाले चैट का एक्सक्लूसिव सेंडर और रिसीवर के पास होता है। वॉट्सऐप की गोपनीयता को लेकर मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने एक बयान जारी किया है। इसके बाद से दुनिया के लाखों शानदार सामान में शामिल हो गए हैं।
असल में, मार्क जुकरबर्ग ने 11 जनवरी 2025 को एक बयान में कहा था कि सीआईए यानी सेंट्रल एजेंसी एजेंसी वॉट्सएप मैसेज के चैट्स को अमेरिकी ऑथरिटीज पढ़ सकते हैं, अगर वो गर्लफ्रेंड की मार्केटिंग एजेंसी कर ले। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वॉट्सऐप का एंड-टू-एंड एन वाइव्स का मालिकाना हक पूरी तरह से कायम है। हालाँकि, किसी भी एजेंसी के पास किसी भी तरह के चैट को लॉन्च किया जा सकता है।
मार्क जुकरबर्ग ने दिया ये जवाब
जो रोगन एक्सपीरियंस चैनल के साथ दिए गए पॉडकास्ट में एक सवाल का जवाब देते हुए मार्क जुकरबर्ग ने बताया कि व्हाट्सएप का एन लेवल फीचर मेटा के सर्वर के लिए है। इसमें सर्वर के माध्यम से जाने वाले कम्युनिकेशन जैसे कि मैसेज, आदि फाइल को सुरक्षित रखा जाता है, लेकिन जर्नल को नहीं। अगर किसी भी सरकारी एजेंसी के हाथ में उद्यमियों का खाता लगता है तो इस खाते के माध्यम से चैट को एक्सेस किया जा सकता है।
ऑनलाइन स्पाईवेयर मीटिंग में क्या होगा?
हालाँकि, मेटा सीईओ ने यह भी कहा था कि यदि पिगासस सॉफ्टवेयर आदि जैसा कोई स्पाईवेयर इंटरनेट पर उपलब्ध है तो उसका लाइसेंस एजेंसी के पास होगा। इस स्थिति में व्हाट्सएप चैट को अनलॉक किया जा सकता है। इन रिस्क को देखते हुए पिछले दिनों व्हाट्सएप में कई प्राइवेट फीचर्स जोड़े गए हैं, जिनमें डिसएपियरिंग सर्विसेज आदि शामिल हैं। यह फीचर तय समय पर चैट को पब्लिक को डिलीट कर देता है। ऐसे में चैट्स की निजता बनी रहती है।
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