
डीपफेक तकनीक का सबसे बड़ा खतरा यह है कि इसका हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तकनीक का उपयोग करके किसी व्यक्ति की छवि या वीडियो की सामग्री को बदल दिया जाता है।

खासकर, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर महिलाओं की स्थिति और वीडियो का मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। कई बार इसे बदनाम करने, ब्लैकमेल करने या बकवास जानकारी फैलाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।

अपराधी साइबर डिपाफेक का उपयोग कर दस्तावेज़ी वीडियो बनाकर किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है। कई मामलों में, सूचीबद्ध और इसके विरुद्ध प्रतिष्ठित वर्गीकरण का प्रयोग देखा गया है। इसके अलावा, यह प्रौद्योगिकी, वित्तीय धोखाधड़ी और फर्जी पहचान बनाने में भी उपयोगी हो सकती है।

डीपफेक तकनीक से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाएं। तस्वीरें और वीडियो का सीमित उपयोग: सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करते समय सावधानी बरतें। जरूरी न हो तो निजी तस्वीरें सार्वजनिक न करें।

सुरक्षा साइबर ऐप्स और एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर का उपयोग करें, जो डीपफेक और अन्य साइबर अनुप्रयोगों से बचाव में मदद कर सकते हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किसी भी तरह के अनदेखे लिंक या बेकार सामग्री पर क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि आपकी छवि या सामग्री का नुकसान हुआ है, तो तुरंत साइबर अपराध विभाग से संपर्क करें।

डीपफेक तकनीक की पहचान करने के लिए डीपवेयर या सेंसिटी एआई जैसे उपलब्ध टूल का उपयोग करें।
प्रकाशित: 10 जनवरी 2025 08:03 अपराह्न (IST)





