अदाणी कमोडिटीज ने ओएफएस के माध्यम से अदाणी विल्मर में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की घोषणा की है

अदाणी कमोडिटीज ने ओएफएस के माध्यम से अदाणी विल्मर में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की घोषणा की है


अदानी विल्मर OFS: अदानी विल्मर लिमिटेड (एडब्ल्यूएल) के प्रोमोटर अदानी कमोडिटीज एल.बी. 10 जनवरी को कंपनी के माध्यम से सेल (ओएफएस) के लिए 20 प्रतिशत तक की बिक्री ऑफर जारी कर रही है। कंपनी ने गुरुवार को रिटर्न फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। अडानी कमोडिटीज 10 जनवरी को टी डे (केवल गैर-रिटेल निवेशकों के लिए) एडब्ल्यूएल की संपत्ति के 13.5 प्रतिशत के बराबर 175.4 मिलियन शेयर शेयरधारक। ओएफएस में ओवरसब्स के शेयरों की अतिरिक्त 84.4 मिलियन स्टॉक की बिक्री भी जारी है, जो 6.5 प्रतिशत के बराबर है। ओएफएस के लिए फ्लोर प्रॉपर्टी 275 रुपये निर्धारित की गई है, जो स्थिर बाजार मूल्य 15 प्रतिशत पर दिखाई दे रही है।

यह दिन बोला गया फ़ेम नॉन ग्रेविटी इन्वेस्टर्स

स्ट्रेंथ इनवेस्टर्स टी डे के दिन गैर बोली लगाई गई, जिसे 13 जनवरी तक आगे बढ़ाया गया। यहां ओवरसब्स लैब्स के अंडर स्ट्रेंथ इनवेस्टर्स टी+1 डे पर बोली लगाई गई कंपनी। इसके अलावा, ऑफर फॉर सेल के तहत कंपनी ने 25 फीसदी बीमा कंपनियों के लिए आरक्षित रखा है, जबकि 10 फीसदी इक्विटी इन्वेस्टर्स को दिया गया है।

इस स्वामित्व ऑफर कंपनी

कंपनी ने जानकारी दी कि एलोकेशन ऑफर की कीमत किससे अधिक होगी। प्रॉपर्टी इनवेस्टर्स के पास कट-ऑफ प्राइस पर बोली लगाने का भी प्लेसमेंट होगा। बता दें कि इससे पहले दिसंबर में अडानी इंटरप्राइजेज ने अडानी विल्मर से पूरी तरह से आउट अवे का फैसला लिया था।

बताया गया था कि अडानी इंटरप्राइजेज और ज्वॉइंट वेंचर अडानी विल्मर ने अपनी पूरी 44 प्रतिशत तक की वीडियो बेची। इधर, विल्मर इंटरनेशनल की सब्सिडियरी कंपनी ने स्थिर अडानी कमोडिटीज एलएलपी (एसीएल) से 31.06 फीसदी की खरीददारी की।

अदानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता उत्पाद को पूरा करने के लिए अपनी 13 प्रतिशत हिस्सेदारी भी जोड़ेगी। इस सौदे से एएल दो अरब डॉलर से अधिक की उधार ली गई।

डिलिवरी सेकेटाई नैट को यहां इनवेस्ट किया गया है

इस पैसे को कोर इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म जैसे कि लॉजिस्टिक्स, डायनामिक्स, एनर्जी जैसे कई अलग-अलग सेक्टरों में निवेश किया जाएगा। बता दें कि अदानी विल्मर लिमिटेड फॉर्च्यून ब्रांड के तहत कुकिंग ऑयल, गेहूं का आटा, चावल, दाल और चीनी जैसे एफएमसीजी उत्पाद पेश और बिकती है।

ये भी पढ़ें-

बिल्डर ने पैसा ना दिया-न वापस लिया, अब कोर्ट ने सुनाया ऐसा फैसला कि कंपनी को देना पड़ा पैसा