828 निचले स्तर बुर्ज खलीफा कैसे बनी है दुनिया की सबसे बड़ी स्क्रीन? ऐसे जादुई जादू हैं 12 लाख एलईडी लाइट्स
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<पी शैली="पाठ-संरेखण: औचित्य सिद्ध करें;">नए साल का मौका हो या कोई अन्य अवसर, दुबई स्थित बुर्ज खलीफा पर विजुअल जरूर देखें। हर बड़ी कंपनी की दुनिया की यह सबसे बड़ी बिल्डिंग एक बड़ी स्क्रीन में बदल जाती है। इस पर नए साल की बधाई देने से लेकर फिल्मों के टीजर तक नजर आते हैं। आइए आज जानते हैं कि इतनी बड़ी इमारत में कितनी स्क्रीन बदली जाती है और कितनी बड़ी ‘स्क्रीन’ को नियंत्रित किया जाता है।
बुर्ज खलीफा पर लगी है 33 किमी लंबी एलईडी स्ट्रिप
बुर्ज खलीफा की ऊंचाई 828 मीटर है और यहां कुल 12 लाख एलईडी लाइटें लगी हैं, जो इसे एक स्क्रीन में बदल देते हैं। अगर इन सारी एलईडी को एक साथ फुल पावर ऑन किया जाए तो ये हर घंटे 790 किलोवॉट बिजली की आपूर्ति करता है। इस बिल्डिंग पर लगी LED की कुल लंबाई 33 किलोमीटर है।
यह बिल्डिंग स्क्रीन कैसे बदली जाती है?
बिल्डिंग पर लगी LED लाइट्स एक ‘मेन ब्रेन’ सर्वर से जुड़ी हुई है। लैपटॉप पर विजुअल नोटबुक यूजर सर्वर से जुड़ा हुआ है। फिर ये है मॅबएबिक्स और छोटे-छोटे सर्वर की मदद से एलईडी लाइट्स को पार्टिकलर कलर का कमांड दिया जाता है। कमांड में एलईडी लाइटें भी चालू हैं और दूर से देखने पर इन पर विजुअल नजरें आ रही हैं।
नियमित रूप से उदाहरण है
बिल्डिंग पर विज़ुअल्स बनाए गए नियमित रूप से इन एलईडी लाइटों का परीक्षण किया जाता है। किसी भी खराब एलईडी का पता लगाने के लिए बिल्डिंग के बाहर विजुअल देखने की जरूरत नहीं होती। खुद सर्वर ही बताता है कि बिल्डिंग के किस हिस्से में एलईडी लाइट्स की जरूरत है। किसी भी दृश्य में एलईडी की ब्राइटनेस को केवल 40 प्रतिशत ही रखा जाता है। एलईडी बिल्डिंग को बनाने में ऐसा लग रहा है कि इसमें रहने वाले लोगों को भी ये आसानी से देखने को नहीं मिलता है।
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