<पी शैली="पाठ-संरेखण: औचित्य सिद्ध करें;">एप्पल गैजेट और सैमसंग केटेक के बीच क्रीड़ा प्रतियोगिता रहती है। दोनों का ऑपरेटिंग सिस्टम अलग-अलग है, लेकिन एक-दूसरे की चाहत को आकर्षित करने की होड में बनी हुई है। कुछ निस्सन्देह जहां उत्पाद बेहतर प्रदर्शन करते हैं, वहीं कुछ में सैमसंग आगे निकल जाता है। आज हम उन नीरस की बात करेंगे, जिसमें सैमसंग ऐपल के गैजेट कहीं और चल रहे हैं।
प्रदर्शन तकनीक
डिस्प्ले टेक्नोलॉजी में सैमसंग का कोई मुकाबला नहीं है। यहां तक कि ऐप भी अपने गैजेट्स के लिए OLED इलेक्ट्रॉनिक्स से ऑफर करता है। रिवॉल्यूशन और ब्राइटनेस के मामले में भी सैमसंग के फोन सबसे अच्छे हैं।
कस्टम पैकेज
एप्पल का ऑपरेटिंग सिस्टम iOS अधिकतर कस्टमाइज़ेशन की सुविधा नहीं देता है। दूसरी तरफ सैमसंग के फोन आइकन से लेकर ऑलवेज-ऑनलाइन डिजाईन को कस्टमाइज करने का स्थान दिया गया है। ऐपल की तरह सैमसंग में अपलोडर-पार्टी लॉन्चर और साइडलोड ऐप्स पर भी किसी तरह की रोक नहीं है।
हार्डवेयर
हार्डवेयर के मामले में सैमसंग प्रयोग से डरती नहीं है। इसकी बड़ी अंग्रेजी कंपनी के लैपटॉप फ़ोन हैं। सैमसंग इंकेड मार्केट शेयर पर कब्जा कर लिया गया है, लेकिन ऐपल ने इस दिशा में कदम भी नहीं बढ़ाया है।
बैटरी और बर्बादी
बैटरी और अजीबोगरीब मामले में भी सैमसंग काफी आगे है। सैमसंग गैलेक्सी S24 अल्ट्रा में 5000 एमएएच की बैटरी है, जबकि ऐपल के फ्लैगशिप मॉडल 16 प्रो में 4685 एमएएच की बैटरी है। बात करें तो सैमसंग के फ्लैगशिप मॉडल 45W के फास्ट रिजर्व सपोर्ट करते हैं, जबकि ऐप में यह 25W है।
बिना लॉक-इन वाला इकोसिस्टम
एप्पल की तरह सैमसंग ने भी इकोसिस्टम बनाया है। कंपनी स्मार्ट रिंग से लेकर टेक्नोलॉजी और होम अप्लायंसेज आदि बेच रही है, लेकिन इनके ऐप की तरह कोई बंदिश नहीं है। सैमसंग गैलेक्सी वॉच को दूसरी कंपनी के एंड्रॉइड फोन के साथ भी खरीदा जा सकता है। इसी तरह से सैमसंग बड्स को कनेक्ट किया जा सकता है। ऐपल के उत्पादों में इतनी सुविधा नहीं।
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