संभल, चंदौसी, कानपुर सहित उत्तर प्रदेश में अब तक कहां-कहां मंदिर मिले हैं, इसकी सूची यहां दी गई है।
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उत्तर प्रदेश समाचार: उत्तर प्रदेश में इन दोनों में अलग-अलग तरह के कई प्राचीन मंदिर मिल रहे हैं। प्रशासन ने कहा कि एशिया में कई नावों की खुदाई भी की जा रही है। इसमें कुछ काफी मंदिर समय से बंद हो गए थे। अब फिर से पूजा भी शुरू हो गई है।
वहीं, यूपी के संभल और चंदौसी में चल रही खुदाई में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। आइये जानते हैं कि यूपी के रिश्तेदार-पुराने मंदिर मिले हैं।
संभल में दो मंदिर मिले
उत्तर प्रदेश के संभल में 2 बंद मंदिर मिलते हैं। ये दोनों मंदिर मुस्लिम मुस्लिम इलाके में हैं। पहला कार्तिकेश्वर मंदिर 14 दिसंबर को जामा मस्जिद से प्लॉट खग्गू में मिला था। दूसरा हयात नगर के सरायरिन में मिला था।
राजस्थान में भी मिला मंदिर
विरोधाभास में भी 120 साल पुराना शिव मंदिर मिला हुआ है. आरोप है कि दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा प्राचीन पंच शिखर शिव मंदिर पर कब्ज़ा कर लिया गया था। लोगों ने आवेदन पत्र दायर कर कार्रवाई की मांग की है। रिवोल्यूशन ने कहा है कि एक समुदाय द्वारा पिछले 40 प्राचीन मंदिरों में पूजा पाठ दिया गया है।
चंदौसी में बांके बिहारी और महादेव का मंदिर
चंदौसी के मुस्लिम इलाके में स्थित बांके बिहारी और महादेव का मंदिर फिर से खोला गया है। मंदिर के संरक्षक कृष्ण कुमार ने बताया कि 2010 तक यहां पूजा होती थी। लेकिन 2010 में भगवान बांके बिहारी की मूर्ति और लिंग आदि को खंडित कर दिया गया था। प्रशासन ने हाल ही में इन दोनों मंदिरों को स्थापित किया है।
शिव मंदिर बनाया गया फर्नीचर
आंध्र प्रदेश के लाधावाला में एक शिव मंदिर की स्थापना हुई है। 1970 में भगवान शिवशंकर के मंदिर की स्थापना हुई थी। 1992 तक यहां पर पूजा होती थी. लेकिन 1992 में बाबरी मस्जिद विवाद और उसके बाद की सांप्रदायिक हिंसा के कारण यहां से हिंदू पलायन कर गए थे। इस दौरान हिंदू मंदिरों में स्थापित शिवलिंग और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी ले ली गईं।
खुर्जा में 50 साल पुराना मंदिर मिला
जिले में भी 50 साल पुराना मंदिर मिला हुआ है। हिंदू धर्मावलंबियों ने मंदिर के जीर्णोद्वार की अपील की है, ताकि यहां फिर से पूजा शुरू हो सके। 1990 के बाद से यह मंदिर बंद हो गया है।
क्रिएटिविटी में भी मिले थे दो मंदिर
उत्तर प्रदेश के शिल्पकार में दो प्राचीन मंदिर मिले थे। हिंदू विद्वानों ने दावा किया था कि उनकी टीम ने दिल्ली गेट इलाके के एक मुस्लिम मुस्लिम इलाके में स्थित शिव मंदिर की खोज की है। इससे पहले बन्नादेवी थाना क्षेत्र के कब्रिस्तान में भी मंदिर का पता चला था।
कानपुर में मिले थे दो मंदिर
कानपूर में भी मेयर और बीजेपी नेता प्रमिला पांडे ने मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में बंद पड़े 2 चित्रों को बंद कर दिया था। 1992 के डांगो के बाद से ये मंदिर बंद पड़े रहे। इस दौरान जब शिवालय को स्थापित किया गया तो मंदिर के अंदर से शिवलिंग गायब हो गया। वहीं दूसरी ओर मंदिर की फैक्ट्री भी मिली।
काशी में भी मिला मंदिर
काशी के मुस्लिम मुस्लिम इलाके में एक बंद मंदिर मिला था। हिंदू संगठन सनातन रक्षक दल ने दावा किया है कि मंदिर 250 साल पुराना है और पिछले 40 साल से यहां ताला लगा हुआ है। इससे पहले यहां पूजा होती थी।
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