कुंभ मेला 2025 को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग कैसे किया जा रहा है
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कुंभ मेला 2025: कुम्भ मेला दुनिया के सबसे धार्मिक आयोजनों में से एक है। इसमें करोड़ों टुकड़े-टुकड़े बजते हैं और आस्था के साथ-साथ बिकते हैं। इस बार उत्तर प्रदेश के असम में कुंभ मेले का आयोजन हो रहा है। 13 जनवरी, 2025 से लेकर 26 फरवरी, 2025 तक चलने वाले बाजारों में करोड़ों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इतने बड़े पैमाने पर सफल आयोजन के लिए प्रशासन इस बार टेक्नोलॉजी का सहारा ले रहा है। आइए जानते हैं कि कैसे इस फिल्म के इवेंट को सफल बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा।
एआई का सहारा भीड़ नियंत्रण के लिए
उत्तर प्रदेश सरकार भीड़ पर नज़र रखने के लिए एआई स्टार्टअप सिस्टम यू.एस. इसके तहत 328 एआई रिसर्च सहित 2,700 सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। एआई कैमरा भीड़ बढ़ने पर प्रशासन को उम्मीद कर दी जाएगी। इसके अलावा ये गम मिले हुए लोगों को वापस लाने में भी काम आएगा।
नेविगेशन के लिए स्पेशल ऐप
सरकार ने कुंभ सहायक ऐप रिलीज के लिए मॉल निकाला है। यह एक वास्तुशिल्पीय काम कंपनी है। इसमें पूरे मेले में यात्रा के लिए नेविगेशन की सुविधा दी गई है। सारे घाट, अखाड़ों और रीति-रिवाजों आदि की जानकारी, जिनमें से महल को अच्छे से समझ लिया जाएगा।
सोशल मीडिया पर भी लिया गया काम
सरकार ने अहमदाबाद तक के आश्रम के लिए सोशल मीडिया यूज़ करने की भी योजना बनाई है। सोशल मीडिया के जरिए रीयल-टाइम जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। गम हुए लोगों का पता में भी सोशल मीडिया की मदद लेंगे। साथ ही इसका तरीका भी अपनी बातें प्रशासन तक पहुंचाएगा।
इंटरनेट पर होगी लाइव स्ट्रीमिंग
यदि कोई भी कुम्भ मेले में शामिल होने के लिए सम्मिलित नहीं हो सकता तो उसे चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। वह अपने घर बैठे-बैठे अपने मोबाइल और लैपटॉप आदि पर लाइव स्ट्रीमिंग देखें। गंगा आरती सहित सभी बड़ी साध्वियों का लाइव प्रसारण किया जाएगा।
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