ओम बिरला सख्त, संसद भवन के सभी गेटों पर मारपीट-प्रदर्शन पर रोक

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संसद विवाद पर ओम बिड़ला सख्त: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार (19 दिसंबर, 2024) को सत्ता पक्ष और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की की घटना के बाद निर्देश दिया कि कोई भी राजनीतिक दल, अल्पसंख्यक और समुदाय का समूह संसद के किसी भी दरवाजे पर प्रदर्शन न करें। सकता है. वेबसाइट ने यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया, ‘लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी राजनीतिक दल, संसद सदस्य या समूह का समूह संसद भवन पर कोई धरना और प्रदर्शन नहीं करेगा।’ गृह मंत्री अमित शाह बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की ओर से संबंधित टिप्पणी को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा गया कि समूह ने मार्च निकाला तो भाजपा कलाकारों ने कांग्रेस पर बाबा साहेब के अपमान का आरोप लगाते हुए अपमानजनक प्रदर्शन किया।

बीजेपी के दो मुसलमानों को लगी चोट

संसद भवन के ‘मकर द्वार’ के निकट सत्ता पक्ष और घटक दल के सदस्य एक दूसरे के सामने आ गये और भव्य सदन की। भारतीय जनता पार्टी का आरोप है कि समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने बुजुर्ग नाबालिग प्रताप सारंगी की वजह से धक्का-मुक्की की। भाजपा सांसद मुकेश राजपूत को भी चोट लगी है।

कांग्रेस का दावा क्या है?

दूसरी तरफ, पार्टी कांग्रेस का दावा है कि बीजेपी के स्पीकर ने अपने अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कई महिला कलाकारों को भवन में जाने से रोक दिया और धक्का-मुक्की की। कांग्रेस और कई अन्य शास्त्रीय शास्त्रियों का आरोप है कि शाह ने ‘भारत के संविधान की 75वीं शताब्दी की गौरवशाली यात्रा’ विषय पर सामाख्या में दो दिन तक चली चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को अपनी विचारधारा के दौरान बाबा साहब का अपमान किया।

बीजेपी ने लगाया ये आरोप

मुख्य व्यापारिक दल ने शाह के चमत्कार का एक वीडियो अंश भी जारी किया, जिसमें गृह मंत्री ने कटाक्ष पर यह कहते हुए सुना जा सकता है, ”अभी एक फैशन हो गया है- अम्बार्बक, अम्बार्बक…. इतना नाम अगर भगवान ‘का लें तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिलें।’

यह भी पढ़ें- राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत: अगर राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी की ओर से याचिका दायर की गई, तो दोषी पाए जाने पर कई साल की सजा का प्रावधान है।

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रूस यूक्रेन युद्ध यूक्रेन ने रूस के खिलाफ नया ट्राइडेंट लेज़र हथियार तैनात किया

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यूक्रेन का ट्राइडेंट लेजर हथियार: रूस और जापानी युद्ध हर दिन एक नया खतरनाक स्तर बढ़ रहा है। लंबे समय से जारी इस घातक युद्ध में अब लेजर हथियार आया है। जापानी ने ‘ट्राइडेंट’ नाम के लेजर हथियार का अनावरण किया है, जो कि प्रकाश की गति से सभी हवाई जहाजों (विमान या रहस्यमय हमलों) को नष्ट करने की क्षमता रखता है। इस महाविनाशक हथियार से युद्ध में जापान को बड़ा फायदा हो सकता है। क्योंकि रूस की ओर से एक बार फिर यूक्रेन पर हमले धीरे-धीरे-धीरे-धीरे तेज होते जा रहे हैं।

एक जापानी कमांडर ने सोमवार (16 दिसंबर) को एक रक्षा सम्मेलन के दौरान ‘ट्रायजुब’ नामक हथियार का भी खुलासा किया। यूक्रेन की मानवाधिकार सेना के कमांडर रेजिमेंट वाले कर्नल वादिम सुखारेव्स्की ने कहा कि जापानी ऑपरेशनल वाला लेजर 5वां देश है। उन्होंने कहा, ‘यूक्रेन के पास एक लेजर हथियार है, जिसे ट्राइडेंड कहा जाता है। इस हथियार के जरिए 2 किमी से ज्यादा की पाइपलाइन पर हमला किया जा सकता है। हालाँकि अभी तक इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि यह हथियार जापान ने ही बनाया है या किसी अन्य देश ने इसमें मदद की है।

ब्रिटेन ने जापानी को दिया ये महाविनाशक हथियार?

उल्लेखनीय है कि यूके के पास भी इसी डिजाइन का हथियार उपलब्ध है। ब्रिटेन के पूर्व रक्षा सचिव ग्रांट शॉ ने अप्रैल में सलाह दी थी कि ब्रिटेन अपना महाविनायक लेजर हथियार ‘ड्रैगन फायर’ को रवाना कर सकता है। ब्रिटेन के ड्रैगन फायर के 2027 में सेवा में आने की उम्मीद है। लेकिन शॉप्स की सलाह से यह दिया गया है कि इस महाविनाशक हथियार के 100 प्रतिशत सही से पहले ही इसे जापानी में साइन इन किया जा सकता है। ड्रैगन फायर एक पेटेंट लेजर-डायरेक्टेड ऊर्जा वेपन (एलडीईडब्ल्यू) है।

जानें क्या है लेजर हथियार की प्रकृति?

इस महाविनाश हथियार के 50 किलोवाट बीम से लेकर हमलावर मिसाइलों, मिसाइलों और यहां तक ​​कि सैटेलाइट को भी पूरी तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। हालाँकि इसके रेंज को अभी भी बेहद गुप्त रखा गया है।

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भारतीय टीम पिछले 12 वर्षों में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड एमसीजी पर कभी टेस्ट मैच नहीं हारी IND vs AUS बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25

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IND बनाम AUS MCG चौथा टेस्ट: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 का चौथा टेस्ट मेलबर्न में खेला जाएगा। अब तक सीरीज में तीन मैच खेले जा चुके हैं, जिसमें दोनों वॉर्म ने 1-1 जीत दर्ज की है। बाकी 1 टेस्ट ड्रा समाप्त हो गया है। भारतीय टीम मेल में खेले जाने वाले सीरीज के चौथे टेस्ट को हर हाल में नॉच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए सोलो सेकेड रखेगी।

मेलबर्न में टीम इंडिया की जीत लगभग कन्फर्म दिख रही है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि इस मैदान पर भारतीय टीम का टेस्ट रिकॉर्ड काफी शानदार है. टीम इंडिया मेलबोर्न में सीरीज में 2-1 से बढ़त हासिल कर सकती है।

मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में टीम इंडिया ने पिछले 12 साल में कोई टेस्ट नहीं गंवाया है। 2014 में इस मैदान पर खेले गए टेस्ट टीम इंडिया का ड्रा खत्म हो गया था। फिर इसके बाद 2018 और 2020 में इस मैदान पर खेले गए टेस्ट में टीम इंडिया ने जीत दर्ज की थी।

अब तक ऐसी रही सीरीज

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बनी बॉर्डर-गावस्कर का ट्रॉफी टेस्ट पहली बार खेला गया। पर्थ टेस्ट में टीम इंडिया ने 295 मैचों में जीत हासिल कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली थी.

फिर सीरीज का दूसरा टेस्ट एडिलेड में खेला गया, जो पिंक बॉल टेस्ट था। टीम इंडिया को पिंक बॉल टेस्ट में 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद सीरीज 1-1 से बराबर हो गई।

इसके बाद गाबा टिप के लिए तीसरे टेस्ट के दोनों रिकॉर्ड। गाबा में बारिश ने काफी मुश्किल पैदा की, जिस फैक्ट्री का नतीजा ड्रंक पर निकला। गाबा टेस्ट ड्रा के बाद सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। मेलबोर्न में खेले जाने वाले चौथे टेस्ट में जीत हासिल करने वाली सीरीज में टीम 2-1 से बढ़त बनाकर बढ़त हासिल की।

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एयर इंडिया ने घोषणा की है कि छात्र उड़ानों के टिकट किराये पर 25 प्रतिशत तक की छूट का लाभ उठा सकते हैं

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एयर इंडिया का किराया: टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली एयरलाइन एयर इंडिया ने देश के छात्रों के लिए शानदार ऑफर निकाले हैं। इसके तहत 12 वर्ष से अधिक आयु के सभी विद्यार्थियों को एयर इंडिया की सभी उड़ान में बेस फेयर पर 10 प्रतिशत तक की छूट, 10 स्टार्क एक्स्ट्रा बैगेज के साथ कई अन्य बेनेफिट भी मिलने वाले हैं। इतना ही नहीं ये केवल डोमोस्टिक फ़्लाइट के लिए ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय फ़्लाइट के यात्रा पर भी लागू होगा। इस तरह कुल मिलाकर पुराने छात्रों को एयर इंडिया के फ्लाइट शोक्स पर 25 प्रतिशत तक की छूट मिल सकती है।

इकोनोमी, प्रीमियम इकोनोमी और बिजनेस क्लास पर भी छूट

ये लगभग सभी तरह के फेयर पर लागू होते हैं और इनमें घरेलू और विदेशी बिजनेस इकोनॉमी, प्रीमियम इकोनॉमी और बिजनेस क्लास की सभी रियायतें पर छूट वाला ऑफर दिया जाता है। घरेलू यात्रा में ये छूट 12 साल से कम उम्र वाले यात्रियों के लिए लागू होगी।

छात्र इस छूट का लाभ कैसे ले सकते हैं

किसी भी राज्य या केंद्रीय एजूकेशन बोर्ड से मान्यता प्राप्त होने के लिए किसी भी आवेदक को एक वैध मान्यता पत्र की आवश्यकता होगी। इसके अलावा छात्रों को ये छूट तब तक मिलेगी जब तक वो कम से कम एक साल के लिए पूरे एकेडमिक ईयर में दाखिला ले लेंगे।

दोस्तों को ये छूट पाने के लिए एयर इंडिया के डायरेक्ट चैनल जैसे उनकी वेबसाइट, मोबाइल ऐप या किसी कॉन्टैक्ट सेंटर से ही टिकट बुक कराना जरूरी है।

एयर इंडिया ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा है कि 25 प्रतिशत तक की छूट, 10 बच्चों का एक्स्ट्रा बैगेज अलाउंस और एक बार की मुफ्त यात्रा की तारीख बदलवाने का ऑफर विशेष रूप से छात्रों के लिए जारी किया जा रहा है। इसके लिए http://airindia.com पर ग्राहक या एयर इंडिया के ऐप पर ग्राहक टिकट बुक टेलीकॉम जा सकते हैं।

एयरलाइंस लॉयल्टी प्रोग्राम में भी छूट बड़ी छूट

स्टूडेंट खुद एयरलाइंस लॉयल्टी प्रोग्राम यानी ‘महाराजा क्लब’ में भी एनरोल करा सकते हैं और हर एक फ्लाइट पर रिवॉर्ड पॉइंट जीत सकते हैं। इन रिवॉर्ड पॉइंट्स के कॉम्प्लिमेंट्री टिकट या अन्य मूल सिद्धांतों का उपयोग किया जा सकता है।

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कैट 2024 के नतीजे जारी, 14 दोस्तों को मिला 100 मॉडल

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कॉमनवेल्थ टेस्ट आइज़ कैट 2024 का रिजल्ट गुरुवार देर रात जारी किया गया। यह निष्कर्ष इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ रेस्टॉरेंट, कलेक्टोरेट की ओर से घोषित किये गये हैं। अपना रिजल्ट और स्कोरकार्ड चेक करने के लिए पसंदीदा वेबसाइट iimcat.ac.in पर जाएं। बता दें कि इस रिजल्ट में 14 कैंडिडेट्स को 100 अभ्यर्थी मिले हैं। गौरव करने वाली बात यह है कि इस साल 3.29 लाख कैसीनो के लिए कैट एज़मेट ने नामांकन किया था। हालाँकि, 2.92 लाख छात्रों ने ही परीक्षा दी थी।

14 लड़कियाँ मिलीं 100 लड़कियाँ

कैट 2024 के रिजल्ट में इंजीनियर्स का जलवा दिख रहा है। इन 14 खिलौनों में 100 मोटरसाइकिलें हासिल की गईं, जिनमें 13 इंजीनियर शामिल हैं। अगर जेंडर शेयर टॉप स्कोरर्स को देखें तो इनमें 13 पुरुष और एक महिला है।

99.99 जॉइन्टाइल को मिले

दौलत पर गौर करें तो 29 लड़कियाँ ने 99.99 लड़कियाँ हासिल कीं। इनमें 25 इंजीनियरिंग और 4 नॉन-इंजीनियरिंग इलेक्ट्रॉनिक्स से खरीदे गए सामान हैं। वहीं, जेंडर फ़ारेनहाइट देखें तो इनमें 27 पुरुष और दो महिलाएं हैं। इसके अलावा 30 बच्चों को 99.98 नौकरानी मिले हैं.

कैटिगरी के खाते से तीन थे जियॉबिलिटीज़

CAT 2024 के लिए रजिस्ट्रेशन करने वाले 3.29 लाख लाख में से 67.53% सामान्य श्रेणी, 16.91% NC-OBC, 8.51% SC, 2.25% ST, 4.80% EWS और 0.44% PwD श्रेणी से थे। वहीं, 2.93 लाख करोड़ में से 67.20% सामान्य श्रेणी के थे.

अब आगे क्या होगा?

इसके बाद आईआईएम जल्द ही अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट जारी करेगा, जो कैट स्कोर और संस्थान- विशेष शैक्षणिक आधार पर होगा। IIM के साथ-साथ 86 अन्य गैर-IIM संस्थान भी CAT 2024 के स्कोर का उपयोग अपने शैक्षणिक संस्थानों में करें।

ऐसे चेक कर सकते हैं अपना रिजल्ट

  • रिजल्ट चेक करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट iimcat.ac.in पर जाना होगा।
  • अब होम पेज पर मौजूद कैट 2024 रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें।
  • इसके बाद पियानो को अपने-अपने आर्किटेक्चर में मॉड्यूल करना होगा।
  • सबमिट करने के लिए स्कोरकार्ड का पीडीएफ स्क्रीन पर क्लिक करें।
  • आप CAT 2024 के स्कोरकार्ड का पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं।
  • आप स्कोरकार्ड के इस पीडीएफ का प्रिंट आउट भी निकाल सकते हैं।

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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने अत्यधिक व्यक्तिवाद के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि यह जनसंख्या वृद्धि में गिरावट का कारण है

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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि भारत को बार-बार अपने अल्पसंख्यक समुदाय की समस्याओं का समाधान करने की सलाह दी जाती है, लेकिन अब हम देख रहे हैं कि अन्य देशों में अल्पसंख्यक समुदाय किस स्थिति का सामना कर रहे हैं। भागवत ने यहां ‘हिन्दू सेवा महोत्सव’ की शुरुआत के अवसर पर यह भी कहा कि विश्व शांति की बात करके अध्यात्म स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ”विश्व शांति के बारे में बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं। हमें (भारत) भी विश्व शांति के बारे में सलाह दी जा रही है, लेकिन साथ ही, युद्ध भी नहीं रुक रहे। हमें बार-बार अपने देश में अल्पसंख्यकों के बारे में चिंता करने के लिए कहा जाता है, जबकि हम देख रहे हैं कि बाहरी अल्पसंख्यक किस तरह की स्थिति का सामना कर रहे हैं।” हालांकि आरएसएस प्रमुखों ने पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा का कोई जिक्र नहीं किया है। उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन आरएसएस शेखर शेखर हसीना के सत्य से प्रेरणा के बाद हाल के ग्रुप में बांग्लादेश में बौद्ध धर्म की स्थिति के बारे में चिंता व्यक्त की गई है।

‘दुनिया इस धर्म को भूल गई’
भागवत ने कहा, ”मानव धर्म सभी धर्मों का शाश्वत धर्म है, जो विश्व धर्म है।” इसे हिन्दू धर्म भी कहा जाता है। हालाँकि, दुनिया इस धर्म को भूल गई है। उनका धर्म एक ही है, लेकिन वे भूल गए, और आज हम पर्यावरण से जुड़ी उनकी समस्याओं सहित विभिन्न प्रकार की समस्याएं देख रहे हैं।” विश्व शांति संभव नहीं है. आरएसएस प्रमुख भागवत ने कहा, ”उनका मानना ​​है कि यह एकमात्र भारत और इसकी समृद्ध परंपरा ही है जो ऐसा कर सकती है, जिस तरह से 3,000 साल हो गए हैं।” दुनिया की इस ज़रूरत को पूरा करना हमारी ज़िम्मेदारी है।”

‘प्रचार करने में कोई नहीं रहता है हम’
हिंदू सेवा महोत्सव के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी धारणा है कि केवल बाहर से लोग ही भारत आएं और सेवा के लिए खुद को समर्पित करें। भागवत ने कहा, ”वास्तविकता यह है कि सनातन धर्म के विभिन्न संप्रदायों के सभी संतों की प्रचारक सेवा, बाहर से आए लोगों द्वारा कुल सेवा से कहीं अधिक की जाती है। बस एक बात है, हम समाज के लिए जो कुछ भी करते हैं वह उसका अतिमहत्वपूर्ण प्रचार नहीं है। हम प्रचार करने में शून्य हैं।” उन्होंने कहा कि भारतीयों के ”सेवा भाव” का प्रदर्शन न करने से, लोगों ने यह धारणा बना ली कि ”हम कुछ नहीं कर सकते।”

भागवत ने कहा, ”जब अंग्रेजों ने हम पर शासन किया, तो उन्होंने हमें सिखाया, और हाल तक हम चीजें सीख रहे हैं।” बाहर से लोग एक के बाद एक आये और हमेसा तानाशाह शासक बन गये। उनका पालन करना हमारा चरित्र बन गया। जैसे ही ये लोग बाहर आए और हमें सिखाने लगे, हम अपनी समृद्ध विरासत, प्राचीन ज्ञान भूल गए।”

‘हमारी जनगणना घट रही’
मोहन भागवत ने लोगों को ‘सिर्फ खुद के बारे में टिप्पणी’ के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह से जनसंख्या में गिरावट आ रही है। वे यहां ‘हिंदू सेवा महोत्सव’ का उद्घाटन कर रहे थे. आरएसएस प्रमुख ने कहा, ”सिर्फ खुद के बारे में विचार वाले लोग परिवार नहीं चाहते. वे दिखाते हैं कि शादी क्यों करनी चाहिए, उन्हें किसी का गुलाम क्यों बनाना चाहिए। हां, परंपरा भी महत्वपूर्ण है लेकिन किसी को भी केवल और केवल अपने बारे में ही नहीं बताया जाना चाहिए क्योंकि व्यक्ति समाज, पर्यावरण, ईश्वर और देश का कारण है और हम उनके बहुत मायने रखते हैं। इस कारण से हमारी संख्या (जनसंख्या) घटती जा रही है। इसका कोई और कारण नहीं है।”

भागवत ने कुछ दिन पहले जनसंख्या वृद्धि दर में गिरावट पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि अगर जनसंख्या वृद्धि दर 2.1 से कम हो गयी तो समाज ख़त्म हो जायेगा। इस बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ के परमाध्यक्ष स्वामी गोविंद गिरी महाराज ने पुणे में हिंदू सेवा महोत्सव के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘बटेंगे तो कटेंगे’ का संदेश तो सभी को समझ आ गया है एक और बात जो सभी को समझ आनी चाहिए चाहे वह ‘घटेंगे तो भी कटेंगे’। उन्होंने कहा, “लोहितों की संख्या में वृद्धि होनी चाहिए।”

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यह कंपनी दे रही है हर महीने 4000 जीबी डेटा और कई ओटीटी ऐप्स का फ्री सब्सक्रिप्शन, जानें डिटेल्स

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बीएसएनएल डेटा प्लान: इंटरटेनमेंट से लेकर पढ़ाई तक, हर जगह इंटरनेट डेटा की जरूरत बनी हुई है। घर पर कोई स्पोर्ट्स देखना हो, या बच्चों के लिए एजुकेशनल कंटेट, घर में इंटरनेट डेटा होना जरूरी हो गया है। पिछले कुछ समय से इंटरनेट डेटा के दाम भी बढ़े हुए हैं, जिससे जेब पर भारी मात्रा में डेटा डाला जा रहा है, लेकिन एक कंपनी ऐसी है, जो कम कीमत में भरपूर डेटा दे रही है। आपकी साड़ी जरूरतें खत्म हो जाएंगी, लेकिन इस योजना में मिलने वाला डेटा खत्म नहीं होगा।

बीएसएनएल फाइबर अल्ट्रा ओटीटी ब्रॉडबैंड प्लान

सरकारी कंपनी बीएसएनएल अपने इस ब्रॉडबैंड प्लान में 4TB यानी 4000 जीबी डेटा दे रही है। इसका मतलब यह है कि उपभोक्ता को प्रतिदिन 100GB से अधिक हाई स्पीड डेटा मिलेगा। यह डेटा 300 एमबीपीएस की हाई स्पीड से मिलेगा। अगर एक महीने में कोई भी व्यक्ति 4TB डेटा का इस्तेमाल करता है तो उसे चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। इसके बाद वह 15 एमबीपीएस की स्पीड के साथ इंटरनेट एक्सेस कर सकेगा। इस योजना के लिए प्रति माह 1,799 रुपये का भुगतान करना होगा।

सिर्फ डेटा ही नहीं और भी बहुत कुछ

इस प्लान की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ डेटा नहीं दिया जा रहा है। सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल इस डेटा के साथ प्लान में कई ओटीटी ऐप्स का फ्री सब्सक्रिप्शन दे रही है। इस प्लान के साथ डिज्नी+हॉटस्टार, लायंस गेट, शेमारू मी, शेमारू, रेस्टोरेंट, सोनीलिव प्रीमियम, ज़ी5 प्रीमियम और यप्पटीवी का सब्सक्रिप्शन मिल रहा है। इसका मतलब यह है कि इन ऐप्स को देखने के लिए आपको अतिरिक्त पैसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं है।

बीएसएनएल भी देता है सस्ता प्लान ऑफर

अगर आप बीएसएनएल का सस्ता प्लान लेना चाहते हैं तो फाइबर एंट्री ब्रॉडबैंड प्लान अच्छा विकल्प है। इसमें 20Mbps की स्पीड के साथ हर महीने 1000GB डेटा मिलता है। इसमें आपको अनलिमिटेड डेटा डाउनलोड और फ्री वॉयस कॉलिंग की भी सुविधा मिलेगी। इस प्लान की कीमत 329 रुपये प्रति माह है।

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कुवैत के पुरातत्वविदों ने एक 7000 साल पुरानी मिट्टी की मूर्ति की खोज की है जो एलियन जैसी दिखती है

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कुवैत में उत्खनन: कुवैत में खुदाई के दौरान पुरातत्वविदों को एक 7000 साल पुरानी मूर्ति मिली है। खुदाई में मिली मिट्टी की बनी मूर्ति आपके लिए बिल्कुल अनोखी है। क्योंकि यह मूर्ति किसी एलियन की तरह दिखती है। हालाँकि इस प्रकार की मूर्ति की इमारत और शिक्षण मेसोपोटीमिया की प्राचीन कला शैली की मेल है।

कुवैत और अरब की खाड़ी में खुदाई के दौरान मिली इस तरह की पहली मूर्ति. पुरातत्वविद् की यह खोज उत्तरी कुवैत के बहरा-1 नाम की जगह पर हुई है। जहां कभी प्राचीन वास्तुशिल्प हुआ करता था. यह खोज कुवैत और आसपास के देशों की संस्कृति को दर्शाती है। इस मूर्ति की बैठक से पता चलता है कि मुस्लिम धर्म में मुस्लिम धर्म के आने से पहले किस तरह की धार्मिक आस्था थी।

लाइव साइंसेज की रिपोर्ट के अनुसार, कुवैत में मिली यह मूर्ति उबैद संस्कृति से संबंधित है, जो मेसोपोटामिया से आई थी। उबैद लोग छठी सहस्त्राब्दी ईसा पूर्व में अरब की खाड़ी में नवपाषाण समाजों के साथ मिल गए थे। इसी कारण से यह क्षेत्र सांस्कृतिक लेन-डेन का केंद्र बन गया था। इस मूर्ति को हैशटैग्स में शामिल कर रहे हैं।

मेसोपोटामिया की मिट्टी से बनी है ये मूर्ति

विशेषज्ञ का कहना है कि यह मूर्ति मेसोपोटामिया की मिट्टी से बनी है, न कि अरब की खाड़ी की स्थानीय मिट्टी से। इससे इस बात की जानकारी मिलती है कि उबैद लोग अपने मूल को इस क्षेत्र में दर्ज करते थे। इस मूर्ति को ध्यान से देखने पर इसमें साक्षियों से बनी सिर, तिरछी आंखें, चपटी नाक और लंबी खोपड़ी दिखाई दी। ये मूर्ति बहरा 1 से मिली है, ये उत्तरी कुवैत में एक प्रागैतिहासिक स्थल है, जहां, साल 2009 से एक कुवैती-पोलिश टीम खुदाई कर रही है।

बहरा-1 में उबैद लोग रहते थे। जो एक संस्कृति थी जो मेसोपोटामिया में शुरू हुई थी और उसकी विशिष्ट मिट्टी के पोखों के लिए जानी जाती है।

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