सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, अब 10 ग्राम की कीमत रह गई सिर्फ इतनी

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सोने-चांदी की कीमत: सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है। जिले में गिरावट की वजह से इसे गायब करने का सुनहरा अवसर बन गया है। देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,150 रुपए प्रति यूनिट 78,350 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई। इसमें 99.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जबकि, इससे पहले शुक्रवार को सोने की कीमत 79,500 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, चांदी की कीमत में भी 300 रुपये की गिरावट आई और यह अब 92,500 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

सोने और चांदी की कीमत में गिरावट का कारण

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञ का मानना ​​है कि सोने की झील में उद्घाटित- ताला का मुख्य कारण मध्य पूर्व में बढ़ते राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक संकट हैं। ईसा मसीह के पुरातन वैल्यूएशन सौमिल गांधी का कहना है कि इजराइल और खाड़ी देशों के बीच तनाव और अमेरिकी अर्थव्यवस्था की अनिश्चितता के कारण भी सोने की मांग के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असर पड़ रहा है।

सोने की झील में गिरावट का एक और कारण वैश्विक ब्रिटेन में डॉलर का आकर्षण और रुचि में बदलाव है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 तक सोने के जिले में गिरावट देखने को मिल सकती है।

बज़ली बाज़ार में हलचल तेज़

सोने और चांदी के बाजार में हलचल जारी है। सोमवार को मार्केटप्लेस (एमसीएक्स) पर फरवरी में सोने के कॉन्ट्रैक्ट के लिए 143 रुपये की तेजी के साथ 77,279 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार हो रहा था। दिन के दौरान सोने ने 76,904 रुपये के लो लेवल और 77,295 रुपये के हाई लेवल को शेयर किया। वहीं, सिल्वर के मार्च प्रॉफिट कॉन्ट्रैक्ट में 319 रुपये की तेजी आई और यह 91,320 रुपये प्रति रिजॉल्यूशन पर पहुंच गया।

अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार का क्या हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की दुकानों में हलचल का आकलन किया गया। कॉमेक्स गोल्ड बोल्ट 2.70 डॉलर या 0.10 प्रतिशत प्रति शेयर 2,678.50 डॉलर प्रति उछाल हो गया। वहीं, एशियाई व्यापार सत्र में चांदी की कीमत 31.11 डॉलर प्रति डॉलर दर्ज की गई।

आने वाले समय का अनुमान

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का दावा है कि 2025 में सोने और चांदी की हिस्सेदारी में स्थिरता आ सकती है। हालाँकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड के दूसरे पद पर व्यापार युद्ध और आर्थिक विकास की संभावनाओं के कारण सोने की माँग बढ़ने की संभावना है।

युवाओं के लिए क्या सुझाव

विशेषज्ञ का कहना है कि स्थिर समय में सोने और चांदी के क्षेत्र में गिरावट के लिए लार्ज टार्म के लॉन्च का एक मौका हो सकता है। हालाँकि, किसी भी निवेश से पहले बाजार की स्थिति और योग्यता की राय जरूर लेनी चाहिए।

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कैसे पहचानें डिजिटल अरेस्ट स्कैम, इन तरीकों से करें खुद को सुरक्षित, tech टिप्स हिंदी

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डिजिटल गिरफ्तारी घोटाला: डिजिटल युग में साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहे हैं। डिजिटल एरेस्ट स्ट्राम में से एक है डिजिटल एरेस्ट स्ट्राम, जो लोगों को ड्रेयर रेस्ट करने का नया जरिया बन गया है। इस घोटाले में साइबर अपराधी खुद को पुलिस, सरकारी अधिकारी, या एजेंसी के प्रतिनिधि, पीड़ित को धोखा देते हैं। यदि आप सावधान नहीं हैं, तो इसका शिकार हो सकते हैं। आइए जानते हैं इससे बचने के उपाय और इससे बचने के उपाय।

डिजिटल अरेस्ट घोटाला क्या है?

डिजिटल एरेस्ट स्कैम में पीड़ित को कॉल, ईमेल या संदेश के माध्यम से संपर्क किया जाता है। उनका दावा है कि आपके खिलाफ कोई कानूनी मामला दर्ज है या आपके वकील का वारंट जारी हो गया है।

ये आप खरीददारी के लिए फर्जी दस्तावेज, जैसे गिरजाघर या अदालत का सामान, भेज सकते हैं। आपको तत्काल अकाउंट विवरण, बैंक डिटेल्स साझा करने या ऑफ़लाइन भुगतान करने को कहा जाता है। कुछ मामलों में, वे व्यक्तिगत डेटा चुराने के लिए फिशिंग लिंक चुराते हैं।

डिजिटल एरेस्ट स्टोर्स की पहचान कैसे करें?

डरने वाली भाषा: अगर कॉल, मैसेज या ईमेल में डरने-धमकाने वाले शब्दों का इस्तेमाल हो रहा है, तो सावधान रहें।

सक्रिय कार्रवाई का दबाव: यदि आपको तत्काल फाइलिंग फाइल या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने को कहा जाए, तो यह घोटाला हो सकता है।

फ़र्ज़ी दस्तावेज़: भेजे गए मूर्तिकार की मूर्ति को हमेशा जांचें।

संपर्क नंबर: ऐसे कॉल या तकनीशियन अक्सर अनैतिक या निजी नंबरों से आते हैं।

डिजिटल अरेस्ट स्कैम से बचने का उपाय

आधिकारिक पुष्टि: किसी भी कानूनी मामले की जानकारी के लिए संबंधित सरकारी एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट पर संपर्क करें।

व्यक्तिगत डेटा न दें: कभी भी फोन या ईमेल के माध्यम से अपने बैंक विवरण या अन्य संदेश जानकारी साझा न करें।

मछली पकड़ने की लिंक से छूट: अनन लिंक पर क्लिक करें.

साइबर कैमरे: यदि आपको घोटाले का शक हो तो तुरंत स्थानीय साइबर क्राइम विभाग को सूचित करें।

डिजिटल अरेस्ट स्कैम लोगों को डर और ब्रांड में स्टैम्प ठगने का तरीका है। सावधानी, सावधानी और सही जानकारी के जरिए आप ऐसे स्कैम से बच सकते हैं। हमेशा आधिकारिक सुरक्षा सुनिश्चित करें और किसी भी अनचाही कॉल या मैसेज पर फीडबैक फीडबैक से पहले जांच करें।

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गुजरात प्रवेश परीक्षा पंजीकरण तिथि पैटर्न और सभी महत्वपूर्ण जानकारी

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जीयूजेसीईटी परीक्षा: गुजरात जर्नल एंट्रेंस टेस्ट (GUJCET) 2025 की नामांकन तिथि सामने आ गई है। इस परीक्षा के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया 17 दिसंबर, 2024 से शुरू हो रही है। वहीं,आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2024 होगी। इच्छुक उम्मीदवार गुजरात माध्यमिक और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (जीएसईबी) की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए मोबाइल्स को आधिकारिक वेबसाइट gujcet.gseb.org पर लागू करना होगा।

गुजरात जर्नल एंट्रेंस टेस्ट के लिए आवेदन कैसे करें?

वहीं, गुजरात जर्नल एंट्रेंस टेस्ट (GUJCET) 2025 परीक्षा 23 मार्च, 2025 को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए 350 रुपये का शुल्क देना होगा। निःशुल्क भुगतान ए.डी.एल.ई. पे सिस्टम या बी.डी.ओ. की शाखा से किया जा सकता है। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए आयोजित की जाती है जो इंजीनियरिंग और फ़ार्मेसी स्नातक या डिग्री पाठ्यक्रमों में प्रवेश चाहते हैं। गुजरात जर्नल एंट्रेंस टेस्ट परीक्षा के माध्यम से छात्र, इंजीनियरिंग और फ़ार्मेसी स्नातक या डिग्री कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं।

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गुजरात जर्नल एंट्रेंस टेस्ट का पैटर्न क्या है?

परीक्षा में 120 बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं। ये प्रश्न तीन खंडों में बंटे होते हैं। हर खंड में 40 प्रश्न होते हैं. हर सही उत्तर के लिए एक अंक की आवश्यकता होती है और हर गलत उत्तर के लिए एक चौथाई हिस्सा काटा जाता है। परीक्षा में रसायन विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, और गणित से प्रश्न पूछे जाते हैं। सिद्धांत और रसायन विज्ञान से जुड़े प्रश्न एक साथ पूछे जाते हैं। जीव विज्ञान और गणित के प्रश्न अलग-अलग पूछे जाते हैं। परीक्षा में शामिल होने के लिए 120 मिनट का समय दिया जाता है। परीक्षा गुजराती, अंग्रेजी, और हिन्दी में आयोजित की जाती है।

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एसोसिएटेड किज गुजरात बोर्ड और हायर हायर एजुकेशन (जीएसईबी) ने गुजरात कॉमनवेल्थ एंट्रेंस टेस्ट (जीयूजेसीईटी) 2025 के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इस नोटिफिकेशन के मुताबिक, आवेदन 17 दिसंबर से शुरू होगा. उम्मीदवार अपनी योग्यता की जांच आधिकारिक और वेबसाइट – gujcet.gseb.org पर कर सकते हैं। पंजीकरण करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2024 है। अगर आप इसके लिए नामांकन करना चाहते हैं तो 31 दिसंबर 2024 से पहले आधिकारिक वेबसाइट – gujcet.gseb.org पर आवेदन कर सकते हैं।

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सुनील गावस्कर ने विराट कोहली को दी सलाह, जैसे सचिन तेंदुलकर ने 2004 के सिडनी टेस्ट में कवर ड्राइव नहीं खेला था

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सुनील गावस्कर की विराट कोहली को सलाह: विराट कोहली गाबा टेस्ट में फ्लॉप। भारत की पहली पारी के दौरान कोहली ऑफ फेम की गेंद को छेड़ते हुए आउट हो गए थे। कोहली ने कीपर को कैच थमा दिया था। इसी तरह की बात सामने आने के बाद सुनील गावस्कर ने कोहली को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से सीखना चाहिए। सचिन ने 2003-04 में ऑस्ट्रेलिया में सिडनी टेस्ट सीरीज के खिलाफ 241 बल्लेबाजों की पारी खेली थी।

गावस्कर ने स्टार स्पोर्ट्स पर ऐसा करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि सचिन तेंदुलकर ने 2004 में क्या किया था। शुरुआती तीन टेस्ट में वह आउट ऑफ द लाइन में प्रतिस्पर्धा करते हुए सामने आए थे।” और शॉर्ट स्ट्रीट में कैच हुए थे। लेकिन जब वह सिडनी आए तो उन्होंने तय किया कि वह ड्राइव के एरिया में नहीं खेलेंगे। उन्होंने रोल-थ्रू और मिड-ऑफ फील्डर के ऊपर और दूसरी तरफ बाकी सब कुछ खेला। यही उनका संकल्प था ड्राइव हो. मुझे लगता है कि 200-220 तक पहुंचने के बाद उन्होंने इसे खेला.”

गावस्कर ने आगे कहा, “आपको इस तरह का मेंटल कंट्रोल रखना चाहिए। 2003-04 की सीरीज के सिडनी टेस्ट में शानदार वापसी की थी। उनके पहले कवर ड्राइव की कोशिश में वह बार-बार आउट हुए थे। ऑस्ट्रेलियाई रैसलरों की रणनीति को पहचानने के बाद उन्होंने अपने खेल से कवर ड्राइव को पूरी तरह से अलग करने का निर्णय लिया। 436 गेंदों पर कास्ट ने 241 रन बनाए, भारत ने शुरुआत से पहले 705/7 का स्कोर बनाया का मास्टरक्लास था, क्योंकि एसोसिएटेड ने ऑस्ट्रेलियाई हमले पर हमला कर दिया था और उनकी मंशा को विफल कर दिया था।”

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राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने बीजेपी पर हमला बोला और कविता के जरिए पीएम मोदी और उनकी नीतियों पर सवाल उठाए

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मल्लिकार्जुन खड़गे बीजेपी पर: समाजवादी पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार (16 दिसंबर) को अपने भाषण में भाजपा पर ज़ोरदार पार्टी को संबोधित किया। खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार की समितियों पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि भाजपा जुमलों और कैथोलिक वादों के माध्यम से देश को बेकार कर रही है। खड़गे ने शायरी के अंदाज में भी बीजेपी पर अपना हमला जारी किया.

मल्लिकार्जुन खड़गे ने 15 लाख रुपये का वादा किया और नरेगा जैसी कांग्रेस सरकार की मंजूरी को लेकर भाजपा को घेरा, साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण को पूर्व में समर्थकों से सवाल किया कि 11 पूर्वी राज्यों में भाजपा ने लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए कहा क्या- क्या ठोस कदम हैं. खरगे ने इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि बांग्लादेश की आजादी के समय एक लाख लोगों को बंदी बनाना आसान काम नहीं था, लेकिन इंदिरा गांधी ने कहा था कि हमारे देश के करीब आएं तो खैर नहीं.

खड़गे ने नरेगा और लैंड रिफॉर्म की चाबी बताई

खड़गे ने अपने भाषण में कांग्रेस सरकार की मंजूरी की सराहना करते हुए कहा कि नरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार महासभा) गरीबों का सहारा बनेगा, खासकर कोविड के समय में। लैंड रिफॉर्म जैसे कदमों ने लोकतंत्र को स्थान दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी के भाषणों में गहरी बातें तो होती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई नजर नहीं आती.

भाजपा पर शायरी के माध्यम से

खड़गे ने अपने भाषण में शायरी का सहारा लेते हुए बीजेपी पर हमला बोला. उन्होंने कहा, ”तुम अपने अकीदतमंदों के नेजे हर दिल में उतरते हो, हम लोग मोहब्बत वाले हैं, तुम खंजर क्यों उतारते हो। इस शायरी के जरिए उन्होंने बीजेपी पर ध्रुवीकरण और सामाजिक शिक्षा का आरोप लगाया।

खड़गे ने सागर में पढ़ी शायरी:-

“तुम अपने अकीदों के नेजे हर दिल में उतरते हो

हम लोग मुहब्बत वाले हैं तुम खंजर क्यूँ लहराते हो

इस शहर में नगमे जन्म दो बस्ती में हमें भी रहना दो

हम पालनहार हैं फूलों के हम खुशबु के रखवाले हैं

तुम किस का लहू पीने आये हम प्यार सिखाने वाले हैं

इस शहर में फिर क्या देखोगे जब हर्फ यहां मरेगा

जब तेग पे लय कटेगा जब शेर का सफर करोगे

जब काल हुआ सुर साजों का, जब काल बनी आवाजों का

जब शहर खंड बनेगा फिर किस पर संग उठाओगे

“अपने चेहरे आइनों में जब देखोगे डर”

ये संविधान से जलने वाले लोग

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि आप समाजवाद की बात करते हैं, आप इसे पढ़ते हैं, जो लोग झंडे से, अशोक चक्र से और संविधान से नफरत करते हैं, ये लोग हमें पाठ पढ़ा रहे हैं। जो संविधान को जलाने वाले लोग हैं.

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रूस की ओर से बशर अल-असद का पहला बयान, कहा गया है कि सीरिया आतंकवाद के हाथ में है

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बशर अल असद: सीरिया में तख्तापलट के बाद बशर अल-असद का बड़ा बयान सामने आया है। असद ने रूस से जारी अपने बयान में दावा किया कि सीरिया अब “आतंकवाद के हाथों में है”। उन्होंने दमिश्क को प्रतिष्ठित उपाय के रूप में छोड़ दिया, क्योंकि राजधानी पर हयात साजिद अल-शाम (एचटीएस) और उनके सहयोगी गुटों का कब्ज़ा हो गया था। बशर अल-असद ने कहा कि जब भी उन्होंने पद छोड़ने या शरण लेने के बारे में नहीं सोचा था, उन्होंने कहा कि उनके एकमात्र उपाय आतंकवादी हमलों के खिलाफ लड़ाई जारी है।

सीरिया पर हमले के बाद बशर अल-असद ने अपने पहले बयान में कहा कि दमिश्क के पतन के बाद उनके देश की वापसी पर कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन पश्चिमी सीरिया में उनके ठिकानों पर हमले के बाद रूसी सेना ने उन्हें वहां से हटा दिया। असद ने अपने फेसबुक पेज पर एक बयान में कहा कि उन्होंने 8 दिसंबर की सुबह दमिश्क छोड़ दिया, जब विद्रोहियों ने राजधानी दमिश्क पर हमला किया था। असद ने रूस से एक लिखित बयान में कहा, “सबसे पहले, सीरिया से मेरी प्रस्थान न तो योजनाबद्ध थी और न ही यह लड़ाई के अंतिम घंटे के दौरान हुआ था, जैसा कि कुछ लोगों ने दावा किया है, इसके विपरीत, मैं दमिश्क में आ रहा हूं , रविवार 8 दिसंबर 2024 की सुबह तक अपनी सक्रियता का पालन करते रहे।”

डाटाबेस में बैटलरीरी की योजना बनाई गई

उन्होंने कहा कि वे रूसी सहयोगियों के समन्वय के साथ लाबाकिया में रूसी बेस के लिए निकले थे, जहां उन्होंने युद्ध जारी रखने की योजना बनाई थी। असद ने कहा, “जब हमलावर सैनिकों ने दमिश्क में घुसपैठ की थी, तब मैंने अपने रूसी सहयोगियों के साथ समन्वय कर हमला किया था, ताकि युद्ध अभियानों की पहचान की जा सके। उस सुबह हमीम एयरबेस पर हमला हुआ, यह स्पष्ट हो गया कि हमारी सेनाएँ सभी बैटल लाइन्स से पूरी तरह से हट गई थी और सेना की आखिरी यादगार भी गिर गई थी।”

8 दिसंबर को उन्हें रूस ले जाने का फैसला लिया गया

असद ने कहा कि रूसियों ने 8 दिसंबर की रात को उन्हें रूस ले जाने का फैसला सुनाया। पूर्व सीरियाई राष्ट्रपति ने कहा, “जैसे-जैसे क्षेत्र में स्थिति को नष्ट कर दिया गया, रूसी सैन्य बेस पर भी ताज हमले के कारण तेज हमले हुए। रविवार 8 दिसंबर की शाम को रूस के लिए बिक्री के लिए फूलों की व्यवस्था करें।”

‘पद वापसी या शरण लेने के बारे में नहीं सोचा’

सीरिया से वापसी के बाद अपनी पहली प्रार्थना में बशर अल-असद ने कहा कि जब भी उन्होंने पलायन या शरण लेने के बारे में सोचा तो उन्होंने नहीं सोचा और कहा कि एकमात्र उपाय नरसंहार हमलों के खिलाफ युद्ध जारी रखना है। उन्होंने पत्र में कहा, “इन घटनाओं के दौरान जब भी मैंने पद छोड़ने या शरण लेने के बारे में सोचा, तो न ही किसी व्यक्ति या पार्टी की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव रखा गया। कार्रवाई का एकमात्र तरीका अत्याचार हमलों के खिलाफ लड़ाई जारी है।” रखना था।”

उन्होंने कहा, “इसके अलावा, जिस व्यक्ति ने कभी फिलीस्तीन और लेबनान में प्रतिरोध को खत्म नहीं किया था, न ही अपने सहयोगियों को धोखा दिया था, जो उसके समर्थक थे, उसे लगता है कि वह व्यक्ति नहीं हो सकता है जो आपके लोगों को या सेना को छोड़ सके और राष्ट्र को धोखा दे, जिससे वह संबंधित है।”

रूसी विदेश मंत्रालय ने 8 दिसंबर को घोषणा की थी कि बशर अल-असद ने सत्य के मादक द्रव्यों के ऑर्डर जारी करने के बाद पद छोड़ दिया है और देश छोड़ दिया है। इसके तुरंत बाद, न्यूज एजेंसी TASS ने क्रेमलिन के अंतिम संस्कार के बारे में कहा कि पूर्व राष्ट्रपति और उनके परिवार को रूसी राजधानी मॉस्को में शरण दी गई है।

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बिटकॉइन स्टोरी दो पिज्जा की कीमत खरबों रुपये, भूख की वजह से इस शख्स को हुआ दुनिया का सबसे बड़ा नुकसान, बिटकॉइन आज की कीमत

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कहते हैं कि इंसानियत ही इसलिए है कि अपना और अपने परिवार का पेट भर सके। लेकिन, क्या हो अगर हम कहें कि एक व्यक्ति के जीवन में करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया। इस शख्स ने अपने के साथ मिलकर सिर्फ दो पिज्जा पिज्जा और उसके लिए आज के अकाउंट से खरबों रुपये चुकाने पड़े। अगर, आप सोच रहे हैं कि ये दो पिज्जा, मोती और आलीशान जवाहरात से बने नवीनल में बंद थे, तो आप गलत हैं। ये बिलकुल सामान्य थे और लिपिबद्ध अभिलेख भी बिल्कुल सामान्य थे। जानिए, आखिर पूरी कहानी क्या है। कैसे किसी को सिर्फ दो पिज्जा की वजह से खरबों रुपये का नुकसान हो सकता है।

पूरी कहानी क्या है

सच्चा, ये पूरा मामला ज्वालामुखी से बना है। हम जिस शख्स से बात कर रहे हैं, उसका नाम लेज्लो हैनिज है। लेज़लो हैनिज़ ने आज से कुछ साल पहले दो पिज़्ज़ा अपने बच्चों के साथ का सपना देखा था और इसके लिए उन्होंने पिज़्ज़ा वाले को 10 हज़ार ज़रिये दिए थे।

जानकारियों के मुताबिक आज की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में एक लाश की कीमत 1,06,000 डॉलर से भी ज्यादा हो गई थी। अब आप 1,06,000 डॉलर से 10000 तक का मुनाफा कर सकते हैं. भारतीय रुपयों में ये इतनी ज्यादा कीमत होगी कि आप इन्हें भी नहीं खरीद पाएंगे. हालाँकि, जब लैज्लो ने 10 हजार पिज्जा वाले के लिए दो पिज्जा बनाए थे, तब उसकी कीमत सिर्फ 41 डॉलर थी।

दुनिया का सबसे बड़ा बंधन

लेज़्लो हैनिज़ को आज दुनिया का सबसे बुरा इंसान माना जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अगर साल 2010 में उन्होंने सिर्फ दो पिज्जा के लिए 10 हजार डॉलर नहीं दिए तो आज उनकी इतनी संपत्ति है कि वह दुनिया के टॉप रईसों में शामिल हो गईं। हालाँकि, लैज़लो हैनिज़ एक मामले में ख़ुशनसीब भी है। असल में, लेज़लो हैनिज़ को पहला ऐसा व्यक्ति माना जाता है, जिसने पिस्तौल का इस्तेमाल किया था।

अभी और बढ़ सकती है वॉर्थ की कीमत

रिसर्च को लेकर माना जा रहा है कि भविष्य में इसकी कीमत में और भी ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। आईजी के स्टैच्यू टोनी साइकैमोर के अनुसार, ‘मार्केटिंग जिस तरह से चल रही है, 110,000 डॉलर तक पहुंच सकती है।’ इसके अलावा, दुनिया भर में डिजिटल मुद्राओं को लेकर स्वदेशी और सरकारी समर्थन के साथ भविष्य में भी यह बाजार और मजबूत होगा।

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टिकटॉक की समस्याएँ जारी हैं क्योंकि ऐप्पल और गूगल ने ऐप स्टोर से ऐप हटाने का निर्देश दिया है

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अमेरिका में टिकटॉक की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। इस पर पहले ही बैन का खतरा मंडरा रहा है और अब अमेरिकी कलाकारों ने ऐपल को बनाया है और गूगल ने अपने ऐप स्टोर्स से इस ऐप को हटाने का ऑर्डर दिया है। दोनों सहयोगियों को इसके लिए 19 जनवरी तक का समय दिया गया है। अगर ऐसा होता है तो अमेरिका में लोग टिकटॉक डाउनलोड नहीं कर पाएंगे। हालाँकि, इस निर्णायक का अंतिम लक्ष्य पर विशेष प्रभाव नहीं है।

प्रतिबंध का खतरा क्यों है?

टिकटॉक का मालिकाना हक चीनी हक कंपनी बीडांस के पास है। अब अगर बेबडांस अमेरिका में इसका ऑपरेशन जारी रखना चाहता है तो उसे यह पसंद आएगा। अगर वह 19 जनवरी तक किसी दूसरे देश की कंपनी को टिकट नहीं देता है तो उस पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। अमेरिका के टिकटों को नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है। बेबडांस पर ऐसे कई आरोप हैं कि उसने इस ऐप के जरिए लोगों का निजी डेटा चुराकर चीनी सरकार के इंटरनेट अकाउंट्स को चुरा लिया है।

अमेरिकी व्यापारियों ने पत्र में क्या लिखा?

अमेरिकी संसद की एक समिति के दो संगीतकार जॉन मुलनर और भारतीय-अमेरिकी राजा कृष्णमूर्ति ने ऐपल के सीईओ टिम कुक और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि बेबीडांस को स्थिरता के लिए कदम उठाने का समय दिया गया था। अब अगर वह कानून का पालन नहीं करता है तो उसे अमेरिका में ऐसे ऐप लॉन्च करने, मेंटेन करने और अपडेट करने का अधिकार नहीं होगा। इसलिए गूगल और ऐप को कानून का सम्मान करना जरूरी कदम उठाने की जरूरत है।

बेदांस कर रही राहत की उम्मीद

एक अमेरिकी अदालत के आदेश के बाद अमेरिकी व्यापारियों का यह पत्र सामने आया है। बेदांस ने इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। बेडांस को उम्मीद है कि यहां से उसे राहत मिल सकती है। कंपनी को अगर यहां से राहत नहीं मिलती है तो अमेरिका में उसका कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा। हालाँकि, रियल एस्टेट ऐप जारी करना सस्ता है, लेकिन उन्हें कोई अपडेट या समर्थन नहीं मिलेगा।

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हाई स्पीड ट्रेन की छत पर लेटकर शख्स ने बनाई रील, वीडियो वायरल

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ट्रेंडिंग वीडियो: सोशल मीडिया पर वायरल और पैसे के लिए लोग अब अपनी जानों पर भी दांव लगाने लगे हैं। जहां एक और जान है तो जहां है का नारा दिया जाता है वहीं एक और कुछ लोग अपनी जान से भारी रील बनाते हैं और फेमस होने को रहते हैं। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक सुपरस्टार सुपरफास्ट ट्रेन की छत पर रीयल कलाकार नजर आ रहे हैं।

मोटर ट्रेन की छत पर लेट गया

हाल ही में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक कंपनी ने ऑटोमोबाइल ट्रेन की छत पर लेटकर सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली रील बनाई है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि यह स्पेशलिस्ट बिना किसी सुरक्षा उपाय के ट्रेन की छत पर चढ़ जाता है, जबकि ट्रेन परमिट से चल रही है। यह खतरनाक खतरनाक व्यक्ति की जान तक जा सकता था। रेलवे अधिकारी से लोग इस घटना का स्मरणीय निष्कर्ष निकालने की बात कर रहे हैं, और इस मामले में कार्रवाई की बात कह रहे हैं.



जीवन से दस्तावेज़ कर रील

वायरल वीडियो में एक हाथ में कैमरा खींचा गया है और एक हाथ से ट्रेन की छत के कोने को पकड़ा गया है, वीडियो में ट्रेन की छत के कोने को एक हाथ से पकड़ते हुए दिखाया गया है, वीडियो में ट्रेन की छत के कोने को पकड़ते हुए दिखाया गया है, लेकिन स्पेशल को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है, यह स्पेशल रील है बनाने में शामिल है. खास बात यह है कि जिस ट्रेन की छत पर वोलोमोटिव इंजन वाली ट्रेन चल रही थी, उसकी वजह से स्पेसिफिक की जाने की संभावना कुछ कम हो गई थी। रील ब्रेक से जोर-जोर से चीख भी निकल रही है।

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उपभोक्ता ने कहा अगला वीडियो जेल से आओ

वीडियो को राहुल गुप्ता के नाम से शेयर किया गया है जिसे अब तक 17.7 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है तो वहीं 5 लाख 57 हजार से ज्यादा बार वीडियो को लाइक किया जा चुका है, ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लाइक करते हैं तरह तरह के रिएक्ट कर रहे हैं. एक किसान ने लिखा…इसकी अगली वीडियो पुलिस स्टेशन में माफ़ी मांगते हुए आएगी। एक और यात्री ने लिखा है…आर पेफ़ान्स सोइ हुई है, इसे अवशेषों के पीछे डालिए। तो वहीं एक और राक्षस ने लिखा…जेल जाने की पूर्व संध्या बधाई।

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