जाकिर हुसैन का निधन: तबला वादक जाकिर हुसैन का निधन, 73 साल की उम्र में कहा था दुनिया में रहना

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जाकिर हुसैन का निधन: मशहूर तबला वादक जाकिर हुसैन का 73 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के एक अस्पताल में प्रवेश पत्र सौंपा गया था। डेली भास्कर और इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, वे अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में आखिरी सांस ले रहे हैं।

राजस्थान सरकार में मंत्री राज्यवर्धन मनोहर ने अपने स्टॉक एक्सचेंज से उनके निधन पर पोस्ट कर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की है।

दिल की बीमारी से डॉक्टर रहे थे जाकिर हुसैन

एबीपी न्यूज के एक करीबी सूत्र ने बताया कि वे गंभीर रूप से बीमार हैं और उनका इलाज अमेरिका में चल रहा है। वो पिछली कुछ सामाज से दिल से जुड़ी बीमारी से जुड़े हुए थे। करीब 2 साल पहले उन्हें हार्ट में ब्लॉकेज का कारण बताया गया था।

कम उम्र में ही जाकिर हुसैन ने तबला पढ़ा था

जाकिर हुसैन के पिता दिवगंत मशहूर तबला वादक अल्ला खां थे। बता दें कि उन्होंने कई देसी और विदेशी फिल्मों में भी संगीत और फिल्मों के लिए तबला वादन किया। जाकिर हुसैन ने बेहद कम उम्र में ही तबला सीखना शुरू कर दिया था। उन्होंने इसकी प्रैक्टिस 7 साल की उम्र में की थी। और 12 साल की उम्र से ही उन्होंने देश भर में ओलॉजी ओकेजी शुरू कर दी थी।

4 दशक पहले अमेरिका में जा बसे थे जाकिर हुसैन

लगभग चार दशक पहले उस्ताद जाकिर हुसैन पूरी फैमिली के साथ अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में जा बसे थे। जाकिर खान को कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों से नवाजा गया है। उनके प्रसिद्ध देश के बाहरी पोस्टर में भी फोटो थे।

जाकिर हुसैन को नवाजा इन दिनों चुकाया गया है

जाकिर हुसैन को कई फिल्मों से नवाजा गया है। उन्हें भारत सरकार ने 1988 में पद्मश्री दी थी। इसके बाद साल 2002 में उन्हें पद्मभूषण भी दिया गया। साल 2023 में पद्मविभूषण जैसे सर्वोच्च पुरस्कारों से भी उन्हें नवाजा जा चुका है।

बता दें कि जाकिर हुसैन को साल 1990 में संगीत का सर्वोच्च सम्मान यानी ‘म्यूजिक ड्रामा एकेडमी अवॉर्ड’ भी दिया गया था।

जाकिर हुसैन ने 4 बार ग्रैमी पुरस्कार जीता

जाकिर हुसैन को सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी बड़े पुरस्कारों से नवाजा गया है। कंटेम्पररी वर्ल्ड म्यूजिक एलबम कैटगरी में सामूहिक संगीतमय प्रोजेक्ट/प्रयास के रूप में प्रसिद्ध एलबम ‘ग्लोबल ड्रम प्रोजेक्ट’ के लिए उन्हें 2009 में 51वें ग्रैमी फूड्स से नवाजा गया था।

उस्ताद जाकिर हुसैन को 7 बार ग्रैमी रिकॉर्ड्स के लिए नॉमिनेट का भुगतान किया जा चुका है। और भी कमाल की बात ये है कि उन्होंने इस कॉपी को 4 बार बनाया था.

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