पीएम नरेंद्र मोदी संसद भाषण शीतकालीन सत्र संविधान बहस 11 प्रतिज्ञा

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पीएम नरेंद्र मोदी संसद भाषण: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (14 दिसंबर 2024) को ‘संविधान के 75वें वर्ष की गौरवशाली यात्रा’ पर चर्चा में भाग लिया गया संविधान, संशोधन, कांग्रेस, महिलाओं के आंदोलन को लेकर चर्चा है। अपने भाषण के दौरान मोदी ने दिए 11 संकल्प. उन्होंने कहा, “भारत के भविष्य के लिए इस सदन के सामने मैं 11 संकल्प रखना चाहता हूं। शिक्षक तो सभी नागरिक और सरकार अपनी-अपनी निष्ठा की विश्वसनीयता का पालन करें। हर क्षेत्र और समाज को विकास का समान लाभ मिले, ‘सबका साथ’ , सबका विकास’ हो।’

पीएम मोदी ने कहा, “भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए, और कार्यकर्ताओं की सामाजिक नैतिकता खत्म हो जाए। देश के सिद्धांतों और सिद्धांतों के पालन में देश के नागरिकों को गौरव का भाव जागृत हो। गुलामी की धारणा से मुक्ति और देश मिले सांस्कृतिक विरासत पर गर्व हो। देश की राजनीति को परिवारवाद से मुक्त कर लोकतंत्र को बढ़ावा दिया जाए।”

‘धर्म के आधार पर अनोखा न दिया जाए’

पीएम मोदी ने कहा, ”संविधान का सम्मान हो और राजनीतिक स्वार्थ के लिए उसे हथियार न बनाया जाए। न दिया जाए। महिलाओं के नेतृत्व में महिलाओं के नेतृत्व में भागीदारी दी जाए। राज्य के विकास के माध्यम से राष्ट्र के विकास का मंत्र ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का लक्ष्य हो।

मोदी ने देशवासियों को जो 11 संकल्प दिए हैं, उनके बिंदुवार यहां पढ़ें:

  • 1. सभी नागरिक और सरकार अपनी-अपनी ईमानदारी की विश्वसनीयता का पालन करें।
  • 2. हर क्षेत्र और समाज को विकास का समान लाभ मिले, ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना बनी रहे।
  • 3. दोस्तों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए और दोस्तों की सामाजिक मानसिकता खत्म हो गई।
  • 4. देश के विधान और संप्रदाय के पालन में अहंकार का भाव जागृत होता है।
  • 5. गुलामी की समझ से मुक्ति मिले और देश की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व हो।
  • 6. राजनीति को परिवारवाद से मुक्त कर लोकतंत्र को दलित बनाया जाये।
  • 7. संविधान का सम्मान हो और राजनीतिक स्वामी के लिए उसे हथियार न बनाया जाए।
  • 8. जिन धातुओं को संविधान के तहत नाथन मिल रहा है, वह जारी कर रहे हैं, लेकिन धर्म के आधार पर नाच नहीं दिया जाएगा।
  • 9. महिलाओं के नेतृत्व में विकास अर्थात वूमेन के नेतृत्व में अंतराल को सहभागिता दी जाए।
  • 10. राज्य के विकास के माध्यम से राष्ट्र के विकास को सुनिश्चित किया जाये।
  • 11. ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के लक्ष्य को पूरा किया जाए।

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Realme 14x 5G अगले हफ्ते होगा लॉन्च, IP69 रेटिंग के साथ आएगा 15000 से कम कीमत

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Realme 14x 5G स्पेसिफिकेशंस: अगर आप नए साल पर नया फोन लेने की योजना बना रहे हैं तो रियलमी आपके लिए नया फोन लेकर आ रही है। रियलमी कंपनी ने अगले हफ्ते भारत में रियलमी 14x 5जी टेक्नोलॉजी लॉन्च की। कंपनी ने बताया कि 18 दिसंबर को लॉन्च होने वाला यह 3 कलर वाला स्मार्टफोन लॉन्च होने वाला है। कंपनी ने एक्स पर इसके डिजाइन की झलक भी दिखाई है। इसका फ्लैट फ्रेम होगा और यह रियलमी 12x का सक्सेसर होगा। रियलमी 12x के नए इक्विपमेंट में कई नए फीचर मिलने की उम्मीद है।

Realme 14x 5G में क्या फीचर्स हो सकते हैं?

अभी तक सामने आए लीक्स और अलग-अलग मोटो के, रियलमी के इस आर्किटेक्चर में 3 अलग-अलग रैम और स्टोरेज अलग-अलग होंगे। इसमें सबसे ऊपर 8GB रैम और 256GB स्टोरेज वेरिएंट रखा गया है। टीजर से यह भी पता चला है कि आने वाले फोन में डायमंड कट डिजाइन के साथ ग्रेडिएंट बैक पैनल लगाया जाएगा और कैमरा लेजर के लिए रेक्टेंगुलर आइलैंड बनाया गया है। कैमरे में 2 सेंसर और एक एलईडी फ्लैश होगा।

डिस्प्ले की बात करें तो इसमें 6.67 इंच का एचडी+ आईपीएस एलसीडी डिस्प्ले होगा। पावर के लिए इसमें 6,000 एमएएच की दमदार बैटरी होगी। गंदगी और पानी से सुरक्षा के लिए इस फोन को IP69 रेटिंग मिली है। इसके बटन पावर पर ही दोस्ती प्रिंट की तरफ लगाया जाएगा।

क्या होगी कीमत?

कंपनी ने बताया कि ग्राहक ग्राहक को यह फोन रियलमी और मोबाइल फोन की वेबसाइट से खरीदने के लिए शुल्क देगा। दोनों ही वेबसाइट की माइक्रोसाइट पर इसकी स्थापना हो गई है। इसकी कीमत का खुलासा तो बाकी है, लेकिन स्टॉक एक्सचेंज पर चल रहे हैं कि इसकी कीमत 11,999 रुपये से शुरू हो सकती है। कंपनी ने दावा किया है कि 15,000 रुपये से कम कीमत में IP69 रेटिंग के साथ आने वाला देश का यह पहला फोन होगा।

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स्ट्रीट वेंडर ने बनाया चॉकलेट डोसा तो भड़के यूजर्स, वीडियो हुआ वायरल

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ट्रेंडिंग वीडियो: हाल ही में एक अनोखी रेसिपी ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। एक स्पेशलिस्ट ने पारंपरिक दक्षिण भारतीय डोसे को चॉकलेट के साथ मिला कर एक नया ऑर्गेनिक ला दिया है, जिसमें स्ट्रीट फूड वेंडर में भी डर का माहौल बना हुआ है। इस चॉकलेट डोसा को सोशल मीडिया पर बहुत सारे तानों से नवाजा जा रहा है। ये डोसा का स्वाद कैसा है ये तो आप ही तय करोगे लेकिन ये डोसा बनाने वाले के शौकीन ने जो खानदानी की है वो देखना शुरू कर दिया है.

चॉकलेट डोसा माथा देखो माथा पीट आप खरीदें

इस अनोखी डोसा रेसिपी को बनाने वाले खास वीडियो को एक फूड व्लॉगर ने शेयर किया है जिसे रोहित शाह के नाम से शेयर किया गया है। वीडियो में स्पेशल डोसा बैटर पर चॉकलेट सॉस में नजर आ रही हैं. इसके बाद चॉकलेट को अच्छे से फैलाया और डोसा को मसाला और कुरकुरा होने तक प्याज़ दिया गया। इसे तैयार करने के बाद, वह इस चॉकलेट डोसा को स्वादिष्ट स्वादिष्ट फल, चॉकलेट चिप्स और ड्रूक्स के साथ परोसती है। हद तो तब हो जाती है जब वेंडर चॉकलेट डोसा पर सारा सामान भी डाल देता है।


डोसा ऑन वेंटीलेटर

अजीब”, “बेतरतीब”, “स्टंट”, “खाना ठीक भी कुछ भी”। साथ में ‘चॉकलेट डोसा’ बन रहा है। हालांकि खाने की बात के साथ नए नए एक्सपेरिमेंट करना कोई नई बात नहीं है, और हमने ‘मैगी डांस’ से लेकर ‘चॉकलेट गोलगप्पा’ और ‘मोमो चाय’ तक सब कुछ देखा है इसका ये उदाहरण देखकर साधारण लोगों के शेयर पर पहाड़ टूट गया है और वो यही कह रहे हैं कि डोज को वेंटीलेटर पर ले जाने वाले लोगों के लाइसेंस को ही कैंसिल कर देना चाहिए।

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उपभोक्ता के पर दुखों का पहाड़

वीडियो को रोहित शाह के नाम से शेयर किया गया है जिसे अब तक 3.1 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है तो वहीं 29 हजार से ज्यादा बार लाइक किया जा चुका है। ऐसे में सोशल मीडिया उपभोक्ता वीडियो को लेकर तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं। एक गीतकार ने लिखा…ये देखने से पहले मैं अँधेरा क्यों नहीं हुआ। एक और मशहूर हस्ती ने लिखा….डोसा बेटर और चॉकलेट का टेस्ट मिलकर कैसा बनेगी सोच कर ही घिन आ रही है। तो वहीं एक और राक्षस ने लिखा….ऊपर वाले से डरो जालिमों।

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भारतीय स्टेट बैंक की ओर से एसबीआई एमसीएलआर रेट में राहत, इसका असर करोड़ों लोगों पर पड़ेगा

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देश के सबसे बड़े बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने नया रिज्यूमे कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (MCLR) खत्म कर दिया है। ये नया दस्तावेज़ 15 दिसंबर 2024 से लागू होता है और 15 जनवरी 2025 तक लागू होता है। इसमें घोषणा की गई है कि मशहूर सितारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिसमें लोगों को होम लोन, कार लोन या अन्य तरह के लोन लेने की योजना बनाई जा रही है।

नई एमसीएलआर दस्तावेज़

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, नई एमसीएलआर परिभाषा इस तरह से हैं-

  • ओवरनाइट और 1 महीने की दर: 8.20%
  • 3 महीने की दर: 8.55%
  • 6 महीने की दर: 8.90%
  • 1 वर्ष की दर: 9.00%
  • 2 साल की दर: 9.00%
  • 3 साल की दर: 9.10%

ये निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण हैं जो रियल एस्टेट लोन पर ब्याज की समीक्षा करना चाहते हैं या नए लोन लेने की योजना बना रहे हैं। एमसीएलआर का सीधा प्रभाव होम और कार लोन की ईएमआई पर पड़ता है। यदि एमसीएलआर की आधारभूत दरें हैं, तो लोन महंगा हो जाता है और ईएमआई में वृद्धि होती है।

FD के लिए अच्छी खबर

सीनियर सिटीजन को फिक्स्ड कंपनी (FD) पर भारी फायदा हुआ है। इसके अलावा, एसबीआई ने अपने फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की भी शुरुआत की है। ये एंटोनियो के लिए नेपोलियन आर्टिस्ट में कॉस्ट्यूम साबित हो सकते हैं।

FD की नई रचना इस तरह से हैं-

  • 7 से 45 दिन: आम जनता के लिए 3.50%, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 4.00%
  • 46 से 179 दिन: आम जनता के लिए 5.50%, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.00%
  • 180 से 210 दिन: आम जनता के लिए 6.00%, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.50%
  • 211 दिन से 1 वर्ष से कम: आम जनता के लिए 6.25%, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.75%
  • 1 वर्ष से 2 वर्ष से कम: आम जनता के लिए 6.80%, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7.30%
  • 2 से 3 साल से कम: आम जनता के लिए 7.00%, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7.50%
  • 3 से 5 साल से कम: आम जनता के लिए 6.75%, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7.25%
  • 5 से 10 साल: आम जनता के लिए 6.50%, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7.50%
    इंटरनेट के लिए राहत और बचत का अवसर

एसबीआई के नए एमसीएलआर और एफडी स्थायी निवेशक और नए निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। सीनियर सिटीजन को FD पर अधिक ब्याज दर का लाभ मिलेगा। वहीं, नई एमसीएलआर रिकवरी से ईएमआई की बेहतर कंपोजिशन बनाने में मदद मिलेगी।

डिस्कलेमर: (यहां वैज्ञानिक ज्ञान परामर्श सलाह दी जा रही है। यहां बताया गया है कि बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेशक के लिए विशेष रूप से पैसा बनाने से पहले हमेशा के लिए सलाह लें। ABPLive.com की तरफ से किसी को यहां कभी भी पैसा कमाने की कोई सलाह नहीं दी जाती है।)

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2024 में संन्यास लेने वाले क्रिकेटरों में विराट कोहली और रोहित शर्मा भी शामिल हैं

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वर्षांत 2024 क्रिकेटरों की सेवानिवृत्ति: साल 2024 क्रिकेट प्रेमियों के लिए आकर्षक अच्छा लग रहा है, घर ही दुख वाला भी आ रहा है। इस साल कई क्रिकेटरों ने अपने प्रशंसकों को ऐसे स्मारकों का विवरण दिया, जिसका उन्होंने आनंद लिया। वहीं अन्य स्टार्स क्रिकेटर्स ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया, जिससे उनके खिलाड़ियों का दिल भी टूट गया। इस साल संन्यास लेने वाले क्रिकेटर्स की लिस्ट में विराट कोहली और रोहित शर्मा भी शामिल हैं। दोनों ही स्टोर्स ने एक प्राचीन को अलविदा कहा। तो आइए जानते हैं इस साल किन-किन क्रिकेटरों ने लिया संन्यास.

2024 क्रिकेट में संत लेने वाले खिलाड़ी

जैसा कि हमने आपको बताया था कि इस साल क्रिकेट से संन्यास लेने वाले क्रिकेटर्स की लिस्ट में रोहित शर्मा और विराट कोहली भी शामिल हैं। रोहित और विराट ने 2024 का टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टी20 इंटरनेशनल से संन्यास लेने का फैसला किया था। कोहली और रोहित शर्मा के साथ टीम इंडिया के स्टार स्टॉल टॉप रेटेड सुपरस्टार ने भी टी20 इंटरनेशनल से संत ले लिया था.

इसके अलावा टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज़ शिखर, तीसरे बल्लेबाज़ दिनेश कार्तिक और तीसरे खिलाड़ी रिद्दीमान साहा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया। इन दिनों नेपाल प्रीमियर लीग खेल रहे हैं। वहीं दिनेश कार्तिक 2025 के आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बैटिंग कोच और टोर के रूप में नजर आएंगे।

इन विदेशी क्रिकेटरों ने भी लिया संन्यास

भारतीय क्रिकेटरों के अलावा विदेशी क्रिकेटरों ने भी 2024 में क्रिकेट से संन्यास ले लिया। ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा। इसके अलावा इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने भी अंतर्राष्ट्रीय से संन्यास ले लिया। संत को लेने के बाद एंडरसन ने 2025 के मेगा ऑक्शन में अपना नाम दिया था, लेकिन किसी भी टीम ने उन्हें नहीं खरीदा।

इसके अलावा इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मोइन अली, न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज नील वैगनर और टीम साउदी ने भी इस साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया।

गौर करने वाली बात यह है कि पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर और शैतान इमाद शहजाद ने भी 2024 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था। हालाँकि दोनों ही शुरुआती खिलाड़ी इससे पहले भी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संत ले चुके थे। दोनों ही पाक खिलाड़ियों ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप में संन्यास के लिए वापसी की थी।

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प्रोफेसर अब्दुस सलाम को पाकिस्तान में अपमानित किया गया लेकिन एएमयू में सम्मान मिला, जानिए उनकी कहानी

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क्रिक्रेटर मुस्लिम यूनिवर्सिटी (ए-तारीख) की अनमोल आजाद लाइब्रेरी में एक ऐसी अनमोल खड़िया रखी हुई है, जो केवल यूनिवर्सिटी ही नहीं, बल्कि भारत के वैज्ञानिक गौरव का प्रतीक है। यह पाकिस्तान का पहला नोबेल पुरस्कार विजेता, प्रोफेसर अब्दुस सलाम का नोबेल पुरस्कार है। उनका यह पुरस्कार आज भी ए पवित्र की लाइब्रेरी में सुरक्षित है और यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

पाकिस्तान में अपमान और ए ज़ाकिर में सम्मान
प्रोफ़ेसर अब्दुस सलाम की कहानी विज्ञान के क्षेत्र में सामान्य प्रयोगशालाओं से भरी हुई है, लेकिन उनके जीवन का एक नमूना यह भी है कि उनके ही देश पाकिस्तान में उन्हें धार्मिक भेदभाव का शिकार बनाया गया है। 1979 में भौतिक विज्ञान में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद उन्होंने अपने शोध “इलेक्ट्रोविक थ्योरी” के लिए यह पुरस्कार साझा किया, जिससे न केवल पाकिस्तान का नाम रोशन हुआ।

बल्कि विज्ञान की दुनिया में उनकी पहचान बनी। हालाँकि पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय को गैर-मुस्लिम घोषित किए जाने के बाद प्रोफेसर सलाम को केवल समाज से अलग नहीं किया गया, बल्कि उनकी नियुक्ति को भी मंजूरी दे दी गई। इसके परिणामस्वरूप उन्हें देश छोड़ने पर मजबूर किया गया।

ए मेहमान का सम्मान

अपने देश में कृषि के बाद, प्रोफेसर सलाम को भारत के क्रिलेटर मुस्लिम विश्वविद्यालय में वो सम्मान मिला जो शायद उन्हें अपने देश में कभी नहीं मिला। ए शुरुआती ने उन्हें न केवल लाइफटाइम्स यूनियन एसोसिएशन दी, बल्कि उन्हें डॉक्टरेट की मांड डिग्री से भी नवाजा। इसके साथ ही प्रो. सलाम ने 1979 में अपना नोबेल पुरस्कार ए ज़ाकिर को दान कर दिया, जो आज भी विश्वविद्यालय की अनमोल आज़ाद लाइब्रेरी में सुरक्षित रखा गया है। यह पुरस्कार अब एक अनमोल खड़िया बन गया है। जो न केवल विश्वविद्यालय के गौरव को प्राप्त करता है बल्कि विज्ञान और अनुसंधान के प्रति विश्वविद्यालय के उपहारों को भी शामिल करता है।

अनमोल आज़ाद पुस्तकालय में संरक्षित खज़ाना
प्रोफेसर सलाम का नोबेल पुरस्कार एक दुर्लभ खलिहान के रूप में रखा गया है। यह लाइब्रेरी केवल भारतीय विद्वानों के लिए नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बनी वस्तुओं और मसालों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। एक मान्यता प्राप्त पुस्तकालय अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन और खनिजों के लिए प्रसिद्ध है।

पूर्व राष्टपति अधिकारी का बयान

एक प्राइमरी के पूर्व राष्ट्रपति पद के अधिकारी प्रोफेसर रिलीफ अबार के पद पर उस समय प्रोफेसर सलाम का सम्मान किया गया, जब एक प्राइमरी के विभिन्न छात्र और राजनीतिक दबाव वाले लोग वहां से चले गए थे। फिर भी, विश्वविद्यालय के छात्रों और प्रबंधन ने अपना योगदान दिया और उन्हें वैज्ञानिक सम्मान दिया।

अन्य नोबेल पुरस्कारों का स्वागत

प्रोफ़ेसर सलाम के अलावा ए इज़रायल ने समय-समय पर अन्य नोबेल पुरस्कार विजेताओं का भी स्वागत किया है। दलाई लामा जैसे प्रमुख व्यक्तित्वों ने भी एक तीर्थ के मंच पर अपने विचार साझा किए और उन्हें समान रूप से सम्मानित किया गया।

प्रोफेसर सलाम की विरासत
प्रोफेसर अब्दुस सलाम की कहानी एक संघर्ष और सफलता की कहानी है, जो केवल धार्मिक और सामाजिक भेदभाव का सामना नहीं करती, बल्कि विज्ञान में अद्वितीय योगदान देने का प्रतीक है। उनके सम्मान में कहा गया है कि सच्ची प्रतिभा और वैज्ञानिक वैज्ञानिक को कभी भी सीमा या भेदभाव से वंचित नहीं किया जा सकता है। उनका नोबेल पुरस्कार आज भी ए पवित्र की लाइब्रेरी में सुरक्षित है और यह आने वाली विरासत के लिए एक प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

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टेस्ला के रोबोट ऑप्टिमस का ढलान पर चलना सीखने का वीडियो वायरल

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टेस्ला रोबोट ऑप्टिमस वीडियो: आज के दौर में प्रौद्योगिकी में लगातार सुधार आ रहे हैं। कुछ समय पहले तक प्रभावशाली से लंबाई वाले काम आज टेक्नोलॉजी के विकास के कारण तेजी से हो रहे हैं। ऐसा ही एक सुधारवादी रोबोटिक्स के क्षेत्र में आया है। हाल ही में खिलौने के हीरोइमस रोबोट का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह नाव में उतरना सीख रही हैं। इस वीडियो को देखकर रोबोटिक्स के क्षेत्र में आए बदलावों को समझा जा सकता है। यह वीडियो अमेरिकी अरबपति एलन मस्क की कंपनी ऑटोमोबाइल्स मोटर्स के आधिकारिक हैंडल से पोस्ट किया गया है।

वीडियो में क्या दिख रहा है?

इंस्टाग्राम पर साझा किए गए इस वीडियो में दिखाया गया है कि पहले प्रयास में डूबते हुए रोबोट से लड़ाई की जाती है और वह लेवल-गिरते बचता है। अगले प्रयास में वह थोड़ी लड़खड़ाती है, लेकिन आसानी से उतर जाती है। अपने अगले प्रयास में वह आसानी से नीचे आ जाता है। आगे के वीडियो में दिखाया गया है कि रोबोट बिना किसी समस्या के समाधान पर चढ़ रहा है।
युवतियों मोटर्स ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, ‘इंसान की तरह की दौड़ के लिए आपको पहले इंसान की तरह का हथियार चलाना सीखना होगा।’

वीडियो पर लोग दे रहे हैं अलग-अलग प्रतिक्रिया


अपिमस रोबोट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अकेले असेंबल पर ही अब तक इसे करीब 60 लाख बार देखा जा चुका है और इसे करीब 2.3 लाख लाइक्स मिल चुके हैं। वीडियो के कमेंट में कुछ लोग रोबोट का मजाक बना रहे हैं तो कुछ इसे भविष्य की गंभीर चीजों पर देख रहे हैं. एक ने लिखा कि एक दिन आएगा, जब तक यह मजाक नहीं रहेगा, वहीं दूसरे ने लिखा कि रोबोट का काम इंसान की तरह का अभिनय और काम करना नहीं है। उनका उद्देश्य केवल और केवल काम करना होगा।

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बिहार में सरकारी शिक्षक के पकड़वा विवाह की घटना सोशल मीडिया पर वायरल

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वायरल पकड़वा विवाह: सोशल मीडिया पर अक्सर आपको तरह-तरह की खबरें वायरल होती रहती हैं। ये अलग-अलग लोग अलग-अलग तरह की हरकतें करते हुए नज़र आ जाते हैं। भारत में इन दिनों रिलीज का सीजन चल रहा है। और आपको बहुत सी खबरें ताजातरीन से जुड़ी हुई देखने को मिलेंगी।

ऐसी ही एक खबर इन दिनों बिहार से सामने आई है जहां एक शख्स ने सरकारी टीचर की नौकरी लेकर अपनी ही ड्राइवर को धोखा दे दिया। इसके बाद टीचर के ड्राइवर के भाई ने सरकारी टीचर के साथ करवा दिया पकड़ौआ विवाह। जिसके लिए बिहार पिछले कई वर्षों से वंचित रह रहा है। सोशल मीडिया पर ये मामला काफी वायरल हो रहा है

सरकारी नौकरी ने ही रेलवे को दिया धोखा

बिहार के फार्म डिस्ट्रिक्ट से एक हैरान करने वाला मामला आया है। जहां एक लड़की के साथ टीचर ने सरकारी नौकरी कर ली उसे धोखा दे दिया. 4 साल तक प्राइवेट में रहने के बाद जब टीचर को सरकारी नौकरी मिल गई और उसकी लड़की ने उससे शादी करने के लिए कहा तो सरकारी टीचर ने शादी करने से मना कर दिया। इसके बाद लड़की के भाई ने सरकारी टीचर को पकड़ लिया के अपनी बहन के साथ पकड़ौआ विवाह करवा दिया। सोशल मीडिया पर मामला काफी वायरल हो रहा है।

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ट्रक के भाई ने करवा दिया पकड़ौआ विवाह

असल में बताया जा रहा है कि लड़की अपनी बहन के साथ यहां पढ़ाई करती थी। वहां उसे अपनी बहन के गांव में ही रहने वाले एक युवक से प्यार हो गया। इसके बाद प्यार की दुकान आगे बढ़ती गई। वह अपने प्रेमी से होटल में भी मिलने लगी। इस दौरान उनके प्रेमी शिक्षक बनने की तैयारी चल रही थी। तैयारी के बाद प्रेमी बी.पी.एस.सी. ट्रैकाई-2 एस.सी.टू. में शिक्षक बन गया। उसकी पोस्टिंग डिज़ाइन हो गई।

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वहां भी वह ड्राइवर से मिलने के लिए बुला रही थी। कुछ दिन पहले ही प्रेमी सरकारी शिक्षक जब कार्टून में अपनी गाड़ी के साथ घूम रहा था। तो डोलो के नमूने ने उसे देखा। इसके बाद उन्होंने दोनों की शादी की बात कही. लेकिन शिक्षक की शादी की तैयारी नहीं हुई. इससे नाराज उनकी लड़की के भाई ने और अन्य कलाकारों ने मिलकर मंदिर में ही सरकारी टीचर की अपनी बहन के साथ पकड़ौआ विवाह करवा दिया।

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राहुल गांधी ने 1980 के इंदिरा गांधी स्तुति पत्र के साथ वीर सावरकर पर बीजेपी काउंटर्स पर टिप्पणी की

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राहुल गांधी वीर सावरकर टिप्पणी: समाजवादी पार्टी (शिंदे) के समाजवादी शिंदे ने शनिवार (14 दिसंबर 2024) को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के एक विद्वान का नाम राहुल गांधी पर रखा। इस समूह में इंदिरा गांधी ने कथित तौर पर हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर की बात कही थी।

रिपब्लिकन डेमोक्रेट ने 1980 के दशक का एक नारा दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने सावरकर को “भारत का विध्वंस पुत्र” कहा था। महाराष्ट्र के डेटाबेस एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे ने कहा, “क्या आपकी दादी भी संविधान के खिलाफ थीं? आपको उनके खिलाफ बोलने की आदत है। हमें सावरकर की महिमा करने पर गर्व है और हम ऐसा करना जारी रखते हैं।”

राहुल ने कहा, ”मैं एक बार इंदिरा गांधी जी से इस बारे में बात कर रहा था. गांधी जी जेल गए और नेहरू जी जेल गए, लेकिन सावरकर को छूट नहीं मिली।”

किरण रिजिजू ने सोशल मीडिया पर की पोस्ट

इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सावरकर द्वारा लिखित पत्र पोस्ट किया। किरण रिजिजू ने कहा, “यह दस्तावेज राहुल गांधी जी के लिए है क्योंकि उन्होंने इसमें वीर सावरकर के बारे में दी गई झूठी बात कही थी।” इससे एक दिन पहले राहुल गांधी ने भाजपा की आलोचना करते हुए विनायक दामोदर सावरकर की टिप्पणी में कहा था कि “हमारा संविधान कुछ भी भारतीय नहीं है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सावरकर संविधान को मनुस्मृति से बदला गया था।

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यह शरीर में कैंसर का पता लगाने का सबसे आसान तरीका है, पूरा लेख हिंदी में पढ़ें

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कैंसर की पहली स्टेज में ही पता चल जाए तो इसका इलाज आसानी से हो जाता है। साथ ही साथ चांस भी बढ़ जाते हैं कि वक्त रहेगा जान बच जाएगा। रिसर्च से पता चलता है कि डॉक्टरी परीक्षण कैंसर का शुरुआती चरण में निदान जीवन बीमा कंपनियों द्वारा किया जा सकता है। कैंसर का इलाज कैंसर के प्रकार और स्टेज के बारे में जानें। कैंसर के स्टेज होते हैं. एक सामान्य उपचार जो कैंसर को या धीरे-धीरे संभव हो सके कैंसर को दूर करता है। कैंसर वैज्ञानिकों को नष्ट करने के लिए उच्च ऊर्जा एक्स-रे या अन्य संसाधनों का उपयोग किया जाता है। चिकित्सा विशेषज्ञ और रोगी-वकालत समुदाय के पास कैंसर जांच के लिए विशेषज्ञ और दस्तावेज हैं। अपने डॉक्टर के साथ विभिन्न इलाक़े की समीक्षा करें और साथ मिलकर यह तय करें कि कैंसर के खतरे के लिए आपके खतरे के आधार पर आपके लिए सबसे अच्छा क्या है?

कैंसर के 200 से अधिक अलग-अलग प्रकार हैं जो कई अलग-अलग संकेत और लक्षण पैदा कर सकते हैं। कभी-कभी लक्षण शरीर के विशेष लक्षण जैसे पेट या त्वचा को प्रभावित करते हैं। लेकिन संकेत अधिक सामान्य भी हो सकते हैं, और इनमें कमजोरी कम होना, थकान (थकान) या बिना वजह दर्द शामिल हो सकते हैं। कैंसर के कुछ विशिष्ट लक्षण, जैसे पेट, कैंसर की तुलना में अधिक जाने जाते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे अधिक महत्वपूर्ण हैं या कैंसर होने की अधिक संभावना है। कैंसर के किसी भी लक्षण की जांच से पता चलता है।

कैंसर के अलग-अलग लक्षण होते हैं

कैंसर से पीड़ित लोग अलग-अलग तरह से प्रभावित हो सकते हैं। एक व्यक्ति में अलग-अलग लक्षण हो सकते हैं और कुछ लोगों में कोई लक्षण नहीं होते। इसलिए, आपको कैंसर के सभी आभूषणों और नमूनों को याद रखना चाहिए कि उनका पालन-पोषण नहीं किया जाता है। करें. इससे प्रारंभिक चरण में कैंसर का निदान करने में मदद मिल सकती है, जब उपचार के सफल होने की संभावना अधिक होती है।

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कैंसर के 15 सामान्य लक्षण

डॉक्टर हमेशा कहते हैं कि जो मामूली लक्षण होते हैं उन्हें लोग अनदेखा कर देते हैं। बाद में पता चलता है कि वह कैंसर के शुरुआती लक्षण होते हैं और बाद में यही घातक बन जाता है। आज हम इस लेख के माध्यम से कैंसर के प्रारंभिक रहस्यों के बारे में विस्तार से बात करते हैं। जिसे अक्सर लोग सीमांत समझकर अनदेखा कर देते हैं। आज हम कैंसर के ऐसे 15 सामान्य रहस्यों के बारे में बात करेंगे जिस पर ध्यान देना जरूरी है।

कैंसर के प्रारंभिक लक्षण

सर्वाइकल और ओवेरियन कैंसर के लक्षण

अगर किसी महिला या लड़की के हॉस्टल में भर्ती रूप से बार-बार बदलाव देखा जा रहा है तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से दिखाना चाहिए। क्योंकि इसे वैध बनाना खतरनाक हो सकता है। यह सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।

अस्वीकरण: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया पर आधारित है। आप भी अमल में आने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

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