भारत में बढ़ रहे हैं केवाईसी घोटाले, इस तरह आप रख सकते हैं खुद को सुरक्षित

[ad_1]

केवाईसी घोटालों से कैसे सुरक्षित रहें: देश में बढ़ते साइबर क्राइम से देश के लोग रोजाना करोड़ों रुपये गंवाने वाले हैं। साइबर अपराधी अलग-अलग समूहों से लोगों को कुचलते हैं और उनकी मेहनत की कमाई को चुकियों में साफ कर देते हैं। बच्चों में केवाईसी (नो योर कस्टमर) अपडेट करने के नाम पर भी कई लोगों से धोखा हुआ है। केवाईसी बैंकों और अन्य ग्राहकों के लिए अपने ग्राहकों की पहचान की पुष्टि करना एक प्रक्रिया है। इसके कमियों का फ़ायदा समूह जालसाल लोगों को चुना लगा रहे हैं।

कैसे हो रही है केवाईसी के नाम पर धोखाधड़ी?

साइबर जालसाज किसी की व्यक्तिगत जानकारी या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बुक लोन के लिए अप्लाई कर रहे हैं या कोई गैर-कानूनी लेनदेन कर रहे हैं। इनके अलावा ये किसी की फोटो से लेकर फर्जी दस्तावेज बनवाए गए हैं या किसी की निजी सूचना प्रौद्योगिकी अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसा होता है कि लोगों को यह भी नहीं पता होता है कि उनका नाम या उनका खाता गैर-कानूनी काम से हो रहा है, जिसका नाम उन्हें आगे चारोडोराना पड़ सकता है।

ऐसी धोखाधड़ी से कैसे बचें?

बढ़ते साइबर क्राइम के बीच बहुत जरूरी हो गया है। यदि कोई व्यक्ति आपका डेटा विवरण या केवाईसी से संबंधित जानकारी मांग रहा है तो उसके संस्थान से सत्यापन विवरण या कोई भी जानकारी न दें। कोई भी बैंक या अन्य संस्थान अपने ग्राहकों से ओटीपी, पासवर्ड और पिन नंबर नहीं मांगता। इन्सेन्ट पुलिस अधिकारी के पास निजी जानकारी के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में किसी भी कॉल के दौरान संयम से काम लें और निजी जानकारी साझा न करें। अनवेरिफाइड क्लासिक से कोई भी ऐप डाउनलोड न करें और सार्वजनिक मंच पर आधार और पैन नंबर आदि साझा न करें।
यदि आप साइबर क्राइम का शिकार हो गए हैं तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल या साइबर क्राइम ब्रांच से संपर्क करें।

ये भी पढ़ें-
‘एलेक्सा गिल टू न…’, बच्ची के बारे में वॉयस आर्टिकल ने दिया मजेदार जवाब, 1 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया वीडियो

[ad_2]

Source link