श्रुति हासन, आमिर खान ने जयपुर में शुरू की कुली की शूटिंग, रजनीकांत होंगे मुख्य भूमिका में

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कुली: एक्ट्रेस श्रुति हासन और बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान की फिल्म ‘कुली’ की शूटिंग शुरू हो चुकी है। फिल्म की शूटिंग के लिए श्रुति और आमिर पिंक सिटी जयपुर में हैं। तमिल सिनेमा के शानदार सितारों से सजी ‘कुली’ के दिग्गज छात्र लीड रोल देखेंगे। फिल्म अपनी अनाउंसमेंट के बाद से ही ट्रांसफर में है।

इस प्रोजेक्ट के माध्यम से श्रुति हासन और आमिर खान पहली बार एक साथ काम करते नजर आएंगे। दोनों की ऑन-स्क्रीन केस्ट्री देखने के लिए प्रेमी के बीच काफी उत्साह है। मीडिया के अनुसार, श्रुति हासन ने गुरुवार को जयपुर में आमिर खान के साथ शूटिंग शुरू की। फिल्म की शूटिंग विजाग और चेन्नई के साथ ही देश की अन्य शैलियों में भी की गई है।

फिल्म के लिए श्रुति एक्साइटेड हैं

कुली के कुछ कोरियोग्राफर की शूटिंग में श्रुति ने इस प्रोजेक्ट को बेहद लेकर खुश और एक्साइटेड किया है। फिल्म के निर्देशक लोकेश कंगराज कर रहे हैं। कंगनाराज ‘विक्रम’, ‘कैथी’ और ‘लियो’ जैसी शानदार और सुपरहिट फिल्में निर्देशित कर चुकी हैं।

जानकारी के अनुसार ‘कुली’ की टीम ने जयपुर में 10 दिनों तक शूटिंग की, जिसमें फिल्म के महत्वपूर्ण सीन की शूटिंग की गई। ‘कुली’ में डिकाय, श्रुति हसन और आमिर खान के साथ नागार्जुन, राक्षस, सौबिन शाहिर, सत्यराज, रेबा मोनिका जॉन समेत अन्य सितारे नजर आए। सन पिक्चर्स द्वारा निर्मित ‘कुली’ में संगीत अनिरुद्ध रविचंद्र ने दिया था। मल्टीस्टारर ‘कुली’ अगले साल सुपरस्टार में रिलीज होगी।

आमिर खान के वर्कफ्रंट की बात करें तो वो आखिरी बार फिल्म लाल सिंह चन्ना में नजर आए थे। ये फिल्म ऑफिस बॉक्स पर फ्लॉप प्रोविजन हुई थी। अब वो स्टार्स जमीन पर के साथ वापसी कर रहे हैं। मोहित की माने तो ये फिल्म पहले 25 दिसंबर को रिलीज होने वाली थी लेकिन आमिर आमिर ने अभी तक इस फिल्म को लेकर कोई अनाउंसमेंट नहीं किया है।

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युद्ध के मौसम की शिक्षा और एआई के मामले में 2025 में क्या बड़ा होगा, जानिए नए साल की भविष्यवाणी

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भविष्यवाणी 2025: साल 2025 विशेष है. इस साल वो होगा जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस साल सभी के लिए कुछ ना कुछ लेकर आ रहा है। नए साल में किन संकेतों से जुड़ी घटनाएं देखने और सुनने को मिल सकती हैं। मौसम का मिजाज कैसा रहेगा, लोगों को मिल सकता है फायदा और नुकसान, जानिए-

राजा-मोदी सूर्य
साल 2025 की खास बात ये है कि नए साल की बात राजा और मंत्री दोनों ही सूर्य हैं। शास्त्रों के अनुसार जब राजा और मंत्री एक ही होते हैं तो मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं। सूर्य ग्रह का राजा है. सूर्य ताप प्रदान करता है. इसलिए साल 2025 में सबसे ज्यादा गर्मी बढ़ेगी। नए साल में कम साल का भी योग कहीं भी देखने को मिल सकता है।

मंगल चाहता है मंगल
अंक ज्योतिष के अनुसार वर्ष 2025 का अंक 9 बन रहा है। यह अंक मंगल का अंक माना जाता है। मंगल को युद्ध, रक्त, दुर्घटना, हिंसा, सेना आदि का कारक माना जाता है। सभी जानते हैं कि लंबे समय से रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है। वहीं इजराइल-ईरान के बीच जंग चल रही है। देखा जाए तो इजरायली फिलिस्तीन, लेबनान सहित 7 मोर्चों पर युद्ध चल रहा है। विश्व के अभिलेखों के बारे में जानें तो जानेंगे कि यूरोप से लेकर मध्य पूर्व और अफ्रीका के कई देश ऐसे हैं जहां जंग गर्ल जा रही हैं।

नए साल में ये जंग अपने क्लासिक मूड की तरफ से बहुधा दिख रही हैं। वर्ष 2025 में मध्य पूर्व में हिंसा बढ़ सकती है। ईरान इस युद्ध का केंद्र बन सकता है। वहीं म्यांमार में चल रहे गृह युद्ध के कारण गंभीर हालात भी हो सकते हैं। इसके साथ ही हैती में भी स्थिति बिगड़ती दिख रही है। सूडान में सेना पर हमला वर्ष 2025 में जिन देशों की मध्य सीमा पर विवाद चल रहा था, वहां तनाव की स्थिति पैदा होगी और सेनाएं सामने आ सकती हैं।

शनि और गुरु की बदल रही चाल
मार्च 2025 से लेकर मई 2025 तक मध्य प्रदेश में जनता के लिए कुछ मामले कठिन हो सकते हैं। वर्ष 2025 में शनि कुंभ राशि से मीन राशि में आ जायेंगे। 29 मार्च 2025 के बाद कुछ ऐसा हो सकता है जिससे कुभ स्कोन में प्रदर्शन की स्थिति और टूटे-फूटे की स्थिति हो सकती है। लोगों की दैनिक क्रिया कलाप प्रभावित हो सकते हैं। सरकार को यह समय सुविधा महसूस हुई। 14 मई 2025 को गुरु वृषभ राशि से मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। इस साल गुरु की परिवर्तनशील राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत दिए जा रहे हैं।

एआई और शिक्षा के क्षेत्र में विशेष स्टाफ
नए साल में एआई का नया स्वरूप देखने को मिल सकता है। एआई का विस्तार तेजी से होगा। लोग इसकी शक्ति को समझेंगे। एआई की पहुंच नेटवर्क स्तर पर वर्गीकरण। आईटी इस प्रभामंडल ग्रामीण आंचल में भी देखने को मिलेगा। वहीं शिक्षा के लिए भी यह साल अच्छा रहेगा।

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कर्नाटक विधानसभा में 11 बिल पेश, राज्यपाल की जगह सीएम आरडीपीआर यूनिवर्सिटी बनाने वाले बिल पर क्यों है विवाद?

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कर्नाटक विधानसभा में 11 विधेयक पेश: कर्नाटक के मुख्यमंत्री को कर्नाटक राज्य ग्रामीण विकास और पंचायत राज (आरडीपीआर) विश्वविद्यालय के कुलधिपति ने एसोसिएटेड एसोसिएट बनाया जिसमें 11 सचिवालय विधानसभा में पेश किया गया। आरडीपीआर यूनिवर्सिटी से संबंधित एसोसिएटेड एसोसिएट्स की नियुक्ति होती है तो यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति मुख्यमंत्री, जो अभी गवर्नर होते हैं।

कर्नाटक राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विश्वविद्यालय (संशोधन) मैसाचुसेट्स-2024 विधानसभा में उद्देश्य 2016 के अधिनियम में संशोधन करके मुख्यमंत्री विश्वविद्यालय का कुलाधिपति निर्माण के लिए प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही यूनिवर्सिटी के पितृ पक्ष के कुलाधिपति द्वारा भी प्रोविजन करना है।

प्रस्तावित प्रस्तावित उपाय में कोई अतिरिक्त खर्च शामिल नहीं है। 28 नवंबर को एक मैक्सिकन को मंजूरी दी गई थी। कर्नाटक के गवर्नर सभी सरकारी फर्मों के कुलाधिपति हैं। वर्तमान गवर्नर थावरचंद मोहम्मद इस पद पर हैं।

कानून एवं संसदीय मामलों के एच.एस. मंत्री के पैनल ने सरकार के कदम उठाते हुए कहा, ”इससे ​​विश्वविद्यालय अधिक सक्रिय हो और उचित निर्णय के लिए जा सके… यह गुजरात और मद्रास प्रदेश सहित कई राज्यों में है।” ”

इसके अलावा कर्नाटक कल्याण कल्याण निधि (संशोधन) सोसायटी, 2024 भी पेश की गई, जो 1965 के अधिनियम में संशोधन करके संबंधित कर्मचारी, सोसायटी और राज्य सरकार द्वारा श्रम निधि में देय अंशदान की दर को बढ़ाया जाएगा।

कर्नाटक ज्वालामुखी (विकास और प्रबंधन का उद्यम और नियंत्रण) (संशोधन) ज्वालामुखी, 2024 भी पेश किया गया।

कर्नाटक पर्यटन रोपवे-2024 भी आज पेश किया गया है, जिसका उद्देश्य रोपवे के नियमों के लिए एक सलाहकार प्राधिकरण का गठन और पर्यटन स्थलों में रोपवे के निर्माण और संचालन को मंजूरी दी गई है।

बीजेपी बिल से नाराज़

बीजेपी लगातार इस बिल का विरोध कर रही है. पार्टी का कहना है कि राज्यपाल की जगह मुख्यमंत्री को सरकार बनाने का कदम निंदनीय है। यह उच्च शिक्षा प्रणाली को जोड़ने का प्रयास है।

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मार्क जुकरबर्ग गोल्ड चेन की कीमत नीलामी के बारे में सब कुछ जानें

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मार्क ज़कर बर्ग सोने की चेन नीलामी: फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग की गोल्ड प्लेटेड क्यूबन लिंक इन दिनों चर्चा में है। ये चेन ऑनलाइन नीलामी के लिए उपलब्ध है और इसकी बोली $40,000 (लगभग ₹33 लाख) के पार है। इस द्वीप की यात्रा ये है कि इससे मिलने वाली पूरी पूंजी एक परोपकारी प्रथम इन्फ्लेक्शन अनुदान (इन्फ्लेक्शन अनुदान) में दान की जाएगी।

इन्फ्लेक्शन ग्रांट्स एक ऐसी पहल है जो लोगों और प्रोजेक्टों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है, जिसमें पारंपरिक वित्तीय सहायता शामिल नहीं है, जो कि आवेदकों को मिलती है। इसके तहत $2,000 (लगभग ₹1.6 लाख) के माइक्रो-अनुदान नीचे दिए गए हैं। जुकरबर्ग का यह कदम उनके समाज के प्रतिकृति और नवाचार को प्रोत्साहन प्रस्ताव की सूची में शामिल है।

क्या है यह सुपरमार्केट?

बता दें कि इस 6.5 मिमी सोने की वर्मेल चेन को जुकरबर्ग की टॉयलेटरीज़ का प्रतीक माना जा रहा है। नीलामी में इसे “कालजयी खड़िया” बताया गया है जो बोली लगाने वालों को टेक जगत के इस दिग्गज की व्यक्तिगत शैली का हिस्सा बनने का मौका मिलता है। ख़ास बात ये है कि चेन जीतने वाले को जुकरबर्ग का एक निजी वीडियो भी वायरल हो गया है जो इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि करेगा।

जुकरबर्ग के लिए यह चेन क्यों है खास?

जुकरबर्ग ने बताया कि वह इस चेन पर यहूदी प्रार्थना “मी शेबेइराख” (एमआई शेबेराख) उकेरने की योजना बना रहे हैं। यह प्रार्थना वह हर रात अपनी बेटी के लिए लेती है जिसमें यह संदेश है कि “हमारे जीवन को आशीर्वाद दें।” ऐसे में ये वैयक्तिक आभूषण इस चेन को सिर्फ एक स्टाइलिश आभूषण से कहीं ज्यादा खाश बनाया जाता है।

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एक साल देश और एक साल विदेश में पढ़ाई करेंगे छात्र, ये यूनिवर्सिटी दे रही खास मौका

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<पी शैली="पाठ-संरेखण: औचित्य सिद्ध करें;"> दिल्ली सरकार के गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी में एक ऐसा कोर्स शुरू हो रहा है, जिसमें छात्र पहले एक साल विदेश में और दूसरे साल अपने देश में पढ़ाई के लिए पोलैंड की एजीएच यूनिवर्सिटी ऑफ क्राको से इस कोर्स में दाखिला लेते हैं। कुल 48 में शामिल और पहेली विद्यालय द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रवेश परीक्षा से होगी।

विश्वविद्यालय के फादर प्रोफेसर महेश वर्मा ने बताया कि डीयू एक नया डिजिटल डिग्री कोर्स शुरू करने जा रहा है यह नया कोर्स आगामी सत्र 2025 से शुरू होने वाला है। इस कोर्स में छात्रों को दो डिग्री डिग्री, एक डिग्री, भारत में काम, दूसरी डिग्री, यूरोप में काम, यह कोर्स दो साल का होगा। 

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कहां होगी पढ़ाई
इस कोर्स के तहत पहले साल के दो सेमेस्टर की पढ़ाई पोलैंड के एजीएच यूनिवर्सिटी ऑफ क्राको में होगी इसी प्रकार बाकी दूसरे साल के दो सेमेस्टर यानी एक साल के दो सेमेस्टर की पढ़ाई यूनिवर्सिटी के द्वारका कैम्पस में स्थित प्रोफेसर वर्मा ने कहा कि इसकी फ़ीस में कोई यूरोपीय फ़ीस नहीं ली जाएगी, इसकी फ़ीस यूनिवर्सिटी द्वारा तय की गई सामान्य फ़ीस होगी, उन्होंने कहा कि इसकी फ़ीस की प्रक्रिया जनवरी 2025 से शुरू होगी।

क्या जरूरी है?
छात्रों के लिए टेक्नोलॉजी या इंजीनियरिंग में इस कोर्स की तैयारी अनिवार्य है, मार्च 2025 में इस कोर्स की जरूरी बातें प्रोफेसर वर्मा ने बताईं कि इसके अलावा, जीआईपीयू के ऑफशोर कॉम्प्लेक्स की स्थापना की योजना भी बनाई गई है।

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कौन हैं डी गुकेश प्रोफाइल सबसे कम उम्र में विश्व शतरंज चैंपियन बने माता पिता दोनों डॉक्टर विश्वनाथन आनंद

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डोम्माराजू गुकेश प्रोफ़ाइल: डोम्माराजू गुकेश, 18 साल की उम्र में वर्ल्ड चेस चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया। वो चीन के डिंग लीरेन को हराकर इतिहास के सबसे युवा चेस चैंपियन बने हैं। इसी साल उन्होंने कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के फाइनल के अलावा चेस ओलंपियाड में भी भारत का परचम लहराया था। उन्होंने चेस की दुनिया में अपने देश का नाम रोशन किया है, लेकिन यहां जानिए आखिर कैसे हुई थी इस यंग स्टार के करियर की शुरुआत?

डी गुकेश का जन्म 29 मई 2006 को तमिलनाडु के चेन्नई में हुआ था। उनके पिता का नाम कबाड़ी है जो नाक, कान और गले के विशेषज्ञ डॉक्टर हैं। उनकी मां पद्मा भी विकलांग डॉक्टर हैं और उनका क्षेत्र माइक्रोबायोलॉजी है। गुकेश एक तेलुगू भाषा परिवार से संबंध रखते हैं और 7 साल की उम्र में सुपरस्टार ने चेस खेलना शुरू कर दिया था। वो एक हफ्ते में तीन दिन एक-एक घंटे चेस को समर्पित करते थे। अपने चेस परमाणु ऊर्जा संयंत्र से प्रभावित होने के बाद उन्होंने सप्ताहांत में चेस टूर्नामेंट में भाग लेना शुरू किया।

9 साल की उम्र में पहली चैंपियनशिप चैंपियनशिप

डी गुकेश ने पहली चैंपियनशिप साल 2015 में दर्ज की थी, जब उन्होंने 9 साल की उम्र में अंडर-9 एशियन स्कूल चेस चैंपियनशिप पर कब्ज़ा जमाया था। उनके 3 साल बाद उन्होंने अंडर-12 चैंपियनशिप में वर्ल्ड यूथ चेस चैंपियनशिप जीती थी। 12 साल की उम्र में ही उन्होंने 2018 एशियन यूथ चेस चैंपियनशिप में एक नहीं, दो नहीं बल्कि 5 गोल्ड मेडल जीते थे। मार्च 2017 में इंटरनेशनल मास्टर टूर्नामेंट के इतिहास में तीसरा सबसे युवा चेस ग्रैंड मास्टर बना।

विश्वनाथन आनंद को पीछे छोड़ दिया गया

साल 2023 में गुकेश शाश्वत विश्वनाथन आनंद को पीछे छोड़कर भारत के टॉप रैंक वाले चेस प्लेयर बने। आनंद जो 37 साल के भारत के टॉप रैंक खिलाड़ी बने हुए थे। वो अपने शानदार सफर को जारी रखते हुए 2024 में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट को जीतने वाले इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ी बने। बता दें कि गुकेश, विश्वनाथन आनंद के बाद वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप जीतने वाले केवल दूसरे भारतीय हैं। आनंद ने कुल चार बार विश्व विजेता होने का गौरव प्राप्त किया था।

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फ्लिपकार्ट ऑर्डर कैंसिल करने पर 20 रुपये चार्ज कर रहा है, सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने के बाद ई कॉमर्स कंपनी ने प्रतिक्रिया दी है

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फ्लिपकार्ट ऑर्डर रद्दीकरण शुल्क: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि अब फ्लिपकार्ट पर ऑर्डर कैंसिल करने पर 20 रुपये का चार्ज लगाया जाएगा। वायरल हो रहे इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि ई-कॉमर्स कंपनी ऑर्डर कैंसिल करने के लिए चार्ज ले रही है। इस पर बिजनेसमैन ने स्टार कास्ट और फिर से चर्चा शुरू हो गई। हालाँकि, अब सबसे बड़ी कंपनी ने इसका जवाब दिया है।

फ्लिपकार्ट ने इंडिया टुडे को बताया कि कैंसिलेशन चार्ज का कोई नियम नहीं है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह नीति दो साल से लागू होती है और केवल तभी लागू होती है जब ऑर्डर की डिलीवरी 24 घंटे बाद रद्द हो जाती है। पहले 24 घंटे के इनसाइड ऑर्डर कैंसिल करने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता है, जिससे कि ऑनलाइन को अपने मन बदलाव का समय मिल सके।

ऑर्डर कैंसिल करने से कंपनी को नुकसान होता है

फ्लिपकार्ट ने बताया कि जब भी कोई ग्राहक ऑर्डर कैंसिल करता है तो कंपनी को नुकसान होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सामान पैक करना और खर्च में पैसा खर्च करना पड़ता है। इसलिए अगर कोई ग्राहक ऑर्डर ऑर्डर 24 घंटे बाद कैंसिल करता है, तो उससे 20 रुपये चार्ज लिया जाता है। इस शुल्क कंपनी को नुकसान की भरपाई के लिए नुकसान उठाना पड़ा। हालाँकि, कुछ मामलों में यह मुफ़्त भी किया जाता है।

ऐसा है कुछ नियम

कंपनी के मुताबिक, ये नियम बहुत पहले से जारी है लेकिन बहुत से लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। जब लोगों को इसके बारे में पता चला तो उन्होंने इसका पुरजोर विरोध करना शुरू कर दिया. कंपनी का कहना है कि ऑर्डर कैंसिल करने से कंपनी को नुकसान होता है। इसलिए ये शुल्क जायज़ है.

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डाटा सेंटर बाजार नई तेजी पर, 2027 तक 100 अरब डॉलर की बाधा पार कर जाएगा

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डाटा सेंटर: अगर आप पैसा कमाना चाहते हैं तो एक खास सेक्टर निवेश के लिए आपका इंतजार कर रहे हैं। यह सेक्टर अभी बूम पर है। जल्दी ही 100 अरब डॉलर का होने वाला है. रियल एस्टेट कंसल्टेंट कंपनी सीबीआरई साउथ एशिया की ओर से जारी 2024 आईडिया डेटा सेंटर मार्केट अपडेट रिपोर्ट से पता चलता है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 से 2024 के बीच इस सेक्टर में 60 अरब डॉलर का निवेश हुआ है, जो 2027 के अंत तक 100 अरब डॉलर को पार कर जाएगा। ग्लोबल इक्विटीज, रियल इलेक्ट्रॉनिक्स और प्राइवेट इक्विटी निवेशकों ने इसमें निवेश किया है। निवेशक भारत में तेजी से बढ़ते डेटा सेंटर बाजार का लाभ उठाना चाहते हैं।

यूपी और बंगाल भी उभरते बाजार हैं

डेटा सेंटर सेक्टर में निवेश केवल महाराष्ट्र, तमिलनाडु और तेलगू जैसे औद्योगिक राज्यों में ही नहीं हो रहा है, बल्कि इस मामले में उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य भी उभरकर सामने आ रहे हैं। आरसीबी के भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम-एशिया और अफ्रीका के सीईओ एशमैन जर्नल ने कहा कि भारत का डेटा सेंटर बाजार काफी तेजी से बढ़ रहा है। यह भारत के डिजिटल विस्तार का कारण है। इसके अलावा विकास के लिए बड़े पैमाने पर सरकार पहल कर रही है। इस कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के उद्योग इस क्षेत्र में निवेश कर रहे हैं। इसलिए आने वाले दिनों में भारत डेटा सेंटर में निवेश करने वालों के लिए महत्वपूर्ण निवेशक रहेंगे। इसमें काफी निवेश और निवेश पर बेहतर रिटर्न की भी संभावना है.

डेटा संरक्षण कानून को बढ़ावा दिया जा रहा है

आरसीबी रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट लागू होने के कारण डेटा सेंटर सेक्टर और अधिक विकास किया जा रहा है। क्योंकि, इससे सीमा पार व्यापार और लीगल डाटा मार्केट में सुविधा होती है। इससे स्टेक होल्डर्स का विश्वास भी बढ़ा है। वहीं डिजिटल इनोवेशन के इकोसिस्टम के भी विकास की संभावना है। इसके अलावा भारत सरकार की ओर से 2020 में जारी किए गए ड्राफ्ट डेटा सेंटर स्टेटस का भी काफी योगदान है। क्योंकि, इसी तरह के अलैहगमेंट और ग्रुप ग्रुप डेटा सेंटर बिजनेस के लिए अनुकूल वातावरण पैदा कर रहे हैं।

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