सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2024 सेमीफाइनल में मध्य प्रदेश दिल्ली को हराकर फाइनल में पहुंचा

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सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2024 सेमीफाइनल मध्य प्रदेश बनाम दिल्ली: मध्य प्रदेश ने सैयद मुश्ताक ट्रॉफी 2024 की दूसरी चैंपियनशिप में दिल्ली को फाइनल में कदम रखा है। अब टूर्नामेंट का फाइनल 15 दिसंबर, रविवार को मुंबई और मध्य प्रदेश के बीच खेला जाएगा। मध्य प्रदेश में कैप्टन सिल्वर पतिदार ने अहम किरदार निभाते हुए 227.59 की स्ट्राइक रेट से 66* की धमाकेदार पारी खेली।

मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन से वोटिंग का निर्णय लिया गया। फिर लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने अनहोनी जीत दर्ज की। मध्य प्रदेश ने 7 विकेट से जीत अपने नाम की। हालांकि टीम की शुरुआत अच्छी नहीं मिली थी.

कंपनी में पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली ने 20 ओवर में 146/5 रन बोर्ड पर बनाए। इस दौरान टीम के लिए धनंजय रावत ने 24 गेंदों में 3 बल्लेबाजों और 1 बल्लेबाजों की मदद से 33* बल्लेबाजों की सबसे बड़ी पारी खेली। इस दौरान वेंकटेश अय्यर ने सबसे ज्यादा 2 विकेट चटकाए।

मध्य प्रदेश ने आसानी से जीता मैच

लक्ष्य का पीछा करने से मध्य प्रदेश को अच्छी शुरुआत नहीं मिली। पारी की पहली ही बॉल पर टीम ने निक्की भगवान के रूप में पहला विकेट गंवा दिया। फिर टीम को दूसरा झटका 20 रन पर तीसरे ओवर में सुभ्रांशु सेनापति के रूप में लगा, जो 07 रन पर कायम होकर लौट गया। इसके बाद टीम को तीसरा झटका 46 रन के स्कोर पर 7वें ओवर में हर्ष गवली के रूप में लगा। हर्ष ने 18 बॉल्स में 4 सिल्क्स और 1 सिक्स की मदद से 30 रन बनाए।

इसके बाद कैप्टन रजत पटीदार और हरप्रीत सिंह ने 106*(57 बॉल) के लिए चौथा विकेट हासिल कर 15.4 ओवर में टीम को जीत दिला दी। इस दौरान कैप्टन पाटीदार ने 29 गेंदों में 4 बल्लेबाजों और 6 छक्कों की मदद से 66* रन बनाए. इसके अलावा हरप्रीत ने 38 गेंदों में 4 बल्लेबाजों और 2 छक्कों की मदद से 46* रन बनाए.

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iPhone 17 Pro में अनोखे डिजाइन और दमदार प्रोसेसर के साथ मिलेंगे कई एडवांस फीचर्स, लीक हुई जानकारी

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आईफोन 17 प्रो: ऐपल ने सितंबर में अपना लेटेस्ट फोन 16 सीरीज लॉन्च किया था। इसके बाद से ही कंपनी के नए मॉडल 17 सीरीज की भी चर्चा शुरू हो गई है। लेटेस्ट लीक्स के मुताबिक, माना जा रहा है कि डिजिटल 17 प्रो का डिजाइन काफी अनोखा होगा। वहीं ये फ्लोरिडा पावरफुल रेस्तरां के साथ प्रवेश कर सकता है। माना जा रहा है कि एप्लाइक 17 सीरीज को कंपनी अगले साल सितंबर में लॉन्च कर सकती है।

iPhone 17 Pro: डिजाइन में होगा बड़ा बदलाव

सिद्धांत के अनुसार, iPhone 17 Pro में एल्युमीनियम फ्रेम का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह ऐप के डिज़ाइन में एक बड़ा बदलाव होगा, क्योंकि iPhone 15 Pro और iPhone 16 Pro को मार्केट में इस्तेमाल किया गया था। इस बदलाव के जरिए आप iPhone 17 को सपोर्ट और मजबूत बनाने का प्रयास कर सकते हैं।

चिपसेट और सुपरमार्केट में खरीदें

iPhone 17 Pro में ऐपल A19 बायोनिक चिपसेट का इस्तेमाल किया जा सकता है, जो TSMC की 3nm तकनीक पर आधारित होगी। यह नया चिपसेट बेहतर टेक्नोलॉजी और ऊर्जा दक्षता के लिए उपलब्ध है। इसके साथ ही, इस सीरीज में 8GB या इससे अधिक रैम मिलने की संभावना है, जो इसे मल्टीटास्किंग के लिए और भी सक्षम बनाएगा।

कैमरे और स्टोरेज में बदलाव

लीक्स के मुताबिक, iPhone 17 सीरीज के कैमरे का भी वर्जन जारी किया जाएगा। इस बार प्रो मॉडल्स में रेयर कैमरा 48MP से ज्यादा का हो सकता है। इसके अलावा, फ्रंट कैमरा 24MP का होगा, जो सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के अनुभव को और बेहतर बनाएगा। साथ ही, स्टोरेज विकल्प भी बढ़ाया जा सकता है।

iPhone 17 Pro में डिज़ाइन, आर्किटेक्चर और कैमरा जैसे कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालाँकि, इन फीचर्स की पुष्टि ऐपल द्वारा लॉन्च के समय ही होगी।

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6 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में भारत का फॉरेक्स रिजर्व घटकर 654.86 अरब डॉलर पर पहुंच गया

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विदेशी मुद्रा रिजर्व: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में फिर से गिरावट आई है और इसका विदेशी मुद्रा भंडार 654.86 अरब डॉलर पर आ गया है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 6 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में 3.23 अरब डॉलर पर 654.86 अरब डॉलर पर रहा। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है। इससे पिछले सप्ताह देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1.51 अरब डॉलर की बढ़त के साथ 658.09 अरब डॉलर हो गया था।

सितंबर के फाइनल में विदेशी मुद्रा भंडार 700 डॉलर के पार पहुंच गया

सितंबर के फाइनल में विदेशी मुद्रा भंडार 704.88 अरब डॉलर के सबसे बड़े स्तर पर पहुंच गया था। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक 6 दिसंबर को खत्म हुए सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत का रिजर्व 1.2 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.27 अरब डॉलर हो गया है।

एफसीए में भी गिरावट

रिजर्व बैंक के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक छह दिसंबर को खत्म सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा माने जाने वाले फॉरेन सिक्योरिटीज एसेट्स (एफसीए) 3.23 अरब डॉलर की रकम 565.62 अरब डॉलर रह रही है। डॉलर के संदर्भ में विदेशी मुद्रा भंडार में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की घट-बढ़ का असर शामिल होता है।

देश के सोने के भंडार की कीमत घटी

6 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में सोने के भंडार की कीमत 4.3 करोड़ डॉलर प्रति शेयर 66.93 अरब डॉलर और विशेष आवास अधिकार (एसडीआर) 2.5 करोड़ डॉलर का उछाल 18.03 अरब डॉलर प्रति डॉलर है।

सरकार की ओर से वित्त मंत्रालय की ओर से जवाब दिया गया

सरकार की ओर से दिए गए उत्तर में वित्त मंत्रालय ने कहा कि हमारे देश फॉरेक्स रिजर्व के मामले में दुनिया के देशों के देशों के बीच कहीं बेहतर स्थिति है। संयुक्त राष्ट्र जिन संस्थानों के पास सबसे अधिक वन आरक्षित हैं, संयुक्त राष्ट्र की सूची में भारत चौथे भंडार तक पहुंच का भुगतान किया गया है।

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भारतीय सेना ने बर्फ में टिन के डिब्बे में फंसे हिमालयी भूरे भालू के बच्चे को बचाया, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया

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भारतीय सेना ने भालू शावक को बचाया: भारतीय सेना देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर डटी रहती है। दो देशों की सीमाओं के बीच कई ऐसी जगहें हैं, जहां हमेशा बर्फ की चट्टान बिछी रहती है। भारतीय सेना को लेकर कई बार ऐसी खबरें सामने आती रहती हैं, जहां उनकी ओर से जनरल को बदनाम किया जाता है। इस बार भी हमारे देश की सेना के टुकड़ों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें युवा बर्फीले पहाड़ों पर एक हिमालयी भालू की झलक देखने को मिल रही है।

भारतीय सेना के जवानों का ये रिजर्व बैंक का वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि सेना के युवा स्नोकीले पर्वत में एक भूरे रंग के हिमालयी भालू को बचा रहे हैं और उसके सर को एक टिन के पीले रंग में फँसा दिया गया है। मोटे होने के कारण भालू का बच्चा डरा हुआ नजर आ रहे हैं। अवलोकन के दौरान भालू ने कई बार मारपीट की कोशिश भी की, लेकिन इसके बावजूद भी चाकू ने उसे गोली मार दी।

बेटे की कोशिश में लगा रहा भालू का बच्चा

वीडियो में आगे देखा जा सकता है कि भूरे भालू को देखकर तो कर लिया जाता है, लेकिन फिर भी विचित्र और डर-सहमा नजर आती है। भालू को पकड़ने की कोशिश करने के बाद करीब पांच से छह युवा उसे पकड़ लेते हैं और अपनी पोस्ट पर लेकर चले जाते हैं। वहाँ वह स्थापित है और भी डाँटती है। इसके बाद उनके सिर धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे टिन से बाहर हो गए। कुछ ही देर में बिना भालू को नुकसान पहुंचाए उसके सिर को बाहर निकाला गया और उसे मुफ्त कर दिया गया। जैसे ही भालू का सिर टिन के रेस्तरां से बाहर निकलता है वह इधर-उधर देखने लगता है।

भालू के बच्चे का नाम रखा गया ‘बहादुर’

भालू के सिर को नासिका से नदी के बाद सेना के युवा खाना भी खिलाते हैं और उसे बहादुरी के नाम से बुलाते हैं। इसके बाद सेना के जवान उसे फिर से स्नोकीले पर्वत में छोड़ गए।

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चीनी शक्तिशाली जासूसी एजेंसी एमएसएस ने अपनी सार्वजनिक प्रोफ़ाइल एमआई6 सीआईए मोसाद को बढ़ाया

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चीन जासूसी एजेंसी: चीन की जासूस एजेंसी राज्य सुरक्षा मंत्रालय (एमएसएस) अब तक दुनिया के सामने अपनी छाप लेकर बेहद भरोसेमंद बनी हुई है। चीनी खुफिया एजेंसी का कोई नाम नहीं है और न ही इसके मिशन की कोई जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि चीनी जासूस एजेंसी की कोई साख नहीं है, बल्कि चीनी एजेंसी ने पश्चिमी देशों के नाक से चने चबाने की जानकारी दी है। लेकिन अब हाल ही में चीनी खुफिया एजेंसी अपने कारनामे का खुलासा करने से खुद को रोक नहीं पा रही है।

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले पब्लिक रजिस्ट्रेशन में न होने के बावजूद, चीनी जासूस एजेंसी ने अब अपना रुख बदल दिया है और अब चीन के शहरों में वह अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है।

चीनी इंटेलिजेंस एजेंसी कैसे काम करती है?

चीन की टॉप जासूस एजेंसी ने हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा शिक्षा दिवस के मौके पर चीनी लोगों के रूप में एक छोटा सा वीडियो एक पेज पर भेजा है। इसका अर्थ है: “विदेशी जासूस हर जगह हैं।” तीन मिनट के वीडियो में, एक मोटो आईज वाला, एसोसिएटेड एसोसिएट्स वाला आदमी एक फ़ार्म फ़ार्मर ड्राइवर, एक स्टूडियो, एक लैब पार्टनर या यहां तक ​​कि एक स्ट्रीट फ़ैशन फ़ोटोग्राफ़र के रूप में पेश किया गया है, जबकि ख़तरनाक संगीत बजाता रहता है। वह कई जगहों से देशों की खुफिया जानकारी ऑफ़लाइन हनी ट्रैप भी सेट करता है।

चीनी खुफिया एजेंसी का मकसद यह है कि वह अपने लोगों से कहना चाहता है कि कोई भी उस पर भरोसा न करे और हर किसी को शक के दायरे से बाहर कर दे, लेकिन सवाल यह है कि चीनी खुफिया एजेंसी में इतने सारे दस्तावेज क्यों हैं?

चीनी जासूस एजेंसी के कारनामे

चीन की खुफिया साजिश ने देश के बाहर तो मिशन बनाए ही हैं, लेकिन उनका पहला मकसद देश के अंदर सुरक्षा उपायों की तलाश करना है। पश्चिमी देशों के लिए चीन एक अभेद्य किले की तरह है जहां से खुफिया जानकारी खोज रेगिस्तान में पानी की खोज की जाती है। चीनी खुफिया एजेंसी ने चीन में चप्पे-चप्पे को स्टार्टअप पर रखा है। देश में फ़ेशियल रिकग्निशन और डिजिटल पत्रिका है।

अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने भी माना है कि चीन में जासूसी करना बेहद मुश्किल है। शायद ही किसी देश में चीन के जासूसों की खेप मिलती है, जब तक कुछ खबर आती है तब तक चीनी जासूस नौ दो दशक हो जाते हैं।

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए का मानना ​​है कि चीन से खुफिया जानकारी हासिल करना बहुत मुश्किल है क्योंकि वह पश्चिमी देशों से कोई उपकरण नहीं ले रहा है। वह संचार के लिए स्वयं के निर्माण उपकरण का उपयोग करता है, इसलिए उन्हें इंटरसेप्ट करना नामुकिन सा हो जाता है।

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आईपीएल 2025 में ऋषभ पंत नहीं बल्कि एलएसजी के कप्तान निकोलस पूरन लखनऊ सुपर जाइंट्स की कप्तानी कर सकते हैं

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आईपीएल 2025 एलएसजी कप्तान: आईपीएल 2025 में लखनऊ सुपर जायंट्स की काफी अलग नजरें आएंगी। टीम ने 2025 के लिए हुए मेगा ऑक्शन में ऋषभ पंत को 27 करोड़ रुपये की कीमत में खरीदा था। इससे पहले टीम 2024 तक नियमित रूप से कैप्टन रहे केएल राहुल को रिलीज कर दिया गया था। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि 2025 में लखनऊ का कैप्टन कौन होगा? प्रशंसकों को उम्मीद थी कि पंत को कप्तान बनाया जाएगा, लेकिन शायद ऐसा नहीं होगा।

दोस्त की ऐसी खासियत है कि पंत को कैप्टन बना दिया जाएगा। सबसे पहले पंत को बड़ी नकदी में खरीदा गया, जिसके बाद वह आईपीएल इतिहास के सबसे महान खिलाड़ी बने। इसके अलावा पंत के पास आईपीएल प्लैजिशियन करने का अच्छा अनुभव है। पंत ने दिल्ली कैपिटल्स के लिए काफी वैज्ञानिक की है। तो आइए जानते हैं कि पंत के अलावा कौन होगा लखनऊ का कैप्टन।

पंत के अलावा कौन होगा कैप्टन?

मीडिया सिद्धांत के अनुसार, ऋषभ पंत नहीं बल्कि, तीसरे बल्लेबाज निकोलस फुलांर को लखनऊ का कैप्टन बनाया जा सकता है। फुलांन को लखनऊ में 21 करोड़ रुपए की कीमत पर रिटेन किया गया था। फुल ने केल राहुल की गैरमौजूदगी में आईपीएल 2024 के अंदर कई बार लखनऊ की कमान संभाली है। फुल आईपीएल 2024 में लखनऊ के उप कैप्टन थे। इस अनुरोध से लखनऊ की टीम फुल को कैप्टन बनाया जा सकता है। हालाँकि अभी भी पूर्ण या पैंट के कैप्टन बनने की आधिकारिक जानकारी बाकी है।

निकोलस फुल का आईपीएल बिजनेस

2019 से आईपीएल 2019 की शुरुआत की थी विश्वसनीयता! उन्होंने पंजाब किंग्स के लिए टूर्नामेंट में भाग लिया। फिर 2022 में वह सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा रहे। इसके बाद 2023 में वह लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ मौजूद हैं। फुल ने अब तक 76 आईपीएल मैच खेले हैं। इन मैचों में 73 पारियों में बैटिंग करते हुए उन्होंने 32.16 की औसत और 162.29 की स्ट्राइक रेट से 1769 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके पास 9 पेट्रोनेल प्लांट्स हैं, जिनमें हाई स्कोर 77 इंजीनियर्स का स्थान है।

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1000 रुपये से कम में उपलब्ध सर्वोत्तम स्मार्टवॉच जेब्रोनिका पीट्रॉन टेकबेरी कॉलमेट स्पेक्स कीमत विशेषताएं

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1000 से कम में सर्वश्रेष्ठ स्मार्टवॉच: आज के समय में स्मार्टवॉच का क्रेज बढ़ रहा है। ये ना केवल समय देखने का साधन हैं, बल्कि फिटनेस फीचर, कॉल नोटिफिकेशन और कई स्मार्ट फीचर्स के साथ आते हैं। अगर आप कम बजट में एक अच्छे स्मार्टवॉच की सोच रहे हैं, तो 1000 रुपये के अंदर भी बाजार में कई विकल्प उपलब्ध हैं। आइए जानते हैं कुछ बेहतरीन स्मार्टवॉच के बारे में जो आपके बजट में फिट हो सकते हैं।

पीट्रॉन पल्सफिट पी261

फीचर्स

  • 1.44-इंच का टुकड़ा।
  • दिल की धड़कन और रक्तचाप की मॉनिटरिंग।
  • स्टेप काउंटर उपकरण और ट्रैकर।
  • कीमत: यह वॉच 999 रुपये में उपलब्ध है।
  • व्युत्पत्ति: स्टाइलिश डिज़ाइन और आकर्षक सुविधाएँ।

टेकबेरी T90

फीचर्स

  • उद्यम के साथ कॉल और संदेश अधिसूचना।
  • म्यूजिक कंट्रोलर और मैकेनिकल कैमरा प्लेसमेंट।
  • टचस्क्रीनचित्र.
  • कीमत: करीब 900 रुपये.
  • व्युत्पत्ति: सिंपल और फिशिएंट के साथ मल्टीपल फीचर्स।

जेब्रोनिक्स ZEB-FIT101

फीचर्स

  • जल प्रतिरोधी डिजाइन।
  • फिटनेस गैजेट जैसे स्टेप काउंटर और स्लीपर मॉनिटर।
  • स्मार्ट चेतावनी.
  • कीमत: 999 रुपये.
  • व्युत्पत्ति: मजबूत निर्माण गुणवत्ता और अच्छी बैटरी जीवन।

कॉलमेट स्मार्ट बैंड

फीचर्स

  • हार्ट रेट और ब्लड ऑक्सीजन लेवल मॉनिटर।
  • सक्रियता और फिटनेस प्रभाव।
  • स्टाइलिश बैंड के साथ ग्राफिक डिजाइन।
  • कीमत: करीब 950 रुपये.
  • व्युत्पत्ति: फिटनेस के शौकीनों के लिए शानदार विकल्प।

ध्यान देने योग्य बातें

1000 रुपये के अंदर मिलने वाली स्मार्टवॉच फीचर्स के साथ आती हैं। इन फिटनेस गैजेट्स, नोटिफिकेशन और बैटरी बैकअप जैसी नौकरियां हैं। हालाँकि, ये प्रीमियम स्मार्टवॉच एडवांस एडवांस नहीं है, लेकिन कम बजट में खरीदारी एक समझदारी भरा कदम हो सकता है। यदि आप कम बजट में एक स्मार्टवॉच खरीदना चाहते हैं, तो उपरोक्त नामांकन में से किसी को भी चुना जा सकता है।

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12वीं तक नहीं पता था क्या होता है आईएएस? ऐसे बने BPSC ज़ाहिल को ज़ालिम मारने वाले डॉ. चन्द्रशेखर सिंह

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<पी शैली="पाठ-संरेखण: औचित्य सिद्ध करें;">प्रतियोगी पर्यटन स्थलों का भ्रमण से इस साल कुछ खास नहीं रहा। इस साल देश भर के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग एग्ज़ाम के प्रश्न पत्र जैसी घटनाएं सामने आईं। आज बिहार में बी.पी.एस.आई. 70वीं प्रारंभिक परीक्षा होगी। इस परीक्षा को लेकर शेयर बाजार ने पेपर लाइक के आरोप और सड़कों पर उतर आए। हालाँकि आयोग ने इस सब आज्ञा को अस्वीकार कर दिया है। लेकिन मिर्ज़ापुर के प्रदर्शन के दौरान चंपारण के राजा चन्द्रशेखर सिंह वीरगति को प्राप्त हुए।

दरअसल, रिकोयला रिचार्जेबल चन्द्रशेखर सिंह बीपी एसोसिएट्स चर्चा को भोज्य पदार्थ को लेकर लेकर आए हैं। क्या आप जानते हैं कि पटना के इंजीनियरों और तेज तर्रार रेजीमेंट के अधिकारी चन्द्रशेखर सिंह ने यूपीएससी के गोदाम को तोड़ दिया था और उन्हें अंदर ही अंदर तोड़ने की कोशिश की गई थी। आइए आज हम आपको बताते हैं…

नहीं पता कि क्या होता है गणतंत्र

डॉ.  चंद्रशेखर सिंह भारतीय राष्ट्रीय सेवा (IAS) के बिहार कैडर के 2010 बैच के अधिकारी हैं। मतो के अनुसार मूल रूप से यूपी के मऊ जिले के गोदाम वाले चन्द्रशेखर सिंह ने इंजीनियर बनने के लिए तैयारी कर रहे थे। उन्हें अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि किस तरह की मूर्तियां होती हैं। उनका ध्यान इस बात पर था कि विज्ञान पढ़ रहे हैं तो इंजीनियरी पर। इंजीनियर बनने के लिए क्या-क्या परीक्षा देनी जरूरी है। इसी में वह रहते थे.

इलाहाबाद में होटल में आया

आईएएस राजदूतों ने इलाहबाद प्रदेश के लिए आगे की पढ़ाई की। जहां उन्हें अपने वरिष्ठ सहयोगियों से सिविल इंजीनियरिंग के बारे में पता चला। इस दौरान उन्हें पता चला कि इस एग्ज़ाम की तैयारी कैसे की जाती है। उनका पहला सुपरस्टार स्टेलर बनने का था। वह कहते हैं कि जिस पृष्ठभूमि से वे आते हैं वह कभी नहीं लगता था। तब उन्हें लगता था कि आम लोगों के लिए कुछ खास होगा.

ग्रेजुएशन के बाद शुरू की तैयारी

ग्रेज्युएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद अन्य छात्रों और सहकर्मियों को सिविल सेवा में हाथ की सर्जरी कराने का मन बनाया। ग्रेजुएशन के बाद ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी पोस्ट करें। पहले प्रयास में प्रारंभिक उत्खनन क्रैक हो गया। फिर से पूरे दान की तैयारी के लिए इन परीक्षाओं का आयोजन करें। इनमें से एक उदाहरण तो स्पष्ट हो गया लेकिन दूसरे में मत खा गए। दूसरे प्रयास में परिणाम कुछ बेहतर नहीं रहा। लेकिन तीसरे प्रयास में रिजेक्ट क्रैक कर आई रिज्यूमे बन गया। लेकिन कभी-कभी ज्योतिष शास्त्र का क्या होता है ये भी कोई नहीं देखने वाले वाले चन्द्रशेखर को अब ज्योतिष शास्त्र में ही स्थापित किया गया था।

चौथी कोशिश में

आईएएस बनने के लिए उन्होंने एक बार फिर से हाथ मिलाया। चौथी बार अटेम्प्ट में यूपी एसोसिएट्स एगोमेटी को उन्होंने एक बार फिर से तोड़ दिया और इस बार अलॉटमेंट एसोसिएशन बना दिया। उन्होंने कहा कि अगर आप इस एग्जॉम के लिए पूरी तरह से तैयारी करते हैं तो आप यहां तक ​​पहुंच सकते हैं।

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