सड़क और परिवहन मंत्रालय ने 10 वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में 15 लाख लोगों की जान गंवाई, रिकॉर्ड उच्चतम मौतें एएनएन


भारत में सड़क दुर्घटनाएँ: देश में सड़क किनारे जान गंवाने वालों की संख्या हर साल चिंता का विषय बनी हुई है। हाल ही में सड़क और परिवहन मंत्रालय की ओर से यूरोप में दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले दस वर्षों में 15 लाख से अधिक लोग सड़क पर अपनी जान गंवा चुके हैं।

यह फिल्म साल 2013 से लेकर 2022 तक के बीच का है। मंत्रालय के अनुसार, इन विश्वविद्यालयों में हर साल लाखों लोग अपनी जान से हाथ धो रहे हैं, जो सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाते हैं।

उत्तर प्रदेश और तमिल में सबसे अधिक ट्रेनर

सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा यात्री उत्तर प्रदेश में हुए हैं। यहां पिछले दस वर्षों में कुल 1,97,283 लोगों की सड़क पर कमाई हुई। इसके बाद टेम्प्लेट का नंबर आता है, जहां 1,65,847 लोगों के एग्रीमेंट हुए हैं। इस दौरान महाराष्ट्र में भी सड़कों पर 1,30,613 लोगों की मौत हुई। कर्नाटक में 1,06,544 लोग सड़क रोजगार का शिकार हुए।

लक्षद्वीप में सबसे कम दुर्घटनाएं, सरकार का सुरक्षा उपायों पर जोर

इन दसियों में जहां लक्षद्वीप में सबसे कम सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, केवल पांच लोग सड़क दुर्घटना में मारे गए। सरकार की ओर से इस गंभीर समस्या पर ध्यान देते हुए मंत्रालय ने घोषणा की है कि आने वाले वर्षों में सड़क किनारे चलने वाली भीड़ की संख्या में 50 प्रतिशत तक की कमी लाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए कई तरह के कदम उठाए जा रहे हैं, जिनमें बेहतर सड़क सुरक्षा कार्यक्रम और जागरूकता कार्यक्रम लागू किए जा रहे हैं।

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