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3 खिलाड़ी जिन्हें भारत प्लेइंग इलेवन ब्रिस्बेन टेस्ट बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया तीसरे टेस्ट से बाहर कर देना चाहिए

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भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया तीसरा टेस्ट बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2024: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024 भारत और ऑस्ट्रेलिया में अभी एक-एक से ज्यादा पर हैं। यह श्रृंखला दोनों ही टीमों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें कहीं भी ना कहीं तय कर दिया जाएगा कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में टीम इंडिया फाइनल में प्रवेश या लगातार दूसरे फाइनल में खेलेगी। एडिलेड टेस्ट से पता चला कि भारतीय टीम में ना केवल बल्लेबाजी है बल्कि बॉलिंग डिपार्टमेंट में भी कई खामियां हैं। तो आइए जानते हैं ऐसे तीन खिलाड़ियों के बारे में, जिनमें ड्रॉप करने से भारतीय टीम की किस्मत चमक सकती है।

1. रविचंद्रन अश्विन

रविचंद्रन अश्विन अब तक टेस्ट क्रिकेट में 537 विकेट ले चुके हैं। लेकिन ऑस्ट्रेलिया में उनके आंकड़े बहुत ज्यादा शानदार नहीं हैं. ऑस्ट्रेलियन सरजमीं पर उनके पास 40 विकेट तो हैं, लेकिन उनका औसत 42 से भी ज्यादा है। जब सुपरस्टार भव्य फॉर्म में चल रहे थे, इसके बावजूद एडिलेड टेस्ट में अश्विन का प्लेइंग इलेवन में चयन खराब टुकड़ों को शामिल किया गया है। सुंदर पिछले 3 टेस्ट मैचों में 18 विकेट ले चुके हैं और निसंदेह किसी टॉप नंबर के बल्लेबाज की तरह बैटिंग करते हैं।

2. केएल राहुल

केएल राहुल ने पहले टेस्ट में काफी शानदार बैटिंग की और दोनों पारियों ने कुल मिलाकर 103 रन बनाए. इसी के अपने साथी रोहित शर्मा ने राजस्थान में पहले स्थान पर छठे क्रम की बैटिंग की थी, लेकिन एडिलेड टेस्ट में टीम इंडिया को इस क्रम में बदलाव का भी स्थान मिला। रोहित कोऑलम यशस्वी कैसल के साथ फिर से कैटरीना कैफ और मिडिल नंबर में सरफराज खान के छठे क्रम पर पार्टियाँ हुईं, अब तक दो मटेरियल पारी भी खेल चुकी हैं। सरफराज भारतीय टीम के लिए बहुत ही प्रभावशाली साबित हो सकते हैं क्योंकि वो अब तक चार से स्कीअम क्रम तक भी बैटिंग कर चुके हैं।

3. हर्षित राणा

हर्षित राणा ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024 में अपना इंटरनेशनल लॉन्च किया है। सीरीज के पहले टेस्ट में वे 4 विकेट लिए थे, लेकिन दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलियन ईस्ट ने अपना जलवा बिखेरा। भारतीय वो टीम की ड्राफ्ट कड़ी बन गई थी। अब तीसरा मैच ब्रिसबेन में खेला जा रहा है, जहां पिच में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। ऐसे में संभव है कि प्रसिद्ध कृष्णा अधिक प्रभावशाली साबित हो सकते हैं। उनका लॉन्च एक्शन हर्षित से अलग है, जिसके जरिए वो पिच से ज्यादा उछाल का ज्यादा फायदा उठा सकते हैं।

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नए साल 2025 में सूर्य होंगे राजा, जानिए सभी राशियों पर मंगल सूर्य का प्रभाव

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नया साल 2025: नया साल 2025 जल्द ही लॉन्च होने वाला है। नया साल कई विवरण लेकर आया है। सभी आने वाले साल के साथ आने वाले मौके और खुशियों की राह देखते हैं।

ऐसे में सभी को इंतजार है कि नए साल में उनकी जिंदगी में क्या बदलाव आएगा। वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य और मंगल वर्ष 2025 के बॉस माने जा रहे हैं। नए साल में इन संकेतों का जीवन पर क्या असर दिखता है। आइए जानते हैं.

साल 2025 में सूर्य-मंगल का बोलबाला

अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार नया साल 1 जनवरी से शुरू होता है। वहीं हिंदुओं का नया साल 2025 में चैत्र माह शुरू होगा। हमारे जीवन में ग्रह शुभ-अशुभ दिखाई देते हैं, इसलिए ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आने वाले वर्ष 2025 में सूर्य और मंगल का बोलबाला रहेगा।

2025 के राजाहोगे सूर्य

चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 30 मार्च 2025 रविवार से प्रारंभ हो रही है। शास्त्रों के अनुसार जिस वार से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है उस दिन स्वामी ग्रह में पूरे वर्ष के राजा होते हैं। इसलिए नए साल में सूर्य 2025 के राजा होंगे।

ज्योतिषशास्त्र, धर्म-अध्यात्म और विज्ञान में सूर्यदेव का विशेष महत्व है। सूर्य के बिना किसी भी जीव की कल्पना संभव नहीं है। सूर्यदेव को मान-सम्मान, उच्च पद और नेतृत्व क्षमता का कारक ग्रह माना जाता है। सूर्य की कृपा से रिश्ते में अच्छी सफलता, मान-सम्मान, लाभ और लाभ मिलता है। कुछ ऐसे काम हैं जिनके कारण कुंडली में सूर्य अशुभ प्रभाव बताते हैं उदाहरण 2025 में भूलकर भी न करें।

ये ना करें

  • सुबह देर सूर्योदय के बाद भी देर रात तक का समाधान।
  • घर में पूजा-पाठ नहीं करना.
  • पिता का सम्मान न करना.
  • पूर्व दिशा में वास्तु दोष होना

2025 मंगल ग्रह का अधिकार

अंक शास्त्र के अनुसार वर्ष 2025 का जोड़ 2+0+2+5=9 बन रहा है जो कि मंगल का अंक है। मंगल ग्रह पर साहस, पराक्रम, ऊर्जा, भूमि, रक्त, भाई, युद्ध, सेना और भाई कारक होता है। नए साल में मंगल का प्रभाव भी रहेगा, ऐसे में मेष और वृश्चिक राशि के जातकों को लाभ होगा। क्योंकि ये मंगल की राशियां हैं.

कुंडली में मंगल बली होता है तो व्यक्ति के अंदर ऊर्जा और निद्रा बनी रहती है। मंगल के ख़राब होने पर किसी व्यक्ति या किसी व्यक्ति का शत्रु पर प्रभाव पड़ता है। कर्ज की समस्या झेलनी पड़ी है.

ये ना करें

  • लड़ाई-झगड़े और क्रोध से निराश होना
  • जमीन या मकान पर कब्ज़ा न करें.
  • किसी से ईष्या न करें.

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अस्वीकरण: यहां मताधिकार सूचना केवल अभ्यर्थियों और विद्वानों पर आधारित है। यहां यह जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह के सिद्धांत, जानकारी की पुष्टि नहीं होती है। किसी भी जानकारी या सिद्धांत को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

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स्मार्टफोन में वायरस वाले ऐप्स का पता कैसे लगाएं, यह बहुत ही आसान तरीका है टेक टिप्स

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स्मार्टफ़ोन में वायरस ऐप्स कैसे खोजें: हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन जैसे-जैसे उपकरणों का उपयोग बढ़ा है, वैसे-वैसे वायरस और मैलवेयर वाले ऐप्स का खतरा भी बढ़ा है। ये खतरनाक ऐप्स न केवल आपके फोन की स्पीड को धीमा कर सकते हैं, बल्कि आपके निजी डेटा को भी खतरे में डाल सकते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि अपने उपकरणों में वायरस वाले ऐप्स को कैसे पहचानें और खोजें।

वायरस वाले ऐप्स की पहचान कैसे करें?

फोन की गति धीमी हो गई

यदि आपका फोन सामान्य से अधिक स्लो हो गया है, तो इस वायरस वाले ऐप्स का संकेत हो सकता है।

पॉप-अप विज्ञापन होटल

अगर आपके फोन पर बार-बार अनाचाहे विज्ञापन आ रहा है, तो यह संकेत हो सकता है कि कोई ऐप आपके फोन पर विज्ञापन कर रहा है।

बैटरी तेजी से खत्म होना

अगर आपके फोन की बैटरी बिना ज्यादा इस्तेमाल के जल्दी खत्म हो रही है तो किसी वायरस या मैलवेयर का शक हो सकता है।

आनंद का अवतार होना

अगर आपके फोन में ऐसे ऐप्स दिख रहे हैं जिनमें आपने खुद को शामिल नहीं किया है, तो तुरंत संभावना हो।

वायरस वाले ऐप्स से बचने के उपाय

प्लेस्टोर से ऐप्स डाउनलोड करें

हमेशा इलेक्ट्रिक क्लासिक से ही ऐप्स डाउनलोड करें। गूगल प्ले स्टोर और ऐपल स्टोर सबसे सुरक्षित विकल्प हैं।

समीक्षा और रेटिंग जांचें

किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी रेटिंग और रेटिंग रिव्यू जरूर पढ़ें।

एंटीवायरस ऐप्स का उपयोग करें

अपने फ़ोन पर अच्छे एंटीवायरस ऐप्स, जैसे नॉर्टन या एवी. ये आपके फोन को स्कैन करके वायरस वाले ऐप्स को हटा सकते हैं।

अनचाहे ऐप्स को तुरंत हटाएं

अगर आपके पास कोई मोबाइल ऐप है तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल कर लें।

टेक्नोलॉजी में वायरस वाले ऐप्स को पहचानना और डिजाइन करना बेहद जरूरी है। सुरक्षा के इन उपायों को अपनाकर आप अपने फोन को सुरक्षित रख सकते हैं और निजी डेटा की चोरी से बच सकते हैं।

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5000 ड्रोन के साथ आसमान में सांता क्लॉज़ का वीडियो वायरल

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जगदीप धनखड़ के खिलाफ कोई प्रस्ताव नहीं, क्या उन्हें उपराष्ट्रपति पद से हटाया जाएगा, यह विपक्ष के लिए चुनौती है

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संसद में हर रोज हो रही पार्टी के उम्मीदवारों की मांग है कि विपक्ष और राज्यसभा के आम आदमी जगदीप धनखड़ को उनकी कुर्सी से हटा दिया जाए। अब इसके लिए संवैधानिक आधिपत्य का प्रस्ताव दिया गया है तो साम्यवादी वो भी लेकर आ रहा है, लेकिन जो साम्यवादी विचारधारा के पास है, वो सामाख्या में वो नंबर गेम है, जिसके माध्यम से वो साक्षात् के अलोकतांत्रिक को उसके पद से हटाया जा सकता है या फिर ये मोहा एक पॉलिटिकल अवास्तविक प्रस्ताव है , जिसमें हर दल का साझीदार शामिल है। अंतिम क्या है उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के आ रहे अविश्वास प्रस्ताव की पूरी कहानी, सिद्धांत विस्तार से।

यूक्रेन में समाजवादी पार्टी के कम्युनिस्ट नेता जगदीप धनखड़ पर समाजवादी विचारधारा का आरोप लगाया गया है। इसी कारण से अविश्वास प्रस्ताव जगदीप धनखड़ को उनके पद से हटना है, जिसके लिए अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया है। भारतीय संविधान का कहना है कि यूक्रेन के विश्वकोश को हटाने के लिए पद से हटाने का प्रस्ताव ही एक जरिया है। भारतीय संविधान के सूत्र 67 में खण्डों की शक्तियों का वर्णन किया गया है। तर्क 67 बी के अनुसार, राज्य के बहुमत और विपक्ष के प्रतिनिधियों को उनके पद से हटाया जा सकता है। इसके लिए 14 दिन पहले नोटिस जरूरी होता है।

तो संविधान के ख़िलाफ़ विपक्ष ने 10 दिसंबर को वामपंथी जगदीप धनखड़ के समक्ष यूक्रेन में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। भारतीय राजनीति के इतिहास में ये पहला मौका है, जब देश के विपक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया है। कैथोलिक कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और अन्य कई छोटे आश्रमों के 65 समर्थकों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन सवाल यह है कि सदनों में यह प्रस्ताव क्या है।

इसका जवाब है नहीं. सबसे पहले तो लोकतंत्र में ही बहुमत का चुनाव होगा। बहुमत के लिए बहुमत की संख्या 231 होनी चाहिए। जो अविश्वास प्रस्ताव आया है, उसपर बड़े पैमाने पर 70 मंदिरों के ही हस्ताक्षर हैं। तो फिर साझीदारी को भी अब भी सायेशिया में अविश्वास प्रस्ताव पास करना चाहिए, कम से कम 46 मुसलमानों का समर्थन करना चाहिए, जो उन्हें पसंद नहीं आ रहा है क्योंकि भाजपा के अपने 95 सांसद हैं। 6 नाम अंकित हैं. दस्तावेज़ के 4 हैं. बाकी अन्य घटक दल जैसे कि देवगौड़ा के जनजातीय दल सेक छोटू, अजीत चौधरी के साथी, जयन्त चौधरी के राष्ट्रीय लोकदल, एकनाथ शिंदे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय लोकमोर्चा और अठावले की रिपब्लिकन पार्टी सहित अन्य दलों के समर्थकों की संख्या 120 के पार है, जो बहुमत से अधिक है।

ऐसे में कलाकारों की टोली भी साझीदारी से अविश्वास प्रस्ताव को पास नहीं करवायेगी। बाकी अगर जोड़-घटाव करके डेमोक्रेट ने राज्य में कुछ गेम कर भी लिया, तो विपक्ष में नामांकन को मुश्किल होगी क्योंकि अभी का गठबंधन वो नामांकन नहीं है, जो 2024 के चुनाव के दौरान भारत के अनुसार पर था. अभी स्टॉकिंग्स का इंडी अलायंस टूटा सा है और हो सकता है कि कुछ दिनों में ये खंड-खंड खंडित भी हो जाए। ऐसे में पिछले दिनों जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव एक पॉटिकल ब्लॉक से आया था और कुछ भी साबित होने वाला नहीं है।

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डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को ट्रोल करते हुए उन्हें कनाडा के महान राज्य का गवर्नर बताया |

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डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूडो को किया ट्रोल: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड स्टाल ने मंगलवार (10 दिसंबर, 2024) को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का फिर से मजाक उड़ाया। ग्रेट स्टेट कनाडा के गवर्नर ने कनाडा के प्रधानमंत्री को कहा। इससे पहले, रियल ने ट्रूडो को सलाह दी थी कि अगर रियल के प्रस्तावित 25 प्रतिशत टैरिफ से कनाडा की अर्थव्यवस्था खत्म हो जाए तो कनाडा को संयुक्त राज्य अमेरिका का 51वां राज्य बनाया जाना चाहिए।

असली, रियल ने अपने सोशल प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, “कनाडा के महान राज्य के गवर्नर जस्टिन ट्रूडो के साथ दूसरी रात डिनर करना बहुत खुशी की बात थी। मैं जल्द ही गवर्नर से फिर मिलने के लिए उत्सुक हूं ताकि हम व्यापार और व्यापार पर अपनी गहन बातचीत जारी रखें गहनता जिसमें, परिणाम सभी के लिए वास्तव में शानदार होंगे।”

आख़िर ने कनाडा को सलाह दी

रविवार को स्टाल ने सुझाव दिया कि अगर अमेरिका अपने दो पड़ोसी देशों कनाडा और मैक्सिको को 100 डॉलर और 300 डॉलर की छूट दे रहा है, तो इन देशों को अमेरिका का हिस्सा बनने पर विचार करना चाहिए।

5 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों के बाद पहली बार रविवार को टॉक शो में विक्की ने कहा, “हम कनाडा को 100 डॉलर से ज्यादा की छूट दे रहे हैं। हम मेक्सिको को करीब 300 डॉलर से ज्यादा की छूट दे रहे हैं। हमें हम इन देशों को टमाटर क्यों दे रहे हैं?

ट्राइ पर ट्रूडो ने क्या कहा?

इस बीच, कैनेडियन फेस्टिवल ने सोमवार को डोनाल्ड ख्तेल की ओर से कैनेडा में यात्रा यात्रा की खतरनाक कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ट्रूडो ने कहा कि त्रिशूल नीति न केवल कनाडाई अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाएगी बल्कि अमेरिकी नागरिकों का जीवन भी महंगा और कठिन बना देगी। ट्रूडो ने कहा कि अमेरिका की ओर से कनाडा में आने वाले 25% टैरिफ वाले मॉडल पर “कनाडाई अर्थव्यवस्था के लिए विनाशकारी” कदम होगा। इसका असर कई महत्वपूर्ण कंपनियों पर पड़ा है, जिनमें ऊर्जा, स्टील, एल्युमीनियम और कृषि शामिल हैं। ट्रूडो ने ज़ोर टोक ने कहा कि यह टेरर ग्रेजुएट्स ग्रेजुएट्स अमेरिकन सिविलियन्स के लिए है।

तीन पर विवाद

रियल एस्टेट ने हाल ही में कनाडा और मैक्सिको से आने वाले स्टूडियो पर 25% टैरिफ की धमकी दी थी। दावेदार ने दावा किया कि इस निर्णय और विविधता की समस्या पर रोक लगाना आवश्यक है। ट्रूडो ने फिल्म की कहानी पर आधारित यह फिल्म अमेरिका की उत्तरी सीमा (कनाडा) दक्षिणी सीमा (मेक्सिको) से अलग है। हालांकि ट्रूडो ने सार्वजनिक रूप से इस बयान पर कोई जवाब नहीं दिया, लेकिन उनके करीबी अधिकारियों ने ‘गंभीरता से न लेने’ की बात कही।

दोस्ती और ट्रूडो की बैठक

हाल ही में फ्लोरिडा स्थित पिज्जा के मार-ए-लागो क्लब में ट्रिपल और ट्रूडो की मुलाकात हुई थी। इस दौरान ट्रूडो ने अमेरिकन ट्राइ नीति पर अपनी बात रखी, जिसमें कनाडा से आने वाले डोसे पर 25% टैरिफ शामिल है। रियल ने जवाब में कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार में सहयोग कनाडा के हित में होगा।

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बेहद खतरनाक है डिजीज X, न लक्षण, न जानकारी, जानें क्या है ये बीमारी

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रोग एक्स : मैन्कीपॉक्स और मारबर्ग वायरस का ख़तरा अभी ख़त्म नहीं हुआ है कि अब एक और बीमारी का खतरा मंडराने लगा है। इस बीमारी का नाम डिजीज एक्स (Disease X) है, जो अफ्रीका में तेजी से फैल रही है। अब तक इस बीमारी से हिमाचल में 140 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. 7 महीने पहले ही वर्ल्ड हेल्थ हेल्थकेयर फर्म (WHO) ने इस बीमारी की आशंका जताई थी। इस बीमारी को लेकर काफी कम जानकारी उपलब्ध है, कारण से बहुत से लोग इससे अवगत नहीं हैं। ऐसे में आइए जानें कितनी खतरनाक है ये बीमारी…

डिजीज एक्स कितना खतरनाक

डिजीज एक्स की अधिकांश जानकारी न होने से इसे कोई विशेष नाम नहीं दिया गया है। माना जा रहा है कि यह एक तरह का वायरस हो सकता है। इस बीमारी की चर्चा पहली बार साल 2018 में हुई थी. लेकिन तब विशेष रूप से कुछ पूर्वी एशिया के लोगों में फ्लू जैसे लक्षण (बीमारी एक्स लक्षण) नजर आ रहे थे और कुछ दिन बाद उनकी मृत्यु भी हो जा रही थी। इसका संक्रमण कैसा हो रहा है, अभी इसकी जानकारी नहीं है। जो चिंता बढ़ती जा रही है.

डीजे एक्स का खतरा सबसे ज्यादा

डिजीज एक्स के सबसे बड़े केस सेंट्रल अफ्रीका के डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में मिलते हैं। इस बीमारी का शिकार सबसे ज्यादा बच्चे होते हैं। अफ्रीकन सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन का कहना है कि अब तक 386 मामलों में से करीब 200 रोगी बच्चे हैं। मूल आयु 5 वर्ष से कम है. अभी तक यह साफ़ नहीं हो पाया है कि यह बीमारी किस कारण से होती है। माना जा रहा है कि एक से दूसरे में मिशन होता है। यह सांसारिक माध्यम से फलित हो रहा है। इसे रोकने के लिए डब्यू की तरफ से कुछ दवाएँ अफ्रीका में बनाई गई हैं लेकिन खतरा यह है कि यह बीमारी का खतरा पैदा कर सकती है।

डिजीज एक्स के क्या लक्षण हैं?

बुखार आना

तेज़ सिरदर्द

सांस लेने में परेशानी होना

डिजीज एक्स से कैसे सीखें

1. इंडोनेशिया में न.

2. फ्लू जैसे लक्षण डॉक्टर से इलाज पर नजर डालें।

3. बिना हाथ धोए खाना ना स्थिर।

4. किसी भी तरह की उथल-पुथल न बरतें

अस्वीकरण: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया पर आधारित है। आप भी अमल में आने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

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लगभग 8 लाख स्कूली बच्चों ने 2024-25 के लिए एआई पाठ्यक्रम चुना है, जूनियर शिक्षा मंत्री जयंत चौधरी लोकसभा में

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रम: भारत सहित अमेरिका में आर्टिफिशियल साइंटिफिक जेन्स (एआई) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। अब देश-दुनिया के बड़े-बल्लेबाजों में AI से संबंधित कोर्स की पढ़ाई हो रही है। भारत में एआई की पढ़ाई का ढांचा तेजी से बढ़ा है। वास्तविक दस्तावेज हैं कि 2024-25 में 8 लाख मिलियन बच्चों ने सेकेन्ड्री लेवल पर एआई कोर्स के लिए नामांकन कराया है। जिसमें 9वीं और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों की संख्या सबसे अधिक है। सोमवार को इस बात की जानकारी शिक्षा शेखावाइन जयंत ने नोमा में दी।

लोकसभा में अज्ञात चौधरी ने क्या-क्या कहा?

जयन्त चौधरी ने कहा कि 4,538 स्कॉल के 7,90,999 स्किल्ड छात्रों ने सेकेन्ड्री लेवल एआई कोर्स के लिए दाखिला लिया है। जिसमें 11वीं और 12वीं कक्षा के 50,343 छात्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के बाद शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इसके बाद स्टूडेंट्स के शोरूम्स को बेहकर बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है। एआई कोर्स के लिए बच्चों के एनरोल्ड में भारी रचनात्मकता साबित हुई है। इससे पहले गुजरात के सांसद राजेशभाई चुडासामा ने आर्टिफिशियल साइंटिस्ट जेन्स से कोर्स के बारे में सवाल पूछा था।

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बिजनेस बोर्ड ने 5 साल पहले की थी शुरुआत…

भाई चुडासमा के सवाल के जवाब में जयन्त चौधरी ने कहा कि 4,538 स्केलेन के 7,90,999 स्केलेटन छात्रों ने एआई कोर्स के लिए सेकेन्ड्री लेवल पर दाखिला लिया है। जिसमें 11वीं और 12वीं कक्षा के 50,343 छात्र शामिल हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि 2019 की शुरुआत में बिजनेस बोर्ड ने आर्टिफिशियल जर्नलिस्ट कोर्स से संबंधित रिसर्च की थी, ताकि इसे समझने और समझने के लिए टैप्टरटा विकसित किया जा सके।

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एसोसिएट्स कि इस कोर्स का सिलेबस 8वीं के बच्चों को 15 घंटे का पाठ्यक्रम और कक्षा 9वीं से 12वीं तक के बच्चों को पाठ्यक्रम विषय के रूप में पेश किया जाता है।

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