हाईवे किनारे रील बना रही थी मां और सड़क पर निकल पड़ी छोटी बच्ची, वीडियो वायरल | रील बनाने के चक्कर में मौत के मुंह में जाते-जाते बेटी, भाई की समझदारी ने बचाई जान

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बिजनेस ब्लास्टर्स सीनियर्स प्रोग्राम छात्रों को स्टार्टअप के लिए प्रारंभिक धन प्रदान करता है

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अब दिल्ली सरकार की यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों को मिलेगी बेहद ही खस्ता सुविधा। अब यहां पढ़ें वाले वाले को सीड मनी दी जाएगी। ट्रेलर को एक नई बूम मीटिंग की उम्मीद है। आइए जानते हैं क्या है दिल्ली सरकार की ये खस्सी और कैसे इसके तहत काम होगा।

दिल्ली के मुख्यमंत्री आतिशी ने आज मुख्यमंत्री बिजनेस ब्लास्टर सीनियर प्रोग्राम की शुरुआत की। दिल्ली सरकार के विश्वविद्यालयों, आईटीआई के छात्र इस विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लेकर ‘नौकरी देने वाले’ लेंगे। छात्रों की ओर से अपने बिजनेस आइडियाज को पेश किया गया और 1,000 से अधिक टीमों को अपना बिजनेस शुरू करने के लिए सीड मनी भी प्रदान की जाएगी। इस पहल के तहत 1,000 से 100 टीमों का चयन किया जाएगा। जो एंजोएज के सामने आए उनके जीवाश्म मॉस्को स्टॉकहोम। हर टीम में तीन से लेकर पांच छात्र जुड़ेंगे।

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नौकरी पाने के पीछे नहीं भागते बच्चे

दरअसल, आप आदमी पार्टी की सरकार बिजनेस ब्लास्टर सीनियर प्रोग्राम के जरिए देश में जॉब क्रिएटर तैयार कर रही है। दिल्ली के सीएम ने कहा कि बिजनेस ब्लास्टर ने हमारे सरकारी स्कूल के छात्रों का मन खत्म कर दिया है। आज 11वीं-12वीं का बच्चा नौकरी पाने के सपने के पीछे नहीं भागता बल्कि अपने शानदार सपनों के दम पर लोगों को कमाई दे रहा है।

सीएम ने कही ये बड़ी बात

सीएम ने कहा कि अब यही शुरुआत हमारे विश्वविद्यालयों और आईटीआई में भी होगी। जहां छात्र अपने बिजनेस मेडिसिन के लिए 50 हजार रुपये तक की सीड मनी खरीदें। यकीनन मुझे है ये युवा अपने आने वाले सालों में अपने शानदार एप्स के माध्यम से लाखों लोगों को रोजगार देंगे न सिर्फ बेरोजगारी की समस्या दूर करेंगे। साथ ही देश की इंडस्ट्री को आगे बढ़ाते हुए भारत को दुनिया का नंबर 1 देश बनाया गया।

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अनिल अंबानी ने रिलायंस पावर रिन्यूएबल एनर्जी सब्सिडियरी कंपनी का बड़ा फैसला लिया

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अनिल अंबानी (अनिल अंबानी) की कंपनी रिलांयस पावर (रिलायंस पावर) लिमिटेड ने एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) क्षेत्र में अपना विस्तार शुरू किया है। रियल्टी, कंपनी ने एक नई सहायक कंपनी, रिलाएंस एनयू एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड के गठन की घोषणा की है। यह सहायक सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बैटरी भंडारण प्रणाली और पंपिंग बैटरी स्टोरेज सिस्टम पर काम करता है। इसके माध्यम से कंपनी न सिर्फ भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रिन्यूएबल ऊर्जा की आबादी मांग को पूरा करने का काम करेगी।

नई कंपनी का नेतृत्व करेंगे ये लोग

आर पावर ने सफल बनाने के लिए अनुभवी स्नातकों की सलाह के लिए अपनी नई पहल की है। मॅक बैसाम को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और राकेश स्वरूप को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीओओ) बनाया गया है। दोनों अधिकारी ऊर्जा क्षेत्र के दिग्गज माने जाते हैं। कंपनी ने कहा कि ये दोनों नेता रिलायर्स एनयू ऊर्जा और विकास को गति देंगे।

रिलाएंस पावर का कहना है कि यह नई सहायक कंपनी क्लीनज्म, बड़े और विश्वसनीय ऊर्जा उत्पाद फोकस सेंटर पर पेश कर रही है। इसके अलावा, कंपनी सौर, पवन, हाइब्रिड ऊर्जा प्रणाली और हाईटेक ऊर्जा भंडारण प्रौद्योगिकी पर काम करती है। यह भारत और दुनिया में सबसे पहले पॉलीन्यूएबल एनर्जी की मांग को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

थर्मल पावर से रिन्यूएबल ऊर्जा की ओर रुख

बता दें, रिलाएंस पावर इंडिया की बड़ी बिजली कंपनी में से एक है, जो मध्य प्रदेश की 4,000 इकाइयों के साथ मिलकर 5,300 बिजली संयंत्रों की स्थापित क्षमता वाली कंपनी है। यह परियोजना दुनिया का सबसे बड़ा निर्मित थर्मल पावर प्लांट है। अब कंपनी ने थर्मल पावर से आगे बढ़कर रिन्यूएबल ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है।

शेयर बाजार पर असर

रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) के इस नए कदम और समालकोट पावर लोन में फेल के चमत्कार की घोषणा के साथ सोमवार को पावर (आर पावर) के स्टॉक में तेजी से देखने को मिली। शुरुआती बिजनेस में शेयर 3% ज्यादा उछला और 45.94 रुपये तक पहुंच गया। हालाँकि, यह तेजी से लंबी अवधि तक स्थिर नहीं रह गया और स्टॉक स्टॉक 43 रुपये की रेंज में आ गया।

रिन्यूएबल ऊर्जा के क्षेत्र में बंद

अनिल अंबानी (अनिल अंबानी) का यह कदम रिलायंस पावर को नए व्यवसाय और निवेश के अवसर तक की दिशा में अहम साबित हो सकता है। नई कंपनी का फोकस स्वच्छ एवं स्थिर ऊर्जा समाधानों पर है, जिससे भारत के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा में भी इसकी हिस्सेदारी बढ़ने की संभावना है।

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पाकिस्तानी दिग्गज रशीद लतीफ का कहना है कि बीसीसीआई के कोई भी फैसला लेने से पहले पाकिस्तान को चैंपियंस ट्रॉफी का बहिष्कार कर देना चाहिए।

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चैंपियंस ट्रॉफी 2025 पर राशिद लतीफ: चैंपियंस ट्रॉफी 2025 पर निर्णय कब आएगा, पाकिस्तान और भारत में क्या सहमति बन सकती है? अब पाकिस्तान के दिग्गज खिलाड़ी रशीद लतीफ ने दिया ऐसा बयान, जो बन सकता है नया विवाद. उनका कहना है कि इससे पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) अपने पक्ष में आगे कुछ कहे, उससे पहले ही पाकिस्तान को चैंपियंस ट्रॉफी का बहिष्कार करने पर विचार करना चाहिए। रशीद लतीफ का मानना ​​है कि क्रिकेट जगत में खेल भावना और अन्याय का संदेश से ऐसा निर्णय लिया गया।

भारत और पाकिस्तान में पहले तनातनी है, जहां यह बयान चैंपियंस ट्रॉफी विवाद में आगे चलकर घी का काम कर रहा है। रसीद लतीफ ने एक इवेंट में कहा, “पाकिस्तान को अब चैंपियंस ट्रॉफी बॉयकॉट के बारे में सोचना चाहिए। इससे पहले बीसीसीआई कोई फैसला ले, उसे पहले ही पाकिस्तान पर काम करना चाहिए। चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन नहीं होना चाहिए।” “

पाकिस्तान बन रहा ‘बलि का बकरा’

रसीद लतीफ ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को हमेशा ‘बलि का बकरा’ बनाया जाता रहा है। उन्होंने कहा, ”हमें हमेशा के लिए बलि बकरा बना दिया गया है, फिर क्रिकेट हो या अफगान वॉर. पाकिस्तान, अफगानिस्तान और आईसीसी सब एक जैसे हैं क्योंकि इनसे कोई भी बीसीसीआई के खिलाफ जाने को तैयार नहीं है. अब उनके पास पाकिस्तान को आगे करना है” बाज़ारने का मौक़ा है, हम एक साथ चले गए हैं और अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। यहाँ सबसे बड़ा डर है कि भारत चैंपियंस ट्रॉफी का बहिष्कार करते हैं, तो ऐसी स्थिति में हम रहेंगे।”

चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के हाइब्रिड मॉडल को तैयार किया गया था, लेकिन साथ ही उन्होंने अगले 3 साल तक भारत में आईसीसी इवेंट्स में भी हाइब्रिड मॉडल को लागू करने की शर्त रखी थी। दुर्भाग्यवश इसके बाद आईसीसी ने कई सारी मीटिंग लीं, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं हो सका है।

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गूगल सर्च में वर्ष 2024 मोए मोये आकाए 2024 में गूगल पर शीर्ष खोज प्रश्नों पर सभी की निगाहें

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सीरिया की चार साल की लड़की की वायरल हो रही ‘स्केयर हैंड्स अप’ तस्वीर 10 साल पहले तुर्की फोटोग्राफर उस्मान द्वारा ली गई थी

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8 दिसंबर को सीरिया में हुए तख्तापलट ने सभी को हैरान कर दिया। ऐसे ही 15 साल की इस लड़ाई के बीच में कुछ ऐसा भी हुआ जब लगा कि इंसान मर गया है।

8 दिसंबर को सीरिया में हुए तख्तापलट ने सभी को हैरान कर दिया। ऐसे ही 15 साल की इस लड़ाई के बीच में कुछ ऐसा भी हुआ जब लगा कि इंसान मर गया है।

असल में, बच्ची की उम्र उस वक्त 4 साल थी और नाम है हुड-या. जब तुर्की के इंजीनियर ओस्मान सोगर्ली सीरिया-तुर्की सीमा पर फोटो शूट कर रहे थे तो ये बच्ची अपनी मां के साथ थी। उस्मान जब इसकी तस्वीरें लेने के लिए कैमरों में चश्मा लगा रहा था तो बच्ची को पता चला कि वह बंदूक तैयार कर रही है।

असल में, बच्ची की उम्र उस वक्त 4 साल थी और नाम है हुड-या. जब तुर्की के इंजीनियर ओस्मान सोगर्ली सीरिया-तुर्की सीमा पर फोटो शूट कर रहे थे तो ये बच्ची अपनी मां के साथ थी। उस्मान जब इसकी तस्वीरें लेने के लिए कैमरों में चश्मा लगा रहा था तो बच्ची को पता चला कि वह बंदूक तैयार कर रही है।

बस इसके बाद क्या था, मासूमियत को जोड़ते हुए इस बच्ची ने अपने दोनों हाथों को ऊपर करके स्थिर कैमरे में कैमरे लगाए, मनों कह रही हो, नहीं मुझे गोली मत मारो। ये वो तस्वीर थी जिसे अमेरिका के लोगों के अंतिम खंजर पर दिखाया गया था।

बस इसके बाद क्या था, मासूमियत को जोड़ते हुए इस बच्ची ने अपने दोनों हाथों को ऊपर करके स्थिर कैमरे में कैमरे लगाए, मनों कह रही हो, नहीं मुझे गोली मत मारो। ये वो तस्वीर थी जिसे अमेरिका के लोगों के अंतिम खंजर पर दिखाया गया था।

ओस्मान ने बताया कि मैं एक टेलीस्कोप का उपयोग कर रहा था और बच्ची को लगा कि यह कोई बंदूक नहीं है। तस्वीर में हद-या ने अपने हाथ को ऐसे कर लिया कि इंसान उसे बंदूक के नशे में देख रहा हो।

ओस्मान ने बताया कि मैं एक टेलीस्कोप का उपयोग कर रहा था और बच्ची को लगा कि यह कोई बंदूक नहीं है। तस्वीर में हद-या ने अपने हाथ को ऐसे कर लिया कि इंसान उसे बंदूक के नशे में देख रहा हो।

इस तस्वीर में बताया गया है कि इस देश में किस क़दर के बच्चों पर जानलेवा हमला किया गया है और वहां कैसे-कैसे हालात बने हैं।

इस तस्वीर में बताया गया है कि इस देश में किस क़दर के बच्चों पर जानलेवा हमला किया गया है और वहां कैसे-कैसे हालात बने हैं।

बता दें कि यह तस्वीर ऐसे समय में वायरल हो रही है जब सीरिया में राष्ट्रपति शासन का तख्तापलट हो गया था और वहां इस्लामिक विद्रोही गुट ने आपको सत्ता हाथ में ले ली है।

बता दें कि यह तस्वीर ऐसे समय में वायरल हो रही है जब सीरिया में राष्ट्रपति शासन का तख्तापलट हो गया था और वहां इस्लामिक विद्रोही गुट ने आपको सत्ता हाथ में ले ली है।

प्रकाशित: 10 दिसंबर 2024 05:55 अपराह्न (IST)

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बेंगलुरु के जनरल मैनेजर अतुल सुभाष की आत्महत्या से मौत, सिस्टम से लड़ाई, उनके दोस्त जैक्सन ने बताई अंदर की कहानी

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अतुल सुभाष आत्महत्या मामला: बेंगलुरु के एक निजी फर्म में जनरल मैनेजर ने कथित तौर पर काम करने वाले 34 साल के अतुल सुभाष ने दिन सोमवार (09 दिसंबर, 2024) को आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपने पीछे 24 डेमोक्रेट का एक आत्मघाती नोट जारी किया है, जिसमें उनकी पत्नी, उनके परिवार के सदस्य और एक जज पर “आत्महत्या के लिए स्पष्ट रूप से उकसाने, उकसाने, लालची और बंधक बनाने” का आरोप लगाया गया है।

इस हत्याकांड ने पूरे देश को खतरे में डाल दिया है। सोशल मीडिया पर ‘नई कचरा कचरा’ लेकर आए हैं और लोग सिस्टम को लेकर गुस्सा दिखा रहे हैं। वहीं, उनके साथ काम करने वाले एक दोस्त जैक्सन ने भी अपने एक्जामिनेशन को लेकर सिस्टम पर ही दोष मढ़ा है। उनका कहना है कि अतुल ने सिस्टम से मिली डिलीवरी की वजह से ऐसा किया है।

जैक्सन ने अतुल सुभाष की मौत के पीछे की वजह बताई

न्यूज एजेंसी एनी के मुताबिक, जैक्सन ने कहा, ”उनकी पत्नी ने करीब नौ केस दर्ज कराए थे और इस वजह से वह बहुत तनाव में थीं लेकिन इस खास वीडियो और उनके बनाए गए नोट्स से ऐसा नहीं लगता कि वह उदास थीं।” ऐसा लगता है कि वे सिस्टम से मिल रहे उत्तेजना की भावना के कारण ऐसा कर रहे हैं. इसलिए इस सिस्टम को इसका तरीका बताया गया है कि यह पुरुषों की मदद नहीं कर रहा है और इसमें बहुत कुछ बताया गया है।

‘अतुल की पत्नी हो गई थी ‘वाली कोरोना’

अतुल के दोस्त ने आगे बताया, ”कोविड के समय वह अपनी पत्नी और बच्चे की देखभाल कर रहे थे। उनकी पत्नी भी कोविड से ठीक हुई थीं और उन्हें कई तरह की आजादी मिली थी। इसलिए उसने अपनी पत्नी के साथ संबंध बनाए और उन्हें समय पर नहीं ले रही थी, जिससे कुछ मनमुटाव हुआ और तरह-तरह की मिठास पैदा हो गई और वह बच्चों के साथ फिर से ठीक हो गई और वह अपने बेटों को नहीं मिली। हाल ही में मुझसे एक खास बात चली कि उन्होंने अपने 4-5 साल के बेटे के लिए हर महीने 40,000 रुपये का भरण-पोषण का ऑर्डर दिया है।

अतुल सुभाष के निधन का नोट क्या है?

इस घटना ने सोशल मीडिया पर अतुल के लिए (#JusticeForAtulSubhash) जस्टिस की मांग को लेकर जन्म लिया है, साथ ही सुसाइड नोट के बारे में भी जिज्ञासा पैदा हुई है। उनकी पत्नी और उनके रिश्तेदारों की ओर से उनके खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर में नौ पुलिसकर्मियों को उनकी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार बताया गया है। उन्होंने यह भी विस्तार से बताया कि कैसे उनके 4 साल के “निर्दोष” बेटे को भरण-पोषण के लिए हथियार बनाया गया।

अतुल सुभाष ने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर पोस्ट किया और दावा किया, “भारत में पुरुषों का कानूनी नरसंहार हो रहा है।” उन्होंने अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ख्तेल और विचारधारा के सीईओ एलोन मस्क को टैग किया। सुसाइड नोट के एक बड़े हिस्से में उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया, के दर्ज किए गए रिकॉर्डेड मामलों का विवरण है, जिसमें हत्या, देशद्रोही प्रदर्शन, अप्राकृतिक यौन संबंध जैसे आरोप शामिल हैं।

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बांग्लादेश की मुहम्मद यूनुस सरकार ने लोगों से घर पर ही रहने का आग्रह किया है, बाहर न निकलें, जानिए क्यों

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जलवायु परिवर्तन: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने आज मंगलवार (10 दिसंबर, 2024) को एक परामर्श जारी कर लोगों से घर से बाहर के समय के मास्क का आग्रह किया है, जबकि “संवेदनशील संवाद” से शुरू किया गया है कि वे बहुत जरूरी हैं काम होने पर ही घर से बाहर निकलें.

डेलीस्टार की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने परामर्श जारी करते हुए कहा कि ढाका और उसके आसपास के क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता अस्वास्थ्यकर और कभी-कभी खतरनाक स्तर (AQI 250 से ऊपर) तक खराब हो गई है। मंत्री ने एक मॉन्जर में कहा, “इस स्थिति में, जनता को बाहरी समय मास्क मॉडल की सलाह दी गई है, जबकि संवादात्मक संवाद (सांस लेने में समस्या, एलर्जी और अन्य श्वसन संबंधी संबद्धता वाले लोगों) से पूछा गया है कि वे बाहर निकलना बहुत ज़रूरी है।”

बांग्लादेशी नागरिकों से की जा रही ये अपील

सार्वजनिक जानकारी के लिए, पर्यावरण विभाग की वेबसाइट पर वायु विज्ञान संबंधी डेटा नियमित रूप से अपडेट किए जाते हैं। परामर्श में नागरिकों से इस जानकारी पर नजर रखें और उनकी बताई गई सावधानियों का आग्रह किया गया है। इसके अलावा, सभी से अपने-अपने विस्थापितों से वायु प्रदूषण नियंत्रण में योगदान मांगा गया है।

आम जनता से ये उपाय औषधि की दी जा रही सलाह

मंत्रालय ने बोल्टा और फैक्ट्री के साथ-साथ आम जनता को भी कुछ उपाय की सलाह दी है, जिसमें ठोस अवशेषों को नष्ट करना, घेरा और कवर करना, निर्माण सामग्री को शामिल करना, यह सुनिश्चित करना है कि निर्माण सामग्री ले जाने वाले ट्रक या लॉरी पूरी तरह से दिलचस्प हों, निर्माण क्षेत्र के आसपास के दिन में कम से कम दो बार पानी का मिश्रण करना और पुराने और स्मोक लाइट पर पुराने और स्मोक लाइट वाले साथियों को शामिल करना शामिल है।

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जय संतोषी मां फिल्म ने पहले दिन सिर्फ 56 रुपये का कलेक्शन किया और फिर शोले को कड़ी टक्कर दी

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जय संतोषी माँ बॉक्स ऑफिस सीसंग्रह: बॉलीवुड में आज के दौर में सैकड़ों करोड़ के बजट में बनने वाली फिल्में भी हैं और सैकड़ों करोड़ की बजट में बनने वाली फिल्में भी हैं। कुछ फिल्में ऐसी भी हैं जो भारी भरकम बजट में लोकप्रिय हैं लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इन फिल्मों के हाथ में कुछ भी नहीं आता है। हम आज आपको एक ऐसी ही चमत्कारी कहानी जाने वाली फिल्म के बारे में बताते हैं जो रिलीज होने के पहले दिन फ्लॉप हो गई थी। लेकिन इसके बाद अभिनेत्री शोले जैसी बम्पर हिट को टक्कर देकर करोड़ों की कमाई की थी.

पहले दिन कितने हुए थे जय संतोषी माँ‘ की कमाई

असल आज हम बात कर रहे हैं साल 1975 में रिलीज हुई फिल्म जय संतोषी मां की। इस फिल्म ने अपनी रिलीज के पहले दिन मुंबई में 56 रुपये की कमाई की थी। इसके बाद दूसरे दिन भी यही हाल रहा और तीसरे दिन भी ये फिल्म सुपरस्टार्स की कमाई कर पाई थी। उस वक्त इस फिल्म को फ्लॉप घोषित किया गया था।

तीस लाख के बजट में बनी थी फिल्म

हालांकि ऐसा होने के बाद लोगों ने जब इस फिल्म को देखा और हर तरफ इसकी चर्चा हुई तो फिल्म की कमाई ने भी होल्डिंग ली। खास बात यह है कि तीस लाख रुपये के भारी बजट में बनी यह फिल्म अपनी लागत से कई गुना ज्यादा की कमाई कर चुकी थी। इस फिल्म ने पांच करोड़ रुपये की बंपर कमाई की थी।

50 प्राचीन तक थिएटरों में चली थी जय संतोषी माँ

माउथ पब्लि सिटी का इस फिल्म को इतना फायदा हुआ कि कुछ ही समय में ये फिल्म बेहद घटिया हो गई। ये फिल्म कॉन्स्टैंट 50 सेकेट्री तक के सुपरस्टार पर नजर आ रही थी। हालांकि इस फिल्म को लेकर को कुछ खास फायदा नहीं हुआ। असली कोई डिस्ट्रीब्यूटर इसका डिस्क्लेमर ही तैयार नहीं था।

फिल्म को लेकर आया ये विवाद

बाद में इस फिल्म के साथ विवाद भी हुआ और फिल्म के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स शेयर करने वाले ने अपने भाई पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। सिद्धांत के अनुसार फिल्म के बंपर हिट होने के बावजूद उन्हें एक पैसा भी नहीं मिला। धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीर की बनाई गई फिल्म में नजर आईं।

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