अनिल अंबानी ने रिलायंस पावर रिन्यूएबल एनर्जी सब्सिडियरी कंपनी का बड़ा फैसला लिया

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अनिल अंबानी (अनिल अंबानी) की कंपनी रिलांयस पावर (रिलायंस पावर) लिमिटेड ने एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) क्षेत्र में अपना विस्तार शुरू किया है। रियल्टी, कंपनी ने एक नई सहायक कंपनी, रिलाएंस एनयू एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड के गठन की घोषणा की है। यह सहायक सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बैटरी भंडारण प्रणाली और पंपिंग बैटरी स्टोरेज सिस्टम पर काम करता है। इसके माध्यम से कंपनी न सिर्फ भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रिन्यूएबल ऊर्जा की आबादी मांग को पूरा करने का काम करेगी।

नई कंपनी का नेतृत्व करेंगे ये लोग

आर पावर ने सफल बनाने के लिए अनुभवी स्नातकों की सलाह के लिए अपनी नई पहल की है। मॅक बैसाम को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और राकेश स्वरूप को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीओओ) बनाया गया है। दोनों अधिकारी ऊर्जा क्षेत्र के दिग्गज माने जाते हैं। कंपनी ने कहा कि ये दोनों नेता रिलायर्स एनयू ऊर्जा और विकास को गति देंगे।

रिलाएंस पावर का कहना है कि यह नई सहायक कंपनी क्लीनज्म, बड़े और विश्वसनीय ऊर्जा उत्पाद फोकस सेंटर पर पेश कर रही है। इसके अलावा, कंपनी सौर, पवन, हाइब्रिड ऊर्जा प्रणाली और हाईटेक ऊर्जा भंडारण प्रौद्योगिकी पर काम करती है। यह भारत और दुनिया में सबसे पहले पॉलीन्यूएबल एनर्जी की मांग को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

थर्मल पावर से रिन्यूएबल ऊर्जा की ओर रुख

बता दें, रिलाएंस पावर इंडिया की बड़ी बिजली कंपनी में से एक है, जो मध्य प्रदेश की 4,000 इकाइयों के साथ मिलकर 5,300 बिजली संयंत्रों की स्थापित क्षमता वाली कंपनी है। यह परियोजना दुनिया का सबसे बड़ा निर्मित थर्मल पावर प्लांट है। अब कंपनी ने थर्मल पावर से आगे बढ़कर रिन्यूएबल ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है।

शेयर बाजार पर असर

रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) के इस नए कदम और समालकोट पावर लोन में फेल के चमत्कार की घोषणा के साथ सोमवार को पावर (आर पावर) के स्टॉक में तेजी से देखने को मिली। शुरुआती बिजनेस में शेयर 3% ज्यादा उछला और 45.94 रुपये तक पहुंच गया। हालाँकि, यह तेजी से लंबी अवधि तक स्थिर नहीं रह गया और स्टॉक स्टॉक 43 रुपये की रेंज में आ गया।

रिन्यूएबल ऊर्जा के क्षेत्र में बंद

अनिल अंबानी (अनिल अंबानी) का यह कदम रिलायंस पावर को नए व्यवसाय और निवेश के अवसर तक की दिशा में अहम साबित हो सकता है। नई कंपनी का फोकस स्वच्छ एवं स्थिर ऊर्जा समाधानों पर है, जिससे भारत के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा में भी इसकी हिस्सेदारी बढ़ने की संभावना है।

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