सुधांशु त्रिवेदी का कहना है कि राहुल गांधी सिर्फ 3 लाख वोटों से जीत सके, करीमगंज में मुस्लिम उम्मीदवार 10 लाख से जीते

[ad_1]

हिंदुत्व पर सुधांशु त्रिवेदी: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रचारक और समाजवादी कम्युनिस्ट सुधाशु साहू ने हिंदुत्व और देश के विभाजन को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने दावा किया है कि अगर जिस समय देश को आजादी मिली और बंटवारा हुआ, उस वक्त भारतीय जनता पार्टी होती और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री होते तो इस देश का बंटवारा कभी नहीं होता।

एक टीवी के डिबेट शो में उन्होंने कहा, ”मैं इतना कह सकता हूं कि अगर उस दौर में बीजेपी होती तो इस देश का बंटवारा नहीं हो पाता। अगर उस दौर में नरेंद्र मोदी और बीजेपी होती है और इतनी ही ताकतवर होती है, जितनी आज है तो मैं इस बात को दावे के साथ कह सकता हूं कि देश का बंटाधार वाली ताकतों के कब्जे पिछले हो गए थे।”

योगी आदित्यनाथ के डीएनए वाली बात पर क्या बोला गया पैसा?

डीएनए को लेकर उन्होंने कहा, ”योगी आदित्यनाथ डीएनए की बात इसलिए कि इस देश में ऐसे लोग मौजूद हैं जो कहते हैं कि हमने 800 साल तक इस देश पर हुकूमत की और उनके वीडियो भी मौजूद हैं. अगर ऐसे लोगों का डीएनए करा लिया जाए तो सभी जांच के निकलेंगे लेकिन कहते हैं कि बाहर का है। ये या तो रघुवर का डीएनए होता है या यदुवर का बाबर का डीएनए नहीं है. अफ़सोस इस बात का है कि लोगों के जहां में बरातियत में यह दर्ज़ा छा गया है कि वो बाहर नहीं आ पा रहे हैं।”

बांग्लादेश को लेकर क्या बोले सुधांशु छात्र?

उन्होंने आगे कहा, ”16 अगस्त 1946 को बंगाल में जो हुआ जब जिन्ना ने डायरेक्ट एक्शन डे का प्रसारण किया। अगर बांग्लादेश की बात करें तो शशि थरूर वहां के अखबार के लिए आर्टिकल छापते हैं और कहते हैं कि मोदी को जाना होगा। मुस्लिम बहुल सीट पर ग्रैंडस्लैम की खिलाफत करके मिलना मुश्किल है। असम में जाएंगे तो डुमरी को मिनी बांग्लादेश कहा जाता है। वहीं करीमगंज से मुस्लिम दावेदार 10 लाख से ज्यादा वोटों से जीते और राहुल गांधी को तो सिर्फ 3 लाख सीटें मिली थीं तो समझिए कि शशि थरूर ने यह लेख क्यों लिखा था।’

ये भी पढ़ें: बांग्लादेश हिंदू हिंसा: मोहम्मद यूनुस बने बंधक के कसाई! भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के ज्योतिर्मय सिंह महतो ने नोबेल पुरस्कार छीनने की मांग की

[ad_2]

Source link

बशर अल असद पतन सीरिया दमिश्क पर कब्ज़ा ईरान इज़राइल अमेरिका संयुक्त अरब अमीरात विश्व नेताओं की प्रतिक्रिया सीरिया गृहयुद्ध क्या है

[ad_1]

बशर अल असद पतन: 13 साल तक चले भीषण युद्ध में न जाने कितनी बातें। बड़ी-बड़ी संपत्तियां बर्बाद हो गईं और अब सीरिया में विद्रोही समूह ने राजधानी दमिश्क पर अपना कब्जा जमा लिया है। विद्रोही समूह नू अलसारा फ्रंट ने देश को आजाद घोषित करते हुए कहा कि राष्ट्रपति बशर अल-असद भाग गए हैं। सीरिया में चल रहे इस महासागर को लेकर देश के लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

सीरिया की स्थिति को लेकर संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने कहा कि सीरिया के लिए अब यह सुनिश्चित करना सबसे जरूरी है कि वहां एक समावेशी राजनीतिक प्रक्रिया शुरू हो। देश को अब अपनी स्थिरता बहाल करनी होगी। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन सीरिया की स्थिति पर चर्चा करने के लिए रविवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों से मुलाकात कर रहे हैं।

इजराइल क्या बोला?

इजराइल की बात करें तो उसकी स्थिति को अलग नजरिए से देखा जाता है। इजराइल का कहना है कि सीरिया में ज्यादातर इलाके अल कायदा और आईएसआईएस से जुड़े मरीजों के नियंत्रण में हैं। इजरायली सेना ने गोलन हाइट्स में अपनी किताब और टाइट कर दी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि बशर की सरकार गिरना एक ऐतिहासिक दिन है।

चीन में बदसूरत से नजर रख रही है

वहीं चीन का कहना है कि वह सीरिया की स्थिति को करीब से देख रहा है और उम्मीद कर रहा है कि वहां जल्द स्थिरता आएगी।

‘चरमपंथी शक्तियों के हाथ न लगे देश’

जर्मनी के विदेश मंत्री बियर्सबॉक का कहना है कि राष्ट्रपति बशर अल असद का पतन सीरिया की जनता के लिए बड़ी राहत है। उनका कहना है कि देश को चरमपंथी ताकतों के हाथ में जाने से रोकने की जरूरत है।

‘सीरिया की जनता का फैसला’

सीरिया में अल-असद सरकार का करीबी माने जाने वाले ईरान ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीरिया के भविष्य का फैसला सीरिया की जनता को ही लेना चाहिए। इसमें किसी भी बाहरी व्यक्ति के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

फ़ायदा ना उठाओ पाया कोई साथी संगठन

वहीं तुर्किये के विदेश मंत्री ने भी सीरिया की स्थिति पर कहा कि सत्ता का स्थानांतरण हो रहा है, लेकिन देश में यह सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि कोई भी अपराधी संगठन अपराध का लाभ न उठाए।

‘ये राजनीतिक विफलता का परिणाम’

संयुक्त अरब अमीरात के सलाहकार बयालिया गर्गश ने कहा कि गैर-राज्य संसाधनों को राजनीतिक शून्यता का लाभ नहीं उठाना चाहिए। यूएई ने सीरिया की स्थिति को लेकर राजनीतिक विफलता के बारे में बताया।

पुनर्निर्माण में सहायता यूरोपियन कमीशन

यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वोन डेर लेयेन ने रविवार को घोषणा की कि यूरोपीय संघ सीरिया के पुनर्निर्माण में सहायता के लिए तैयार है। वह बशर अल असद के पतन के बाद अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

यह भी पढ़ें- सीरिया में गिरी अल-असद सरकार के पास, ईरानी दूतावास पर हमला, रिपोर्ट का दावा: सभी कर्मचारी सुरक्षित

[ad_2]

Source link

लव राशिफल 09 दिसंबर 2024 सोमवार सभी राशियों के लिए लव राशिफल

[ad_1]

प्रेम राशिफल: सोमवार, 09 दिसम्बर 2024 राशि परिवर्तन पर आधारित है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार संकेत स्थिति से हमारा मन, स्वभाव और स्वभाव प्रभावित होता है। कुंडली का पंचम भाव प्रेम कुंडली की जानकारी देता है।

यहां मौजूद शुभ संकेत की दृष्टि प्रेम के मामले में व्यक्ति को सफलता प्रदान करती है। रिश्तेदारों के लिए रविवार का दिन लकी और रिश्तेदारों के लिए अनलकी साबित होने जा रहा है, आइए जानते हैं लव राशिफल।

मेष लव राशिफल (मेष लव राशिफल)
मेष राशि के जातकों के लिए सोमवार का दिन प्यार के प्यार से अच्छा जाने वाला है। बैंगलोर के साथ आपका समय अच्छा रहेगा। आप बेंगलुरु के साथ खुशियों के पल बिताएंगे।

लव राशिफल 09 दिसंबर 2024: लव राशिफल सोमवार, 09 दिसंबर 2024 का दिन लव के लिए कैसा रहेगा?
वृषभ लव राशिफल (वृषभ लव राशिफल)
वृषभ राशि के लोगों के लिए सोमवार का दिन प्यार के प्यार से अच्छा जाने वाला है। इस समय बेंगलुरु में रेस्तरां की पेशकश की जा सकती है। इस दौरान कार्मिक व्यक्तित्व को गोद लिया गया।

लव राशिफल 09 दिसंबर 2024: लव राशिफल सोमवार, 09 दिसंबर 2024 का दिन लव के लिए कैसा रहेगा?

मिथुन लव राशिफल (मिथुन लव राशिफल)
मिथुन राशि के जातकों के लिए सोमवार के दिन प्यार की दुआएं थोड़ी मुश्किल भरी हो सकती हैं। आपके विकल्प में खराबी आ सकती है. ऐसे में किसी भी तरह का गलत निर्णय लेने से रोका जाता है।

लव राशिफल 09 दिसंबर 2024: लव राशिफल सोमवार, 09 दिसंबर 2024 का दिन लव के लिए कैसा रहेगा?

कर्क लव राशिफल (कर्क लव राशिफल)
कर्क राशि के लोगों के लिए सोमवार का दिन आपको अपने प्यार की कदर करना सिखाएगा। आज आप अपने नागपुर के साथ बहुत सारे स्मारक लम्हें गुज़ारेंगे।

लव राशिफल 09 दिसंबर 2024: लव राशिफल सोमवार, 09 दिसंबर 2024 का दिन लव के लिए कैसा रहेगा?

सिंह लव राशिफल (Leo Love Rashifal)
सिंह राशि के जातकों के लिए सोमवार का दिन प्यार का प्रतीक है। आगरा के साथ दिल की बात साझा कर सकते हैं।

लव राशिफल 09 दिसंबर 2024: लव राशिफल सोमवार, 09 दिसंबर 2024 का दिन लव के लिए कैसा रहेगा?

कन्या लव राशिफल (कन्या लव राशिफल)
कन्या राशि के जातकों के लिए सोमवार का दिन प्यार के प्यार से सही जाने वाला है। अपने मित्रता के साथ बातचीत के माध्यम से रिश्ते को मजबूत करने की कोशिश करें और आप दोनों के बीच प्यार को मजबूत करें।

लव राशिफल 09 दिसंबर 2024: लव राशिफल सोमवार, 09 दिसंबर 2024 का दिन लव के लिए कैसा रहेगा?

तुला लव राशिफल (तुला लव राशिफल)
तुला राशि के जातकों के लिए सोमवार का दिन प्यार के साथ अच्छा जाने वाला है। बेंगलुरु के साथ आउटडोर ट्रैवलिंग का प्लान बनाया जा सकता है, जिसकी वजह से आपकी और उनके बीच की अनबन हो सकती है।

लव राशिफल 09 दिसंबर 2024: लव राशिफल सोमवार, 09 दिसंबर 2024 का दिन लव के लिए कैसा रहेगा?

वृश्चिक लव राशिफल (वृश्चिक लव राशिफल)

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सोमवार का दिन प्यार से अच्छा जाने वाला है। आगरा के साथ किसी बात को लेकर अनबन खत्म हो सकता है।

लव राशिफल 09 दिसंबर 2024: लव राशिफल सोमवार, 09 दिसंबर 2024 का दिन लव के लिए कैसा रहेगा?

धनु लव राशिफल (धनु लव राशिफल)
धनु राशि के जातकों के लिए सोमवार का दिन प्यार से अच्छा रहेगा। बेंगलुरु के साथ कैंडल लाइट डिनर पर जाने का मन बना सकते हैं। आपकी लव लाइफ रोमांस और रोमांच से भर जाएगी।

लव राशिफल 09 दिसंबर 2024: लव राशिफल सोमवार, 09 दिसंबर 2024 का दिन लव के लिए कैसा रहेगा?

मकर लव राशिफल (मकर लव राशिफल)
मकर राशि के जातकों के लिए सोमवार का दिन प्यार से अच्छा जाने वाला है। आपको आज अपनी पार्टनरशिप का सहयोग मिल सकता है। जिससे आपको बहुत ख़ुशी मिलेगी.

लव राशिफल 09 दिसंबर 2024: लव राशिफल सोमवार, 09 दिसंबर 2024 का दिन लव के लिए कैसा रहेगा?

कुंभ लव राशिफल (कुंभ लव राशिफल)
कुंभ राशि के जातकों के लिए सोमवार का दिन प्यार से अच्छा रहेगा। बेंगलुरु के साथ प्यार में पलेंगे छुट्टियां। इस समय आपके प्यार के लिए अच्छा जाने वाला है।

लव राशिफल 09 दिसंबर 2024: लव राशिफल सोमवार, 09 दिसंबर 2024 का दिन लव के लिए कैसा रहेगा?

मीन लव राशिफल (मीन लव राशिफल)
मीन राशि के जातकों के लिए सोमवार का दिन प्यार के वादे से बहुत अच्छा जाने वाला है। आप अपने महानगर के साथ कहीं भी बाहरी घूमने का प्लान बनवा सकते हैं। आपको लाभ उठाने की सुविधा।

लव राशिफल 09 दिसंबर 2024: लव राशिफल सोमवार, 09 दिसंबर 2024 का दिन लव के लिए कैसा रहेगा?

[ad_2]

Source link

बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2024 25 एडिलेड टेस्ट के बाद रोहित शर्मा ने जसप्रीत बुमराह पर निशाना साधा

[ad_1]

एडिलेड टेस्ट के बाद जसप्रीत बुमराह पर रोहित शर्मा: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 का पहला मैच भारत बड़े अंतर से फाइनल में सफल रहा था। लेकिन भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा। यह टेस्ट मैच 6 दिसंबर से 8 दिसंबर तक एडिलेड ओवल में खेला गया था. जो डे-नाइट पिंक बॉल टेस्ट मैच था। करारी हार के बाद दूसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जिसमें वो अनुष्का शर्मा की शान दिखाते नजर आए और टीम को भी झटका दिया।

रोहित ने की स्टारडम की महिमा, बाकी टीम पर कब्ज़ा
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित ने कहा, “बुमराह हमेशा टीम के लिए विकेट नहीं ले सकते। ऐसे में दूसरे रेसलर में भी जिम्मेदारी लीनी होगी। यह सिर्फ खिलाड़ी या किसी एक खिलाड़ी की जिम्मेदारी नहीं है। अगर हम टेस्ट या सीरीज जीतते हैं चाहते हैं, तो हर किसी को अपना योगदान देना होगा।”

रोहित शर्मा ने कहा, “यह पांच मैचों की सीरीज है। हमें हर मैच के लिए बल्लेबाजों की सही योजना बनानी जरूरी है।”

रोहित ने नए मॉडलों का प्रदर्शन किया
बॉल्ड में बोल्ट स्टूडेंट और मोहम्मद सिराज ने पहली पारी में चार-चार विकेट लिए। हालाँकि, अपना दूसरा टेस्ट खेल रहे युवा कलाकार हर्षित राणा और नितीश रेड्डी इम्पैक्ट ने नहीं छोड़ा और 22 ओवर में सिर्फ एक विकेट लिया। रोहित ने इन नए खिलाड़ियों के सपोर्ट में कहा, “ये युवा खिलाड़ी अभी भी अपने पैर जमाने की कोशिश कर रहे हैं। इन्हें एक दोस्त और अनुभवी की जरूरत है, और ये मेरी जिम्मेदारी है कि मैं इन्हें भरोसेमंद दूं।”

एडिलेड टेस्ट के नायक ट्रैविस हेड्स
एडिलेड टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की जीत के हीरो ट्रैविस हेड रहे, अपने घरेलू मैदान पर शानदार शतक जड़कर टीम को मजबूत स्थिति में बनाए रखा। वहीं, मिशेल स्टार्क और पैट कमिंस की टीम ने भारत के अनुरूप क्रम को समाप्त कर दिया। इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2025 रैंकिंग में अपना टॉप मेडल फिर से हासिल कर लिया।

यह भी पढ़ें:
IND vs AUS: भारतीय क्रिकेट के लिए ‘डार्क डे’ साबित हुआ 8 दिसंबर, एक ही दिन में खोए तीन मैच

[ad_2]

Source link

सीएयू भर्ती 2024 संकाय पदों के लिए cau.ac.in पर आवेदन करने की अंतिम तिथि 26 दिसंबर है

[ad_1]

सीएयू भर्ती 2024: सेंट्रल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (सीएयू), इंफाल में फैकल्टी के लिए भर्ती हो रही है। इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है. 107 पद पर नियुक्तियाँ माननीय हैं। इन रिक्वेस्ट पर अप्लाई करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। योग्यता और योग्यता वाले योग्यता योग्यता वेबसाइट पर आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। 26 दिसंबर, 2024 आवेदन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि है। आवेदन करने के लिए ऑनलाइन वेबसाइट https://cau.ac.in/ पर जाना होगा। आवेदन करने के लिए नामांकित को निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।

सीएयू भर्ती 2024: ये हैं पद

सीएयू की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रोफेसर के 88 और एसोसिएट प्रोफेसर के 19 पदों पर नियुक्तियों को सम्मान है। कुल 107 पदों पर भर्ती की जानी है।

CAU भर्ती 2024: इतना देना होगा आवेदन शुल्क

आवेदन करने के लिए आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले यूआर/ओबीसी वर्ग के लिए 1000 रुपये का शुल्क देना होगा। वहीं, एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी/महिला का कोई फ़ायदा नहीं है।

सीएयू भर्ती 2024: ध्यान देने की अंतिम तिथि

सेंट्रल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी फैकल्टी के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म की अंतिम तिथि- 26 दिसंबर, 2024 है।

सीएयू भर्ती 2024: आयु सीमा

इन रिक्रूटमेंट के लिए आवेदन करने वाले युवाओं की आयु सीमा (एजे सीमा) 65 वर्ष है। आवेदन करने वाले प्रतियोगी विश्वविद्यालय की वेबसाइट- https://cau.ac.in/ देखें लें।

यह भी पढ़ें-

यूआईआईसी भर्ती 2024: वैकेंसी में इंडिया मेमोरियल इन पोस्टर्स, इस तारीख से पहले कर लें आवेदन

सीएयू भर्ती 2024: ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

सेंट्रल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी फैकल्टी भर्ती के लिए आवेदन करने वाले सबसे पहले वेबसाइट cau.ac.in पर जाएं। सबसे पहले होम पेज पर उपलब्ध वैकल्पिक भर्ती लिंक पर आवेदन फॉर्म भरने पर क्लिक करें। निर्धारित शुल्क जमा करें. फिर से आवश्यक आवेदन फॉर्म को एक बार अच्छी तरह से जांच कर सबमिट करें। आवश्यक आवेदन प्रपत्र का प्रिंट आउट जरूर लें।

यह भी पढ़ें-

एक आईएएस, जिसके असफल होने के शब्द ही बदले गए, स्कूल में फेल के बाद लिखी किताब की दास्तान

शिक्षा ऋण की जानकारी:
शिक्षा ऋण ईएमआई की गणना करें

[ad_2]

Source link

सीरिया में विद्रोही गुट ने सड़कों पर मचाया कत्लेआम, मस्जिद में लगाए नारे, वीडियो वायरल

[ad_1]



[ad_2]

Source link

स्लीप एपनिया क्या है जानिए यह नींद संबंधी विकार आपके हृदय और मस्तिष्क को कैसे प्रभावित कर सकता है

[ad_1]

स्लीप एप्निया: अगर आप भी सैटेलाइट में लगातार खतरा आ रहे हैं और यह खरा लॉन्ग टाइम से आ रहे हैं तो आप भी थोड़ा सावधान हो जाएं क्योंकि यह आपके लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर सकता है। वक्त खराब होने से आत्मा रुकती है, ऑक्सीजन लेवल डाउन होता है और मस्तिष्क दोनों पर असर होता है। तो इस लेख में जानें कि आखिर क्या होती है नींद की बीमारी स्लीप एपनिया और यह आपके दिल और दिमाग पर कैसे असर करती है।

स्लीप एपनिया क्या है?

समय से अगर किसी को खतरा है तो ये एक लंबी बीमारी है. ये एक ऐसी बीमारी है जिसका इलाज तो होता है लेकिन पूरी तरह से ठीक नहीं होता. इस बीमारी को स्लीप एपनिया कहा जाता है। एम्स, दिल्ली के पैलेमोन कॉन्सिस्टोलॉजी डॉक्टर सौरभ मिर्ज़ ने बताया कि अगर आप बहुत थके हुए हैं और आपको कभी-कभी खतरा होता है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है।

लेकिन अगर आपको नींद आने का खतरा है तो वह एक बीमारी है जिसके लिए आपको स्लीप एपनिया का टेस्ट कराना चाहिए। एआईआईएमएस दिल्ली ने स्लीप एपनिया पर हुई साड़ी रिसर्च को एक साथ इकट्ठा करके एक रिसर्च की है जिसमें पता चला है कि एआईआईएमएस दिल्ली में 13% ऐसे लोग सामने आए हैं जिनमें स्लीप एपनिया स्लीप एपनिया है।

आख़िर क्यों होता है स्लीप एपनिया?

स्लीप ऐपनिया वेट गैन, ओबेसिटी की वजह से होता है। अगर खर्राटे आते हैं तो आपको भी स्लीप एपनिया की समस्या का पता लगाना होगा और आपको इसका परीक्षण कराना होगा। एम्स दिल्ली के डॉ. सौरभ के अनुसार, लैब में मरीज को एक टेस्ट के लिए बुलाया जाता है, जिसमें लैब के अंदर मरीज को सोना दिखाया जाता है और सोने के दौरान उसके सभी दिल और दिमाग की जांच की जाती है। भारत में स्लीप फ़िज़िशियन बहुत कम है लेकिन पाल्मेनस्टैक्शन, ई एनएनटी, कुछ डेंटिस्ट भी इसे बनाते हैं।

यह भी पढ़ें: कुछ पुरुषों में इस कारण से बढ़ती है स्थिति, जान लें इसे ठीक करने का उपाय

स्लीप एपनिया का इलाज

डॉ. सौरभ का कहना है कि नींद को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता है लेकिन इलाज के जरिए इसके प्रभाव को जरूर कम किया जा सकता है। इसके लिए एक पत्रिका आती है जिसे सी पेप कहा जाता है, जो एक ऐसी मशीन है जिसमें नाक पर लगा सोना होता है। आयुर्वेद का उपयोग करना होता है क्योंकि इसका सिर्फ नियंत्रण होता है लेकिन यह बीमारी पूरी तरह से खत्म नहीं होती है।

इससे खतरा और मानसिक शांति की समस्या कम होती है क्योंकि जब सोल में खतरा होता है तो ऑक्सीजन कम हो जाती है और ऑक्सीजन की कमी से दिल और दिमाग की जो कलाकारी होती है वह बेकार हो जाती है। लंबे समय तक यह परेशानी बनी रहती है, हार्ट अटैक और अटैक आने का खतरा बना रहता है। इसलिए अगर आप खर्राटे लेते हैं तो तुरंत डॉक्टर को इसका इलाज बताएं ताकि यह दिल और दिमाग पर बढ़ रहे हमले के खतरे को कम कर सके।

अस्वीकरण: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया पर आधारित है। आप भी अमल में आने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

ये भी पढ़ें: माइक्रोवेव ओवन दिवस 2024: माइक्रोवेव ओवन से कैसे बन सकते हैं बीमार, जानिए इससे जुड़े मिथक और तथ्य

नीचे स्वास्थ्य उपकरण देखें-
अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की गणना करें

आयु कैलकुलेटर के माध्यम से आयु की गणना करें

[ad_2]

Source link

एफआईआई निवेश विदेशी निवेशक यू-टर्न लेते हुए भारतीय शेयर बाजार में भारी निवेश कर रहे हैं

[ad_1]

कई उद्यमों से बिक्री के बाद विदेशी निवेशकों ने दिसंबर के पहले सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार में शेयरों की वापसी की है। अक्टूबर और नवंबर में बड़े स्तर पर निवेश के बाद, अब विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने दिसंबर से पहले 6 दिनों में 24,454 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है। यह निवेश भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की मजबूती की वापसी को दर्शाता है। निवेशकों का मानना ​​है कि इससे ना सिर्फ भारतीय शेयर बाजार में हरित निर्भरता होगी, बल्कि कई स्टॉक में फिर से बड़ी रैली देखने को मिल सकती है।

अक्टूबर-नवंबर में शॉपिंग मॉल था पैसा

नवंबर में एफ. इसके उलट, सितंबर में एफ निवेशकों ने नौ महीने में सबसे ज्यादा 57,724 करोड़ रुपये का निवेश किया था।

विदेशी लड़कों ने यू टर्न क्यों लिया

मार्केट जर्नलिस्ट्स का कहना है कि ग्लोबल फाइनेंशियल स्टैब्लिक्ट, अमेरिकन फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती की संभावना और भू-राजनीतिक तनाव में कमी जैसी वजहों ने एफ निवेशकों को भारतीय बाजार में वापस लौटने के लिए प्रेरित किया। विदेशी निवेशकों के आगमन से बाजार की धारणा सकारात्मक रही है। डोमेस्टिक एंटरप्राइजेज (डीआईआई) की सतत खरीदारी के बीच एफ.

शेयर बाजार में उछाल

विदेशी निवेशकों की वापसी का असर शेयर बाजार पर भी साफ दिख रहा है। पिछला तीसरा शेयर 1,906.33 अंक या 2.38 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ था। जबकि, एनओसी सुपरस्टार में 546.7 अंक या 2.26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।

कब कितनी खरीदारी-बेचा

अगस्त में एफ. वहीं, जुलाई में विदेशी निवेशकों का निवेश 32,359 करोड़ रुपये रहा। जून की बात करें तो इस महीने एफ सर्वेक्षण 26,565 करोड़ रुपये के शुद्ध मूल्य थे। जबकि, अप्रैल और मई में 8,671 करोड़ रुपये और 25,586 करोड़ रुपये के शुद्ध विक्रेता रहे। वहीं, जनवरी 2024 में एफ निवेशकों ने 25,744 करोड़ रुपये के स्टॉक की बिक्री की थी।

डिस्क्लेमर: (यहां वैज्ञानिक ज्ञान परामर्श सलाह दी जा रही है। यहां निवेश बाजार में जोखिमों के स्वामित्व की जानकारी है। निवेशक के लिए विशेष रूप से पैसा कमाने से पहले हमेशा के लिए सलाह लें। ABPLive.com की तरफ से किसी को यहां कभी भी पैसा कमाने की कोई सलाह नहीं दी जाती है।)

ये भी पढ़ें: मल्टीबैगर स्टॉक: लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट का राजा है ये मल्टीबैगर शेयर, 5 साल में 1 लाख को बनाया 1 करोड़ से ज्यादा

[ad_2]

Source link

मौलाना महमूद मदनी ने वक्फ संशोधन विधेयक पर केंद्र सरकार की आलोचना की, नीतीश कुमार, चिराग पासवान से पूछें

[ad_1]

वक्फ संशोधन विधेयक: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदानी ने केंद्र और दूतावासों को चेतावनी दी है कि वह सांप्रदायिक गठबंधन और उनके साम्राज्य का संरक्षण बंद करें। मदनी ने कहा कि सड़कें बनीं और देश के विकास की शुरुआत हुई, लेकिन अगर इंसानों के बीच जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव जारी हुआ तो यह देश के साथ सबसे बड़ा अविश्वास होगा। मदनी ने तो नीतीश कुमार और चिराग पासवान से भी बिल का विरोध करने की मांग की है और अगर वे ऐसा करते हैं तो मोदी सरकार खतरे में आ जाएगी.

मौलाना मदानी ने आगे कहा कि इस देश की वर्तमान स्थिति अत्यंत आकर्षक और नौकरानी हैं। दुख के साथ कहा गया है कि एक विशेष वर्ग का विखंडन स्थापित करने और अन्य जीवों को बेचने, हाशिए पर सिखाने और नवाचार बनाने की मंजूरी और सहयोग का प्रयास किया जा रहा है। इस घृणित अभियान को न केवल सरकार का संरक्षण प्राप्त है बल्कि सरकार ही करवा रही है। जब असलहे की बात आती है तो उन्हें कानूनी रूप से अपमानजनक, सामाजिक रूप से अलग-अलग और आर्थिक रूप से अलग-अलग रूप में बनाया जाता है। उनके धर्म, उनकी पहचान और धारणा को अलौकिक, यहाँ तक कि असहनीय बना दिया गया है।

‘एसजीपीसी की तरह हो वक्फ का व्याख्यान’

वक्फ एक्ट का जिक्र करते हुए मल्लाह मदारी ने कहा कि वक्फ एक धार्मिक मामला है, मुस्लिम अंतिम संस्कार का सवाब (मृत्यु के बाद का पुण्य) के लिए अपने दायरे को वक्फ करते हैं। याद रखें कि यह वक्फ किसी बादशाह या किसी सरकार के स्वामित्व में नहीं है, यह वक्फ की ओर से सौ प्रतिशत प्रतिशत संपत्तियां हैं। यह वक्फ हमारी विरासत की विरासत है, आज हम इसमें इस तरह की टूटन नहीं देख सकते। हम दशकों से इसके मस्जिद-बुर्द होने और इस पर अवैध कब्जे की याचिका दायर कर रहे हैं, जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने बार-बार सामान से मांग की है कि वक्फ समझौते का प्रबंधन और राख-रखाव एसजीपीसी की तरह किया जाए, लेकिन बर्बाद ने रत्ती भर भी ध्यान नहीं दिया और वक्फ की दोस्ती का तमाशा रुका रहा।

‘आख़िरी दम तक फ़ायरबाग’

मदनी ने कहा कि वर्तमान सरकार वक्फ अधिनियम में इस तरह से संशोधन कर रही है कि वक्फ का उद्देश्य और उसका लक्ष्य पूरी तरह से समाप्त हो जाये। हम कोई ऐसा संशोधन स्वीकार नहीं करेंगे, जिसका उद्देश्य वक्फ पर सरकारी नियंत्रण को प्राप्त करना हो। हम यह स्पष्ट कर देते हैं कि सरकार हमारे धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करती है, अन्यथा हम आपसे अनुरोध करते हैं कि संविधान के ढांचे में लड़ें और अंतिम दम तक जिगए जाएंगे।

नीतीश कुमार और चिराग पासवान ने साओके का विरोध करने का आग्रह किया

सभा में वक्फ मस्जिदों, मस्जिदों, इस्लामी मदरसों और पैगंबर साहब के सम्मान की सुरक्षा को लेकर अहम प्रस्ताव भी दिया गया। वक्फ संशोधन विधेयक में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव में कट्टरपंथियों के लिए घातक अटकलों का विरोध किया गया। प्रस्ताव में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग़ असैन और अन्य आध्यात्म आश्रमों से मांग की गई कि वह विचारधारा के हितों को देखते हुए मोआक का पीछा करें।

‘संविधान पीठ का गठन करने की अपील’

सभा में मस्जिदों के खिलाफ चल रहे सांप्रदायिक अभियान पर गहरी चिंता व्यक्त की गई और पूजा स्थलों के विशेष संरक्षण अधिनियम, 1991 के तहत सभी मामलों को सर्वोच्च न्यायालय से संविधान पीठ के गठन के लिए गठित करने की अपील की गई। सभा में भाग लेने वालों ने अदालत से अपील की कि दिशानिर्देश 142 और 139ए के तहत इस मामले पर जल्द से जल्द फैसला दिया जाए ताकि मस्जिदों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

यह भी पढ़ें- बांग्लादेश ने उठाया ऐसा कदम, संकट में डूबा भारत का सारा राज्य! यूनुस सरकार ने इस समझौते को रद्द कर दिया

[ad_2]

Source link

बशर अल असद के सत्ता से बाहर होने और विद्रोही एचटीएस समूह के सीरिया पर कमान संभालने के बाद सीरिया में गृहयुद्ध समाप्त हो गया

[ad_1]

एचटीएस ने सीरिया पर कमान संभाली: राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासन के बाद सीरिया के भविष्य को मंजूरी नहीं दी गई है। कभी अजेय माने जाने वाले असद शासन को हयात शॉपी अल-शाम (एचटीएस) के नेतृत्व में सीरियाई विद्रोहियों ने बमबारी करके विध्वंस कर दिया है। हयार साजिद अल-शाम को पहले अल-नुसा के नाम से जाना जाता था, जिसका अल-कायदा से सीधा संबंध था।

उनके पिता हजरत अल-असद ने लगभग तीन दशकों के बाद साल 2000 में सीरिया का शासन अपने हाथों में ले लिया था। बशर अल-असद के शासन की शुरुआत में लोगों में ये अनोखी जगह थी कि बशर सीरिया में सुधार, बदलाव और खुलापन लाएंगे। हालाँकि बशर ने अपने पिता के दमनकारी शासन ढाँचे और अपनी मजबूत इकाइयाँ और ढाँचे बनाए रखे। जिन लोगों की ये डिटेल जल्दी ही टूट जाती है।

बशर की विरासत 2011 के विरोध प्रदर्शनों का काला धब्बा

सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद की प्रतिक्रिया के कारण उनकी विरासत में 2011 में विरोध प्रदर्शनों का काला धब्बा रहेगा। जो आगे की ओर एक खूनी गृहयुद्ध में बदल दिया गया था। इन विरोध प्रदर्शनों में 5 लाख से ज्यादा लोग मारे गए, करीब 60 लाख लोग हिट हो गए और अनगिनत लोग मारे गए।

युद्ध में शामिल थे रूस-ईरान, नहीं मिली असद की मदद

वर्तमान में रूस और ईरान अपने-अपने संघर्षों में उलझे हुए हैं। जहां रूस जापानी के साथ युद्ध में संघर्ष कर रहा है। वहीं, ईरान अपने क्षेत्रीय उद्घाटन का सामना कर रहा है। यही कारण है कि दोनों देशों को इस बेहद कठिन समय में असद को महत्वपूर्ण समर्थन नहीं मिला। इसी स्थिति का लाभ उठाते हुए विद्रोहियों ने कुछ ही दिनों में सीरिया के अलेप्पो, हमा और होम्स जैसे प्रमुख शहरों पर कब्जा कर लिया और फिर दमिश्क की ओर बढ़ गए।

मोहम्मद अल-जलाली को सीरिया की विचारधारा से अलग किया गया

विद्रोही गुट के नेता अबू मोहम्मद अल-गलानी ने असद शासन का तख्तापलट करके एक संक्रमणकालीन सरकार के गठन की घोषणा की है। सीरिया के प्रधानमंत्री मोहम्मद अल-जलाली को राज्य स्टॉक एक्सचेंज के लिए कैरेटकर नियुक्त किया गया है। वहीं, एक बयान में अल-जलाली ने सीरिया के लोगों को किसी भी नेतृत्व के साथ सहयोग करने की बात कही है।

यह भी पढ़ें: सीरिया में अल असद परिवार का 50 साल का शासन खत्म, जानिए कहां स्थित है सत्य-शरण राष्ट्रपति भवन?

[ad_2]

Source link