भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया दूसरा टेस्ट: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया को 10 विकेट से हार झेलनी पड़ी। पार्थ में विस्फोटक प्रदर्शन करने वाली टीम इंडिया एडिलेड में फुस्स हो गई। यह टेस्ट मैच पिंक बॉल से खेला गया था। पिंक बॉल के सामने भारतीय बल्लेबाज बेब्स। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैचों की सीरीज में 1-1 से बढ़त बना ली।
इस सीरीज का पहला टेस्ट मैच पर्थ में खेला गया था, जिसमें भारत ने 295 विकेट से जीत दर्ज की थी। पार्थ में नामांकन के साथ-साथ शूटर ने भी जीत में अहम योगदान दिया था। यश गोस्वामी और विराट कोहली के प्रशंसकों ने 8 विकेट झटके थे। ऐसे में जानिए कैसे पार्थ के हीरो एडिलेड में जीरो साबित हुए।
भारत के नुकसान के तीन बड़े कारण-
1- इस टेस्ट में नियमित कैप्टन रोहित शर्मा की वापसी हुई, लेकिन रोहित ने मिडिल ऑर्डर में चुनाव का फैसला लिया। रोहित पूरी तरह से फ्लॉप रहे। वह पहली पारी में 6 और दूसरी पारी में 3 रन बना सके। अगर रोहित मजलिस आते हैं और मिशेल स्टार्क और पैट कमिंस जैसे रेसल पर आक्रामक बल्लेबाज़ी करते हैं तो मैच का परिणाम कुछ और हो सकता है।
2- इस टेस्ट की दोनों पारियों में भारतीय तट ने रन बनाने की कोशिश नहीं की। अगर ऑस्ट्रेलिया और भारत के बाजारों की तुलना करें तो आसानी से दिखेंगे। ट्रेविस हेड्स ने तेजी से रन बनाए और शतक जड़ दिया। इसके अलावा भारतीय बल्लेबाज कुछ बड़े ही डिफेंसिव फिल्में। नीतीश कुमार रेड्डी ने फ्रैंक की भूमिका निभाई और वह दोनों पारियों के लिए भारत में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। अपनी तरह और किसी भी भारतीय बल्लेबाज ने अप्रोच नहीं दिखाया।
3- इस टेस्ट में भारतीय कलाकार भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। ऐसा साफा कि एजेंसी ने अपनी रणनीति के सेट को पोस्ट नहीं किया। एक तरफ ऑस्ट्रेलियन जर्नल्स ने जहां ज्यादातर भारतीय बैंकों को स्टॉक की तलाश में रखा है, वहीं भारतीय एजेंसियों ने ज्यादातर बाहरी लाइन पर पोस्ट किया है। पार्थ में रिपब्लिक का प्लान काफी अलग था, लेकिन एडिलेड में उन्होंने पोस्टर जारी किया।





