‘अल्पसंख्यकों को मारने में हो रहा है हिंदू धर्म का इस्तेमाल’, युनिवर्सिटी को बीमारी का दावा मुफ्त में बोलें इल्तिजा


हिंदुत्व पर इल्तिजा मुफ्ती: पीआईपी प्रमुख ओबामा फ्री की बेटी इल्तिजा फ्री ने हिंदुत्व को लेकर फिर से दावा किया कि राजनीति थमी पर भी हिंदू धर्म को उजागर करने की बात पोस्ट नहीं की गई थी। उन्होंने कहा, ”मेरे ट्वीट और इस्लाम को लेकर कही गई बातें लोगों में बहुत गुस्सा है।”

हिन्दू धर्म को लेकर अब क्या बोलें इल्तिजा

इल्तिज़ा मुफ़्ती ने अपने पोस्ट में लिखा, “इस्लाम के नाम पर संवेदनहीन हिंसा ही सबसे पहले इस्लामोफोबिया का कारण बनी। आज हिंदू धर्म (हिंदुत्व नहीं) भी खुद को ऐसी स्थिति में पाता है जहां इसका इस्तेमाल किया जाता है और अल्पसंख्यकों को खत्म किया जाता है।” उन पर अत्याचार करने के लिए जा रहा है। जो सच है, उसे देखकर क्या हुंकारना है।”

इससे पहले इल्तिजा फ्री ने यूनिवर्स को एक बीमारी के बारे में बताया था, जिसके बाद राजनीति इतनी गरमा गई कि बीजेपी नेता टी राजा सिंह ने अपनी गर्लफ्रेंड तक की मांग कर दी।

युनिवर्सिटी को एक बीमारी बताई गई थी

शिरीन खान नाम के एक शख्स ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाला था, जिसमें कुछ विद्वानों को लिखा जा रहा है और उनमें जय श्रीराम के नारे लगाए जा रहे हैं। इसी को लेकर इल्तिजा फ्री ने पहली बार पोस्ट किया था, जिस पर विवाद हो गया है।

उन्होंने कहा था, “भगवान राम भी यह सब देखकर शरम से सिर झुकाकर उनका नाम इस्तेमाल कर रहे हैं, ऐसे में नामांकित मुस्लिम बच्चों को सिर्फ इसलिए जूतों से मारा जा रहा है, क्योंकि उन्होंने राम का नाम लेने से इनकार कर दिया है। एक बीमारी है , जिससे लाखों भारतीय प्रभावित हुए हैं।”

हालाँकि बाद में उन्होंने अपने बयान में सफाई देते हुए कहा कि बच्चों को पीटते देख उन्हें गुस्सा आ गया था। इल्तिजा मुफ़्ती जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में दो प्राइमरीज़ में लड़की वाली और उनकी ही पार्टीज़ में हार का सामना करना पड़ा था।

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