संसद शीतकालीन सत्र: ‘बिल्ले रखे सदनों में न आयें’, मसाले पर भड़के संगीतकार ओम बिरला, नीचे दिए गए हैं ये सरल निर्देश
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<पी शैली="पाठ-संरेखण: औचित्य सिद्ध करें;"संसद शीतकालीन सत्र 2024:लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार (5 दिसंबर) को सदन से संसद की गरिमा बनाए रखने और निष्ठा बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने सदस्यों से आग्रह करते हुए कहा कि घर में बिल्ले आदि न आएं। राष्ट्रपति ने नोमास के नियम-349 का हवाला देते हुए यह स्पष्ट किया कि केवल राष्ट्रीय ध्वज को ही लैपल पिन के रूप में अनुमोदित किया गया है। उनका कहना है कि संसद का पालन-पोषण करना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है ताकि संसद की मर्यादा और मुक्ति सुरक्षित रहे।
दरअसल, उनकी यह अपील उस समय आई थी जब कांग्रेस के कुछ सदस्य काले रंग की जैकेट उद्योगपतियों में आए थे, जिसके पीछे ‘मोदी अदाणी एक हैं, अदाणी सेफ हैं’ लिखा हुआ था. इससे पहले कांग्रेस सम्मिलित ‘इंडियन नेशनल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक सिद्धांत के सदस्यों ने संसद के ‘मकर द्वार’ के पास इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया गया.
नियम 349 का पालन
अध्यक्ष बिरला ने कहा, ‘‘मैं आप सभी संसद से प्रतिबंध, गरिमा और अनुशासन का पालन करने का आग्रह करता हूं।’’ उन्होंने कहा कि सभा की प्रक्रिया और कार्य-संचालन नियमावली के नियम-349 के तहत कोई भी सदस्य लैपल पिन या बिल्ला (राष्ट्रीय ध्वज के निर्धारण) में शामिल नहीं होगा और चित्रित नहीं होगा।
सदस्यों से ओम बिरला की अपील
बिरला ने आगे कहा, ‘‘मेरा आपसे आग्रह है कि संसद के नियमों का पालन करें। आप वरिष्ठ सदस्य हैं. हम पूर्वजों का पालन नहीं करेंगे तो प्रभुओं की गरिमा गिरेगी। ऐसा होगा तो हर कोई अलग-अलग तरह के बिल्ले लाएगा।’’ बता दें कि संसद के शीतकालीन सत्र का आज (5 दिसंबर, 2024) आठवां दिन आ रहा है। संसद की पिछली 7 कार्यवाहियों में संभल हिंसा, मणिपुर हिंसा, किसानों की मांग का मुद्दा और अडानी मामला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।
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