भारत डब्ल्यू बनाम ऑस्ट्रेलिया डब्ल्यू पहला वनडे ब्रिस्बेन लाइव स्ट्रीमिंग कब और कहां देखना है

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भारत डब्ल्यू बनाम ऑस्ट्रेलिया डब्ल्यू पहला वनडे: भारत और ऑस्ट्रेलिया के लिए यह हफ्ता काफी अहम होने वाला है। दोनों ही देशों में एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरेंगी। भारत की टीम शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैदान पर दूसरा टेस्ट खेलेगी। वहीं वीमेंस टीम की साझेदारी सीरीज का आयोजन। हरमन प्रीत कौर की फार्मासिस्ट वाली टीम इंडिया ब्रिसबेन में पहली फ़ारेनहाइट गेमगी। इस स्टूडियो को लाइव टीवी और मोबाइल पर देखें।

भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच वीमेंस क्रिकेट में तीन क्रीड़ा मैचों की सीरीज रिलीज होगी। इस सीरीज का पहला मैच गुरुवार को ब्रिसबेन में खेला जाएगा। इसके बाद सीरीज का दूसरा मुकाबला रविवार को आयोजित किया जाएगा। यह प्रतियोगिता ब्रिसबेन में भी खेली जाएगी। इसके फ़्रायडर सीरीज़ का आखिरी मैच 11 दिसंबर को पर्थ में खेला जाएगा। इन तीन मैचों का समय अलग होगा।

कब और कहाँ लाइव देखेंगे मैच –

वीमेंस क्रिकेट में भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला मैच गुरुवार को खेला जाएगा। यह प्रतियोगिता भारतीय समय के अनुसार सुबह 9.50 बजे से शुरू होगी। प्रेमी इस मैच को लाइव देखेगा। यह प्रतियोगिता टीवी चैनल स्टार स्पोर्ट्स पर प्रसारित होगी। इसके साथ ही मोबाइल ऐप हॉटस्टार पर भी देखें। प्रस्तावित दूसरा रविवार को खेला जाएगा, जो कि भारतीय समय के अनुसार सुबह 5.15 बजे से शुरू होगा, वहीं तीसरा मुकाबला सुबह 9.50 बजे से शुरू होगा।

भारत-ऑस्ट्रेलिया की रिकार्डिंग –

भारत: प्रिया पुनिया, स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कैप्टन), दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), अरुंधति रेड्डी, राधा यादव, प्रिया मिश्रा, रेणुका ठाकुर सिंह, तितास साधु, साइमा ठाकुर, मी कुणाल मणि, तेजल हस्ब्निस , उमा छेत्री, हरलीन डायोल

ऑस्ट्रेलिया बेथ मूनी (विकेटकीपर), जॉर्जिया वोल, एलिसे पेरी, ताहलिया मैकग्राथ (कप्तान), फोएबे लिचफील्ड, एशले गार्डनर, एनाबेल सदरलैंड, अलाना किंग, सोफी मोलिनक्स, मेगन शुट्ट, डार्सी ब्राउन, जॉर्जिया वेरहैम, किम गर्थ

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भारत में कई निजी विश्वविद्यालय फर्जी डिग्रियां बेच रहे हैं, शिक्षा मंत्रालय ने संसद में एक प्रश्न का उत्तर दिया

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देश की कई प्राइवेट यूनिवर्सिटीज चार डिग्री नीचे रह रही हैं। यह खुलासा संसद में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से एक सवाल के जवाब में पूछा गया। इस दौरान एजुकेशन मिनिस्ट्री ने कई ऐसी यूनिवर्सिटीज के नाम की भी जानकारी दी, जिनके बारे में काफी जानकारी मिली है। इस जानकारी के सामने आने के बाद जोरदार हंगामा हुआ है।

संसद में पूछा गया ये सवाल

जानकारी के अनुसार, संसद में पूछा गया कि क्या सच है कि देश में कुछ निजी विश्वविद्यालय, डिग्रियां बेच रही हैं? अगर इसका जवाब हां है तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है? केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने हां में दिया जवाब.

शिक्षा मंत्रालय ने दी यह जानकारी

इस सवाल के जवाब में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि सीवीआई के माध्यम से कुछ निजी निवेशकों को फर्जी डिग्री के खिलाफ आरोप लगाने वाली कंपनियां मिलीं। इन उद्यमियों और नियुक्तियों की जांच के लिए संबंधित राज्य सहयोगियों के निर्देश दिए गए हैं।

इन निजी विश्वविद्यालय को लेकर मिलें रिकार्ड

  • यूनिवर्सिटीज यूनिवर्सिटी, राजस्थान
  • प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, राजस्थान
  • माधवी विश्वविद्यालय, राजस्थान
  • रैफल्स विश्वविद्यालय, राजस्थान
  • सिंघानिया विश्वविद्यालय, राजस्थान
  • श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश
  • मंगलायतन विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश
  • श्री सत्य साई सेवा एवं चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, मध्य प्रदेश
  • नाथ विश्वविद्यालय, झारखंड
  • क्वांटम विश्वविद्यालय, उत्तराखंड

इस राज्य की यूनिवर्सिटीज़ के खिलाफ़ सबसे अधिक संख्या में लोग

इस सूची में अगर गौर किया जाए तो 50 प्रतिशत आंकड़े 10 में से पांच विश्वविद्यालय ऐसे हैं, जो राजस्थान में स्थित हैं। सूची में उत्तर प्रदेश की दो, मध्य प्रदेश-झारखंड और उत्तराखंड की एक-एक यूनिवर्सिटी को लेकर शिकायत मिली है। मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि निवेशकों और शुल्कों की जांच के लिए संबंधित दस्तावेजों की जांच के लिए दस्तावेजों से जानकारी प्राप्त की जाए। पूछताछ के आधार पर उत्तराखंड सरकार ने क्वांटम यूनिवर्सिटी और मध्य प्रदेश सरकार ने श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंसेज पर आरोप तय किए हैं।

राजस्थान सरकार ने यह कदम उठाया

राजस्थान सरकार ने एंटरप्राइज़ जेएसी यूनिवर्सिटी में एंटरटेनमेंट सत्र 2024-25 से प्रवेश के लिए प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा, एप्रिसिएबल ने दिसंबर 2023 से एंटरप्राइजेज यूनिवर्सिटीजको के लिए नामांकन लेने पर भी रोक लगा दी है। बता दें कि विश्वविद्यालय के प्रमाणित नियमों के अनुसार डिग्री देने की प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है और उनके अनुसार ही डिग्री डिग्री दे रहे हैं या नहीं, इसके पर्यवेक्षण के लिए एक स्थायी समिति का गठन किया गया है।

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शिक्षा ऋण जानकारी:
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह, मुख्यमंत्री बनने को तैयार देवेन्द्र फड़णवीस ने मां को दिया खास उपहार, जानें विवरण

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मुख्यमंत्री शपथ समारोह: तीसरी बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की तैयारी कर रहे हैं। इन सबके बीच एक बात की चर्चा हर ओर हो रही है। मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह के लिए जो दस्तावेजी पत्र भेजे गए, उन्होंने सभी को चौंकाया भी और थोड़ा निराश भी किया।

मुख्य सचिव सुजातानिक की ओर से जारी शपथ ग्रहण समारोह के दस्तावेज में शामिल कलाकार को “देवेन्द्र सागर गंगाधरराव आश्रम” के रूप में नियुक्त किया गया है, जिसमें उनकी मां सरिता का नाम भी शामिल है। ऐसा उनके राजनीतिक जीवन में पहली बार हुआ है।

दैवी ने माँ को दिया भगवान

असली, महाराष्ट्र में रहने वालों के लिए अपने नाम के बीच में अपने पिता का नाम इस्तेमाल करना एक प्राथमिकता है, लेकिन गिरोह ने अपनी मां का नाम नामकरण परंपरा से हटकर काम किया है।

इससे पहले 2014 और 2019 में अपने पिछले शपथ ग्रहण समारोहों के दौरान अपने मध्य नाम में केवल “गंगाधर” का इस्तेमाल किया गया था, साथ ही हाल ही में विधानसभा चुनाव के लिए अपने हलनाम में भी इसी नाम का इस्तेमाल किया गया था। इस कदम पर उनकी मां के प्रति व्यक्तिगत प्रेम के रूप में देखा जा रहा है, जो उनकी राजनीतिक यात्रा के कट्टर समर्थक हैं।

चुनाव में जीत के बाद मां ने भी की थी बेटों की महिमा

गिरोह की मां सारिआत फ़्रॉम लाइमलाइट से दूर रहती हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी की जीत के बाद अपने बेटों पर गर्व जताया। उन्होंने कहा, ”पार्टी में हर कोई चाहता है कि वह फिर से मुख्यमंत्री बने। यहां तक ​​कि प्रधानमंत्री तक नरेंद्र मोदी उन्हें भी अपना बेटा मानते हैं।”

अंतिम चरण में शपथ ग्रहण का अंतिम चरण

मुंबई के आज़ाद मैदान में शपथ ग्रहण की अंतिम चरण में शपथ ली गई है, जिसमें शीर्ष राजनीतिक सूची और योग्यता को शामिल किया गया है। ब्राह्मण परिवार में सामुहिक संप्रदाय को जीवन में ही व्यक्तिगत क्षति का सामना करना पड़ा, जब उनके पिता गंगाधर संप्रदाय का निधन हो गया। उनके पिता भी जनसंघ और भाजपा के नेता थे। इन उद्घाटन के बावजूद, सभी ने राजनीति में अपनी राह बनाई और महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद वाले सबसे कम उम्र के नेताओं में से एक बन गए।

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बाबा रामदेव ने गधी का दूध पिया और इसके फायदे भी गिनाए, वीडियो वायरल | बाबा उद्योगपति ने खुद का श्रमिक पिया गढ़ी का दूध बोला, क्लियोपेट्रा इससे नाया थी करती थी

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ट्रेंडिंग वीडियो: योग गुरु बाबा और स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए अपने ‘अनोखे’ का इस्तेमाल टेलीविजन सोशल मीडिया पर एक लोकप्रिय चेहरा बना रहे हैं। अपने पतंजलि और पुरातत्वविदों से संबंधित आयुर्वेदिक उपचारों के लिए जाने वाले ने योग सिखाया और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए बड़ी संख्या में लोगों को अपने साथ जोड़ा है। लगातार अपनी डायरी और योग को लेकर चर्चा में रहने वाले योग गुरु बाबा की रचना एक बार फिर चर्चा का विषय बने हुए हैं, जहां वो गाधी का दूध ढूंढते हुए दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं, बाबा निर्माता ने गाधी का दूध निकाला के बाद इसे पिया भी।

बाबा निर्माता ने पिया गढ़ी का दूध

एक नया वीडियो बाबा मेकर का वायरल हो रहा है, जिसमें बाबा वैल्युएट के दूध की दुकानें और दूध पीने के फायदे नजर आ रहे हैं। जबकि लोग ज्यादातर गाय या बफ़ेलो का दूध भी खाते हैं या कुछ लोग बकरी का दूध भी खाते हैं, इंजीनियर रिसर्च और विचार बताते हैं वो सुनने में अजीब लग रहे हैं। वीडियो में योग गुरु को पहले घी का दूध खोजा और बाद में उसे देखा जा सकता है। दूसरे ने कहा, “मैं अपने जीवन में पहली बार दुनिया का दूध निकाल रहा हूं। मैं घुंघराले, गाय, भेड़ और बकरियों से दूध निकालता हूं। यह दूध सुपर टॉनिक है और एक सुपर स्कूल के रूप में काम करता है।” उन्होंने कहा कि यह दूध स्वास्थ्य और सौंदर्य दोनों के लिए कमाल है।


कहा, रानी क्लियोपेट्रा इससे मिलती है नहाती!

दूध पीने के बाद उन्होंने कहा कि यह “बहुत स्वादिष्ट” था और उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने गाय, बकरी, घोड़ा और भेड़ का दूध पिया था, लेकिन दूध का दूध वास्तव में अद्भुत था। योग गुरु ने घी के दूध के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, “क्लियोपेट्रा (मिस्र की रानी) घी के दूध से नहाया करती थी।” उन्होंने दावा किया कि दूध से एलर्जी वाले लोग सुरक्षित रूप से दूध पी सकते हैं। गाय के दूध के विपरीत, जो 65 रुपये प्रति लीटर बिकता है, गाय का दूध काफी महंगा है, कुछ रिपोर्ट्स का दावा है कि यह 5,000 रुपये से 7,000 रुपये प्रति लीटर तक बिकता है।

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उपयोगकर्ता ने बहुत मजे लिए

वीडियो के सोशल मीडिया पर शेयर होते ही यह आग की तरह वायरल हो गया जिसे लाखों लोगों ने देखा तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया. ऐसे में सोशल मीडिया उपभोक्ता वीडियो को लेकर तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं। एक गीतकार ने लिखा…बाबा जी इससे मेरी फटी आंख का इलाज कैसे होगा? एक और राक्षस ने लिखा…बाबा आप पर गाधी का दूध जा रहा है। तो वहीं एक और राक्षस ने लिखा…घी का दूध सच में लाजवाब होता है।

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क्या Apple अपने कर्मचारियों के डिवाइस और पैसों के लेन-देन की जासूसी कर रहा है, जानिए क्या है मामला?

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एप्पल कर्मचारी: ऐपल पर एक नए प्लांट में आरोप लगाया गया है कि यह कंपनी अपने कर्मचारियों के निजी उपकरण और स्वामित्व की निगरानी कर रही है और वेतन व प्रतिष्ठान की स्थिति पर चर्चा सीमित कर रही है। इस मामले की अदालत में सहायक कर्मचारी अमर भक्त ने आरोप लगाया है कि कंपनी के कर्मचारी अधिकार का उल्लंघन कर रहे हैं। यह जानकारी रॉयटर्स की रिपोर्ट में सामने आई है.

लैपटॉप में क्या लगाए गए सामान?

भक्त, जो 2020 से आदर्श में डिजिटल विज्ञापन विभाग में कर्मचारी हैं, ने दावा किया है कि कंपनी निजी सामुहिक विश्वविद्यालय पर प्रतिबंध लगाने को बाध्य है। यह ऐपल डेटा कर्मचारियों की निजी जानकारी, जैसे ईमेल, चित्र, स्वास्थ्य और स्मार्ट होम इंटरनेट तक पहुंच प्रदान करता है।

इसके अलावा, प्रोटोटाइप में यह भी कहा गया है कि एप्लाइड के भरोसेमंद छात्रों को शामिल करने और कैथेड्रल की स्थिति पर फ्रैंक चर्चा करने से रोकती हैं। भक्त का कहना है कि उन्हें अपने काम के बारे में उपदेश पर बात करने से मना कर दिया गया और उनके लिंक्डइन प्रोफ़ाइल से नौकरी की जानकारी निकालने को कहा गया।

पोर्टफोलियो में लिखा है, “एप्पल के सुपरविजन कर्मचारियों को अपनी बात रखते हुए, जॉब एक्सचेंज और इंप्रेशन की आजादी पर अनुचित रोक लगाती हैं।”

एप्पल का जवाब

आदर्श ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये पूरी तरह से निराधार हैं। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि कर्मचारियों को एसोसिएट की एसोसिएट पर अपने अधिकार के बारे में चर्चा करने के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षित किया जाता है।

प्रवक्ता ने कहा, “एप्पल दुनिया के सबसे बेहतरीन उत्पादों और व्यवसायियों पर ध्यान केंद्रित करता है और अपने उत्पादों के लिए बनाई गई खोजों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।”

यह मुकदमा ऐसे समय में दर्ज किया गया है, जब एप्लाइड के आवासीय भवनों की व्यापक स्तर पर जांच हो रही है। भक्ता के वकील में एक अन्य मामला भी शामिल है, जिसमें एप्लाइड पर इंजीनियरिंग और मार्केटिंग में लैंगिक वेतन छूट का आरोप है।

साथ ही, लेबर बोर्ड में डेवलपरों ने कहा है कि एप्पल ने सोशल मीडिया और आंतरिक संचार माध्यमों पर जुड़े कर्मचारियों को वेतन और भेदभाव जैसे अध्ययन पर चर्चा करने से रोक दिया। यह मुकदमा मैसाचुसेट्स के एक कानून के तहत स्थापित किया गया है, जो कर्मचारियों को राज्य की ओर से मुकदमा दर्ज करने की जानकारी देता है। इस मामले में ऐपल के सामने भारी कानूनी चित्र को उजागर किया गया है, जबकि कंपनी ने किसी भी गलत काम को खारिज कर दिया है।

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RBI MPC की बैठक में बैंकिंग सेक्टर के स्टॉक्स, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एसबीआई और कोटक महिंद्रा रॉकेट बन सकते हैं

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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की स्मारक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक से पहले डिजिटल सेक्टर एक बार फिर से उपभोक्ताओं के बीच चर्चा का केंद्र बने हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि स्टॉक में स्टॉक में स्थिरता देखी जा सकती है, स्टॉक में स्टॉक मजबूत और क्रेडिट स्थिर है।

बैठक की जरूरी बातें

एमपीसी की बैठक में मुख्य रूप से रेपो रेटिंग और अन्य कार्यशालाओं पर निर्णय लिया जाएगा। रेपो रेटिंग सीधे तौर पर बैंकों की उधारी और उद्यमियों की रेटिंग को प्रभावित करती है। इन यूनिटों का सीधा प्रभाव इस सेक्टर पर पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बैठक के नतीजों से नेटवर्क सेक्टर में बड़े पैमाने पर बदलाव लाये जा सकते हैं।

इन स्टॉक पर रहेगी नजर

बैंक (एचडीएफसी बैंक)। असल में, एचडीएफसी बैंक ने अपनी मजबूत संपत्ति की गुणवत्ता और निरंतर बिक्री से विश्वसनीयता की जीत हासिल की है। इसकी ऑपरेटिंग रेटिंग इसे निजी संस्थानों में बेहतर बनाती है।

आईसीआईसीआई बैंक (आईसीआईसीआई बैंक)। डिजिटल सर्विसेज और स्ट्रैटेजिक लोन में बेहतर प्रदर्शन करने वाला आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट ग्रोथ में आगे है। एनालिस्ट्स यह एक मजबूत निवेश विकल्प हैं।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई)। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने अपने क्रेडिट डिलीवर और नीतिगत स्थिरता के लिए निवेशकों को आकर्षित किया है। सरकारी मान्यता के संस्थापक में इसकी प्रमुख भूमिका यह और मजबूत है।

कोटक महिंद्रा बैंक (कोटक महिंद्रा बैंक)। स्ट्रेंथ और एसएमई लोन खंड में बेहतर प्रदर्शन के कारण यह बैंक के लिए आकर्षण बन गया है।

मशीनरी सेक्टर की ग्रोथ बढ़ रही है

डीजीसीए के आंकड़ों के मुताबिक, सैटेलाइट सेक्टर की भारतीय बाजार में धूम मची हुई है। प्राइवेट बैंकों ने अपने डिजिटल डिजिटल और रिटेल के माध्यम से बाजार में बढ़त बनाई है, जबकि सरकारी बैंकों ने क्रेडिट डिजिटल के तहत सरकारी एजेंसियों को बढ़ावा दिया है।

डिस्क्लेमर: (यहां वैज्ञानिक ज्ञान परामर्श सलाह दी जा रही है। यहां निवेश बाजार में जोखिमों के स्वामित्व की जानकारी है। निवेशक के लिए विशेष रूप से पैसा कमाने से पहले हमेशा के लिए सलाह लें। ABPLive.com की तरफ से किसी को यहां कभी भी पैसा कमाने की कोई सलाह नहीं दी जाती है।)

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केएल राहुल ने एडिलेड टेस्ट IND बनाम AUS से पहले चिन्नास्वामी स्टेडियम के नाम की शुरुआत की

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चिन्नास्वामी स्टेडियम के स्टैंड पर केएल राहुल का नाम: कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) द्वारा कोलोराडो के आइकोनिक एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के स्टैंड का नाम कर्नाटक के महान क्रिकेटरों के नाम पर रखा जाना तय है। जो क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है. इस स्टेप की भारतीय क्रिकेट जगत से काफी तारीफ हुई है, जिसमें भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल भी शामिल हैं। राहुल ने इस पहल का स्वागत किया और दिलचस्प अंदाज़ में कहा कि एक दिन उनका नाम भी इस सूची में शामिल हो सकता है, असल में वह उन दिग्गजों के बराबर रन बनाते हैं।

एडिलेड ओवल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केल राहुल से पूछा गया कि क्या वह भी अपने नाम पर एक स्टैंड का नाम देखते हैं। इस पर राहुल ने कहा, ”हर खिलाड़ी यही चाहता है, लेकिन उन खिलाड़ियों के बराबर रन बनाने के लिए उनके नाम पर स्टैंड का नाम रखा गया है. अगर मैं ऐसा करने में सक्षम हूं, तो शायद एक दिन मेरा नाम भी इस सूची में है” होगा, लेकिन अभी मैं उस स्तर तक नहीं पहुंच पाया हूं।”

केल राहुल ने यह जजमेंट कोनार्क और भारतीय क्रिकेट के लिए एक अहम कदम बताया। उन्होंने कहा, “यह खिलाड़ियों के योगदान को सम्मान देने का एक शानदार तरीका है। जब किसी स्टैंड का नाम किसी खिलाड़ी के नाम पर रखा जाता है, तो यह बहुत गर्व और खुशी की बात होती है। यह एक शानदार पहल है।” “

कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाए गए स्टेडियम के स्टैंड का नाम कर्नाटक क्रिकेट के दिग्गजों के नाम पर रखने का निर्णय लिया है। जिन महान खिलाड़ियों के नाम पर ये स्टैंड रखेंगे, उन्हें बी.एस.सी. चन्द्रशेखर, ई.एस.एस. अफ़सा, जी.आर. विश्वनाथ, सईद किरामानी, रोजर बिन्नी, राजनेता पटेल, अनिल कुंबले, जवागल श्रीनाथ, राहुल द्रविड़ और वेंकटेश प्रसाद शामिल हैं।

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क्लास और आत्मविश्वास से भरपूर आदर्श पुरुष के लिए 2024 में रणवीर सिंह के फैशन मोमेंट्स

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महाराष्ट्र

'दादा को सुबह- शपथ लेने का अनुभव है', अजित शाम को एकनाथ शिंदे के बयान से लगे ठहाके, वीडियो वायरल

‘दादा को सुबह- शपथ लेने का अनुभव है’, अजित शाम को एकनाथ शिंदे के बयान से लगे ठहाके, वीडियो वायरल

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एफएसएसएआई ने त्वरित वाणिज्य कंपनियों के लिए स्वास्थ्य सलाह जारी की है कि वे खाद्य पदार्थों और गैर-खाद्य वस्तुओं को एक ही पैकेज में वितरित न करें

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लोगों की जिंदगी की वजह से अब क्विक लाइफस्टाइल की वजह से क्विक सोसाइटी सोसायटी पर आपत्ति जताई जा रही है। खाना बनाने के लिए नमक और मसाला मंगानी हो या घर की साफ-सफाई करने के लिए क्लीनिंग किट मंगानी हो, 10 मिनट में सामान पहुंचाने वाली कई दुकानें अब बाजार में मौजूद हैं। लोगों के खाने-पीने का सामान और गैर-खाद्य पदार्थ भी वितरित कर रहे हैं। अब क्विक एंटरप्राइज़ ऐसा नहीं कर पाएगी। इस संबंध में एफएसएस कोचिंग ने हेल्थ एडवाइजरी जारी की है।

ये है पूरा मामला

गौर करने वाली बात है कि ज्यादातर लोग व्यापारियों का सामान क्विक कॉमर्स वेबसाइटों से खरीदते हैं। इसमें देखा गया है कि अगर कोई भी सब्जी और मच्छर मारने वाला स्पाइडर ऑर्डर करता है तो क्विक एसएमई एंटरप्राइजेज दोनों चीजें आपको एक ही किट या बैग में डिलिवर कर बेचती हैं, लेकिन अब क्विक कॉमर्स एंटरप्राइजेज या ई-कॉमर्स कंपनियां ऐसा नहीं कर पाएंगी।

एफएसएसएआई ने जारी किया यह डेटाबेस

जानकारी के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले फर्म फर्म फर्म एंड स्टैंडर्ड ऑफ इंडिया यानी एफएसएस आश्रम ने कंपनी की मार्केटप्लेस कंपनी की स्थापना की है। कहा गया है कि ऑफ़लाइन प्लेटफ़ॉर्म खाद्य पदार्थ और गैर-मौजूदा खाद्य पदार्थों को अलग-अलग टुकड़ों में पैक करके डिलीवर किया जाएगा। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गलत असर न पड़े और खाने की चीजें भी न हो।

एफएसएस आर्किटेक्चर ने दिया यह आदेश

एफएसएसएआई ने एड स्टॉकिंग में यह भी आदेश दिया कि फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (एफबीओ) जिन खाद्य पदार्थों को भी वितरित करेगा, उनकी एक्सपायरी डेट की दुकान से कम से कम 45 दिन पहले की जानी चाहिए। साथ ही, उन्हें सभी FBIO मेट्रिक्स ग्रेजुएट्स को प्रशिक्षण भी देना होगा, जिससे वे सुरक्षित तरीकों से खाद्य पदार्थ वितरित कर सकें।

विवरण को लेकर भी निर्देश जारी

एफएसएसएआई ने अपने एड शेयरों में यह भी कहा है कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अपनी वेबसाइट या ऐप पर किसी भी खाद्य पदार्थ की ऑनलाइन जानकारी लिखेंगे, जो खाद्य पदार्थों के लेबल पर जानकारी लिखेगा। लेबल पर लिखे गए अंश के अलावा कोई अलग दावा नहीं, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अपनी वेबसाइट या ऐप पर कोई फर्क नहीं पड़ता।

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नीचे स्वास्थ्य उपकरण देखें-
अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की गणना करें

आयु कैलकुलेटर के माध्यम से आयु की गणना करें

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10 सेकंड में दो छवियों के बीच छिपे 3 अंतरों को पहचानें और अपने धैर्य की परीक्षा लें

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महाराष्ट्र

'दादा को सुबह- शपथ लेने का अनुभव है', अजित शाम को एकनाथ शिंदे के बयान से लगे ठहाके, वीडियो वायरल

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