संसद के शीतकालीन सत्र में संबित पात्रा ने नागरवाला 60 लाख एसबीआई मामले को लेकर इंदिरा गांधी कांग्रेस पर हमला बोला, जानिए उन्होंने क्या कहा एएनएन

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संसद सत्र: संसद में आज मंगलवार (3 दिसंबर, 2024) सत्य पक्ष और नामांकन उस समय जारी किए गए- जब संशोधन बिल को लेकर भारतीय जनता पार्टी (जेपी) के न्यूनतम संबित पात्रा बोल रहे थे। उन्होंने 1971 की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि तब की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने संसद मार्ग स्थित सहयोगियों के घर जाकर नगर वाले को 60 लाख रुपये की रिश्वत दी थी। टैब फोन मैनुअल मोबाइल था. उनके इस कथन के बाद संसद में भयंकर तूफान आया। विपक्ष की ओर से सांसद केसी वेणुगोपाल ने अपने इस बयान की कड़ी निंदा की और इसे इंदिरा गांधी का अपमान करार दिया।

ओडिशा के पुरी से न्यूनतम संबित पात्रा आज करीब 3:00 बजे बजट संशोधन बिल पर बात अपनी संसद में रख रहे थे। 3.15 पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ओर से विस्तार में दी गई उनकी पुस्तक में विस्तार से बताया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्थापना के दौरान किस तरह की व्यवस्था चरम पर थी। 1971 में तो मोबाइल बैलेंस से पैसे निकले थे.

कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का खत करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर भी जोरदार हमला बोला. पात्रा ने कहा कि उनके एक कॉल से 60 लाख रु. मिस्टर नगर वाले को कुछ मिनट में उनके मित्र बताए गए थे। यह मोबाइल सिस्टम व्यवस्था का एक नमूना था. उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में बाद में रेडी कमीशन की साजिश रची गई थी, लेकिन इतिहास में इस घटना को हमेशा नेटवर्क सिस्टम के रूप में फोन किया जाएगा।

कांग्रेस की अगली कड़ी प्रतिक्रिया

संबित पात्रा के इस बयान के बाद कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज की। केसी वेणुगोपाल ने संसद में अपने बयान में निंदा की और कहा कि इंदिरा गांधी को स्वयं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी जी दुर्गा ने कहा था और संबित पात्रा ने आज सदन में अपनी पूरी साम्यवादी लंघटते पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर अमर्यादित और सार्वभौम बातें कही हैं। माना जा रहा है कि रविवार (04 दिसंबर, 2024) को संसद में यह मसला फिर से शुरू हो सकता है।

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