जीएसटी कलेक्शन 8.5 फीसदी बढ़कर 1.82 लाख करोड़ रुपये सरकारी खजाने में आये

[ad_1]

भारतीय उद्योग जगत के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। नवंबर 2024 में भारत का जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) 8.5% बढ़कर 1.82 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बढ़ते स्टूडियो का अर्थ है भारतीय उद्योग और अर्थव्यवस्था में तेजी. वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर के इस अमूर्त ने नवंबर से अप्रैल तक कुल 14.57 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच बनाई है।

अक्टूबर में भी हुआ था रीस्टोरेटिव रिकॉर्ड

पिछले महीने यानी अक्टूबर 2024 में भी 9% की गैंग दर्ज की गई थी। अक्टूबर का कुल पोर्टफोलियो 1.87 लाख करोड़ रुपये था, जो अब तक का दूसरा सबसे बड़ा कलेक्शन था। इसमें घरेलू बिक्री में तेजी और बेहतर प्रतिभा का अहम योगदान था।

अक्टूबर का प्रभावी

सेंट्रल सेंट्रल (सीजीएसटी): ₹33,821 करोड़

राज्य अर्थव्यवस्था (एसजीएसटी): ₹41,864 करोड़

होम लोन (आईजीएसटी): ₹99,111 करोड़

शेष: ₹12,550 करोड़

मूल रूप से अधिभार क्या है?

बढ़ा हुआ एकीकृत औपचारिक सरकार को विकास कार्यों में अधिक निवेश का अवसर मिलता है। इससे स्ट्रीट, स्वास्थ्य, और शिक्षा नवीन वैश्य सेवाओं को मदद मिल सकती है। इसके अलावा, उच्च संग्रहालय संग्रहालय उद्योग में मांग और अर्थव्यवस्था में वृद्धि कर रहा है। यह उद्यमों की बिक्री और सेवाओं में हो रही वृद्धि का भी प्रमाण है। हालाँकि, सुपरमार्केट हुआ रेस्टलेस रेस्टॉरेंट का भी संकेत हो सकता है। बारंबार पैकेज का पैकेज़ एंटरप्राइज़ पर डालल आउटलेट हैं, जिससे थोक मूल्य वृद्धि होती है।

व्यवसाय में सुधार के संकेत

हाल ही में बिजनेस काउंसिल के मंत्री समूह ने हेल्थकेयर प्रीमियम पर स्टेटमेंट और अन्य समीक्षाओं में बदलाव की अपनी रिपोर्ट जारी की है। 21 दिसंबर को वसीयत में होने वाली मटियामेट काउंसिल की बैठक में इस पर फैसला लिया जा सकता है। प्रमुख बदलावों की बात तो इसमें स्वास्थ्य और जीवनशैली पर विचार किया जा सकता है या फिर निकाले जाने पर काम किया जा सकता है। इसके अलावा, स्ट्रैटेजी की कई कब्रगाहों पर मियामी दर को 12% से 5% करने का प्रस्ताव है।

ये भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप ब्रिक्स पर: डोनाल्ड ट्रंप के खतरे के पीछे छिपा है अमेरिका का बड़ा डर, खत्म हो जाएगा डॉलर का रुतबा?

[ad_2]

Source link