कोरबा में स्कूल सुपरमार्केट से पहले अगुआरी ऑब्जर्वर की टीम

शिक्षा के स्तर को मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग ने प्रत्येक विद्यालय प्रमुखों की प्रतिमाह शाला प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित करने की बात कही है। इससे जुड़े बच्चों के नियमित उपस्थिति में प्रमुख का सहयोग आवश्यक है। शिक्षक-अभिभावक के सामुहिक संयोजन से शिक्षण के स्तर में सुधार होगा। स्कूल की व्यवहारिक समस्या जैसे बिल्डिंग कवर, स्कूल स्वतन्त्रता आदि में बुनियादी सुविधाओं के योगदान से भी योगदान लिया जा सकता है।

द्वारा सुरेश कुमार देवांगन

प्रकाशित तिथि: मंगल, 19 नवंबर 2024 12:23:32 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: मंगल, 19 नवंबर 2024 12:23:32 पूर्वाह्न (IST)

कोरबा में स्कूल सुपरमार्केट से पहले अगुआरी ऑब्जर्वर की टीम

पर प्रकाश डाला गया

  1. देरी से स्कूल पहुंच वाले सचिवालय की खैर नहीं
  2. बाथटब कोर्स और अध्यापन की दशा कोचिंग विभाग की पहल
  3. वैकल्पिक पर निर्दिष्ट अलौकिक कार्रवाई की जाएगी।

नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा: सरकारी स्कूलों में सरकारी स्कूलों में सरकारी स्कूलों के शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। स्कूल में शिक्षक समय और कक्षा में निर्धारित समय पर पढ़ाई शुरू हो इसके लिए शिक्षा विभाग ने विकासखंड स्तर पर पांच निरीक्षण टीमों का गठन किया है। यह टीम स्कूल स्कूटर से पहली टीम अस्त्र होगी। समय पर विद्यालय में प्रवेश नहीं होने वाले परमाणु निर्देशात्मक कार्रवाई की जाएगी।

दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्र ही नहीं बल्कि शहर के मुख्य राजघराने से लगे अवशेषों में भी शिक्षक बेखटके विलंब से स्थापित हैं। स्थिति यहां तक ​​देखने से पता चलता है कि बच्चे स्कूल पहुंच गए हैं और दरवाजे पर ताला लटका हुआ है, जिसकी वजह से शिक्षक के आने तक का इंतजार है। बुनियादी ढाँचे में पहले ही कमी है। जिसका सीधा असर शिक्षा के स्तर पर पड़ रहा है। अधिकांश शिक्षक पद स्थापना वाले स्थान में न प्रतिदिन अपने गृहग्राम से ही आते रहते हैं। इंस्टीट्यूट की उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से पूर्व में भी औचक निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। नियमित निरीक्षण के अभाव में शिक्षा विभाग की ओर से लगातार शिकायत मिल रही थी। जनदर्शन के माध्यम से आ रही याचिका को चयनित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने टीम का गठन किया है।

टीम के दल नियमित रूप से अलग-अलग इलाकों का निरीक्षण करेंगे। दूर-दराज के स्कूलों के निरीक्षण की रिपोर्ट भी दल को शिक्षा विभाग से संबद्ध करेगी। टीम के सदस्य प्राइमरी, मिडिल के अलावा हाई व हायर यार्ड का भी निरीक्षण करेंगे। शिक्षक बिना सूचना दिए गए स्कूल से मित्रवत हैं और दूसरे दिन के ज्ञान दो दिन की एकमुश्त उपस्थिति पर हस्ताक्षर कर देते हैं। बताया गया है कि परमाणु ऊर्जा संयंत्र की कक्षा में सोने, प्रार्थना के समय तक स्कूल नहीं पहुंचने के वीडियो वायरल और समाचार प्रकाशन से शिक्षा विभाग की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी कारण जिला शिक्षा विभाग ने लगातार निरीक्षण कर निर्णय लिया है।

30 कार्यशालाओं के दल के लिए प्री-बोर्ड

राज्य शासन ने इस प्रत्येंक स्कॉल में प्री-बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के लिए कहा है। जनवरी माह के अंत तक प्रत्येक साइबेरियाई पाठ्यक्रम पूरा किया जाएगा। प्रश्न: 30 वर्कशॉप की टीमों के जिला स्तर पर चमड़े के ब्लू प्रिंट तैयार करने की तैयारी चल रही है। प्रत्येक छात्र को प्री-बोर्ड में शामिल होना होगा। जिन स्कूलों में शिक्षा सत्र के बाद अतिथि सचिवालय की पेशकश हुई है, उन्हें भी अध्यापन में प्रगति पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

स्कूल में अध्यापन को स्थायी रूप से जारी रखने के लिए विद्यालय में अध्यापन का समय आवश्यक है। जनदर्शन एवं विभाग में आये दिन गेस्टहाउस के छात्रावास एवं देर से विद्यालय आगमन की शिकायत बनी हुई है। समस्या के लिए फार्मासिस्ट के चॉकलेट पर बैचलर औचक निरीक्षण टीम को शामिल किया गया है। समय पर विद्यालय में प्रवेश नहीं करने वाले को निर्देशात्मक कार्रवाई की जाएगी।

तामेश्वर उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी

कोरबा जिला इंटक के अध्यक्ष श्यामू व राजेश के घर सीबीआइ ने दबिश देकर जब्त किए दस्तावेज

क्षेत्र में उनके मकान भी नहीं थे और जिनके मकान थे, वह भी छोटे थे। बावजूद उनके साथ भेदभाव बरता गया। इस कार्य में राजस्व विभाग पदस्थ कुछ अधिकारी- कर्मचारियों के साथ ही एसईसीएल के राजस्व विभाग की भी अहम भूमिका है।

By Pradeep Barmaiya

Publish Date: Tue, 19 Nov 2024 12:30:24 AM (IST)

Up to date Date: Tue, 19 Nov 2024 12:30:24 AM (IST)

HighLights

  1. मुआवजा वितरण में गड़़बड़ी की शिकायत
  2. दिन भर जांच पड़ताल के बाद टीम वापस लौट गई।
  3. एसईसीएल के राजस्व विभाग की भी अहम भूमिका है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) की टीम ने हरदीबाजार निवासी श्यामू जायसवाल तथा दीपका निवासी राजेश जायसवाल के निवास में जांच पड़ताल की। एसईसीएल द्वारा जमीन अधिग्रहण के एवज में वितरित किए गए मुआवजा में गड़बड़ी किए जाने की शिकायत पर सीबीआइ ने यह कार्रवाई की। दिन भर जांच पड़ताल के बाद टीम वापस लौट गई।

सोमवार को सुबह छह बजे तीन वाहन में सवार होकर सीबीआइ की टीम कोरबा के हरदीबाजार – दीपका क्षेत्र में पहुंची। स्थानीय पुलिस से सहायता लेने के साथ ही टीम के सदस्य श्यामू जायसवाल तथा राजेश जायसवाल के निवास पर पहुंची। टीम के सदस्य मकान के अंदर प्रवेश हुए। इसके साथ ही उन्होंने घर के सदस्यों से मोबाइल फोन ले लिया। टीम पूरे घर की तलाशी लेने के साथ ही विभिन्न दस्तावेजों की जांच पड़ताल की। दिन भर जांच पड़ताल में सीबीआइ को क्या दस्तावेज मिले और खामिया मिली, यह तो स्पष्ट नहीं हो सका, पर बताया जा रहा है कि कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जब्त किया गया है, ताकि उनका विस्तृत तौर पर जांच पड़ताल की जा सके। टीम ने फिलहाल कुछ भी यहां स्पष्ट रूप से नहीं बताया है। संभावना जताई जा रही है कि टीम अपनी रिपोर्ट मुख्यालय वापस लौट कर वरिष्ठ अधिकारियों को देगी, इसके बाद मामला सामने आएगा कि क्या- क्या गड़बड़ियां मिली।

यहां बताना होगा कि श्यामू जायसवाल जिला इंटक के अध्यक्ष पद का भी दायित्व संभाल रहे हैं। बताया जा रहा है कि साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड(एसईसीएल) के दीपका क्षेत्र में ग्राम मलगांव व सुआभोड़ी की जमीन अधिग्रहित की गई है। जमीन के एवज में बनाई गई मुआवजा राशि में व्यापक पैमाने की गड़बड़ी होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए शिकायत की थी कि उनकी जमीन के बदले कम मुआवजा दिया गया है, जबकि कुछ अपात्र लोगों को निर्धारित राशि से ज्यादा मुआवजा दिया गया।

दीपका खदान का होना है विस्तार

दीपका खदान का विस्तार किया जाना है, इसलिए एसईसीएल प्रबंधन जमीन अधिग्रहण करने लगातार प्रयासरत है। मलगांव की जमीन में मुआवजा वितरण को लेकर ग्रामीणों ने अनियमितता का आरोप लगा आंदोलन भी किया। भविष्य में कुछ अन्य लोगों का नाम भी इस मामले में जु़ड़ने की संभावना जताई जा रही है। दरअसल जमीन अधिग्रहण के लंबित मामले निपटाने के लिए राज्य शासन एवं एसईसीएल के अधिकारी- कर्मचारियों के साथ ही कुछ लोग लगातार सक्रिय रहते हैं और मुआवजा दिलाने में गड़बड़ी करने से पीछे नहीं रहते हैं। इससे प्रभावितों को नुकसान उठाना पड़ता है।

धरमजयगढ़ वनमंडल के बोरो रेंज के रूवाफूल में हाथी बच्चे की मिली सदी गली में मौत

धरमजयगढ़ वन मंडल में ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां घना जंगल में दुर्गमाता पर्वत है। बोरो रेंज के यह जीव भी इसी क्षेत्र में है। यह भी माउंट से आकर्षित है. यहां अन्य जंगली जानवरों के साथ हाथियों की बीमारी है। यह अनहोनी के चॉलकैडमी और विद्यार्थियों के लिए अति संवेदनशील है।

द्वारा विश्वनाथ रे

प्रकाशित तिथि: मंगल, 19 नवंबर 2024 12:46:38 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: मंगल, 19 नवंबर 2024 12:46:38 पूर्वाह्न (IST)

धरमजयगढ़ वनमंडल के बोरो रेंज के रूवाफूल में हाथी बच्चे की मिली सदी गली में मौत

पर प्रकाश डाला गया

  1. बीट गार्ड और हाथी मित्र दल ने कंकाल को बरामद किया।
  2. बीट गार्ड्स मशीन पर नहीं जाने का आरोप लगाया गया
  3. हाथी के बच्चे की मौत करीब 25 दिन पहले हुई है।

रायगढ़ नईदुनिया प्रतिनिधि: धरमजयगढ़ से वनमंडल बोरो रेंज के रुवाफुल बीट में कंपार्टमेंट नंबर 667 हाथी का कंकाल मिलन से वन विभाग में भर्ती कराया गया है। ईसाई तरीके से हाथियों के काल का मकबरा बन रहा है। उक्त घटना की बैठक की सूचना आग की तरह निकली। बड़ी संख्या में ग्रामीण और वनविभाग की टीम के दल के सदस्यों ने हाथी के कंकाल की पुष्टि की। इसके बाद बीट गार्ड और हाथी मित्र दल ने जंगल में स्थित हाथी के कंकाल को बरामद कर लिया।

बोरों रेंज जंगल में सदांध के तारामंडल का ध्यान आकर्षित किया, इसके बाद किसी ग्रामीण जंगल की ओर गए तो उन्होंने देखा कि जंगल में कई जगह जंगल मौजूद थे और अंदर कुछ जगहों पर शरीर का हिस्सा भी नजर आया। राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक लोगो ने वन विभाग के लिए इस घटना का विवरण नीचे दिया है। जहां वन डॉक्युमेंट की टीम मशीन पर दौड़ते भागते हुए आई। उक्त काँकेल को देखकर वे भौचक रह गये। जांच में पता चला कि हाथी का कंकाल है। दस्तावेज के अनुसार हाथी की मौत लगभग 22 से 25 दिन पहले जाहिर हो रही है।

निरीक्षणालय बोरो रेंजर वन मंत्रालय की घटना की जांच के लिए डॉक्टरेट टीम को बुलाया गया है। टीम ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस मामले में रितिक ने बीट गार्ड पर गंभीर प्रतिस्पर्धा का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बीट गार्ड अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं करते हैं,जंगल में अपहरण करने के बजाय डेमेज कैमरों से निगरानी करते हैं। आरोप में यह भी बताया गया है कि बीट गार्ड मशीन पर हाथी की भर्ती की जानकारी देने का कोई तरीका नहीं है।

फसल वन विभाग की टीम की जांच में प्रकाशित किया गया है। दुसरी ओर लोगो मे लगातार वनजीवों की मौत से लेकर वन विभाग की तरफ से लेकर गहरे तक नाराजगी है।

प्रसव के दौरान मृत्यु होना

धरमजयगढ़ वन मंडल में है सबसे ज्यादा हाथी। यहां कई क्षेत्रों में अलग-अलग झुंडों में हाथी हाथी और विचरण कर रहे हैं। झुंड में मादा की संख्या और भी अधिक है। वह विभाग के अनुसार भुगतान करने के अवसर के बाद बाल रोग के दौरान मृत होने की बात सामने आ रही है जिसमें यह भी खतरा है कि वह जीवित रह रहा है और मृत बालक स्थिति में हो गया है। इस संबंध में दार्शनिक जांच की जा रही है। जिसका नमूना इंद्रधनुष वाइल्डलाइफ़ भेजा जा रहा है।

रुवाफूल में कंकाल मिला था, डॉक्टर की टीम आई थी, जांच में हाथी का बच्चा है, इसकी पुष्टि हुई है। संभावित संभावित मादा हथिनी बच्चे के जन्म के दौरान या अन्य कारणों से बच्चे की मृत्यु हो सकती है। पूरी घटना पर इंटरव्यू से पूछताछ की जा रही है। यह एक दुर्गम क्षेत्र है।

अभिषेक जोगावत, डीएफओ धरमजयगढ़ वन मंडल।

रायगढ़ के लैलूंगा में मेला देखने जाने नहीं देने पर पत्नी ने टांगी मारकर की पति की हत्या

चरित्र शंका और प्रताड़ना से परेशान होकर उसने घर में रखी टांगी से निलांबर के गले पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। तिलासो माझी ने हत्या में प्रयुक्त टांगी को पुलिस के सामने पेश किया, जिसे जब्त कर लिया गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

By VISHWANATH RAY

Publish Date: Tue, 19 Nov 2024 12:56:31 AM (IST)

Up to date Date: Tue, 19 Nov 2024 12:56:31 AM (IST)

HighLights

  1. 24 घंटे के अंदर पुलिस ने गुत्थी को सुलझाई ।
  2. आठ साल पहले पत्नी बनाकर घर लाया था।
  3. दोनों का चार साल का एक बेटा भी है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायगढ़ : पहले दिन मेला देखकर आने के बाद दूसरे दिन जाने से रोकने पर पत्नी भड़क गई, वाद विवाद के साथ चरित्र शंका तक मे बहस जंग की तरह छिड़ गई और तैश में आकर पत्नी ने अपने पति पर टांगी से ताबड़तोड़ प्रहार कर जान ले ली। हत्याकांड की वारदात लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम पहाड़लुडेग की है। जिसमे वारदात के 24 घंटे के अंदर पुलिस ने गुत्थी को सुलझाकर महिला को जेल भेजा है।

16 नवंबर की सुबह, ग्राम पहाड़ लुडेग में निलांबर यादव उम्र 28 साल का शव उसके घर में खाट पर पड़ा मिला। उसके गले पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। घटना की सूचना पर थाना प्रभारी लैलूंगा निरीक्षक राजेश जांगड़े ने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। मृतक के चचेरे भाई सेतराम राउत ने बताया कि निलांबर आठ साल पहले तिलासो माझी को पत्नी बनाकर घर लाया था। दोनों का चार साल का बेटा भी है। घटना के दिन गांव में कार्तिकेश्वर मेला था, जहां परिवार के अन्य सदस्य गए थे। सुबह निलांबर की हत्या की सूचना मिलने पर घर पहुंचे तो शव खाट पर पड़ा मिला। अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

घटनास्थल की गहन पड़ताल और ट्रेकर डाग रूबी की मदद से सबूत जुटाए गए। पूछताछ के दौरान पत्नी तिलासो माझी पर शक गहराया। कड़ी पूछताछ में तिलासो ने कबूल किया कि उसने 16 नवंबर को तड़के में अपने पति निलांबर यादव की हत्या की। उसने बताया कि मेला देखने के बाद रात तीन बजे वह घर लौटी और पति के साथ सो गई। सुबह जब वह दोबारा मेला जाने की तैयारी कर रही थी, तो दोनों में झगड़ा हुआ।

दो आरोपितों से 58 पाव शराब जब्त

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायगढ़ : अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती दिखाते हुए जूटमिल पुलिस ने 17 नवंबर को दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से 58 पाव देशी शराब और एक स्कूटी जब्त की। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक मोहन भारद्वाज के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई, जिसमें सावित्री नगर और दुर्गा चौक इलाके में छापेमारी कर तस्करों की धरपकड़ की गई। पहली कार्रवाई में सावित्री नगर मेनरोड पर महादेव चौहान पिता हरिशंकर चौहान उम्र 46 वर्ष निवासी बजरंगपारा निगम कालोनी जूटमिल को पकड़ा गया, जिसके पास से 10 पाव प्लेन और 18 पाव मसाला देशी शराब (5.040 लीटर) बरामद की गई।

दूसरी कार्रवाई में दुर्गा चौक के पास स्कूटी सीजी 13 एटी 8424 से विजय टंडन पिता आंनद कुमार टंडन उम्र 38 वर्ष निवासी कयाघाट वार्ड क्र. 29 जूटमिल को गिरफ्तार किया गया। उसकी स्कूटी की डिक्की से 30 पाव देशी शराब (5.400 लीटर) जब्त हुई। दोनों आरोपियों ने शराब को अवैध रूप से बेचने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपियों पर आबकारी अधिनियम के तहत मामले दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस कार्रवाई में निरीक्षक मोहन भारद्वाज के साथ हमराह स्टाफ प्रधान आरक्षक सतीश पाठक, खीरेन्द्र जलतारे, आरक्षक तरुण महिलाने, सुशील यादव, जितेश चौहान और नरेश रजत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शराब तस्करों के हौसले पस्त हुए हैं और स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की है। पुलिस ने साफ किया है कि अवैध गतिविधियों पर यह सख्ती लगातार जारी रहेगी।

डीजी जेल ने बताया कि 70 कैदी पैरोल से वापस नहीं आये

कोरोना काल में कई कैदी प्रदेश की जेलों से पैरोल लेकर बाहर निकले थे। इसके बाद वे आज तक जेल से वापस नहीं आये। हाई कोर्ट ने इसे नॉमिनल में लेकर दूसरे रिटर्न को लेकर जाया जा रहा है। केस की पिछली समीक्षा 30 सितंबर 2024 को हुई थी।

द्वारा योगेश्वर शर्मा

प्रकाशित तिथि: मंगल, 19 नवंबर 2024 01:13:04 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: मंगल, 19 नवंबर 2024 01:13:04 पूर्वाह्न (IST)

डीजी जेल ने बताया कि 70 कैदी पैरोल से वापस नहीं आये
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय

नईदुनिया न्यूज, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में सोमवार को पैरोल पर कैंची की वापसी न होने को लेकर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस के डिवीजन बेंच में हुई सुनवाई में डीजी जेल ने शपथ पत्र में पैरोल पर बाहर गए और बाद में वापस न आने वाले वारंट के बारे में बताया। कोर्ट ने अब इस पूरे मामले में एक बार फिर ताजा रिपोर्ट शपथ पत्र के माध्यम से देने की अनुमति नहीं दी है।

कोरोना काल में कई कैदी प्रदेश की जेलों से पैरोल लेकर बाहर निकले थे। इसके बाद वे आज तक जेल से वापस नहीं आये। हाई कोर्ट ने इसे नॉमिनल में लेकर दूसरे रिटर्न को लेकर जाया जा रहा है। केस की पिछली समीक्षा 30 सितंबर 2024 को हुई थी। कोर्ट ने डीजी जेल को शपथ पत्र के माध्यम से जानकारी जारी करने के आदेश नीचे दिए गए थे। आज मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिंह और न्यायाधीश अमितेंद्र किशोर प्रसाद की डबल बेंच मामले की सुनवाई हुई। सरकार के सचिव ने हाई कोर्ट द्वारा 30 सितंबर तक जारी आदेश के परिपालन की जानकारी दी। इसमें डीजी जेल के हाफनामे को सरकारी वकील ने पेश किया। समीक्षा के दौरान शपथ पत्र के माध्यम से दी गई जानकारी में बताया गया कि 83 कैदी पैरोल बाहर थे, जिनमें से 10 लोगों को पकड़ लिया गया था, जिनमें से तीन की मौत हो गई थी, अभी भी 70 कैदी पैरोल लेकर वापस नहीं आए हैं। इसके अलावा बताया गया कि 23 अक्टूबर 2024 को राज्य के उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन करने के लिए प्रदेश के सभी अछूतों के रिपोर्ट पुलिस अधीक्षकों को विशेष अभियान चलाने के लिए दैनिक आधार पर निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश डिवीजन बेंच ने अब इस पूरे मामले में अयोग्य जेल से एक बार ताजा रिपोर्ट शपथ पत्र के माध्यम से ली है। केस की अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होनी है।

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एनएचएआइ के रीजनल डायरेक्टरेट हाई कोर्ट तलब

प्रदेश में खस्ताहाल सड़कों को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में दो दाखिल याचिका पर एक साथ सुनवाई चल रही है। खस्ताहाल सप्ताहांत के कारण हो रही साए को लेकर मुख्य न्यायाधीश ने स्टूडियो का अध्ययन किया। सुनवाई के दौरान एनएचएआई की ओर से पेशी के जवाब में लेकर उच्च न्यायालय ने पूछा कि कितने आकलन किए गए और कितने बाकी हैं। खराब सड़कों के कारण हो रही खरीदारी को रोकने के लिए क्या करें उपाय। एनएचएएआई के रिजनल निदेशक को शपथ पत्र के साथ जानकारी पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।

बिलासपुर के एक कट्टर ने सबसे पहले बिलासपुर नगर निगम की खस्ताहाल प्लाजा को स्थापित करने और हो रही सप्लाइ पर रोक लगाने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अंतिम आवेदन पत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने स्वनामधन्य स्थित प्रदेशभर की सड़कों की स्थिति को लेकर पीआइएल के रूप में रजिस्टर्ड करने के निर्देश जनरल को दिए थे। साथ ही दोनों अभिलेखों को एक साथ सम्मिलित कर साथ-साथ श्रवण की व्यवस्था बनाई गई। सोमवार को पीआइएल की सुनवाई के दौरान एनएचएआइ पेश्स रिस्पॉन्स को लेकर डिवीजन बेंच ने एलओबीओएलएम और विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। बता दें कि डिवीजन बेंच ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के चार जिलों को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों की पेशी रिपोर्ट बनाने का निर्देश दिया था। कोर्ट कमिश्नरों ने प्रदेशभर की सड़कों का निरीक्षण करने के दौरान वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी की थी। साथ ही ब्लैक स्पैट को लेकर अपनी विस्तृत रिपोर्ट बनाई थी। आदिवासियों की स्थिति को लेकर कोर्ट कमिश्नरों ने पूरी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी है। ब्लैक स्पैट में जाने वाले एकॉलेजिक काम को लेकर सुझाव भी नीचे दिए गए हैं। इसके अलावा खराब सड़कों के कारण हो रही दुर्घटनाओं और लोगों की मौत का भी जिक्र है।

मुख्य न्यायाधीश ने पूछा,फंड का सदुपयोग होगा या फिर मूर्खता

निरीक्षण के दौरान विधि महाधिवक्ता कार्यालय के अधिकारियों के अलावा बैस्ट जनरल के ने डिवीजन बेंच को जानकारी दी थी कि राज्य शासन ने फंड जारी किया है। इस पर मुख्य न्यायाधीश राकेश सिन्हा ने मजबूत इरादों वाली पूछताछ की थी कि क्या समर्थकों का समर्थन किया जाएगा या फिर सही काम किया जाएगा।

बिलासपुर में ठंड ने तोड़ा पिछले साल का रिकार्ड

मौसम विज्ञानियों के अनुसार ठंड में और तेजी आने की संभावना है। उत्तर दिशा से आ रही ठंडी हवाओं और साफ आसमान के कारण तापमान में गिरावट देखी जा रही है।

झूठ नहीं बोल रहा हूं, धोखा दे रही हूं डॉक्टर महिला डॉक्टर ने धोखा दे दिया है

सिम्स के गर्ल्स हास्टल में फांसी वाली दा भानुप्रिया सिंह ने 14 नवंबर को बिलासपुर ब्लास्टर था और सिम्स के गर्ल्स हास्टल में अपनी सहपाठी महिला दोस्तों के साथ रुकी। इससे पहले उन्होंने अपनी गिनती की जानकारी दी थी कि बिलासपुर में कमर दर्द का इलाज कराउंगी और सारंगढ़ में अपनी सहेली की शादी में शामिल होगी।

द्वारा योगेश्वर शर्मा

प्रकाशित तिथि: मंगल, 19 नवंबर 2024 01:25:24 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: मंगल, 19 नवंबर 2024 01:25:24 पूर्वाह्न (IST)

झूठ नहीं बोल रहा हूं, धोखा दे रही हूं डॉक्टर महिला डॉक्टर ने धोखा दे दिया है
शवगृह के पास सिम्स के डॉक्टर और श्रद्वाजलि देते हैं सहपाठी डॉक्टर

पर प्रकाश डाला गया

  1. पुलिस ब्यान में क्लासिक डॉक्टर के प्रेमी ने मुझे बताया था संदेश
  2. सिम्स की गर्ल्स हास्टल में अंबिकापुर की महिला डॉक्टर की फांसी का मामला
  3. संदेश के बाद उसने फ़ेंग्ल लगा ली

नईदुनिया न्यूज, बिलासपुर। सिम्स हास्टल में महिला डॉक्टर की फांसी के मामले की जांच शुरू हो गई है। पुलिस की जानकारी के मुताबिक डॉक्टर ने फांग बनाने से पहले अपने दोस्तों को संदेश दिया कि मैं सभी को धोखा दे रही हूं। साथ ही अपने बॉयफ्रेंड डॉक्टर को भी मैसेज किया कि मैं धोखा नहीं दे रही हूं, धोखा दे रही हूं। इस संदेश के बाद उसने फांसी लगा ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है, आत्महत्या की असली वजह सामने आ गई है।

सिम्स के गर्ल्स हास्टल में फांसी वाली दा भानुप्रिया सिंह ने 14 नवंबर को बिलासपुर ब्लास्टर था और सिम्स के गर्ल्स हास्टल में अपनी सहपाठी महिला दोस्तों के साथ रुकी। इससे पहले उन्होंने अपनी गिनती की जानकारी दी थी कि बिलासपुर में कमर दर्द का इलाज कराउंगी और सारंगढ़ में अपनी सहेली की शादी में शामिल होगी। इसके बाद सिम्स के एम् ड्रॉप में कटकर आर्थोपेडिक डिपार्टमेंट और मनोरोग वार्ड में भी जांच की गई। यहां दो दिन रहने के बाद 17 नवंबर की दोपहर उसने गर्ल्स हास्टल में फांग लगा ली। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार फांसी लगाने से पहले भानुप्रिया ने अपने प्रेमी पेंड्रा निवासी डा. नीरज कंवर, जो वर्तमान में दिल्ली मेडिकल मेडिकल स्टोर्स में हैं, ने अपने मोबाइल पर संपर्क किया। इसमे लिखा है कि मैं प्यार नहीं कर रहा हूं, मैं तुम्हें धोखा दे रहा हूं। मुझे माफ़ करना। यह संदेश देखने के बाद दा निरज ने अचानक दा भानुप्रिया को फोन किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। इसके बाद दा अंकित को फोन आया कि भानुप्रिया ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। हालांकि ब्यान आदि के आधार पर पुलिस जांच चल रही है। शव को शव के शव के बाद स्वजन का राजतिलक दिया गया। इसके बाद स्वजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।

बार-बार माँ को बोलती थी कि मैं मर जाऊँगी

भानुप्रिया के पिता मैथ्यू सिंह ने बताया कि वह कमर दर्द से काफी दिनों से परेशान थीं। मेरी बातें ज्यादा नहीं करती थी उसकी माँ से ज्यादा बातें नहीं करती थी। कुछ दिन पहले उसने अपनी माँ से कहा था कि मैं मर जाउंगी, तो तुम क्या करोगी। मिथुन सिंह ने बताया कि उनके दो बेटे और एक बेटी है।

भाई ने बताया काम को लेकर

चॉकलेट के भाई एलागोनिथ सिंह ने बताया कि वह अंबिकापुर में कर्मचारी और काम लेकर भी चिंतित रहते थे। नया काम था इसलिए काम का दबाव था। इसी तरह वह कमर दर्द से भी परेशान चल रही थी, लेकिन उसकी बात से कभी यह पता नहीं चला कि वह आत्महत्या कर रही है।

बड़ी संख्या में मौजूद रहे सहपाठी डॉक्टर

जैसे ही भानुप्रिया के बैचमेट सहपाठी मित्रों को आत्महत्या की जानकारी लगी। वैसे ही वे सोमवार की दोपहर दो बजे सिम्स के शवगृह पहुंचे। यहां सहपाठियों ने बताया कि वह कैसी थी। इसके बाद उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान सिम्स के दीन डा. रमनेश मूर्ति, डा. लाखन सिंह, डा. भूपेन्द्र कश्यप के साथ अन्य वरिष्ठ चिकित्सक भी मौजूद रहे।

कोटपा एक्ट का उल्लंघन, मुख्य सचिव को शपथ पत्र के साथ देना होगा जवाब

कोटपा एक्ट के खुलेआम हो रहे उल्लंघन को लेकर हाई कोर्ट ने चिंता जताई है। यहीं कारण है कि मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट को गंभीरता से लेकर राष्ट्रीय अवकाश के दिन हाई कोर्ट खुला और इस मामले को पीआइएल के रूप में रजिस्ट्रार जनरल कर्यालय द्वारा पंजीकृत किया गया।

By Yogeshwar Sharma

Publish Date: Tue, 19 Nov 2024 01:21:12 AM (IST)

Up to date Date: Tue, 19 Nov 2024 01:21:12 AM (IST)

प्रदेशभर की स्थिति के बारे में देनी होगी जानकारी

नईदुनिया न्यूज, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने स्कूलों के सामने ठेलों व दुकानों में बिक रहे नशे के सामान और नौनिहालों के जीवन पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को लेकर प्रकाशित रिपोर्ट को स्व संज्ञान में लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई प्रारंभ की है। सोमवार को सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव को शपथ पत्र के साथ यह जानकारी देने कहा कि प्रदेशभर में संचालित स्कूलों के आसपास क्या स्थिति है। नशे का सामान अब भी बिक रहा है या फिर सरकार कोई प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है। अगली सुनवाई पांच दिसंबर को होगी।

कोटपा एक्ट के खुलेआम हो रहे उल्लंघन को लेकर हाई कोर्ट ने चिंता जताई है। यहीं कारण है कि मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट को गंभीरता से लेकर राष्ट्रीय अवकाश के दिन हाई कोर्ट खुला और इस मामले को पीआइएल के रूप में रजिस्ट्रार जनरल कर्यालय द्वारा पंजीकृत किया गया। चीफ जस्टिस के निर्देश पर अवकाश के दिन कोर्ट का खुलना और पीआइएल के रूप में मामला रजिस्टर्ड करने की गंभीरता को सहज ही देखा जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकारी और निजी स्कूलों के सामने ठेलों व दुकानों में नशे के सामानों की खुलेआम बिक्री हो रही है। गुटखा से लेकर तंबाकू और अन्य नशे के सामान, जो मौजूदा दौर में प्रचलन में है, तेजी से खरीदी-बिक्री हो रही है। अचरज की बात ये कि स्कूली बच्चे ठेलों में खड़े होकर गुटखा-पाउच सहित अन्य सामाग्री खरीद रहे हैं। जिम्मेदारों के साथ ही दुकानदारों को इनके भविष्य की जरा भी चिंता नहीं है। कोटपा एक्ट की जिले सहित छत्तीसगढ़ में खुलकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। जिला व पुलिस प्रशासन के अलावा खाद्य एवं औषधि विभाग के अफसरों और मैदानी अमलों ने अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी के साथ निर्वहन नहीं किया है। इसका खामियाजा बच्चे और पालक सीधे तौर पर भुगत रहे हैं। स्कूली बच्चों का भविष्य भी खराब हो रहा है।

मुख्य सचिव समेत आधा दर्जन अफसरों को बनाया पक्षकार

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। प्रदेशभर की स्थिति की जानकारी लेने और स्कूल के आसपास ठेलों व ऐसे दुकान जहां नशे के सामान की बिक्री की जा रही है की जानकारी मांगी है। अफसरों को यह भी बताना होगा कि कोटपा एक्ट के तहत दिए गए दिशा निर्देशों के परिपालन में क्या दिक्कतें आ रही है। क्यों इसका सही ढंग से परिपालन नहीं किया जा रहा है। पीआइएल में मुख्य सचिव छग शासन, सचिव श्रम विभाग, सचिव उच्च शिक्षा विभाग, सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कलेक्टर बिलासपुर, एसपी बिलासपुर, कमिश्नर नगर निगम बिलासपुर, डीईओ बिलासपुर व बीईओ बिल्हा ब्लाक के अफसरों को प्रमुख पक्षकार बनाया गया है।

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पीडीएस का सर्वर डाउन, ग्रामीण ने उपसरपंच की कर दी पिटाई

पीडीएस का सर्वर डाउन होने के कारण शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर हितग्राहियों को चावल का वितरण नहीं हो पा रहा था। इसी कारण ग्रामीण ने गांव के उपसरपंच की पिटाई कर दी। घायल ने इसकी शिकायत हिर्री थाने में की है। इस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।

हिर्री क्षेत्र के मेड़पार निवासी गणेश कर्माकर गांव के उपसरपंच हैं। साथ ही वे गांव की शासकीय उचित मूल्य की दुकान का संचालन करते हैं। रविवार की रात करीब आठ बजे वे अपने घर के पास थे। इसी दौरान वहां पर गांव में रहने वाले स्वरूपचंद जांगड़े, नरेश चतुर्वेदी आए। उन्होंने शासकीय उचित मूल्य की दुकान से हितग्राहियों को राशन नहीं देने की बात कहते हुए चावल वितरण के संबंध में पूछताछ की। इस पर उपसरपंच ने बताया कि सर्वर में खराबी के कारण सिस्टम में चावल नहीं दिखाई दे रहा है। इसी के कारण हितग्राहियों को चावल का वितरण नहीं हो पा रहा है। इस पर दोनों ने उपसरपंच पर गड़बड़ी और जानबूझकर चावल नहीं देने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज की। इसका विरोध नहीं करने पर उन्होंने उपसरपंच की पिटाई कर दी। मारपीट से घायल उपसरपंच ने घटना की शिकायत हिर्री थाने में की है। इस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।

भाई ने दी जान से हत्या की खतरनाक

सरकंडा स्टेट में गोदाम के आरक्षक रंजीत खांडे ने अपनी शिकायत में बताया कि शनिवार 16 नवंबर की रात को वह परास्त हुए थे। इसी दौरान उनके थान प्रभारी तोपसिंह नवरंग ने डीएलएस लैपटॉप के पास के रक्षक बसंत भारद्वाज और शरद खुसरो से मुलाकात के लिए कहा।

द्वारा योगेश्वर शर्मा

प्रकाशित तिथि: मंगल, 19 नवंबर 2024 01:10:12 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: मंगल, 19 नवंबर 2024 01:10:12 पूर्वाह्न (IST)

भाई ने दी जान से हत्या की खतरनाक
पुलिस ने आरोपी के भाई के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया है।

नईदुनिया न्यूज, बिलासपुर। सरकंडा जिले के करपावंड में किराने के सामान ने ताले से हुज्जतबाजी की। वहीं, उनके भाई ने पेंसिल को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने आरोपी के भाई के खिलाफ आरोपी की शिकायत दर्ज कर ली है।

सरकंडा स्टेट में गोदाम के आरक्षक रंजीत खांडे ने अपनी शिकायत में बताया कि शनिवार 16 नवंबर की रात को वह परास्त हुए थे। इसी दौरान उनके थान प्रभारी तोपसिंह नवरंग ने डीएलएस लैपटॉप के पास के रक्षक बसंत भारद्वाज और शरद खुसरो से मुलाकात के लिए कहा। वहां जब वे समुद्र तट पर पहुंचे तो दो लोग रक्षकों से हुज्जतबाजी कर रहे थे। दोनों को थाने के प्रभारी के निर्देश पर स्टेशन लाया गया। इसी दौरान एक शख्स ने खुद को प्यारे तीसरे रक्षकों से हुज्जतबाजी की। पुलिस ने उनकी डॉक्टरी जांच की। तब पता चला कि खुद को प्यारा दोस्त शराब के नशे में था। इसी बीच विनी मिश्रा शोरूम। उसने अपने भाई को ताना की को लेकर रक्षकों को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने विनायक मिश्रा के खिलाफ़ किलेबंदी कार्य में बाधा का जुर्म दर्ज किया है।

दोस्त ने एसपी कार्यालय में की शिकायत

किरपावंड जिले के करपावंड में अंतिम संस्कार के कलाकार पुष्पराज मिश्रा ने बताया कि शनिवार की रात वे अपने भाई और पिता के साथ रेलवे स्टेशन से घर अशोक नगर जा रहे थे। डीएलएस नामांकित के पास दो आरक्षकों ने उन्हें अंकित के लिए कहा। इस पर वे करीब पांच मीटर दूर स्कूटर हैं। उनके रुकते ही रक्षकों ने अपने पास बुलाया। इसके बाद उन्होंने प्रतिभा से ग्लास-व्याख्यायिका की। इस पर कलाकार ने अपना परिचय देते हुए ठीक से बात करने के लिए कहा। इस पर संरक्षकों ने अपना परिचय पत्र मांगा। परिचय पत्र नहीं होने के कारण प्रमुख कलाकार ने अपने मोबाइल से उन्हें परिचय पत्र की कॉपी दी। इसके बाद रक्षकों ने थाना प्रभारी से मोबाइल पर बात की। कार्यालय प्रभारी से बात करने के बाद संरक्षकों ने अपने पिता को घर जाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि कंपनी में कंपनी के निदेशक की नियुक्ति के लिए कहा जाता है। वाहनों में ऑटोमोबाइल ही रक्षकों ने अपना अभद्र व्यवहार किया। थाने में प्रभारी तोपसिंह नवरंग भी अभद्रता की अभद्रता की। रात करीब 3:45 बजे रात करीब 3:45 बजे पिज्जा के भाई स्टेशन पर। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी मोबाइल पर रजिस्ट्रार को दी। संस्था के प्रभारी से बात की। इसके बाद भी मंच प्रभारी ने उन्हें छोड़ दिया। इस दौरान नायिका के भाई ने अपने मोबाइल पर वीडियो बनाने की कोशिश की तो रक्षकों ने अपने मोबाइल पर फोटो वीडियो डिलीट कर दिया। इसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया। ज़ाहिल अख्तर ने फ़ाफ़ने की ख़तरनाक शख्सियत में किए गए ग़ैरक़ानूनी दस्तावेज़ की जांच की मांग की है।

संस्करण

प्यारी की याचिका मिल गई है। इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में मिले दोषी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रजनीश सिंह

एसपी बिलासपुर

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प्रदेश में सोलोमन-कोर्ट कमिश्नर स्टैनलिस्ट और हाई कोर्ट को रियोगेन रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने खराब व्यवस्था को लेकर कोर्ट कमिश्नरों को प्रदेशभर की व्यवस्था की जांच और रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इसके लिए डिवीजन बेंच ने कोर्ट कमिश्नरों को 28 दिन का समय दिया है। पीआईएल की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी। बता दें कि पूर्व राज्य शासन द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में नाकाफी तैनात किए गए बेंच में नामांकित व्यक्ति था। साथ ही कोर्ट कमिश्नरों ने पूरी रिपोर्ट पेश करने की बात कही थी. सोमवार को पीआईएल की सुनवाई हुई।

प्रदेश की खराब सीमेंट प्रणाली के कारण हो रही सड़क किनारे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा, “नोटबुक में ली गई रिकॉर्डिंग के रूप में सुनवाई शुरू हो गई है। सड़क पर अनावृत मोटरबाइक के जमा होने से लेकर भारी भरकम आबादी की पहाड़ियों में टुकड़े-टुकड़े हो जा रहे रहे आदिवासियों का भी उल्लेख पीआइएल की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने किया था। अवास्तविक सुरक्षित स्थान पर शिफ्टिंग के स्थान पर व्यवस्था की जांच और रिपोर्ट पेश करने के लिए डेका प्रांजल अग्रवाल और ग्रेडर शर्मा को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया गया है। निरीक्षण के दौरान कोर्ट कमिश्नरों ने डिवीजन बेंच को बताया कि बिलासपुर और आसपास के कई प्रमुख नमूनों के निरीक्षण के बाद यह जानकारी मिली कि सैडकों से मृतकों को हटाने की कोई योजना ही नहीं है। सुबह जिन अप्राकृतिक को निकाला जाता है, शाम को फिर कहीं पर वापस आ जाते हैं। जब तक नगर निगम, नगर पंचायत, पंचायत जैसे स्थानीय प्रशासन उपाय नहीं होंगे तब तक इसका समाधान नहीं निकलेगा।

एस्पलों में कट्टर ही नहीं,दुर्घटना की बड़ी वजह ये भी

कोर्ट कमिश्नरों ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया है कि शहर में निजी निजी तौर पर की जा रही बात को पोस्ट नहीं किया गया है। अस्पताल आने वाले मरीज़, अस्पताल और जान पहचानने वाले सामुहिक को सड़क किनारे पार्क कर दे रहे हैं। ईसाई समुदाय के अव्यवस्थित रख-रखाव के कारण भी दुर्घटनाएँ बढ़ रही हैं।

डीफ़एम पर कब्ज़ा भी बड़ा कारण

रिपोर्ट में डीएमके पर कब्ज़ा करने का कारण भी बताया गया है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन की विफलता को भी बड़ा कारण बताया गया है।

एनएचएआइ की रिपोर्ट पांच खतरनाक ब्लैक स्पाट में

एनएचएआई के दिग्गजों ने डिवीजन बेंच के दौरान स्केल रिव्यू के दौरान इस बात की रिपोर्ट पेश करते हुए बताया था कि प्रदेश में पांच ऐसे खतरनाक ब्लैक स्पाट हैं जहां लगातार मौतें हो रही हैं। एनएचएआई की रिपोर्ट में सेंडरी चौक भी शामिल है।

रायगढ़ घरघोड़ा मार्ग में लाखा ब्लैक स्पाट के पास ट्रक की मुर्गी लोग पिकअप से भिड़ंत में दो लोगों की मौत

रायगढ़ खरगोड़ा मार्ग में उद्योग कोल माइंस होने के चलते भारी वाहनों की आवाजाही रेलमपेल की स्थिति के तौर पर नजर आती है। घंटे भारी वाहनों का परिचालन बेतरतीब तरीके से होती है। इसके साथ ही इस क्षेत्र में कई ब्लैक स्पाट मोड़ है इसमें लगातार दुर्घटनाएं हो रही है यह दुर्घटना भी ब्लैक स्पॉट मोड में होना बताया जा रहा है।

By VISHWANATH RAY

Publish Date: Tue, 19 Nov 2024 01:00:56 AM (IST)

Up to date Date: Tue, 19 Nov 2024 01:00:56 AM (IST)

HighLights

  1. आरोपित ट्रक चालक मौके से फरार हो गया।
  2. पिकअप सवार दोनों युवक झारखंड जा रहे थे।
  3. फिलहाल पुलिस जांच में जुट गई है।

नईदुनिया प्रतिनिधि रायगढ़ : घरघोड़ा मुख्य मार्ग लाखा के ब्लैक स्पाट मोड़ में तेज रफ्तार ट्रक ने मुर्गी से भरी पिकअप को सामने से जोरदार ठोकर मार दिया। दोनों वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में खालसी और चालक दोनो की वाहन में फंसकर मौके पर ही मौत हो गई, इसके अलावा हजारो रुपए की मुर्गियां मृत और चोरी होने की कोतवाली थाना में आई हैं। घटना के बाद आरोपित ट्रक चालक मौके से फरार हो गया है।

रायगढ़ घरघोड़ा मार्ग मे बीती रात लाखा के पास पूंजीपथरा की तरफ से आ रहे ट्रक क्रमांक सीजी 04 पीएम 4833 के चालक ने तेज एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए पिकअप क्रमांक जेएच 01 एफसी 7115 को सामने से जोरदार ठोकर मार दी। इस घटना में पिकअप के सामने का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है, और वह पलट गई। वहीं ट्रक के नीचे दबने से पिकअप मे सवार दो लोग मोहम्मद अंजर 24 साल एवं सुरेश उरांव 26 साल जिला लातहर निवासी झारखंड की मौके पर ही मौत हो गई।

इस घटना के बाद ट्रक चालक वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया है। बताया जा रहा है की पिकअप सवार दोनों युवक रायगढ़ से झारखंड जा रहे थे। दोनों जब लाखा तिराहा के पास पहुचे ही थे की सामने की तरफ से आ रहे ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट मे ले लिया। इस घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया की दोनों के शव को कई घंटे बाद क्रेन के जरिये निकाला गया और कानूनी कार्रवाई को पूरा की गई। वही इस हादसे में लगभग 93 हजार रूपये के 1297 मुर्गियां लेकर गाड़ी मृतक वापस झारखंड जा रहे थे। इसी बीच यह घटना घटित हो गई। जिसमें कई मुर्गियां मर गई और बची हुई मुर्गियों को आसपास के लोग ले गए, जिससे उनको भारी नुकसान हुआ है। फिलहाल पुलिस जांच में जुट गई है।

कैमरे में कैद वीडियो आया सामने

रायगढ़-घरघोड़ा में ग्राम लाखा के सामने ट्रक और पिकअप की आमने-सामने भिड़त में दो युवकों की मौत हो गई और अब इस घटना का सीसीटीवी कैमरे का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि गेरवानी की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने किस तरह सामने पिकअप को कुचलकर उसी के उपर पलट गई।