मोहम्मद शमी को टीम में जगह…7 विकेट लेकर साबित की फिटनेस अब खेलेंगे सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी

कोलकाता. भारतीय क्रिकेट टीम में वापसी की राह तलाश रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी रणजी ट्रॉफी के बाद अब सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेलने उतरेंगे. बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के लिए अपनी फिटनेस साबित करने के लिए उन्होंने रणजी ट्रॉफी में खेला और अब वह घरेलू टी20 टूर्नामेंट में खेलने उतरेंगे. तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को शनिवार से शुरू होने वाली सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए सोमवार को बंगाल की टीम में शामिल किया गया.

‘पीटीआई’ ने पहले बताया था कि शमी को बंगाल टी20 टीम में शामिल करना उनकी फिटनेस का पूरा आकलन करने का हिस्सा है. ऐसा किया जा रहा है जिससे वह शुक्रवार से पर्थ में शुरू होने वाली पांच मैचों की बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज के बाद के मैचों में टीम इंडिया में वापसी कर सके. टखने की चोट से उबरने के बाद शमी ने एक साल के बाद रणजी ट्रॉफी में वापसी की. मध्य प्रदेश के खिलाफ रणजी मुकाबले में बंगाल की ओर से खेलते हुए सात विकेट चटकाकर टीम को सीजन की पहली जीत दिलाई.

यह समझा जाता है कि चयनकर्ताओँ ने रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम पूरा करने के बाद सिर्फ एक रणजी ट्रॉफी मैच के बाद शमी को जल्दबाजी में भारतीय टीम में शामिल करके कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. चीजों की जानकारी रखने वालों ने बताया कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की मेडिकल टीम और राष्ट्रीय चयनकर्ता चाहते हैं कि शमी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में कुछ और प्रतिस्पर्धी मैच खेलें. इससे यह देखा जा सके कि कई मैचों के बाद भी उनका शरीर ठीक है या नहीं, फिर भले ही यह सफेद गेंद का टूर्नामेंट हो.

सुदीप कुमार घरामी को बंगाल का कप्तान बनाया गया. बंगाल अपने अभियान की शुरुआत राजकोट में ग्रुप ए मैच में पंजाब के खिलाफ करेगा. ग्रुप ए में इन दोनों टीमों के अलावा हैदराबाद, मेघालय, मध्य प्रदेश, मिजोरम, बिहार और राजस्थान की टीमें हैं. इसका फाइनल 15 दिसंबर को बेंगलुरु में होगा.

टीम:

सुदीप कुमार घरामी (कप्तान), अभिषेक पोरेल (विकेटकीपर), सुदीप चटर्जी, शाहबाज अहमद, करण लाल, रितिक चटर्जी, रित्विक रॉय चौधरी, शाकिर हबीब गांधी (विकेटकीपर), रणजोत सिंह खैरा, प्रयास रे बर्मन, अग्निव पान (विकेटकीपर), प्रदीप्ता प्रमाणिक, सक्षम चौधरी, मोहम्मद शमी, ईशान पोरेल, मोहम्मद कैफ, सूरज सिंधु जयसवाल, सायन घोष, कनिष्क सेठ और सौम्यदीप मंडल।

Tags: Mohammed Shami, Syed Mushtaq Ali Trophy

देवास में क्रिश्चियन टॉम्बस्टन को लेकर विवाद, वक्फ बोर्ड पर संपत्ति खरीदने का आरोप

देवास में ईसाई समाज ने आरोप लगाया है कि उनकी कब्रगाह वक्फ संपत्ति का दस्तावेजीकरण कर लिया गया है। वक्फ कब्रस्तान समिति ने इस आरोप का खंडन किया और बताया कि दोनों कब्रगाहों पर अलग-अलग सर्वे नंबर दर्ज हैं। यह विवाद पहले से कोर्ट में चल रहा है।

द्वारा नीरज पांडे

प्रकाशित तिथि: सोम, 18 नवंबर 2024 10:11:54 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: सोम, 18 नवंबर 2024 10:11:54 अपराह्न (IST)

देवास में क्रिश्चियन टॉम्बस्टन को लेकर विवाद, वक्फ बोर्ड पर संपत्ति खरीदने का आरोप
देवास में चर्च और वक्फ की बयानबाजी में तनाव। नमूना चित्र

पर प्रकाश डाला गया

  1. ईसाई कब्रगाह पर वक्फ संपत्ति खरीदने का आरोप
  2. वक्फ समिति का दावा- दोनों कब्रगाहों का सर्वे नंबर अलग-अलग
  3. वक्फ समिति ने रोक बिक्री की मांग पर रोक लगाने की मांग की

नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास : देवास में श्मशान घाट और कब्रगाह विवाद अभी कम ही हुआ था कि अब ईसाई समाज के मठ ने अपनी कब्रगाह को वक्फ संपत्ति के कागजात पर अपनी याचिका दायर की है। अगले ही दिन वक्फ टॉम्बस्टन से जुड़े लोग चर्च के पास स्थित एक शिकायत में सामने आए और उनसे चर्चा की गई कि उनका सर्वे नंबर अलग है, जबकि वक्फ का सर्वे नंबर अलग है।

क्रिश्चियन कब्रस्तान को वक्फ बोर्ड द्वारा ह्यूस्टन का आरोप

शहर के स्टेशन रोड स्थित ग्रेबस्टन, मरघट का मामला पूर्व से कोर्ट में होने की बात भी सामने आई है। ईसाई समाज के विजय गुप्ता ने बताया कि स्टेशन रोड देवास जूनियर में मुस्लिम समाज के कब्रगाह वक्फ बोर्ड में दर्ज जानकारी है। कब्रस्तान के पास सर्वेक्षण नं. 83 ईसाई समाज का कब्रगाह राजस्व रिकार्ड में ईसाई समाज का कब्रगाह के रूप में दर्ज है।

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याचिका में कहा गया है कि कब्रस्तान कमेटी और वक्फ बोर्ड ने ईसाई समाज के कब्रगाह को वक्फ बोर्ड में दर्ज करवा लिया है। क्रिश्चियन कब्रस्तान को वक्फ बोर्ड से हटवाने के लिए ग्रेस चर्च द्वारा वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को याचिका दी गई।

वक्फ प्रतिनिधि ने कहा- अविश्वास

ईसाई समाज की याचिका के अगले दिन सोमवार को वक्फ कब्रस्तान समिति के समक्ष स्टेशन रोड कब्रगाह और ईसाई कब्रगाह में अलग-अलग सर्वे पर दर्ज होने वाली बात बताई गई है। उन्होंने रोक की मांग को बढ़ावा दिया।

जमीन पर अलग-अलग नंबर

वक्फ कब्रस्तान समिति के सचिव शाकिर मंसूरी ने बताया कि स्टेशन रोड स्थित सार्वजनिक मुस्लिम समाज कब्रगाह और क्रिश्चियन कब्रगाह के बारे में अलग-अलग सर्वे किया गया है। भूवैज्ञानिक स्थिति भी अलग-अलग है। भूमि सर्वेक्षण क्रमांक 83, 84, 85 पर वक्फ कब्रस्तान दर्ज है। अन्यत्र में ही द ग्रेस चर्च क्रिश्चियन कब्रस्तान स्थित है जो सर्वे नंबर 82 पर दर्ज है।

वर्ष 1941-42 से भी पूर्व सर्वेक्षण क्रमांक 82 डी ग्रेस चर्च टॉम्बस्टन में दर्ज है, जिसका सीट क्रम 21, क्रम 5, क्रम क्रम 1 है, जो 2019 तक दर्ज था। 2020 से 23 के बीच में 82 की जगह सर्व रैंक 83 की कुछ जमीन ग्रेस चर्च टॉम्बस्टन की बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि आज भी द ग्रेस चर्च कब्रस्तान वक्फ में दर्ज नहीं है।

MP Climate: मप्र में रात का तापमान सामान्य से नीचे पहुंचा, ग्वालियर में पहला घना कोहरा

प्रदेश में उत्तरी हवाओं के कारण रात का तापमान सामान्य से नीचे चला गया, जिससे ग्वालियर संभाग में सीजन का पहला घना कोहरा देखा गया। खजुराहो में सर्वाधिक तापमान 32.6°C रिकॉर्ड हुआ, जबकि पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 8.2°C था। आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट होने की संभावना है।

By Neeraj Pandey

Publish Date: Mon, 18 Nov 2024 09:53:56 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 18 Nov 2024 09:53:56 PM (IST)

उत्तरी हवाओं के कारण प्रदेश में तापमान गिर गया है। Picture Generated by Meta AI

HighLights

  1. मध्य प्रदेश में उत्तरी हवाओं से तापमान में गिरावट
  2. ग्वालियर संभाग में घना कोहरा, दृश्यता 500 मीटर
  3. आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने की संभावना

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल : प्रदेश में लगातार आ रही उत्तरी हवाओं से कई स्थानों पर रात का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। इसकी वजह से ग्वालियर संभाग के जिलों में सीजन का पहला घना कोहरा देखा गया। अगले कुछ दिनों में दिन के तापमान में भी गिरावट के संकेत मिल रहे हैं।

ग्वालियर क्षेत्र में कोहरा

सोमवार सुबह प्रदेश के भिंड, मुरैना और ग्वालियर में अति घना कोहरा छाया रहा। इसके चलते लोगों को सुबह अपनी गाड़ी की लाइट जलाकर आवाजाही करनी पड़ी। इस दौरान दृश्यता सुबह साढ़े आठ बजे 500 मीटर दर्ज की गई। दिन में ग्वालियर संभाग के जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहे।

खजुराहो में सबसे गर्म दिन

प्रदेश में सर्वाधिक गर्म दिन खजुराहो में रिकार्ड हुआ। वहां अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार को भोपाल का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा।

रात के तापमान में गिरावट जारी

मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि जमीन से डेढ़ किलोमीटर ऊपर उत्तरी हवा चल रही है। इस वजह से दिन और रात के तापमान में गिरावट जारी है। आने वाले दिनों में तापमान में और अधिक गिरावट होगी। उत्तर भारत में जेट स्ट्रीम बना हुआ है, लेकिन प्रदेश में आने वाली हवाएं शांत हैं। प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क रहेगा।

प्रमुख शहरों का तापमान

शहर

अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
भोपाल 30 डिग्री सेल्सियस 13.2 डिग्री सेल्सियस

इंदौर

28 डिग्री सेल्सियस 15.7 डिग्री सेल्सियस
ग्वालियर 26.3 डिग्री सेल्सियस 16. 2 डिग्री सेल्सियस
जबलपुर 29.6 डिग्री सेल्सियस 12.6 डिग्री सेल्सियस
Sarkari Naukri: पांच साल में 2.5 लाख सरकारी नौकरी नौकरी एमपी सरकार, रिक्त पद छोड़ें

मध्य प्रदेश सरकार में पिछले पांच वर्षों में सरकारी कर्मचारियों की भर्ती। भर्ती प्रक्रिया एक अप्रैल 2024 से शुरू होगी, जिसमें विभिन्न पदों के रिक्त पदों की नियुक्ति चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। ऑटोमोबाइल्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती आउटसोर्स आधार पर की जाएगी।

द्वारा नीरज पांडे

प्रकाशित तिथि: सोम, 18 नवंबर 2024 10:24:24 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: सोम, 18 नवंबर 2024 10:25:11 अपराह्न (IST)

Sarkari Naukri: पांच साल में 2.5 लाख सरकारी नौकरी नौकरी एमपी सरकार, रिक्त पद छोड़ें
अगले पांच वर्षों में मोबिल लाख सरकारी शेयरधारक की भर्ती।

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  1. मध्य प्रदेश में दी गई मेगा सरकार लाख सरकारी गोदाम
  2. 2024 से चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी भर्ती की प्रक्रिया
  3. ऑटोमोबाइल की भर्ती नहीं, आउटसोर्स से मिलेंगे

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल : मध्य प्रदेश सरकार अगले पांच साल में एक लाख करोड़ सरकारी नौकरी। प्रीमियम लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी की सीधी भर्ती के लिए प्रत्येक विभाग में एक अप्रैल 2024 की गणना के अनुसार नियुक्ति की जाएगी।

ऐसे संवर्ग की गणना के अनुसार रिक्त पदों की संख्या एक से 50 तक है, उन आवेदकों की सूची दो चरणों में की जाएगी। यानी 50 प्रतिशत पद वित्तीय वर्ष 2024-25 और शेष 50 प्रतिशत पद वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रवेश करें। ऐसे 13 प्रतिशत पद जो कि अंतिम परीक्षा परिणाम के लिए रोके गए थे, उन रिक्त पदों की गणना में नहीं लिया जाएगा।

दूसरी नौकरानी की जाने वाली अलग भर्ती

इसके अलावा ऐसे पदचित्र भर्ती प्रक्रिया कर्मचारी चयन मंडल, एमपी पीएससी या अन्य पदों में शामिल हैं, उन्हें भी रिक्त पदों की गणना में नहीं रखा जाएगा। वहीं पूर्व में जारी भर्ती प्रक्रिया के आधार पर रिक्त पदों पर भर्ती के लिए 30 अक्टूबर 2024 तक कार्रवाई की जा चुकी है, उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

वहीं राज्य शासन दैंग संवर्ग द्वारा (केवल एक बार के लिए प्रकाशित किया गया) घोषित संवर्गों में से किसी भी प्रकार से कोई भर्ती नहीं की जाएगी।

ऐसे जायेंगे पद

ऐसे संवर्ग के रिक्त पदों की संख्या 51 से 200 तक है, उनके संवर्ग के रिक्त पदों की संख्या 51 से 200 तक है। यानी सीधी भर्ती के यदि कुल रिक्त में रिक्त पद 33 प्रतिशत से कम है तो एक बार जाएं। यदि 33 प्रतिशत से अधिक या 66 प्रतिशत से कम हैं तो वर्ष प्रथम वर्ष 2024-25 में 8 प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 2025-26 में 46 प्रतिशत और तृतीय वर्ष 2026-27 में 46 प्रतिशत जायेंगे।

66 प्रतिशत से अधिक रिक्त पद

रिक्त पद 66 प्रतिशत से अधिक हैं तो वर्षवार चार वर्ष में वर्ष प्रथम आठ प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 31 प्रतिशत, तृतीय वर्ष 31 प्रतिशत और चतुर्थ वर्ष 30 प्रतिशत शेष रहेंगे। ऐसे संवर्ग में रिक्त पदों की संख्या 200 से अधिक है, वहां गणना के अनुसार रिक्त पद 25 प्रतिशत से कम होने पर एक बार में शामिल हो जायेंगे।

25 प्रतिशत से अधिक व 50 प्रतिशत से कम है तो वर्ष प्रथम वर्ष 2024-25 में 8 प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 2025-26 में 46 प्रतिशत और तृतीय वर्ष 2026-27 में 46 प्रतिशत शामिल रहेंगे। 50 प्रतिशत से अधिक व 75 प्रतिशत से कम होने पर प्रथम वर्ष 2024-25 में 8 प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 2025-26 में 31 प्रतिशत, तृतीय वर्ष 2026-27 में 31 प्रतिशत और चतुर्थ वर्ष 2027-28 में 30 प्रतिशत पद जायेंगे।

75 प्रतिशत से अधिक रिक्त पद होने पर वर्षवार पांच वर्ष में 2024-25 में 8 प्रतिशत, 2025-26 में 23 प्रतिशत, 2026-27 में 23 प्रतिशत, 2027-28 में 23 प्रतिशत और पांच वर्ष में 2028-29 में 23 प्रतिशत पद जायेंगे। –

ऑटोमोबाइल्स की नहीं होगी सीधी भर्ती, आउटसोर्सर्स पर लगेंगे

मप्र में समेकित भर्ती नहीं की जाएगी। इसकी जगह वाहन चालक आउटसोर्स पर नजर रखेंगे। विशिष्ट विभाग जहां वाहनों के लिए रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की आवश्यकता होती है, वे वित्त विभाग के साथ मिलकर प्रस्ताव पेश कर भर्ती की पेशकश ले लेते हैं। इसी तरह चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर भी सीधी भर्ती नहीं की जाएगी। जगह-जगह आउटसोर्स पर चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी रहेंगे।

चैंपियंस ट्रॉफी कैसे कराएगा पाकिस्तान? टीम होटल में लगी आग में बाल-बाल बची 5 खिलाड़ियों की जान, चैंपियनशिप बीच में खत्म

कराची. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) लगातार अपने यहां चैंपियंस ट्रॉफी कराने की जिद पर अड़ा हुआ है लेकिन उसके यहां इंतजाम की पोल खुल गई है. सोमवार को राष्ट्रीय महिला चैंपियनशिप को बीच में ही समाप्त कर दिया गया. टीम होटल में आग लगने की घटना में पांच खिलाड़ी बाल-बाल बच गईं. पीसीबी ने पांच टीम और टीम अधिकारियों के लिए होटल का एक पूरा तल बुक करा रखा था लेकिन इसे आग की वजह से बीच में ही खत्म करना पड़ा.

एक सूत्र ने बताया कि जब आग लगी तो पांच खिलाड़ियों को छोड़कर बाकी सभी क्रिकेटर और अधिकारी या तो मैच या फिर नेट सेशन के लिए नेशनल स्टेडियम में थे. सूत्र ने कहा, ‘‘जब आग लगी तब पांच खिलाड़ी अपने कमरों में थीं. इससे खिलाड़ियों और अधिकारियों की कुछ संपत्ति को नुकसान पहुंचा है.’’

पीसीबी ने एक बयान में कहा, ‘‘टीम होटल में आग लगने की घटना के बाद पीसीबी ने कराची में राष्ट्रीय महिला वनडे टूर्नामेंट 2024-25 को खत्म करने का फैसला किया है. अच्छी बात यह है कि कोई भी खिलाड़ी घायल नहीं हुई क्योंकि पीसीबी ने घटना के समय होटल में मौजूद पांच खिलाड़ियों को तुरंत बाहर निकाल लिया. उन्हें सुरक्षित रूप से हनीफ मोहम्मद हाई-परफॉर्मेंस सेंटर में पहुंचा दिया.’’

पाकिस्तान का हाईब्रिड मॉडल से इनकार

अगले साल पाकिस्तान में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन होना है. भारत ने पाकिस्तान जाकर खेलने से मना कर दिया है. आईसीसी ने पीसीबी से टूर्नामेंट को हाईब्रिड मॉडल में कराने के लिए कहा है. चैंपियंस ट्रॉफी को इस मॉडल में कराने से पाकिस्तान ने साफ मना कर दिया है. आईसीसी भारत के बिना टूर्नामेंट कराना नहीं चाहता और पाकिस्तान मान नहीं रहा. आईसीसी की बात अगर पीसीबी नहीं माना तो टूर्नामेंट को बाहर शिफ्ट किया जा सकता है.

FIRST PUBLISHED : November 18, 2024, 22:45 IST

पराली जलाने में MP ने पंजाब-हरियाणा को भी पीछे छोड़ा, सेटेलाइट डेटा से आंकड़े आए सामने

मध्य प्रदेश में बढ़ते प्रदूषण का मुख्य कारण सड़क धूल, वाहनों, उद्योगों और पराली जलाने की घटनाएं हैं। 15 सितंबर से 14 नवंबर 2024 तक राज्य में 8,917 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गईं, जो पंजाब और हरियाणा से भी अधिक हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए कृषि और प्रशासन विभाग सक्रिय हैं।

नवागढ़ मेनमार्ग पर धान की बोरी के किसानों ने स्टॉकजाम बनाया

नवागढ़ मेनमार्ग पर धान की बोरी बस्ती टेरी धान उपार्जन केंद्र के किसानों ने सोमवार को दोपहर को जाम कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि 21 वैलिड की जगह 16 वैलिड धान समिति के कर्मचारियों को बुलाया जा रहा है। वहीं किसानों की यह भी शिकायत है कि उपार्जन केंद्र में प्रति नानक 16 के दरवाजे से बैराना भी दिया जा रहा है।

द्वारा योगेश्वर शर्मा

प्रकाशित तिथि: सोम, 18 नवंबर 2024 11:53:12 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: सोम, 18 नवंबर 2024 11:53:12 अपराह्न (IST)

नवागढ़ मेनमार्ग पर धान की बोरी के किसानों ने स्टॉकजाम बनाया

पर प्रकाश डाला गया

  1. 21 अनमोल की जगह 16 अनमोल धान की कीमत का आरोप
  2. टेरी में धाना अन्य कार्य में साझीदारी करने की शिकायत
  3. रजिस्ट्रार ने एसोसिएट कमेटी टेरी के प्रभारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए

नईदुनिया न्यूज, मुंगेली, मुंगेली : नवागढ़ मेनमार्ग पर धान की बोरी बस्ती टेरी धान उपार्जन केंद्र के किसानों ने सोमवार को दोपहर को जाम कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि 21 वैलिड की जगह 16 वैलिड धान समिति के कर्मचारियों को बुलाया जा रहा है। वहीं किसानों की यह भी शिकायत है कि उपार्जन केंद्र में प्रति नानक 16 के दरवाजे से बैराना भी दिया जा रहा है।

टेरी में धान समसामयिक कार्य में विपक्ष का आरोप लगाए गए हंगामा करने वाले किसानों ने नारा दिया विपक्ष ने हंगामा कर दिया। इसके बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने क्षेत्र और किसानों को समझाइश पर सामान जमा कर दिया। मामले में अधिकारियों ने कहा कि समिति के कर्मचारी और किसानों के बीच संशाय हो गया था। कंपनी ने किसानों से कहा कि कुछ गलतफहमियां स्थित हैं, जिन्हें खरीदा गया है। शासन की दुकान पर 21 मार्च की सुबह 12 बजे से 12 बजे तक शासन की दुकान चल रही है।

कलेक्टर ने धान के घाटे की शिकायत स्मरण पत्र में ली

चौधरी राहुल देव एसपी भोजराम पटेल ने कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में धान से संबंधित अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि शासन की व्यवस्थाओं के तहत जिलों में धान आवंटित नहीं किया जाना चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की कोटाही नहीं दी जाएगी। उन्होंने टेरी में प्रति नट कम धान की डिस्क की शिकायत पर स्मारक लेते हुए कहा कि प्रति नट 21 अनमोल धान की जगह की जाएगी। धान कारखाने की पूरी व्यवस्था पर साक्षिक रूप से निगरानी रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की शिकायत बैठक पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सेवा समिति समिति के प्रभारी दाऊ सिंह परिहार को नोटिस जारी करने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिये।

जिले में अब तक 29 हजार 56 औसत की हुई धान संख्या

कंपनी मार्केटिंग 2024-25 में 640 किसानों से अब तक 29 हजार 56 अनाम धान की वर्ष की जा चुकी है, जिसमें 23 हजार 975.20 छोटे टुकड़े, 89.20 छोटे टुकड़े और 04 हजार 991.60 छोटे सरना धान शामिल हैं। जिले के 66 संबद्धता सूची के 105 उपार्जन आवेदन के माध्यम से धान का कार्य सहायक के रूप में किया जा रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर धान उपार्जन में लगातार प्रबंधन की जा रही है। इसके साथ ही अवैध धान खपाने वाले कोचियों-बिचौलियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

रवि शास्त्री का कड़वा बयान, टीम इंडिया ने हल्के में ले लिया था, न्यूजीलैंड के खिलाफ ने कीमत चुकाई

पर्थ. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में भारत कैसी शुरुआत करेगा हर तरफ यही चर्चा है. 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 22 नवंबर से पर्थ में शुरू होना है. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने कहा कि टीम को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड से मिली हार को पीछे छोड़ने मुश्किल है. इसके लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले दो टेस्ट मैचों में अच्छी शुरुआत करने की जरूरत है.

इस पूर्व ऑलराउंडर ने कहा कि भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ ‘थोड़ा अत्ममुग्ध’ होने का खामियाजा भुगतना पड़ा था. भारतीय टीम 12 साल और 18 सीरीज के बाद स्वदेश में मिली पहली शिकस्त से निराश होगी. शास्त्री ने ‘आईसीसी रिव्यू’ से कहा, ‘‘ भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में उस हार से उबर रहा होगा क्योंकि उन्होंने इस तरह के परिणाम के बारे में नहीं सोचा होगा. टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ आत्ममुग्ध थी और उन्होंने इसकी कीमत चुकाई। इस तरह के परिणाम के बावजूद यह ऐसी टीम है जिस पर सभी को गर्व है.’’

शास्त्री ने कहा, ‘‘टीम निराश होगी और जल्द ही इस निराशा को पीछे छोड़ना चाहेगी. ऐसी सीरीज से वापसी करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि शुरुआती मैचों में बेहतर खेल दिखाए. ऐसे में पहले दो टेस्ट मैच बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं.’’

शास्त्री ने कहा कि गौतम गंभीर की अगुवाई वाली कोचिंग टीम को यह सुनिश्चित करना होगा कि 22 नवंबर से ऑप्टस स्टेडियम में शुरू होने वाली पांच मैचों की सीरीज के लिए खिलाड़ियों की मानसिकता मजबूत हो. उन्होंने कहा, ‘‘ सबसे महत्वपूर्ण बात यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अच्छी शुरुआत करें. वे खिलाड़ियों को अच्छी मानसिक स्थिति में रखे. यह कोच के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात होगी.’’

शास्त्री 2018-19 और 2020-21 में सीरीज जीत के दौरान भारत के मुख्य कोच थे. उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को पिछली सफलता से प्रेरणा लेने की जरूरत है. उन्होंने कहा, ‘‘आत्मविश्वास के लिहाज से यह उनके दिमाग में चल रहा है. आप नकारात्मक चीजों की ओर नहीं जा सकते। सकारात्मक चीजों के बारे में सोचें. आप हालिया परिणामों को छोड़कर उन चीजों पर ध्यान दें जो आपने ऑस्ट्रेलिया के पिछले दौरों पर हासिल की.’’

Tags: Border Gavaskar Trophy, India vs Australia, India vs new zealand

नवंबर में 10 साल बाद तापमान 10 के नीचे

अंबिकापुर शहर और आसपास के क्षेत्र में 10 साल बाद नवंबर में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। नवंबर की शुरुआत में 18 दिनों के न्यूनतम तापमान के आंकड़े पिछली बार सन 2014 में 17 नवंबर को 9.9 और 18 नवंबर को न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री दर्ज किए गए थे।

द्वारा अनंगपाल दीक्षित

प्रकाशित तिथि: मंगल, 19 नवंबर 2024 12:04:52 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: मंगल, 19 नवंबर 2024 12:04:52 पूर्वाह्न (IST)

(*10*)नवंबर में 10 साल बाद तापमान 10 के नीचे

पर प्रकाश डाला गया

  1. उत्तर की शुष्क हवा और हिमालय क्षेत्र में तूफान से बढ़िया ठंड
  2. मैनपाट में तापमान सात से नीचे
  3. ठंड से बचकर निकले रहे अपाचे का सहारा

नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर: उत्तर छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। मैनपाट में पारा सात डिग्री के आसपास पहुँच गया है। अंबिकापुर शहर और आसपास के क्षेत्र में 10 साल बाद नवंबर में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। नवंबर की शुरुआत में 18 दिनों के न्यूनतम तापमान के आंकड़े पिछली बार सन 2014 में 17 नवंबर को 9.9 और 18 नवंबर को न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री दर्ज किए गए थे। नवंबर के मध्य में उत्तर भारत से निर्वाध रूप से आ रही शुष्क उत्तरी-पश्चिमी हवाएं अब उत्तरी छत्तीसगढ़ को जोड़ने लगी हैं। पिछले चार-पांच दिनों से इस क्षेत्र में शुष्क हवा के प्रवाह के कारण अल्कोहलिक अल्कोहल की कम मात्रा के कारण न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट आई है। सोमवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 9.7 डिग्री दर्ज किया गया जो वर्तमान सीजन में अब तक न्यूनतम है। अगले कुछ दिनों में दिन भर में शून्य हवा चलने से ठंड में तेजी बनी रहने की संभावना है।

मैनपाट में सबसे कम तापमान-

छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट में ठंड ने जनजीवन को प्रभावित किया है। यहां का न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री पर पहुंच गया है। यहां के लोग ठंड से राहत पाने का सहारा ले रहे हैं। कुछ दिनों से यहां ब्रेडके की ठंड पड़ रही है। यहां काफी संख्या में सैलानी इस मौसम का आनंद ले रहे हैं। आजकल यहां ताऊ की खेती लहलहा रही है। इसकी खूबसूरती भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

शुष्क हवा के साथ हिमालय में कोयले से भरी ठंड-

पुराने सीज़न विज्ञानी एम्स भट्ट के अनुसार उत्तर की हवा के तरल रूप से प्रवाहित हो रही है। बंगाल की खाड़ी में भी कोई हलचल नहीं है। इसके कारण उत्तर पश्चिम हवा सीधे उत्तर छत्तीसगढ़ के मौसम को प्रभावित कर रही है। इसके अलावा हाल ही में जम्मू कश्मीर एवं हिमाचल प्रदेश में ताजा चट्टानों से भी यहां का तापमान गिरा है। अगले कुछ दिनों में भी ठंड के आसार बने रहने की संभावना है।

इस तरह गिरी अंबिकापुर में बारिश

पिछले वर्ष

15 नवंबर 10 4

16 नवंबर 10 1

17 नवंबर 10 6

18 नवंबर 9 7

सावधान: मैनपाट में तीन मोटरसाइकिलें तो रुकेंगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर: सरगुजा के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट में इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटन स्थल पहुंच रहे हैं। सरगुजा सरदार सहित पड़ोसी जिले कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर के दोपहिया वाहनों में तीन-तीन सवारियां तेज गति से वाहन दौड़ा रही हैं, ऐसे दृश्य पर पुलिस की कड़ी नजर है। हाल ही में मैनपाट में हुई कई सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने दोपहिया वाहनों में तीन लोगों पर रोक लगाने की कार्रवाई कर रही है। रविवार को अवकाश होने के कारण बड़ी संख्या में दो व्हील पैक्स से नवयुवक, युवतियां मनपाट पर्यटन स्थल द्वीप। दो व्हील रिले में रेस लगाकर मैनपाट की सड़कों पर दौड़ रहे हैं, ऐसे में रोककर पुलिस बारात रही है। रविवार को मैनपाट पुलिस ने बड़ी संख्या में दोपहिया सोसाइटी की ओर से कार्रवाई की। समझाइश दी गई है कि अगर तीन सवारी देखने आए तो वाहन जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। चुकिन, ज्यादातर युवा बाहर से आए थे, इस कारण से सोसायटी की जब्ती नहीं की गई, केवल मामूली छूट दी गई। सभी के नाम और माता-पिता का नाम भी दर्ज किया गया है. बता दें कि अंबिकापुर से दरीमा होते हुए मैनपाट पर्यटन स्थल वाली सड़क अच्छी होने के कारण अब युवा वर्ग दोपहिया वाहनों से ही फर्राटे इंस्टालेशन मैनपाट सारे सामाथे के लिए पहुंच रहे हैं, ऐसे में वे दर्शनीय स्थलों का उल्लंघन भी कर रहे हैं। और विश्राम के कारण बड़ी दुर्घटनाएँ भी हो रही हैं

उत्तरप्रदेश, झारखंड व मध्यप्रदेश के बिचौलियों का 2,200 बोरा धान जब्त

राज्य में 3,100 रुपये समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जा रहा है। यह पड़ोसी प्रांतों से 700 से 800 रुपये अधिक है। इसी कारण तस्करों द्वारा छत्तीसगढ़ से लगे प्रदेशों के सीमावर्ती जिलों से धान लाकर बलरामपुर जिले की समितियों में खपाया जाता है।

By Asim Sen Gupta

Publish Date: Tue, 19 Nov 2024 12:13:04 AM (IST)

Up to date Date: Tue, 19 Nov 2024 12:13:04 AM (IST)

HighLights

  1. बलरामपुर जिले में अभी तक दो ट्रक, चार पिकअप की भी हो चुकी जब्ती
  2. समर्थन मूल्य पर धान खपाने के लिए सक्रिय हैं दलाल और बिचौलिए
  3. अंतरराज्यीय सीमाओं पर बेरियर लगाए गए हैं

नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर : उत्तरप्रदेश, झारखंड और मध्यप्रदेश की सीमा से लगे बलरामपुर जिले में चार दिन में 2,200 बोरा धान, चार पिकअप और दो ट्रक जब्त हो चुके हैं। राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी आरंभ होने के साथ ही बिचौलिए और दलाल सक्रिय हो गए हैं। रात के अंधेरे में पिकअप, ट्रक से पड़ोसी राज्यों से धान लाकर समितियों में खपाने की कोशिश हो रही है। पोल्ट्री फार्म में भी धान छिपाकर रखा जा रहा है।

राज्य में 3,100 रुपये समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जा रहा है। यह पड़ोसी प्रांतों से 700 से 800 रुपये अधिक है। इसी कारण तस्करों द्वारा छत्तीसगढ़ से लगे प्रदेशों के सीमावर्ती जिलों से धान लाकर बलरामपुर जिले की समितियों में खपाया जाता है।इसके लिए समितियों के कर्मचारियों के साथ सेटिंग की जाती है। पंजीकृत किसानों के नाम पर ही दूसरे प्रदेशों का धान बेचा जाता है। इस बार भी अंतरराज्यीय सीमाओं पर बेरियर लगाए गए हैं। कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सीमावर्ती क्षेत्रों में मालवाहकों की नियमित रूप से जांच की जा रही है।

सीमावर्ती क्षेत्र की समितियां बदनाम

बलरामपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र की कई सहकारी समितियां समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में गड़बड़ी के लिए बदनाम रही हैं। कुछ पहले भंवरमाल समिति में 40 लाख रुपये का धान गायब मिला था। प्रबंधक के विरुद्ध अपराध भी दर्ज किया गया था। भंवरमाल के साथ त्रिकुंडा और महावीरगंज समिति में धान का रकबा बढ़ाकर गड़बड़ी की गई थी।

लक्ष्य से पांच लाख क्विंटल अधिक की हुई थी खरीदी

खरीफ सीजन 2023-24 में बलरामपुर जिले में 20 लाख 87 हजार 220 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य था लेकिन 25 लाख 85 हजार 980 क्विंटल धान खरीद लिया गया था। रकबा बढ़ाकर तीन करोड़ 63 लाख रुपये के अधिक की धान खरीदी पर रामानुजगंज के तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार को निलंबित किया गया था।जिन किसानों का रकबा बढ़ाकर खरीदी की गई थी उनका भुगतान भी रोक दिया गया था। जांच के बाद धान की वास्तविक बिक्री के अनुरूप राशि आहरण की अनुमति दे दी गई थी।

ऐसे की जाती है गड़बड़ी

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी आरंभ होने से पहले धान के रकबे का पंजीयन होता है। इसी में गड़बड़ी की जाती है। योजनाबद्ध तरीक़े से धान का रकबा बढ़ा दिया जाता है। इसी अतिरिक्त रकबे के आधार पर बिचौलिए आसानी से किसानों के नाम पर धान की बिक्री कर देते हैं। इसके लिए उपार्जन केंद्रों के कर्मचारियों के साथ भी सेटिंग की जाती है।