बॉलीवुड एक्ट्रेस की जोड़ी अपने पति के साथ भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंची। इस दौरान उनके परिवार के कुछ और लोग भी मौजूद थे। सभी ने नंदी हाल में महादेव के दर्शन किये।
द्वारा प्रशांत पांडे
प्रकाशित तिथि: सोम, 18 नवंबर 2024 11:35:29 पूर्वाह्न (IST)
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुजफ्फरपुर(महाकाल मंदिर उज्जैन)। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए आज फिल्म अभिनेत्री पर्यटक और उनके पति राज कुंद्रा मसामिन द्वीप। यहां नंदी हॉल में वे परिवार के साथ बाबा महाकाल के दर्शन और दर्शनीय कथाएं रखते हैं। बॉलीवुड के एक्टर और एक्ट्रेस समेत राजनेता भी यहां लगातार भगवान के दर्शन को पहुंच रहे हैं। श्री महाकाल महालोक बनने के बाद यहां आने वालों की संख्या बढ़ गई है।
अगहन मास में भगवान महाकाल की पहली सवारी आज
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर से अगहन मास में सोमवार को भगवान महाकाल की पहली सवारी निकलेगी। महाकाल मंदिर से पारंपरिक मार्गो से होती सवारी की शुरुआत शाम 4 बजे राजसी वैभव के साथ सवारी की शुरुआत इसके बाद पारंपरिक मार्गो से होती सवारी शाम 5 बजे मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट यात्रा।
यहां पुजारी शिप्रा जल से भगवान महाकाल का अभिषेक पूजन करेंगे। शाम 7 बजे हुई पूजा-अर्चना की सवारी, रथयात्रा से हुई रवाना बता दें कार्तिक अगहन मास में 25 नवंबर को भगवान महाकाल की राजसी सवारी निकलेगी। खबर अपडेट हो रही है…
ग्वालियर में कुछ रास्ते दशकों से जाम का दर्द झेल रहे हैं। सड़कें चौड़ी हुईं, डिवाइडर बने, ट्रैफिक सिग्नल भी लगे, लेकिन इन रास्तों पर जाम की समस्या खत्म नहीं हुई।जाम के कारण यहां 30 मिनट का सफर 45 मिनट का हो जाता है।
By anil tomar
Publish Date: Mon, 18 Nov 2024 11:34:04 AM (IST)
Up to date Date: Mon, 18 Nov 2024 11:34:04 AM (IST)
शिंदे की छावनी पुलिस चौकी के पास लगा वाहनों का जाम।
HighLights
रामदास घाटी, शिंदे की छावनी और हजीरा चौराहे पर नहीं सुधरे हालात
ट्रैफिक डायवर्ट, ट्रैफिक इंजीनियरिंग के जरिए सुधार के नहीं किए जा रहे प्रयास
जाम के कारण यहां 30 मिनट का सफर 45 मिनट का हो जाता है
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। प्रदेश के चार महानगरों में शामिल ग्वालियर में कुछ रास्ते दशकों से जाम का दर्द झेल रहे हैं। सड़कें चौड़ी हुईं, डिवाइडर बने, ट्रैफिक सिग्नल भी लगे, लेकिन इन रास्तों पर जाम की समस्या खत्म नहीं हुई। इन रास्तों में प्रमुख रूप से रामदास घाटी, शिंदे की छावनी कांग्रेस कार्यालय के सामने वाली सड़क शामिल हैं। जाम के कारण यहां 30 मिनट का सफर 45 मिनट का हो जाता है। साधारण ट्रैफिक मैनेजमेंट फार्मूले से इन मार्गों से ट्रैफिक लोड कम किया जा सकता है, लेकिन कभी इस दिशा में ठोस प्रयास नहीं किए गए। इससे इन रास्तों पर अब जाम आम हो चुका है।
तानसेन समारोह के पहले सुधार जरूरी
अखिल भारतीय तानसेन समारोह में देश विदेश से लोग आते हैं। तानसेन समाधि स्थल हजीरा चौराहे पर है, ऐसे में लोगों को यहां पहुंचने में खासी दिक्कत होती है। यदि समय रहते ट्रैफिक सुधार के लिए प्रयास किए जाएं तो समारोह में शामिल होने के लिए आने वाले लोगों को राहत मिलेगी।
रामदास घाटी मार्ग, ट्रैफिक लोड 800-1000 वाहन
अब तक: पहले यहां से नैरोगेज ट्रेन निकलती थी, जिसे जाम का कारण बताया जाता था। अब यह ट्रेन बंद हो चुकी है, लेकिन फाटक अब भी लगे हुए हैं। पटरियां भी पूरी तरह नहीं हटाई गईं। अब भी पटरी के अवशेष दिखाई देते हैं।
स्थिति: रामदास घाटी पर फालका बाजार, शिंदे की छावनी, मानसिक आरोग्यशाला, शब्द प्रताप आश्रम, घोसीपुरा के साथ ही आसपास की कुछ गलियों का ट्रैफिक पहुंचता है। सुबह 10-11 बजे और शाम को 5 से 7 बजे तक यहां खासा जाम लगता है।
समाधान: घोसीपुरा मार्ग को वन वे करके कटीघाटी से ट्रैफिक निकाला जा सकता है। शब्द प्रताप आश्रम के ट्रैफिक को लक्ष्मण तलैया से डायवर्ट किया जा सकता है। जिससे रामदास घाटी पर लोड कम होगा और जाम की समस्या कम होगी।
शिंदे की छावनी मार्ग, ट्रैफिक लोड 1300-1500 वाहन
अब तक: अर्जी वाले गणेश मंदिर के पास से एक रास्ता निकाला गया है। साथ ही शिंदे की छावनी कोणार्क अस्पताल से आने वाले ट्रैफिक को नौगजा रोड से डायवर्ट किया गया है।
स्थिति: यहां जाम का मुख्य कारण दुकानों का हद से बाहर होना और सड़कों पर वाहन रिपेयरिंग का काम होना है। जिससे यहां सड़क की चौड़ाई आधी रह जाती है। बुधवार के दिन जब मंदिर में श्रद्धालु आते हैं तो हालात ये होते हैं कि वन-वे मार्ग टू वे हो जाता है। जिससे दिन भर लोगों को जाम की समस्या झेलना पड़ती है।
समाधान: सड़कों पर वाहनों की रिपेयरिंग का काम बंद कराए जाने की जरुरत है। साथ ही मल्टियों में बेसमेंट में पार्किंग की जाए, जिससे सड़कों पर वाहनों की पार्किंग नहीं होगी। इससे सड़क की चौड़ाई बढ़ेगी और जाम से निजात मिलेगी।
एक्सपर्ट व्यू.. खोजना होगा वैकल्पिक मार्ग
ट्रैफिक इंजीनियरिंग पर फोकस करना होगा। सिग्नलों की टाइमिंग सेट करने की जरूरत है। मैन्युअली भी ध्यान देना होगा। रामदास घाटी पर ट्रैफिक डायवर्ट करके या वैकल्पिक मार्ग खोजकर लोड कम कर सकते हैं। यहां ट्रैफिक जवान तैनात करना होगा।
औरंगाबाद. औरंगाबाद जिले के युवा खिलाड़ियों ने खेल के क्षेत्र में लगातार पूरे बिहार में जिले का नाम रोशन किया है. वहीं इन दिनों औरंगाबाद के युवा खिलाड़ी बिपिन सौरभ की चर्चा जोरों पर है. बिपिन सौरभ का नाम 2024 IPL ऑक्शन में आने से उनके जिले और परिवार के लोगों में खुशी की लहर है. बता दें खिलाड़ी बिपिन सौरभ विकेट कीपर बैट्समैन हैं. साल 2015 में बिहार अंडर 19 में चयन होने के बाद से लगातार अपनी बेहतर प्रदर्शन से नई ऊंचाइयों को छूते गए है. वर्तमान में पटना में आयोजित रणजी टीम में बिहार vs मध्यप्रदेश के खिलाफ बिहार टीम की तरफ से सबसे तेज अर्धशतक 25 बॉल पर 75 रन के करीब बनाए थे.
मध्यम परिवार से आने वाले बिपिन सौरभ के पिता संतोष कुमार सिंह निजी स्कूल चलाते हैं वहीं, मां शिवकुमारी देवी गृहणी हैं. विपिन सौरभ अपनी कोचिंग की फीस देने के लिए जिस मैदान में प्रैक्टिस करते थे उसी में काम करना शुरू कर दिया. क्रिकेट के इसी जुनून को देख फिटनेस ट्रेनर और थ्रो आर्मर रमाशंकर की नजर विपिन सौरभ पड़ी और उन्हें कोचिंग देना शुरू किया. बता दें बिहार के इस धाकड़ खिलाड़ी विपिन सौरभ ने बिहार अंडर 19, 3 बार रणजी टीम, हेमंत ट्रॉफी मैच में कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं. वहीं ये 2 बार IPL ऑक्शन में पहुंचे हैं. इस बार उनके परिवार जनों के साथ-साथ इनके साथी खिलाड़ियों की भी उम्मीद बंधी हुई है.
कई बड़े खिलाड़ियों से ली कोचिंग बिपिन सौरभ के भाई आनंद कुमार ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से कई साल तक उसके क्रिकेट पर भी प्रभाव पड़ा. लेकिन विपिन सौरभ के खेल के जुनून के आगे मां पापा ने भी उसका साथ देने शुरू किया. बता दें विपिन सौरभ ने शुरुआती क्रिकेट जिले से करने के बाद पटना के क्लब में खेल उसके बाद दिल्ली में विजय दहिया क्लब सहित कई अन्य बड़े खिलाड़ियों से कोचिंग ली.
रणजी ट्रॉफी से लेकर IPL का सफर विपिन सौरभ के इस जादुई बैटिंग स्टाइल को देख भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने भी उनकी सराहना की. विपिन सौरभ साल 2022/23 में नेशनल क्रिकेट एकेडमी में 2 साल रहे हैं जहां उन्हें वीवीएस लक्ष्मण से कोचिंग ली है. बिहार के इस विकेटकीपर बैट्समैन विपिन सौरभ का इस बार IPL ऑक्शन में बेस प्राइस 30 लाख रुपए रखा गया है.
बिहार के 4 खिलाड़ियों पर नजर बता दें 24 और 25 नवंबर को होने वाले इस ऑक्शन में IPL की सभी टीम के द्वारा खिलाड़ियों को लेकर बोली लगाई जाएगी, जिसमें बिहार के 4 खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी, हिमांशु सिंह, बिपिन सौरभ और कोलकाता नाइट राइडर्स से मैच खेल चुके शाकिब हुसैन का नाम शामिल है.
कई शहर अपने शहर को सुंदर बनाने के लिए रात दिन एक कर रहे हैं, वहीं एक तरफ हमारा शहर भोपाल है, इस प्रदेश की राजधानी भी है, इसके बावजूद यहां एक दिन भव्य घटनाएँ सामने आती रहती हैं। भोपाल आने वाला हर स्पेशल एयरपी रोड अवश्य जाएं। अब कुछ असामाजिक तत्व इसकी प्रकृति को भी बनाने पर तुले गए हैं। ज़िम्मेदारी भी अपनी जिम्मेदारी से भाग ले रही है।
द्वारा पंकज श्रीवास्तव
प्रकाशित तिथि: सोम, 18 नवंबर 2024 11:58:37 पूर्वाह्न (IST)
इस लोहे की रेलिंग को बनाने के लिए इसे तोड़ दिया गया है।
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। वीआइपी रोड स्थित करबला पंप हाउस के किनारे लगी लोहे की जाली को असामाजिक तत्वों ने तोड़ दिया है। इसका सड़क किनारे का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। खास बात यह है कि इस सड़क पर वीआइपी यात्रा की जा रही है, लेकिन बात यह है कि यह नकली तोड़ी इसकी सूचना नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों को नहीं है। जबकि यह सड़क बहुत पुरानी है। आज तक इस सड़क पर नहीं हुई ऐसी कोई घटना।
यह पहला अवसर है जब रोड किनारे लगी नकली का निर्माण हुआ। कर्बला पंप हाउस के पास एक झुग्गी बस्ती है। बताया जा रहा है कि लोगों ने इस आयरन की रेलिंग को बनाने के लिए इसे तोड़ दिया है। इस संबंध में जलकार्य प्रभारी उदित गर्ग का कहना है कि उन्हें इस घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है। जबकि वीआइपी रोड पर निगम द्वारा साइंटिस्टों के स्मारक स्थित हैं। इसके बावजूद कच्चे सड़क किनारे लगी जाली को तोड़ दिया गया।
आकर्षण का केंद्र वीआईपी रोड पर रहता है
रोड के रास्ते इंदौर रोड से भोपाल के दर्शकों के लिए वीआईपी रोड से यात्रा करना सबसे सुखद रहता है। इसके अलावा भोपाल में आने वाले लोग या फिल्म के लिए भी रोड आकर्षण का केंद्र रहता है। इस पांच किमी सड़क में एक तरफ बड़े तालाब की लहरें अपनी तरफ खींचती हैं तो दूसरी तरफ पुराने शहर की विरासत और धरोहर अपनी तरफ खिंचती हैं। देखने को तो बस दस मिनट का रास्ता है, लेकिन मूवी देखने का समय भी कम पड़ जाता है। राजाभोज प्रतिमा के सामने सदैव भीड़ रहती है। दूर-दूर से लोग यहां फोटो खिंचवाने आते हैं और यहां की यादें अपने साथ ले जाते हैं। रात में रोड का नजारा शानदार दिखता है।
नगर निगम और जिला प्रशासन और पारंपरिक वास्तुकला की वास्तुकला
जिस स्थान से शहर की पहचान जुड़ी हो उसके प्रति नगर निगम के ऐसे नमूने कई साझा प्रश्न करते हैं। जिम्मेदारों को यह भी नहीं पता कि यह रस्ट कब बन गया और लोके नकली कब और कैसे निकला है। वहीं प्रशासन जिला ने इस ओर भी ध्यान नहीं दिया है। रही कसर स्थानीय जनप्रतिनिधि ने भी इस गंभीर मामले को संज्ञान में नहीं लिया है, वे अपने स्तर पर कोई आवाज नहीं उठा रहे हैं।
पेंच टाइगर रिजर्व के अरी बफर वन परिक्षेत्र अंतर्गत मगरकठा बीट के कक्ष क्र. आरएफ 188 गेडीघाट जंगल में कमजोर बाघ शावक का शव मिला। वन अधिकारियों को अनुमान है कि शावक का पेट खाली पाया था, जो कुछ दिनों से भूखा था। बाघ शावक के शव से मात्र 10 मीटर की दूरी पर शिकार किए गए गाय के अवशेष मिले हैं।
By Sanjay Agrawal
Publish Date: Mon, 18 Nov 2024 12:14:50 PM (IST)
Up to date Date: Mon, 18 Nov 2024 12:14:50 PM (IST)
मौके में मिला शावक का शव। सौजन्य पेंच प्रबंधन
HighLights
अनुमान है, जिसकी मौत 8 से 10 घंटे पहले हुई होगी।
विटनरी विश्वविद्यालय जबलपुर में कराया पोस्टमार्टम।
वन्यप्राणी चिकित्सक ने शव की गहनता से जांच की।
नईदुनिया, सिवनी (Seoni Information)। पेंच टाइगर रिजर्व के अरी बफर वन परिक्षेत्र अंतर्गत मगरकठा बीट के कक्ष क्र. आरएफ 188 गेडीघाट जंगल में चार माह के एक बाघ शावक का शव रविवार सुबह गश्ती के दौरान वन अमले को मिला है।
कोई भी संदिग्ध परिस्थितियां वन अमले को नहीं मिली
वन अधिकरियों ने बताया कि मैदानी अमले द्वारा जंगल में लगाए गए कैमरों में बाघिन और उसके दो शावक के फोटो कैद हुई थी। इसलिए कमजोर बाघ शावक की भूखा होने से मौत होने का अनुमान है। डाग स्क्वायड व पैदल गश्ती में जंगल में कोई भी संदिग्ध परिस्थितियां वन अमले को नहीं मिली।
शव को आईस बाक्स में रखकर जबलपुर भेजा गया
सूक्ष्म परीक्षण व पोस्ट मार्टम के लिए शावक शव को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव), मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक से अनुमति प्राप्त कर शव को आईस बाक्स में रखकर नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर भेजा गया है।
कैमरा ट्रेप में दिखे थे बाघिन, दो शावक
बाघ के शावक का पेट काफी पिचका था, जो कुछ दिनों से भूखा था।
शावक के शव से लगभग 10 मीटर दूर गाय के अवशेष पाए गए हैं।
मौके पर लगे कैमरा ट्रैप में बाघिन व दो शावकों की फोटो कैद हुई है।
जंगल में किसी भी तरह के अपराध के साक्ष्य नहीं पाए गए हैं।
गाय के गारे में मक्खियों व अन्य सूक्ष्म जीव मिलने की पुष्टि हुई है।
वन कर्मियों ने पूरे क्षेत्र में सूक्ष्म से निरीक्षण किया
सूचना पर मौके पर पहुंचे पेंच टाइगर रिजर्व क्षेत्र संचालक, उपसंचालक, वरिष्ठ वन्यप्राणी चिकित्सक के अलावा डाग स्क्वायड दल व वन कर्मियों ने पूरे क्षेत्र में सूक्ष्म से निरीक्षण किया।
बाघ शावक को मां ने कमजोर होने के कारण छोड़ दिया होगा
पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताई काई बातें। बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बाघ शावक को मां ने कमजोर होने के कारण छोड़ दिया होगा।
पोषण ज्यादा अच्छे से करने की दृष्टि से कमजोर शावक को अकेला छोड़ देते हैं
वरिष्ठ वन्य प्राणी चिकित्सक अखिलेश मिश्रा ने बताया कि बाघों व अन्य बड़ी बिल्लियों में यह सामान्य व्यवहार है। जब वह किसी शावक को कमजोर पाते हैं, तो अन्य शावकों को स्वस्थ रखने व उनका भरण पोषण ज्यादा अच्छे से करने की दृष्टि से कमजोर शावक को अकेला छोड़ देते हैं। खाली पेट होने के अलावा शावक में कोई और चिह्न नहीं पाए गए हैं।
कंगना रनोट की विवादित फिल्म बीते लंबे समय से रिलीज के इंतजार में थी। सेंसेटिव मुद्दा होने पर फिल्म विवादों में थी। देशभर में फिल्म पर बैन लगाने की मांग किए जाने के बाद कई केस दर्ज हुए थे। वहीं दूसरी तरफ सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया था। हालांकि अब फिल्म की नई रिलीज डेट सामने आ चुकी है।
कंगना रनोट ने हाल ही में अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से फिल्म की नई रिलीज डेट की घोषणा की है।
17 जनवरी 2025 को देश की सबसे शक्तिशाली महिला की महाकाव्य गाथा और वो लम्हा जिसने भारत की किस्मत बदल दी। इमरजेंसी- सिर्फ सिनेमाघरों में दिखेगी।
(*17*)
सर्टिफिकेट न मिलने से रुकी थी फिल्म की रिलीज
बताते चलें कि फिल्म इमरजेंसी 14 जून 2024 को रिलीज की जाने वाली थी। हालांकि लोकसभा चुनाव के चलते इसे पोस्टपोन कर दिया गया था। फिल्म को 6 सितंबर 2024 को रिलीज किया जाना था, हालांकि रिलीज से महज चंद दिनों पहले ही सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया था। आरोप थे कि फिल्म में विवादित सीन हैं, जिसके चलते शांति भंग हो सकती है।
30 अगस्त को कंगना ने बताया कि उनकी फिल्म इमरजेंसी को पास कर दिया गया था, लेकिन कुछ पावरफुल लोगों के दबाव के चलते सेंसर बोर्ड फिल्म को सर्टिफिकेट देने से इनकार दिया था। इस मामले में कंगना हाईकोर्ट तक पहुंची थीं। सिख समुदाय के कुछ आपत्तिजनक सीन होने पर तेलंगाना में भी फिल्म को बैन करने की मांग हुई थी।
17 अक्टूबर को सेंसर बोर्ड से पास हुई फिल्म
सर्टिफिकेशन मामले पर फैसला आने तक फिल्म की रिलीज रोक दी गई थी। देशभर में कंगना के खिलाफ कई शिकायत दर्ज हुईं और फिल्म को बैन करने की मांग की गई। सिख समुदाय ने भी कंगना और फिल्म का जमकर विरोध किया था। कंगना रनोट ने 17 अक्टूबर को बताया था कि सेंसर बोर्ड की तरफ से फिल्म को पास कर दिया गया है।
प्रोड्यूसर और डायरेक्टर को सेंसर बोर्ड ने 10 बदलावों की लिस्ट भेजी थी
इमरजेंसी में दिखाए गए विवादित बयानों पर सेंसर बोर्ड ने फैक्ट्स दिखाने को कहा था। CBFC ने कहा था कि मेकर्स को इस फिल्म में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड मिल्हौस निक्सन द्वारा भारतीय महिलाओं के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणी और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के भारतीयों को खरगोशों की तरह प्रजनन करने वाले बयानों के सोर्स पेश करने होंगे।
सेंसर बोर्ड ने मणिकर्णिका फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड को 10 बदलावों की लिस्ट भेजी थी। इनमें अधिकतर दृश्य वे थे, जिन पर सिख संगठनों की तरफ से आपत्ति जताई गई थी।
फिल्म के एक सीन में पाकिस्तानी सैनिकों को बांग्लादेश शरणार्थियों पर हमला करते हुए दिखाया गया है। इसमें उन्हें बच्चों व महिलाओं पर हमला करते हुए दिखाया गया है। CBFC ने इस सीन पर भी अपनी आपत्ति जताई थी। बोर्ड ने मेकर्स को फिल्म से इस सीन को बदलने या फिर पूरी तरह डिलीट करने की मांग की थी।
फिल्म ‘इमरजेंसी’ में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और भारत में लागू हुई इमरजेंसी पर बनी है। फिल्म में कंगना ने इंदिरा गांधी का रोल प्ले करने के साथ-साथ इसका निर्देशन भी किया है। फिल्म में उनके साथ अनुपम खेर, महिमा चौधरी, श्रेयस तलपड़े अहम किरदारों में हैं।
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कंगना रनोट की इमरजेंसी को सेंसर बोर्ड का सर्टिफिकेट मिला:1 मिनट का कट लगा, रिलीज डेट जल्द आएगी; सिख संगठनों ने आपत्ति लगाई थी
कंगना रनोट की फिल्म इमरजेंसी को सेंसर बोर्ड की तरफ से हरी झंडी मिल गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म में एक मिनट का कट लगाया गया है। पूरी खबर पढ़िए…
इमरजेंसी फिल्म पर बैन से भड़कीं कंगना:कहा- कोर्ट से लड़कर अनकट ही रिलीज करूंगी, अचानक यह नहीं दिखाऊंगी कि इंदिरा गांधी खुद मर गईं
कंगना रनोट ने कहा है कि वे अपनी फिल्म ‘इमरजेंसी’ के लिए कोर्ट में लड़ेंगी और इसे बिना किसी काट-छांट के रिलीज करेंगी, क्योंकि वे तथ्यों को बदलना नहीं चाहती हैं। यह फिल्म 6 सितंबर को रिलीज हाेनी थी, लेकिन इसके खिलाफ प्रदर्शन हुए। याचिकाएं दायर की गईं। पूरी खबर पढ़िए…
Bangladesh Violence: भारत के पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश के चटगांव में बीते दिन सोमवार (25 नवंबर) को इस्कॉन पुंडरीक धाम के अध्यक्ष चिन्मय कृष्णन दास को गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद से स्थिति बिगड़ते जा रही. गिरफ्तारी के खिलाफ हिंदू समाज के लोग सड़कों पर उतर आए हैं. इसी दौरान BNP और जमात के कार्यकर्ताओं ने हिंदुओं पर हमला कर दिया. इस हमले में करीब 50 लोग घायल हो गए. वहीं बीती देर रात को हजारों की संख्या में हिंदुओं ने जय सिया राम और हर हर महादेव के जयकारे लगाते हुए मौलवी बाजार में विशाल मशाल रैली निकाली.
शाहबाग में एक सभा के दौरान चटगांव विश्वविद्यालय के प्रोफेसर कुशाल बरन पर भी हमला हुआ. कई घायल प्रदर्शनकारियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हैरानी की बात ये है कि इन हिंसक घटनाओं के दौरान प्रशासन और पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. शाहबाग के हमले के समय पुलिस और प्रशासन मूकदर्शक बने रहे. सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरें इन हमलों की गंभीरता को उजागर करती हैं.
Combating between schools have began in US-backed Noble Laureate dominated Bangladesh. College students carrying weapons attacking one another. Many casualties. Chaos at campuses. State of affairs grim pic.twitter.com/EwQbmKMPBM
बंगाल भाजपा अध्यक्ष ने की तीखी प्रतिक्रिया पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने इन घटनाओं की निंदा की और चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी को अन्यायपूर्ण बताया. उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से अपील की कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लें और तत्काल कदम उठाए. सुकांत मजूमदार ने X (पहले ट्विटर) पर लिखा कि चिन्मय प्रभु बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्षरत थे. उनकी गिरफ्तारी के लिए बांग्लादेश सरकार की तीखी आलोचना की जा रही है.
गिरफ्तारी के कारण और पुलिस की सफाई बांग्लादेश पुलिस ने सोमवार को ढाका एयरपोर्ट से चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को गिरफ्तार किया. पुलिस की जासूसी शाखा के प्रवक्ता रेजाउल करीम के अनुसार, गिरफ्तारी कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है. चिन्मय दास को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस स्टेशन को सौंपा गया. वहीं इन घटनाओं ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. कट्टरपंथी समूहों के हिंसक रवैये और प्रशासन की निष्क्रियता ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है.
अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील भारत सहित अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की जा रही है कि वे बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए कदम उठाएं. इन हमलों और गिरफ्तारी की निंदा करते हुए तत्काल समाधान की मांग की जा रही है.
नई दिल्ली. भारतीय टीम की पहले टेस्ट मैच के लिए चल रही तैयारी को तराज़ू में तौलेंगे तो एक डिपार्टमेंट में वजन थोड़ा कम नज़र आएगा . इस डिपार्टमेंट को मज़बूत और वज़नदार बनाने के लिए टीम मैनेंजमेंट शिद्दत के साथ काम में जुटी है .भारतीय टीम में इस डिपार्टमेंट में काम करने के लिए क्वालिफ़ाई करने वाला एक ही खिलाड़ी है जिसका नाम है नितिश रेड्डी.
वैसे तो भारत के पास दो स्थापित आलराउंडर आर अश्विन और रवीन्द्र जडेजा है पर ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर खेल कोई एक ही पाएगा . ऐसे में टीम में मौजूद नितिश रेड्डी के पर्थ में खिलाने पर गंभीरता से विचार चल रहा है .नितिश रेड्डी इस वक्त टीम में एकमात्र सीमिंग ऑलराउंडर है जिन पर टीम मैनेजमेंट जमकर काम कर रहा है .
रेड्डी इज रेडी
पर्थ में चल रहे प्रैक्टिस सेशन में इन दिनों अजीब सी हलचल नज़र आ रहीं है . टीम मैनेजमेंट के सभी लोग ज़्यादातर एक खिलाड़ी पर फ़ोकस कर रहे है . इस खिलाड़ी से नई गेंद के साथ 7 ओवर गेंदबाज़ी और पुरानी गेंद के साथ 9 ओवर गेंदबाज़ी कराने के साथ नेट्स पर 37- 35 मिनट बल्लेबाज़ी कराई जा रहीं है .. संकेत साफ़ है , रेड्डी को पर्थ टेस्ट के लिए रेडी रहने को कहा गया है . रेडी के नेट्स में रफ़्तार के सातों अच्छी उछाल मिल रही है और वो यहीं एरिया में गेंदबाज़ी भी करते नज़र आए जिससे टीम मैनेजमेंट बड़ी प्रभावित नज़र आई . नितिश रेड्डी ने अपनी गेंदबाज़ी और बल्लेबाज़ी से ऑलराउंडर स्लाट के भरने के लिए रेड्डी पूरी तरह से रेडी नज़र आ रहे है .
टी 20 में दिखा चुके हैं टशन
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पहले ही धमाका कर चुके रेड्डी ने बांग्लादेश के खिलाफ पिछले सीरीज टी20 में डेब्यू किया था . दिल्ली में अपने करियर का महज दूसरा मुकाबला खेलने उतरे इस 21 साल के बैटर ने तूफान मचा दिया. शतक के करीब पहुंचकर यह बैटर बड़ा शॉट लगाने की कोशिश में विकेट गंवा बैठा लेकिन ऐसी पारी खेल डाली थी जिसने सबको अपना मुरीद बना.नितीश रेड्डी ने अपनी पारी में पहली 13 गेंदों पर 13 रन बनाए और फिर गियर बदलते हुए अगली 14 गेंदों पर 37 रन ठोक डाले. रेड्डी ने 4 छक्के और 3 चौकों की मदद से T20I में अपने करियर का पहला पचासा लगाया. उन्होंने अपने दूसरे ही मैच में ये बड़ी उपलब्धि हासिल की.74 रनों की पारी में रेड्डी ने 53 स्पिनरों के खिलाफ बटोरे और इस तरह स्पिन के खिलाफ T20I की एक पारी में सबसे ज्यादा रन बटोरने वाले 5वें भारतीय बल्लेबाज बन गए।
ऑलराउंडर इन वेटिंग
नीतीश ने अभी तक 23 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं. उन्होंने इस दौरान 779 रन बनाए हैं. नीतीश ने इस दौरान एक शतक और 2 अर्धशतक लगाए हैं. वे फर्स्ट क्लास मैचों में 56 विकेट भी ले चुके हैं. उनका एक मैच में 119 रन देकर 8 विकेट लेना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है. नीतीश ने लिस्ट ए के 22 मैचों में 403 रन बनाए हैं. वे इस फॉर्मेट में 14 विकेट ले चुके हैं.असली इम्तिहान अब आगे है नितिश रेड्डी के पास प्रतिभा तभी उनके टेस्ट टीम का हि्स्सा बन कर ऑस्ट्रेलिया आने का मौक़ा दिया. रेड्डी पहले ही टी 20 में अपना रंग जमा दिया है और अब बारी टेस्ट में बेस्ट साबित करने की है .
रायपुर के धरसींवा में एक छोटे भाई ने अपने बड़े भाई और बहन के हिस्सों की जमीन-जायदाद के आधार पर बेच दी। कालांतर में नान्हू राम अग्रवाल की 0.3640 हेक्टेयर भूमि थी, जिसे उनके छोटे बेटे गोवर्धन दास ने खुद को एकमात्र विरासत के रूप में अपना नाम लिया और फिर खमतराई के निवासी महंत कुमार गुप्ता को बेच दिया। जांच में यह बात सामने आई।
द्वारा आशीष कुमार गुप्ता
प्रकाशित तिथि: सोम, 18 नवंबर 2024 10:35:20 पूर्वाह्न (IST)
छोटे भाई ने बड़े भाई और बहन की जमीन की तलाश के लिए फर्जी जमीन तैयार की।
गुड़गांव ने अपने आप को एकल स्वामित्व वाली जमीन का नाम बताया।
जमीन खमतराई के अड्डे को बेच दी, पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला।
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी रायपुर जिले के धरसींवा में एक प्रेमी युगल का मामला सामने आया है, जिसमें छोटे भाई ने अपने बड़े भाई और बहन के हिस्से की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेच दिया। इस मामले में धरसींवा पुलिस ने दो साल बाद नाबालिग छोटे भाई के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
ये है पूरा मामला
देर से नान्हू राम अग्रवाल सूरजपुर जिले के भैयाथान गांव के निवासी थे और उनकी धरसींवा में 0.3640 हेक्टेयर (लगभग 0.9 ओक) भूमि थी। नन्हू राम अग्रवाल के निधन के बाद उनके छोटे बेटे गोवर्धन दास अग्रवाल ने तहसील कार्यालय में खुद को अपनी संपत्ति के रूप में पेश किया और दावा किया कि नन्हू राम अग्रवाल के पास उनकी कोई और विरासत नहीं है। इसके बाद उसने अपनी यह जमीन अपने नाम करवा ली और उसे खमतराई निवासी महेंद्र कुमार गुप्ता को बेच दिया।
तहसील में फ़र्ज़ी दस्तावेज़ पेशी
पुलिस जांच के दौरान यह बात सामने आई कि गोधरा दास अग्रवाल ने धरसींवा तहसील में अपने पिता के नाम पर फर्जी दस्तावेज पेश किए, जिसमें यह साबित हुआ कि वह नन्हू राम अग्रवाल का ही वारिस है। नान्हू राम अग्रवाल के निधन के बाद, गोवर्धन ने यह दावा किया कि उनके पिता के पास कोई और विरासत नहीं है और इसी आधार पर उन्होंने सरकारी अभिलेखों में खुद को अंतिम विरासत के रूप में दर्ज किया है।
अंत में खुलासा
पुलिस को जब शिकायत मिली तो तहसील रायपुर से प्रमाण पत्र का प्रतिवेदन लिया गया। पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि नान्हू राम अग्रवाल की संपत्ति धरसींवा के ग्राम देवरी में दो हिस्सों में बंटी हुई थी, जिसमें एक हिस्सा 0.3310 हेक्टेयर और दूसरा 0.0330 हेक्टेयर था। नान्हू राम के दो बेटे – अशोक कुमार अग्रवाल और गोवर्धन दास अग्रवाल, और एक बेटी रेखा अग्रवाल थी।
गोवर्धन दास ने धोखाधड़ी करते हुए फर्जी दस्तावेजों में कहा कि नान्हू राम अग्रवाल के पास कोई अन्य संपत्ति नहीं है, जबकि यह तथ्य पूरी तरह से गलत था। इस प्रक्रिया में उन्होंने दस्तावेजी दस्तावेज तैयार किए और सरकारी अभिलेखों में भी बदलाव किए, जिसके बाद 22 मार्च 2022 को तीखा ने उक्त भूमि को अपना नाम दर्ज कर दिया।
धोखा का खुलासा
जांच में यह भी पता चला कि गोवर्धन दास अग्रवाल ने अपनी धोखाधड़ी को छुपाने के लिए कई गलत दस्तावेज प्रस्तुत किए और अन्य उत्तराधिकारियों को उनके हिस्सों की भूमि से सृजन कर दिया। जब इस धोखाधड़ी की जानकारी पुलिस को मिली, तो पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की और गोंडा दास अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत अवैध संपत्ति दर्ज की है। अब पुलिस गुंडागर्दी के लिए प्रयासरत है और मामले की आगे की जांच जारी है।
शहर में इन दिनों बिसलेरी जैसी दिखने वाली नकली पानी की बोतल काफी मात्रा में बिक रही है। इस बात का खुलासा बीते रोज बाम्बे हाई कोर्ट के निर्देश पर ग्वालियर बेवरेज पर हुई छापेमारी के बाद हुआ। यहां लंबे समय से असली जैसी दिखने वाली नकली बिसलेरी तैयार की जा रही थी।
By Anoop Bhargav
Publish Date: Mon, 18 Nov 2024 12:32:02 PM (IST)
Up to date Date: Mon, 18 Nov 2024 12:32:02 PM (IST)
नकली पानी की बोतल। फाइल फोटो
HighLights
शहर में छह पैकेज ड्रिंकिंग वाटर और 20 प्यूरिफाई ड्रिंकिंग वाटर प्लांट
कई प्लांट चल रहे हैं शहर में चोरी छिपे, नहीं हो पाती कार्रवाई
ब्रांडेड पानी के नाम पर कर रहे हैं लोगों की सेहत से खिलवाड़
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: शहर में ब्रांडेड पानी की बोतल की नकल कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। यदि आप भी मिनरल वाटर पीते हैं, खासकर बिसलेरी जैसे नामी ब्रांड का तो सावधान हो जाएं। शहर में इन दिनों बिसलेरी जैसी दिखने वाली नकली पानी की बोतल काफी मात्रा में बिक रही है। ग्रामीण परिवेश के और कम पढ़े लिखे लोग इस बोतल को बिसलेरी की समझकर 20 रुपए में खरीद रहे हैं, जो कि नामी ब्रांड बिसलेरी की एक नकली कापी है।
इस बात का खुलासा बीते रोज बाम्बे हाई कोर्ट के निर्देश पर ग्वालियर बेवरेज पर हुई छापेमारी के बाद हुआ। यहां लंबे समय से असली जैसी दिखने वाली नकली बिसलेरी तैयार की जा रही थी। जिले में बोतल बंद पानी को लेकर स्थिति चिंताजनक है। मानक के अनुरूप पानी मुहैया न कराने शहर के दस प्यूरिफाई ड्रिंकिंग वाटर प्लांट सील हो चुके हैं। शहर में छह पैकेज ड्रिंकिंग वाटर प्लांट और 20 प्यूरिफाई ड्रिंकिंग वाटर प्लांट हैं।
इनके अलावा चोरी छिपे कई प्यूरिफाई ड्रिंकिंग वाटर प्लांट संचालित हैं। यह लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। लोग भी अनजाने में इनके यहां का पानी खरीद लेते हैं और अपनी सेहत खराब कर लेते हैं। बोतल बंद पानी में अगर गड़बड़ी है तो यह और मुश्किल पैदा कर देता है। अनहाईजीन पानी पीने से डायरिया, डिसेंट्री के साथ अन्य कई परेशानी आ सकती है। पानी को बनाते समय कितना हाईजीन का प्रयोग किया जा रहा है और पानी का स्रोत क्या है, इस पर विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जगह बदल कर करता था काम
जिस ग्वालियर बेवरेज पर बाम्बे हाई कोर्ट के निर्देश पर छापेमारी हुई। उसका संचालक लंबे समय से नकली बिसलेरी तैयार करने का काम कर रहा है। यहां तैयार होने वाली नकली बिसलेरी की शिकायत स्थानीय खाद्य औषधि प्रशासन तक पहुंची, लेकिन जब भी टीम बताए गए स्थान पर कार्रवाई करने पहुंचती, वहां कुछ नहीं मिलता। खाद्य औषधि प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि ग्वालियर बेवरेज का संचालक हर बार अपना ठिकाना बदल लेता था। इस बार बाम्बे हाई कोर्ट के निर्देश पर उस पर कार्रवाई हुई है।
इस तरह पकड़ में आया कारोबार
जुलाई माह में नदीम खान ने आनंद नगर बहोड़ापुर स्थित शीतला डेयरी से एक बिसलेरी पानी की बोतल खरीदी। असली बिसलेरी समझ वह उसका पानी पी गया, लेकिन पानी पीने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे एक हजार बिस्तर अस्पताल के आइसीयू में भर्ती कराया गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को पैकेज ड्रिंकिंग वाटर और प्यूरिफाई ड्रिंकिंग वाटर प्लांट का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि टीम द्वारा पिछले दिनों कार्रवाई करते हुए मानक अनुरूप नहीं मिलने पर प्यूरिफाई ड्रिंकिंग वाटर प्लांट को सील किया गया था।