ग्वालियर समाचार: स्कूल से चॉकलेट की जगह..कट्टे से युवाओं ने बनाई दो जगह गोलियाँ

शहर में कॉन्स्टेबल हथियारों की घटनाएं हो रही हैं। मुरार के बड़ागांव में अलग-अलग जगह पर एक युवक नजर आया। इस मामले का खुलासा एक वीडियो के वायरल होने के बाद हुआ। जिसमें एक युवा अलग अलग जगह पर राइफल पर नजरें गड़ाए हुए है।

द्वारा अमित मिश्रा

प्रकाशित तिथि: सोम, 18 नवंबर 2024 09:51:10 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: सोम, 18 नवंबर 2024 09:51:10 पूर्वाह्न (IST)

ग्वालियर समाचार: स्कूल से चॉकलेट की जगह..कट्टे से युवाओं ने बनाई दो जगह गोलियाँ
अलग अलग स्टॉक जहाज़ पर एक ही युवा चलता है

पर प्रकाश डाला गया

  1. असाधारण शहर में रोज़ हो रही हथियार से लोग लिबास में
  2. मुरार के बड़ागांव की फोटोग्राफी के बाद दो वीडियो वायरल
  3. वायरल वीडियो में एक युवा दो जगह पर हथियार दिखाते हुए

नईदुनिया प्रतिनिधि, स्थान। बेजोड़ की आवाज से गूंज रही है। हर रोज की तस्वीरें शहरवासी छुट्टियों से जुड़ी हैं। मुरार के बड़ागांव में फोटोग्राफी के बाद रविवार सुबह इंटरनेट मीडिया पर दो वीडियो बहुप्रसारित हो रहे हैं। इनमें से एक ही स्पेसिफिकेशंस दो अलग-अलग जगहों पर गोलमाल दिख रहा है।

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यह लक्षण कौन है, स्पष्ट स्पष्ट नहीं है। लेकिन इंटरनेट मीडिया पर इन वीडियो को देखकर लोगों की जो प्रतिक्रिया है, उससे साफ पता चल रहा है कि- फिल्म के लोगों की तस्वीरों की यादें ताजा हो गई हैं। पुलिस से ऐसे एनाउंस को कैच की आशा कर रहे हैं। जो वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हो रहा है, उसमें एक छात्र पहले करुआ नाम के लड़के को आवाज दे रहा है। फिर जिसके घर के सामने वह खड़ा था, उसकी अंदर से आवाज में ही आग लग गई।

इसी युवक का एक और वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह बीच सड़क पर डिवाइडर पर खिलौने की गोलियां लेकर नजर आ रही है। जिस भवन को खरीदकर यह गोली चल रही है, उस पर अनमोल विला लिखा है।

पूछताछ पुलिस में

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वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित होने के बाद पुलिस की हरकत आई। ये दोनों वीडियो रात के ही हैं, क्योंकि जब युवक गोली चला रहा होता है तो अंधेरा नजर आ रहा होता है। पुलिस दोषियों की गिरफ्त में है।

नौकरी के लिए नौकरी करने वाली महिला को गेस्ट हाउस में नौकरियाँ मिलती हैं

  • सिटी सेंटर स्थित शिवा गेस्ट हाउस में एक महिला से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। महिला को बेरोजगार ने नौकरी के लिए बुलाया था। इसी दौरान हेयरकट की। महिला ने किया विरोध तो जान से मारने की दी धमकी। इस मामले में यूनिवर्सिटी थाना पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर ली है। महिला ने बताया कि उसे नौकरी की जरूरत है। उनकी मुलाकात छत्री मंडी के पास रहने वाले विकास पाल से हुई।
  • विकास ने कहा कि उसने उन्हें नौकरी दिलाने की पेशकश की है। उत्तर कोरिया के उसे सिटी सेंटर स्थित शिवा गेस्ट हाउस के रूम में बुलाया गया। महिला यहां देखें तो वह है अश्लील बातें। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। महिला पहले घर, फिर स्वजन के साथ टेक्सास।
एक माह में 400 से अधिक हाथियों से आर्थिक नुकसान,किसानों में मुआवजा दर को लेकर नाराजगी

वर्तमान में, हाथियों द्वारा फसल हानि पर रुपए 9 हजार प्रति एकड़ की दर से औसत क्षतिपूर्ति रुपए 15 करोड़ प्रतिवर्ष दी जाती है। अगर धान फसल की क्षतिपूर्ति रुपए 50 हजार प्रति एकड़ कर दी जाती है तो राज्य सरकार को 65 करोड रुपए का अतिरिक्त व्यय आएगा। राज्य के रुपए 1,25,000 लाख करोड़ के बजट का सिर्फ 0.05 प्रतिशत ही होगा।

By Manoj Kumar Tiwari

Publish Date: Mon, 18 Nov 2024 09:43:47 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 18 Nov 2024 09:43:47 AM (IST)

हाथियों का दल

HighLights

  1. देश का एक प्रतिशत हाथी छत्तीसगढ़ में।
  2. सिर्फ रायगढ़ जिले में 150 से अधिक हाथी ।
  3. हाथी-मानव द्वंद का कारण लोग परेशान।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायगढ़। छत्तीसगढ़ में देश के 1 प्रतिशत हाथी है। मानव द्वंद से जनहानि की दर 15 प्रतिशत से अधिक है।

वर्तमान में प्रचलित, हाथियों द्वारा फसल हानि की क्षतिपूर्ति की दर 8 वर्ष पहले 2016 में, तत्कालीन दरों से रुपए 9 हजार प्रति एकड़ निर्धारित की गई थी, मुआवजा राशि बेहद कम है।आलम यह है कि रायगढ़ जिले में सबसे ज्यादा 152 हाथियों की मौजूदगी है। इधर किसानों की धान की फसल कही पक कर तैयार तो कही कतार में है।

किसानों में भारी रोष

आबादी और खेत खलिहान में हाथियों के तांडव मचाने किसानों को वृहद स्तर में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिसमे जिले में एक माह में 400 से अधिक बड़े तथा आंशिक तौर पर फसल नुकसान के प्रकरण सामने आए है।

बीते सप्ताह भर से प्रतिदिन 30 से अधिक प्रकरण दर्ज हुए हैं। ऐसे में आर्थिक नुकसान में मिलने वाले मुआवजा प्रकरण की राशि कम होने पर किसानों में भारी रोष है।

हाथियों द्वारा फसल हानि की क्षतिपूर्ति की दर 8 वर्ष पहले 2016 में, तत्कालीन दरों से रुपए 9 हजार प्रति एकड़ निर्धारित की गई थी। वर्ष 2016 में धान की मिनिमम सेल्लिंग प्राइस अर्थात एम.एस.पी. रुपए 1410 प्रति क्विंटल थी।

सरकारी खरीदी दर बढ़ कर 2024 में रुपए 3100 प्रति क्विंटल

छत्तीसगढ़ में धान की सरकारी खरीदी दर बढ़ कर 2024 में रुपए 3100 प्रति क्विंटल हो गई है। तुलना करने पर रुपए 1410 से 120 प्रतिशत बढ़ कर 2024 में 3100 प्रति क्विंटल हो गई है।

हाथियों से नुकसान पर मुआवजा और समर्थन मूल्य में भारी अंतर

किसानों को फसल हानि की क्षतिपूर्ति तब ही दी जाती है जब कम से कम 33 प्रतिशत का नुकसान हुआ हो। इस तरह से 2024 के दौर में 2016 के दर से मुआवजा राशि निर्धारित के हिसाब से दी जा रही है। वही, हाथियों का दल यदि एक एकड़ में लगी धान की फसल को शत -प्रतिशत नुकसान पहुंचाता हैं तो किसान को अधिकतम नौ हजार रुपये का ही मुआवजा मिल सकता है।

उसी एक एकड़ से उत्पादित 21 क्विंटल धान को समर्थन मूल्य पर बिक्री करने से किसान को सीधे 65 हजार रुपये मिलते हैं। हाथियों से नुकसान पर मुआवजा और समर्थन मूल्य में भारी अंतर है। यह अंतर मानव-हाथी द्वंद का एक प्रमुख कारण बनता जा रहा है।

करंट से हो रही हाथियों की मौत

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राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में करंट से हाथियों की मौत हो रही है। कही करंट से तो कहीं अन्य कारण प्रमुख वजह है। इसके साथ ही आम जन किसान खेतो की रखवाली समेत अन्य कारणों से मौत के आगोश में हाथियों के चलते समा रहे है। यही कारण है कि अब हाथियों से फसल क्षति पर मुआवजा में वृद्धि की मांग शुरू हो चुकी है।

नुकसान के मुकाबले कम मुआवजा

यहां यह बताना लाजमी होगा कि राज्य में सबसे अधिक हाथी रायगढ जिले के दोनों वन मंडल में हैं,प्रदेश में रिकार्ड के मुताबिक 340 हाथी विचरण विभिन्न जंगलों में कर रहे है। जबकि रायगढ़ में इनकी संख्या 152 से अधिक है, ये अलग-अलग झुंड में 30 से 40 की संख्या में विचरण कर रहे है।नुकसान के मुकाबले कम मुआवजा मिलने से वे काफी नाराज़गी भी जाहिर किए है। इसकी शुरुआत पखवाड़े भर पहले घरघोड़ा क्षेत्र के किसानो ने आंदोलन कर किए हैं और अब व्यापक स्तर में इसकी तैयारी कर रहे है।

बेहतर मुआवजा राशि से किसान होंगे सशक्त

किसान कई बार हाथी सहित अन्य वन्यप्राणियों से फसल बचाने के लिए तार में बिजली प्रभावित कर देते है, जिससे हाथी और अन्य वन्यप्राणि ही नहीं बल्कि ग्रामीणों की मृत्यु की भी घटनाएं बढ़ रही है।

अगर एकड़ में 50 हजार की दर से भुगतान करने पर किसान अपनी जान जोखिम में डाल कर फसल बचाने हाथी का सामना नहीं करेंगे और ना ही हाथियों को परेशान कर भगाने का प्रयत्न करेंगे, जिसमे जन हानि हो जाती है। इस तरह किसान भी सशक्त होंगे।

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2024 के दौर में 2016 की दर से मुआवजा बना रहा है विसंगतियों का पहाड़ हाथियों द्वारा फसल हानि की क्षतिपूर्ति की दर 8 वर्ष पहले 2016 में, तत्कालीन दरों से रुपए 9 हजार प्रति एकड़ निर्धारित की गई थी। वर्ष 2016 में धान की मिनिमम सेल्लिंग प्राइस अर्थात एम.एस.पी. रुपए 1410 प्रति क्विंटल थी।

छत्तीसगढ़ में धान की सरकारी खरीदी दर बढ़ कर 2024 में रुपए 3100 प्रति क्विंटल हो गई है। तुलना करने पर रुपए 1410 से 120 प्रतिशत बढ़ कर 2024 में 3100 प्रति क्विंटल हो गई है। किसानों को फसल हानि की क्षतिपूर्ति तब ही दी जाती है जब कम से कम 33 प्रतिशत का नुकसान हुआ हो। इस तरह से 2024 के दौर में 2016 के दर से मुआवजा राशि निर्धारित के हिसाब से दी जा रही है।इस वजह से मांग रहे है

किसान 50 हजार रुपये एकड़ क्षतिपूर्ति

किसानों से सरकार 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदती है। रुपए 3100 प्रति क्विंटल की दर से किसान को प्रति एकड़ रुपए 65,100 की राशि धान बिक्री से प्राप्त होती है और उसका प्रति एकड़ खर्चा लगभग रुपए 15 हजार कम कर दिया जावे तो किसान को प्रति एकड़ रुपए 50 हजार की बचत होती है। इसलिए धान की फसल की क्षतिपूर्ति की दर कम से कम रु 50 हजार प्रति एकड़ की जाये।बजट का सिर्फ 0.05 प्रतिशत राशि से जन हानि कम होगी।

अतिरिक्त क्षतिपूर्ति राशि मिलना सुनिश्चित पाए जाने पर ग्रामीणों में नाराजगी कम होने के साथ साथ किसानों/ग्रामीणों के मध्य मानव-हाथी द्वन्द कम होगा। जिससे जनहानि कम होने के साथ साथ वन्यप्राणी की भी रक्षा होगी और जनहानि पर दी जाने वाली राशि भी कम होगी।

Diljit Dosanjh challenges the authorities, say- declare every state dry i will never singh a song on alchohol | दिलजीत दोसांझ की सरकार को चुनौती: दारू शब्द का इस्तेमाल न करने का नोटिस मिला था, कहा- देश में शराब बंद करो, जिंदगी में इसके गाने नहीं गाऊंगा

12 मिनट पहले

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पॉपुलर पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ अपने म्यूजिकल टूर दिल-लुमिनाटी के चलते चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में दिलजीत ने हैदराबाद में परफॉर्म किया था, हालांकि उससे पहले ही उन्हें तेलंगाना सरकार का नोटिस मिला कि वो मंच पर शराब-दारू जैसे शब्दों का इस्तेमाल न करें। अब दिलजीत ने अपने हालिया शो में नोटिस मिलने पर बात करते हुए सरकार को चुनौती दी है कि अगर हर स्टेट में शराब बैन कर दी जाए तो वो कभी शराब पर बने गाने नहीं गाएंगे। साथ ही उन्होंने बॉलीवुड पर भी निशाना साधा है।

दिलजीत ने हाल ही में गुजरात शो का एक वीडियो शेयर किया है। इसमें वो मंच पर कहते नजर आए हैं, एक खुशखबरी है, आज मुझे कोई नोटिस नहीं मिला है। इससे बड़ी खुशखबरी एक और है। बात यहां पर रुकती नहीं है। आज भी मैं कोई गाना शराब पर नहीं गाऊंगा। पूछिए क्यों। क्योंकि गुजरात ड्राई स्टेट है।

मैंने डिवोशनल गाने दर्जनों से ज्यादा गाए हैं। पिछले 10 दिनों में मैंने 2 गाने डिवोशनल निकाले हैं। एक शिव बाबा पर और एक गुरु नानक बाबा पर। लेकिन उसकी बात कोई नहीं कर रहा। हर बंदा टीवी पर बैठकर पटियाला पैग की बात कर रहा है। एक एंकर साहब टीवी पर बोल रहे थे कि कोई अभिनेता अलग से बोले तो आप उसे बदनाम कर दोगे, लेकिन सिंगर को आप मशहूर कर रहे हो। मैं अलग से किसी को कॉल करके नहीं बोल रहा कि आपने पटियाला पैग लगाया कि नहीं लगाया। मैं भी गाना गा रहा हूं।

बॉलीवुड में हजारों गाने शराब पर बने हैं- दिलजीत

आगे सिंगर ने कहा है, बॉलीवुड में दर्जनों, हजारों गाने शराब पर बने हैं। मेरा एक गाना है, ज्यादा से ज्यादा 2-4 गाने होंगे। मैं वो भी नहीं गाऊंगा, आज भी मैं वो गाने नहीं गाऊंगा। मेरे लिए ये बहुत आसान है क्योंकि मैं खुद भी शराब नहीं पीता हूं। लेकिन बॉलीवुड के जो एक्टर हैं शराब की एडवर्टाइजमेंट करते हैं, दिलजीत दोसांझ नहीं करता। आप मुझे छेड़ो मत, जहां जाता हूं चुप करके अपना प्रोग्राम करता हूं, चला जाता हूं, आप क्यों छेड़ रहे हो मुझे।

आगे दिलजीत ने कहा है, चलो अच्छा ऐसा करते हैं, एक मूमेंट शुरू करते हैं। जब इतने लोग इकट्ठे हो जाएं तो मूमेंट शुरू हो सकती है। अच्छी बात है, जिन्होंने ये बात उठाई है। जितनी भी स्टेट हैं हमारे यहां, अगर वो अपने आप को ड्राई स्टेट घोषित कर देती हैं, अगले ही दिन दिलजीत दोसांझ शराब पर कोई गाना नहीं गाएगा। मैं प्रण करता हूं। हो सकता है ये? बहुत बड़ा रेवेन्यू है ये। कोरोना में सब बंद हो गया था, ठेके बंद नहीं हुए थे जनाब। क्या बात कर रहे हो। आप यूथ को फुद्दू नहीं बना सकते।

दिलजीत ने सरकार को दिया ऑफर

आगे सिंगर ने ये भी कहा, एक और ऑफर दूं। जहां-जहां मेरे शो हैं, आप एक दिन के लिए शराब बैन कर दो, मैं शराब पर बने गाने नहीं गाऊंगा। ये मेरे लिए बहुत आसान है। मैं कोई नया कलाकार थोड़ी हूं कि आप बोलोगे, ये गाना नहीं गा सकता, वो गाना नहीं गा सकता और मैं कहूंगा अरे अब मैं क्या करूं। मैं गाना बदल दूंगा और उतना ही मजा आएगा। अगर गुजरात में शराब बैन है तो मैं सरकार का फैन हूं। मैं तो चाहता हूं कि अमृतसर मैं भी शराब बैन हो जाए। मैं शराब पर गाने बंद कर दूंगा आप देश के ठेके बंद कर दो।

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पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने शनिवार को हैदराबाद में आयोजित अपने कॉन्सर्ट के दौरान अपने गानों पर लगे प्रतिबंधों को लेकर तेलंगाना सरकार पर कटाक्ष किया है। उन्होंने मंच से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि भारत के कलाकारों को अपने ही देश में गाने से रोका जाता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय कलाकारों को पूरी आजादी दी जाती है। पूरी खबर पढ़िए…

दारू नहीं…कॉन्सर्ट में घुला कोका कोला का रंग:लाइव शो में दिलजीत दोसांझ ने बदले सॉन्ग के बोल; तेलंगाना सरकार के आगे झुके पंजाबी सिंगर

पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ ने 15 नवंबर को हैदराबाद में एक कॉन्सर्ट के दौरान अपने फेमस गानों में कुछ बदलाव किए। इस लाइव परफॉर्मेंस में उन्होंने शराब के नाम की जगह कोका कोला का नाम डाला। यह कदम तेलंगाना के अधिकारियों द्वारा नोटिस भेजे जाने के बाद उठाया गया। नोटिस में गानों के लिरिक्स में शराब, ड्रग्स और हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया था। पूरी खबर पढ़िए…

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जसप्रीत बुमराह के बराबर मैच, विकेट और गेंद भी… कौन है वो गेंदबाज जो भारतीय दिग्गज को दे रहा कड़ी टक्कर

नई दिल्ली. जसप्रीत बुमराह मौजूदा समय में सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के बेस्ट पेसर माने जाते हैं. गेंद नई हो या पुरानी, भारत का यह लाडला हर स्थिति में विकेट लेना जानता है. टीम जब भी मुश्किल में होती है तो कप्तान को सबसे पहले बुमराह ही याद आते हैं. लेकिन क्या आप उस गेंदबाज को जानते हैं जो टी20 फॉर्मेट में बुमराह को कड़ी टक्कर दे रहा है. नाम है तबरेज शम्सी. दक्षिण अफ्रीका के तबरेज शम्सी ने बुमराह के बराबर ही मैच खेले हैं और दोनों के ना सिर्फ विकेट बराबर हैं, बल्कि दोनों ने गेंदें भही बराबर फेंकी हैं.

दक्षिण अफ्रीका के तबरेज शम्सी ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया. उन्होंने लिखा, ‘दिलचस्प आंकड़ा. जसप्रीत बुमराह और मैंने एक बराबर टी20आई मैच खेले हैं. दोनों ने एक बराबर गेंदें फेंकी हैं और एक बराबर विकेट भी लिए हैं. क्या गजब का इत्तफाक है.’ बता दें कि जसप्रीत बुमराह ने 70 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं. उन्होंने इन मैचों में 1509 गेंदें फेंकी हैं और 89 विकेट लिए हैं. अफ्रीकी स्पिनर तबरेज शम्सी ने भी 70 टी20आई मैच में 1509 गेंद फेंककर 89 विकेट लिए हैं.

जसप्रीत बुमराह इन दिनों ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं. बुमराह 22 नवंबर से होने वाले पहले टेस्ट मैच में भारत की कप्तानी करते नजर आएंगे. वे 40 टेस्ट मैच खेले हैं. उन्होंने इन मैचों में 173 विकेट लिए हैं. वनडे मैचों में उनके नाम 89 मैच में 149 विकेट हैं. तबरेज शम्सी ने 2 टेस्ट में 6 और 51 वनडे में 72 विकेट हैं.

बिलासपुर रेलवे स्टेशन की ऐतिहासिक इमारत का संरक्षण किया जा रहा है और इसकी पेंटिंग और डिजाइन तैयार किया जा रहा है

नईदुनिया की आशिक रंग लाई। जोनल स्टेशन की 134 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत नहीं ढहेगी। आईटी संरक्षित रेलवे रेल प्रशासन अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास कार्य करना चाहता है। रेलवे ने जारी किया विज्ञापन। उनका कहना है कि आधुनिक विकास के इस कार्य के दौरान हमारी मिर्च पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।

द्वारा मनोज कुमार तिवारी

प्रकाशित तिथि: सोम, 18 नवंबर 2024 10:13:56 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: सोम, 18 नवंबर 2024 10:13:56 पूर्वाह्न (IST)

बिलासपुर रेलवे स्टेशन की ऐतिहासिक इमारत का संरक्षण किया जा रहा है और इसकी पेंटिंग और डिजाइन तैयार किया जा रहा है
जोनल स्टेशन की 134 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत नहीं ढहेगी।

पर प्रकाश डाला गया

  1. नईदुनिया ने संरक्षण के लिए अभियान चलाया था।
  2. ऐतिहासिक इमारत को योजना में जोड़ा गया।
  3. एसईसीएल भवन को संरक्षित किया गया।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर फाइनल इंजिन-डिज़ाइन बनाने का काम अंतिम चरण में है। जैसे ही ये तैयार होगा, इसे डिसप्ले भी कर दिया जाएगा, ताकि आम जनता इसे देख सके। पुरानी इमारत यथावत रहेगी।

सिद्धांत बनाने का निर्णय

उसे प्रशासन रेलवे ने रूपरेखा बनाने का निर्णय लिया है। हालाँकि अभी भी फाइनल डायग्राम बनने में कुछ समय बाकी है। जोनल स्टेशन की इस ऐतिहासिक इमारत को संरक्षित करने के लिए नईदुनिया ने अभियान चलाया था। जिस पर रेलवे ने इसे तोड़ने का निर्णय वापस ले लिया। इसके अलावा यह भी घोषणा की गई कि इमारत को शिलालेख संरक्षित किया जाएगा।

आम जनता की भावना का सम्मान

135 साल पुराने इस रेलवे स्टेशन भवन से यहां जुड़ी है जनता की भावनाएं। रेलवे ने आम जनता की भावना का सम्मान किया है। यही कारण है कि उन्होंने इसे तोड़ने की घोषणा नहीं की। अब अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत भव्य स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। इस भव्य स्टेशन में इतिहास की चमक भी दिखेगी।

पुराना निजीकरण-डिजाइन में बदलाव

रेलवे की टीम ने शनिवार से पुराने स्क्रीनशॉट-डिजाइन में बदलाव किए हैं, नए डिजाइन बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। पुराने डिजाइन स्टेशन में ही राख हुई थी, जिसे ऐतिहासिक ऐतिहासिक इमारत की योजना में जोड़ा गया है।

डिज़ाइन में पुरानी बिल्डिंग को दिखाया गया है। यह डिजाइन जैसे ही फाइनल होगा, उसके डिस्प्ले के लिए रख दिया जाएगा, ताकि आम जनता भी बिलासपुर स्टेशन के नए स्वरूप को देख सके।

नई डिजाइन में जब वह ऐथैसिक बिल्डिंग को देखती है तो मन को अलग तरह की सार्वभौम जगह मिलती है। आम जनता को बिलासपुर की पुरानी इमारत बेहद पसंद आती है। इसे रेलवे ने जिस तरह संजोकर रखा था, उसकी सराहना भी की गई थी।

तोड़ रहे गेट नंबर चार का प्रतिमा, तीन के सामने से हटाया गया शेड

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जोनल स्टेशन का निरीक्षण करने का कार्य तेज गति से चल रहा है। इसके तहत गेट नंबर चार के पास एफओबी के गणतंत्र का निर्माण किया जा रहा है। यह काम अंतिम चरण पर है। इसके साथ-साथ अब गेट ग्रेड तीन के सामने लगे शेड को भी हटाया जा रहा है। इसके हटते ही दुश्मनों का काम शुरू हो जाएगा।

अभी अमृत भारत स्टेशन योजना का कार्य बेहतर गति से चल रहा है, उम्मीद है कि निर्धारित अवधि में बिलासपुर रेलवे स्टेशन का कार्य पूरा हो जाएगा और विश्व स्टेशन के रूप में नजर रखी जाएगी

दरवाजा खोलते ही घर में घुसी नशे में चूर अनजान युवती, बेड पर लेटकर कपड़े उतारने लगी

इंदौर शहर के संविद नगर में नशे में चूर एक युवती ने शनिवार रात तीन बजे जमकर हंगामा किया। उसने यहां कई घरों के दरवाजे खटखटाए और अंदर घुसकर अभद्रता करने लगी। वो इस कदर नशे में थी कि एक घर में घुसकर बेड पर सो गई और वहीं कपड़े भी उतारने लगी।

By Prashant Pandey

Publish Date: Mon, 18 Nov 2024 10:03:12 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 18 Nov 2024 10:09:04 AM (IST)

संविद नगर में महिलाएं युवती को समझाने की कोशिश करती रहीं, लेकिन वो उनसे भी अभद्रता करने लगी।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर(Indore Information)। संविद नगर में शनिवार रात एक युवती ने जमकर हंगामा किया। महिलाओं से हाथापाई और बाइक सवारों के साथ अभद्रता की। पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन महिला बल नहीं होने से असहाय खड़े रहे। घटना रात करीब तीन बजे की है।

जींस-टीशर्ट पहनी इस युवती ने सबसे पहले मूलचंद कौशल के घर दस्तक दी। दरवाजा खोलते ही जबरन अंदर घुसने लगी। इसके बाद विमला खरे के घर में घुस गई और उनके बेटे को पकड़ लिया।

पलंग पर सो गई

युवती को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन वह पलंग पर सो गई। लोगों ने एक-दूसरे को कॉल कर महिलाओं को एकत्र किया। जैसे-तैसे उसे बाहर निकाला, युवती ने समझाने वाली महिलाओं से मारपीट करना शुरू कर दी।

कपड़ों का भी होश नहीं था

युवती को कपड़ों का भी होश नहीं था। उसने जूते खोल दिए और कपड़े उतारने लगी। भाजपा नेता राजा कोठारी के मुताबिक तिलक नगर थाने से पुलिसकर्मियों को बुलाया, लेकिन उन्होंने कहा कि महिला को नहीं पकड़ सकते। महिला बल नहीं होने से पुलिसकर्मी भी असहाय बने रहे।

भारत ने किया पाकिस्तान जाने से मना, कितनी टीमों के बीच खेली जाएगी चैंपियंस ट्रॉफी ?

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आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2023 के अंक तालिका में टॉप 8 में रहने वाली टीमों ने चैंपियंस ट्रॉफी के लिए जगह बनाई है. भारत, साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान, इंग्लैंड और बांग्लादेश ने टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया है. पाकिस्तान होस्ट होने के नाते टूर्नामेंट में खेलना तय था.

साइबर क्राइम अलर्ट: अब सरकारी मंज़ूरी के नाम एपीपीके फ़ाइल साइबेरियाई विश्व बैंक

साइबरब्यूज़ ने अब स्टॉक के लिए नया रास्ता चुना है। अब सरकारी कर्मचारी और निजीकरण को लेकर आवेदन पत्र के नाम पर आवेदन पत्र जारी किया गया है। ये सरकारी कॉलेज निजीकरण के ग्रुपों पर पो प्रोटोटाइप हो रही हैं और सामान व स्टाफ झांसे में आ गए हैं और गरीबों के शिकार हो रहे हैं।

द्वारा अनिल तोमर

प्रकाशित तिथि: सोम, 18 नवंबर 2024 10:28:35 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: सोम, 18 नवंबर 2024 10:28:35 पूर्वाह्न (IST)

साइबर क्राइम अलर्ट: अब सरकारी मंज़ूरी के नाम एपीपीके फ़ाइल साइबेरियाई विश्व बैंक
अब सरकारी अधिसूचना का नाम एपीपीके एसईसीएल साइबेरियाई सूची जैसा है। सांकेतिक चित्र।

पर प्रकाश डाला गया

  1. आधिकारिक वाट्सएप ग्रुप में पोस्ट होने से फंस रहे अधिकारी
  2. पिछली बार की तुलना में राजस्व पर्यवेक्षकों के मोबाइल हैक हो गए
  3. एक केक फ़ाइल से 65 हजार रुपये निकालने के लिए एपीके फ़ाइल पर क्लिक करें

वरुण शर्मा. नईदुनिया सूची। सरकारी अधिसूचना के नाम जैसे एपीके (एंड्राइड एप्लीकेशन प्लांट) सेवियन अधिकारियों और कर्मचारियों से साइबर रिजर्व के मामले सामने आए हैं। हैकर्स एआईसीएस वैस्टेटसर्विस सर्विस के अधिकारी उपस्थिति वाले व्हाट्सएप ग्रुप में इन एपीके सर्विसेज को पोस्ट कर रहे हैं। इन एपके उपकरणों के नाम सरकारी मंजूरी के नाम पर होते हैं।

इस कारण अधिकारी बिना ज्यादा विचार किए उसे मोबाइल में डाउनलोड-इंस्टॉल कर ले रहे हैं। बताएं, एपके एप्लिकेशन फाइल मौजूद है और एंड्रॉइड एपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाले फोन पर इंस्टाल स्टेयर सिस्टम का हिस्सा बनता है। इन माध्यमों से संबंधित व्यक्ति का फ़ोन हैक कर लें और आवश्यक जानकारी चुरा लें। अन्य बातों के अलावा, पांच अधिकारियों को एक विकास योजना के एपीके उद्यम के माध्यम से फंसाया गया।

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एक बदमाश के खाते से निकले 65 हजार रुपये, चार अधिकारियों के मोबाइल हैक हो गए। अब आपके फोन से हैकर आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में एपके फाइल डाउनलोड करने के लिए पोस्ट कर रहे हैं। कंपनी के अधिकारियों के ग्रुप में यह एपकेक फाइल हुई तो भितरवार के शहीद शत्रुघ्न सिंह चौहान का मोबाइल हैक हो गया। उनके खाते से 65 हजार रुपये निकल गए।

उनके ही मोबाइल से ये एपके फोल्डर दूसरे ग्रुप में पोस्ट किए गए तो कई लोगों ने इसे डाउनलोड भी कर लिया। वैली गांव के अनाज सोया का मोबाइल रविवार को हैक हो गया। इससे पहले बच्चापुर के गायक सतेंद्र तोमर का मोबाइल हैक हुआ था। भितरवार के नाटककार धीरज परिहार, राजस्व दर्शक मुरार हरनाम सिंह सहित अन्य अधिकारियों के मोबाइल हैक हो रहे हैं। साइबर सेल में शिकायत दर्ज की गई है।

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एपके फ़ाइल से ऐसी होती है सूची

ऐपके फाइल धोखे से इंस्टाल करवा हैकर्स मोबाइल का पूरा कंट्रोल कंट्रोल कर लेते हैं। एक बार ऐप डाउनलोड के बाद कंडक्ट, डक्ट, कैमरा, माइक्रोफोन, एसएमएस, कॉल लाग्स, गैलरी समेत अन्य एक्सेस की मांग होती है। लोग धोखे से पूरी पहुंच (एक्सेस) दे देते हैं और मोबाइल हैक हो जाते हैं। इसके बाद एसएमएस से लेकर ईमेल तक ठगों की पहुंच हो जाती है। ट्रस्ट प्राप्त दस्तावेजों से तालाबंद से रुपए भी निकाले जाते हैं।

सबसे पहले इग्नोर करें भूलकर भी इंस्टाल न करें

यदि आपके व्हाट्सएप ग्रुप में किसी भी योजना, बैंक या आधार अपडेट के नाम पर कोई एपके फाइल मौजूद है, तो उसे भी डाउनलोड करना न भूलें। एपके फ़ाइल के लिंक पर क्लिक करें और अपने व्हाट्सएप में मौजूद सेटिंग को डाउनलोड पर रखें। ऐसा न करने पर एपके फ़ाइल स्वयं ही डाउनलोड हो जाती है। आपका फोन तक मस्जिद की पहुंच हो जाती है।

फर्जी एपके फ़ाइल का कोई आइकन नहीं होता, अलग पहचान नहीं होती। उन्हें ढूंढकर अन-इंस्टॉल करना मुश्किल हो जाता है। हैकर्सआइने अलग-अलग योजना, बैंक और आधार अपडेट के फायदे हैं। एक बार लिंक पर क्लिक करने के बाद फोन में फाइल डाउनलोड होना शुरू हो जाती है। यह फ़ोन हैक हो जाता है। अन्य लोगों, लोकतंत्र से मिली लिंक से सहेजा गया।

संजीव नयन शर्मा, वोडाफोन, स्टेट साइबर सेल, इलेक्ट्रॉनिक्स

एक माह में 400 से अधिक हाथियों से आर्थिक नुकसान,किसानों में मुआवजा दर को लेकर नाराजगी

वर्तमान में, हाथियों द्वारा फसल हानि पर रुपए 9 हजार प्रति एकड़ की दर से औसत क्षतिपूर्ति रुपए 15 करोड़ प्रतिवर्ष दी जाती है। अगर धान फसल की क्षतिपूर्ति रुपए 50 हजार प्रति एकड़ कर दी जाती है तो राज्य सरकार को 65 करोड रुपए का अतिरिक्त व्यय आएगा। राज्य के रुपए 1,25,000 लाख करोड़ के बजट का सिर्फ 0.05 प्रतिशत ही होगा।

By Manoj Kumar Tiwari

Publish Date: Mon, 18 Nov 2024 09:43:47 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 18 Nov 2024 09:43:47 AM (IST)

हाथियों का दल

HighLights

  1. देश का एक प्रतिशत हाथी छत्तीसगढ़ में।
  2. सिर्फ रायगढ़ जिले में 150 से अधिक हाथी ।
  3. हाथी-मानव द्वंद का कारण लोग परेशान।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायगढ़। छत्तीसगढ़ में देश के 1 प्रतिशत हाथी है। मानव द्वंद से जनहानि की दर 15 प्रतिशत से अधिक है।

वर्तमान में प्रचलित, हाथियों द्वारा फसल हानि की क्षतिपूर्ति की दर 8 वर्ष पहले 2016 में, तत्कालीन दरों से रुपए 9 हजार प्रति एकड़ निर्धारित की गई थी, मुआवजा राशि बेहद कम है।आलम यह है कि रायगढ़ जिले में सबसे ज्यादा 152 हाथियों की मौजूदगी है। इधर किसानों की धान की फसल कही पक कर तैयार तो कही कतार में है।

किसानों में भारी रोष

आबादी और खेत खलिहान में हाथियों के तांडव मचाने किसानों को वृहद स्तर में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिसमे जिले में एक माह में 400 से अधिक बड़े तथा आंशिक तौर पर फसल नुकसान के प्रकरण सामने आए है।

बीते सप्ताह भर से प्रतिदिन 30 से अधिक प्रकरण दर्ज हुए हैं। ऐसे में आर्थिक नुकसान में मिलने वाले मुआवजा प्रकरण की राशि कम होने पर किसानों में भारी रोष है।

हाथियों द्वारा फसल हानि की क्षतिपूर्ति की दर 8 वर्ष पहले 2016 में, तत्कालीन दरों से रुपए 9 हजार प्रति एकड़ निर्धारित की गई थी। वर्ष 2016 में धान की मिनिमम सेल्लिंग प्राइस अर्थात एम.एस.पी. रुपए 1410 प्रति क्विंटल थी।

सरकारी खरीदी दर बढ़ कर 2024 में रुपए 3100 प्रति क्विंटल

छत्तीसगढ़ में धान की सरकारी खरीदी दर बढ़ कर 2024 में रुपए 3100 प्रति क्विंटल हो गई है। तुलना करने पर रुपए 1410 से 120 प्रतिशत बढ़ कर 2024 में 3100 प्रति क्विंटल हो गई है।

हाथियों से नुकसान पर मुआवजा और समर्थन मूल्य में भारी अंतर

किसानों को फसल हानि की क्षतिपूर्ति तब ही दी जाती है जब कम से कम 33 प्रतिशत का नुकसान हुआ हो। इस तरह से 2024 के दौर में 2016 के दर से मुआवजा राशि निर्धारित के हिसाब से दी जा रही है। वही, हाथियों का दल यदि एक एकड़ में लगी धान की फसल को शत -प्रतिशत नुकसान पहुंचाता हैं तो किसान को अधिकतम नौ हजार रुपये का ही मुआवजा मिल सकता है।

उसी एक एकड़ से उत्पादित 21 क्विंटल धान को समर्थन मूल्य पर बिक्री करने से किसान को सीधे 65 हजार रुपये मिलते हैं। हाथियों से नुकसान पर मुआवजा और समर्थन मूल्य में भारी अंतर है। यह अंतर मानव-हाथी द्वंद का एक प्रमुख कारण बनता जा रहा है।

करंट से हो रही हाथियों की मौत

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राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में करंट से हाथियों की मौत हो रही है। कही करंट से तो कहीं अन्य कारण प्रमुख वजह है। इसके साथ ही आम जन किसान खेतो की रखवाली समेत अन्य कारणों से मौत के आगोश में हाथियों के चलते समा रहे है। यही कारण है कि अब हाथियों से फसल क्षति पर मुआवजा में वृद्धि की मांग शुरू हो चुकी है।

नुकसान के मुकाबले कम मुआवजा

यहां यह बताना लाजमी होगा कि राज्य में सबसे अधिक हाथी रायगढ जिले के दोनों वन मंडल में हैं,प्रदेश में रिकार्ड के मुताबिक 340 हाथी विचरण विभिन्न जंगलों में कर रहे है। जबकि रायगढ़ में इनकी संख्या 152 से अधिक है, ये अलग-अलग झुंड में 30 से 40 की संख्या में विचरण कर रहे है।नुकसान के मुकाबले कम मुआवजा मिलने से वे काफी नाराज़गी भी जाहिर किए है। इसकी शुरुआत पखवाड़े भर पहले घरघोड़ा क्षेत्र के किसानो ने आंदोलन कर किए हैं और अब व्यापक स्तर में इसकी तैयारी कर रहे है।

बेहतर मुआवजा राशि से किसान होंगे सशक्त

किसान कई बार हाथी सहित अन्य वन्यप्राणियों से फसल बचाने के लिए तार में बिजली प्रभावित कर देते है, जिससे हाथी और अन्य वन्यप्राणि ही नहीं बल्कि ग्रामीणों की मृत्यु की भी घटनाएं बढ़ रही है।

अगर एकड़ में 50 हजार की दर से भुगतान करने पर किसान अपनी जान जोखिम में डाल कर फसल बचाने हाथी का सामना नहीं करेंगे और ना ही हाथियों को परेशान कर भगाने का प्रयत्न करेंगे, जिसमे जन हानि हो जाती है। इस तरह किसान भी सशक्त होंगे।

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2024 के दौर में 2016 की दर से मुआवजा बना रहा है विसंगतियों का पहाड़ हाथियों द्वारा फसल हानि की क्षतिपूर्ति की दर 8 वर्ष पहले 2016 में, तत्कालीन दरों से रुपए 9 हजार प्रति एकड़ निर्धारित की गई थी। वर्ष 2016 में धान की मिनिमम सेल्लिंग प्राइस अर्थात एम.एस.पी. रुपए 1410 प्रति क्विंटल थी।

छत्तीसगढ़ में धान की सरकारी खरीदी दर बढ़ कर 2024 में रुपए 3100 प्रति क्विंटल हो गई है। तुलना करने पर रुपए 1410 से 120 प्रतिशत बढ़ कर 2024 में 3100 प्रति क्विंटल हो गई है। किसानों को फसल हानि की क्षतिपूर्ति तब ही दी जाती है जब कम से कम 33 प्रतिशत का नुकसान हुआ हो। इस तरह से 2024 के दौर में 2016 के दर से मुआवजा राशि निर्धारित के हिसाब से दी जा रही है।इस वजह से मांग रहे है

किसान 50 हजार रुपये एकड़ क्षतिपूर्ति

किसानों से सरकार 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदती है। रुपए 3100 प्रति क्विंटल की दर से किसान को प्रति एकड़ रुपए 65,100 की राशि धान बिक्री से प्राप्त होती है और उसका प्रति एकड़ खर्चा लगभग रुपए 15 हजार कम कर दिया जावे तो किसान को प्रति एकड़ रुपए 50 हजार की बचत होती है। इसलिए धान की फसल की क्षतिपूर्ति की दर कम से कम रु 50 हजार प्रति एकड़ की जाये।बजट का सिर्फ 0.05 प्रतिशत राशि से जन हानि कम होगी।

अतिरिक्त क्षतिपूर्ति राशि मिलना सुनिश्चित पाए जाने पर ग्रामीणों में नाराजगी कम होने के साथ साथ किसानों/ग्रामीणों के मध्य मानव-हाथी द्वन्द कम होगा। जिससे जनहानि कम होने के साथ साथ वन्यप्राणी की भी रक्षा होगी और जनहानि पर दी जाने वाली राशि भी कम होगी।

Vaibhav Suryavanshi hit his best Ranji score MP players kept watching

पटना. इसी साल जनवरी महीने में सबसे कम उम्र में रणजी डेब्यू करने वाले धाकड़ बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का बल्ला आखिरकार बोल उठा. मध्यप्रदेश के गेंदबाजों की ऐसी धुलाई इस छोटे बच्चे ने कर दी कि देखकर हर कोई हैरान हो गए. हालांकि पारी भले ही छोटी रही, लेकिन धमाकेदार रही. दरअसल, आज बिहार बनाम मध्यप्रदेश के बीच रणजी मुकाबले का चौथा दिन था और बिहार की टीम फॉलो ऑन खेलने उतरी हुई थी. बिहार की तरफ से वैभव सूर्यवंशी आज एमपी के गेंदबाजों पर काल बनकर टूटे और अपना रणजी सर्वाधिक जड़ दिया.

वैभव ने खेली आकर्षक पारी

फॉलोऑन खेलने उतरी बिहार टीम की शुरुआत खराब रही. 4 रन के योग पर पीयूष कुमार सिंह के रूप में पहला झटका लगा. पीयूष कुमार सिंह बिना खाता खोले पवेलियन लौटे. इसके बाद सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का साथ देने बाबुल कुमार आये. लेकिन, पहली पारी जैसा विकेट पर बाबुल नहीं टिक पाये. 9वें ओवर में वेंकटेश अय्यर ने अपनी ही गेंद पर बाबुल का कैच पकड़ा और बिहार को दूसरा झटका दे डाला. इस समय टीम का स्कोर 38 रन था. इधर, वैभव सूर्यवंशी पिछले रणजी मुकाबले से बेहतर करते हुए अपने पहले अर्धशतक की ओर बढ़ रहे थे. लेकिन, कुमार कार्तिकेय सिंह ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया. 14वें ओवर की दूसरी गेंद पर कार्तिकेय सिंह की गेंद पर सुब्रांशु सेनापति ने लपक लिया. वैभव सूर्यवंशी ने 43 गेंद में 6 चौके और 1 छक्के की मदद से 41 रन बनाए. यह उनका रणजी ट्रॉफी में सर्वश्रेष्ठ स्कोर है. वैभव ने 41 रनों की अपनी पारी में 30 रन सिर्फ बाउंड्री से बनाए.

पिच पर टिककर नहीं खेल पाए बांकी खिलाड़ी

रणजी ट्रॉफी के अंतर्गत स्थानीय मोइनुल हक स्टेडियम में मध्यप्रदेश के खिलाफ खेले गए मुकाबले में सकीबुल गनी, वैभव सूर्यवंशी और सचिन कुमार सिंह को छोड़ बाकी बैटरों ने दूसरी पारी में धैर्य नहीं दिखाया और आया राम गया राम की तर्ज पर पवेलियन लौटते गए. नतीजन, बिहार के खाते में पारी की हार आ गई. मध्यप्रदेश ने बिहार को पारी और 108 रन से पराजित कर पूरे अंक अर्जित किये. 240 रन की शानदार पारी खेलने वाले मध्यप्रदेश के कप्तान शुभम शर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया.

ये रहा बिहार के खिलाड़ियों का स्कोर कार्ड

पहली पारी में बिहार की ओर से पीयूष कुमार सिंह ने 37, वैभव सूर्यवंशी ने 5, बाबुल कुमार ने 47, सकीबुल गनी ने 3, विपिन सौरभ ने 71, आयुष लोहारुका ने 76, सरमन निगरोध ने 34, वीर प्रताप सिंह ने 14, शब्बीर खान ने 5 रन बनाये. हिमांशु सिंह बिना खाता खोले नाबाद रहे. वहीं दूसरी पारी में पीयूष कुमार सिंह ने 0, वैभव सूर्यवंशी ने 41, बाबुल कुमार ने 5, सकीबुल गनी ने नाबाद 76, विपिन सौरभ ने 3, आयुष लोहरुका ने 1, सरमन निगरोध ने 8, सचिन कुमार सिंह ने 15, वीर प्रताप सिंह ने 0 और शब्बीर खान ने 7 रन बनाये.

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