Gwalior council meeting Information: आउटसोर्स एजेंसियों का कार्यकाल बढ़ाया, हंगामे से पहले बैठक स्थगित

नगरनिगम परिषद की बैठक हुई, लेकिन जिन बिंदुओं पर चर्चा होनी चाहिए थी। उन पर चर्चा ही नहीं हुई। पार्षद गुटों में नजर आए। दूसरे शब्‍दों में पार्षदों में गुटबाजी हावी होने से मैन पावर वाले बिंदु पर चर्चा ही नहीं हुई। साथ ही बैठक में हंगामा हो पाता, उससे पहले ही बैठक को स्‍थगित कर दिया गया।

By Priyank Sharma

Publish Date: Tue, 19 Nov 2024 10:34:44 AM (IST)

Up to date Date: Tue, 19 Nov 2024 10:34:44 AM (IST)

HighLights

  1. बैठक में नजर आई पार्षदों की गुटबाजी
  2. मैन पावर ठेके पर नहीं हुई बैठक में चर्चा
  3. विवादित ठेके में विपक्ष के कुछ लोगों की मिलीभगत

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। भाजपा पार्षदों के बीच शुरू हुई गुटबाजी के कारण सोमवार को नगर निगम परिषद की बैठक में सिर्फ दो बिंदुओं पर ही चर्चा हो सकी। सभापति मनोज सिंह तोमर की अध्यक्षता में जलविहार स्थित परिषद कार्यालय में दोपहर तीन बजे शुरू हुई बैठक में एजेंडा के बिंदु क्रमांक सात में वर्तमान में आउटसोर्स मैन पावर उपलब्ध करा रही एजेंसी राज सिक्योरिटी फोर्स की कार्य अवधि को 30 अगस्त तक बढ़ाने की सहमति दी गई।

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वहीं बिंदु क्रमांक आठ में आउटसोर्स पर 1379 अकुशल सफाई श्रमिक उपलब्ध कराने वाली एजेंसी सेंगर सिक्योरिटी का कार्यकाल 30 सितंबर तक बढ़ाने की निर्णय भी सर्वसम्मति से लिया गया। जैसे ही विवादित मैन पावर के नए ठेके बिलीव साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दो साल के लिए 1510 आउटसोर्स कर्मचारी 65 करोड़ रुपये में उपलब्ध कराने पर चर्चा की बारी आई, तो बैठक में बालाजी मंदिर के गौरव महाराज और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी की पुत्री कृतिका माखीजानी के निधन पर शोक प्रस्ताव पढ़वाकर 27 नवंबर दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

दरअसल, पिछले दिनों भाजपा पार्षदों के एक गुट ने आपस में बैठक करने के बाद जिलाध्यक्ष अभय चौधरी से मुलाकात की थी। पार्षदों को इस बात की भनक लग गई थी कि विवादित ठेके में विपक्ष के ही कुछ लोगों की मिलीभगत है। इसके कारण वे इस प्रस्ताव पर हंगामे की तैयारी में लगे थे। इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष की मिलीभगत की जानकारी भाजपा पार्षदों के एक धड़े को लग चुकी है। ऐसे में वे इस बिंदु को पास नहीं कराना चाहते थे और इसके लिए शासन के नियमों के साथ ही टेंडर के दस्तावेज भी लेकर पहुंचे थे, लेकिन उससे पहले ही बैठक को स्थगित कर दिया गया।

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क्या है ठेके की गड़बड़ी

  • आउटसोर्स मैन पावर के नए ठेके में विवाद यह है कि शासन के 31 मार्च 2023 के आदेश के अनुसार आउटसोर्स एजेंसी को टेंडर में भाग लेते समय न्यूनतम 10 प्रतिशत सर्विस चार्ज भरना है, लेकिन बिलीव साल्यूशन ने कम राशि भरी थी। तत्कालीन निगमायुक्त हर्ष सिंह ने इस मामले में कानूनी राय भी मांगी थी, जिसमें इस ठेके को निरस्त करने की सलाह दी गई थी।
  • इन्हीं शर्तों के आधार पर अकुशल सफाई श्रमिकों का ठेका कराने के लिए भी टेंडर जारी किए गए थे, जिसे इसी एजेंडा में निरस्त करने का प्रस्ताव रखा गया है, लेकिन विवादित शर्तों और तमाम गड़बड़ियों के बावजूद मिलीभगत कर बिलीव साल्यूशन के मैन पावर के ठेके को पास कराने की तैयारी की जा रही है।