सीजी वक्फ बोर्ड: जुमे की नमाज के बाद तकरीर के लिए अब वक्फ बोर्ड से होंगे स्वीकृत, उल्लंघन पर दर्ज होगी एफआईआर
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत मस्जिदों में जुमे की नमाज के बाद वाली तकरियों के लिए बोर्ड से लिखित मंजूरी लेनी होगी। सभी मुतवल्ली नेटफ्लिक्स ग्रुप में तकरीर का विषय साझा करेंगे, जिसकी जांचकर जानकारी दी जाएगी। आदेश 22 नवंबर से लागू होगा और इसका उल्लंघन करने पर रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा।
द्वारा श्रवण कुमार शर्मा
प्रकाशित तिथि: सोम, 18 नवंबर 2024 08:53:32 पूर्वाह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: सोम, 18 नवंबर 2024 08:53:32 पूर्वाह्न (IST)

पर प्रकाश डाला गया
- वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने प्रदेशभर की मस्जिदों के मुतवल्ली को भेजा पत्र।
- मुतवल्ली तक़रीर के विषय के बारे में जानकारी।
- मुतवल्लियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी आदेश एन.
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। अब छत्तीसगढ़ की मस्जिदों में हर जुमे यानी शुक्रवार की नमाज के बाद होने वाली तकरीर के लिए वक्फ बोर्ड से मंजूरी लेनी होगी। किस विषय पर तकरीर कर रहे हैं, इसकी जानकारी लिखित में होगी। यह आदेश राज्य वक्फ बोर्ड के नए अध्यक्ष ने प्रदेशभर की मस्जिदों के मुतवल्ली को पत्र दिया है।
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष और भाजपा नेता डीए अराय राज ने बताया कि मुतवल्लियों को भेजे गए पत्र में लिखा है कि बोर्ड से मंजूरी लेने के बाद ही तकरीर की विषय वस्तु पर चर्चा की जाएगी। यह आदेश 22 नवंबर से लागू होगा। हर मस्जिद पर होने वाली तकरीर पर विशेष नजर रखी जाएगी।
मुतवल्लियों का व्हाट्सग्रुप
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि प्रदेशभर की मस्जिदों के मुतवल्लियों को जानकारी देने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इस ग्रुप में मुतवल्ली तकरीर के विषय की जानकारी देंगे। वक्फ बोर्ड द्वारा नियुक्त अधिकारी विषय को परखकर फिर दे देंगे। वही विषय पर ही तकरीर कर महंगा। ऑर्डर नहीं दिया जाएगा मुतवल्लियों पर एफआइआर दर्ज किया जाएगा।
पूर्व राष्ट्रपति ने इसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था
विश्लेषकों का कहना है कि पिछले महीने ही बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व न्यायाधीश मिन्हाजुद्दीन के खिलाफ अविश्वास पत्र को हटा दिया गया था। इसके बाद बीजेपी नेता डा.सलीमराज को नया अध्यक्ष चुना गया।
पूर्व राष्ट्रपति ने किया विरोध प्रदर्शन
वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सलाम रिजवी ने नए अध्यक्ष डा.सलीमराज के नए निर्देशों का विरोध किया है। उनका कहना है कि प्रदेशभर की मस्जिदों में एक साथ कैसे नजर रखें। तकरीर में कुरान और हदीस की बातें बताई गई हैं। प्रदेशभर में ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी मस्जिद से अनर्गल या फिर अटारी तकरीर की हो गई हो। कुछ नेता राजनीतिक लाभ लेने के लिए ऐसा कर रहे हैं। ऐसे लोगों से मुस्लिम समाज बदलेगा।
धार्मिक उपदेशों तक सीमित रहें – डा.सलीम
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अरायल राज का कहना है कि मस्जिदों के मुतवल्लियों को धार्मिक उपदेशों तक ही सीमित रहना चाहिए। राजनीति नहीं करनी चाहिए। हमने जो पत्र लिखा है वह मुतवल्लियों के लिए है। मौलानाओं के लिए हमें कोई निर्देश नहीं दिया गया है। इमामों को सरकार की मंजूरी के बारे में जागरूकता फैलाने की बात कही गई है, जो अल्पसंख्यकों के लिए है।
ओवेसी ने एक्स पर लिखा
अल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। एक्स पर पोस्ट में ओसासी ने लिखा कि अब भाजपाई विचारधारा क्या है? क्या हमें अपने दिन पर कारोबार के लिए अब इजाज़त मिलेगी? वक्फ बोर्ड के पास ऐसी कोई क़ानूनी ताकत नहीं है। यदि ऐसा भी होता तो यह संविधान के विरुद्ध 25 के विवरण होते।

