सीजी नक्सली समाचार: बंदूकधारी में मारे गए पांच लाख की पूर्ति, एक आठ लाख, चार पर थी चार लाख की पूर्ति

कांकेर और नारायणपुर जिले के उत्तरी आज़मगढ़ क्षेत्र में सुरक्षा किले और किले के बीच में सामाजीकरण हुआ, जिसमें पाँच ज़िम्मेदारियाँ ली गईं। इनमें से एक पर कुल ₹28 लाख की आपूर्ति की गई थी। पुलिस ने छापेमारी कर कई हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। सुबह करीब साढ़े आठ बजे शुरू हुई और चार घंटे तक चली।

द्वारा अनिमेष पॉल

प्रकाशित तिथि: सोम, 18 नवंबर 2024 08:53:16 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: सोम, 18 नवंबर 2024 08:53:16 अपराह्न (IST)

सीजी नक्सली समाचार: बंदूकधारी में मारे गए पांच लाख की पूर्ति, एक आठ लाख, चार पर थी चार लाख की पूर्ति
कांकेर और नारायणपुर जिले के उत्तरी अज़ुमाड़ में मजदूर। प्रतीकात्मक फोटो

पर प्रकाश डाला गया

  1. न अकुशल अभियान से उड़ाए गए दो आईईडी भी नष्ट कर दिए गए।
  2. मारे गए ब्रॉडकास्ट में डिवीजनल कमेटी के सदस्य वनोजा मीचा शामिल हैं।
  3. अचूकमाड़ क्षेत्र में चार घंटे तक चला गिरोह के बाद दायित्व भागे।

नईदुनिया प्रतिनिधि,जगदपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर और नारायणपुर जिले के उत्तरी आज़मगढ़ क्षेत्र में शनिवार को सुरक्षा बलों के साथ हुई पांच सेनाओं को शहीद कर दिया गया। बिजनेसमैन में मारे गए न प्रॉपर्टी की पहचान की जा चुकी है। पुलिस के सहयोग से कुल 28 लाख रुपये की आपूर्ति की गई।

पुलिस के अनुसार, इस मशीन में चार पर 5 लाख रुपये की भरपाई की गई थी, जबकि मुख्य पात्र नेता वनोजा मीचा करम, जो डिवीजनल कमेटी के सदस्य थे, पर 8 लाख रुपये की भरपाई थी। इसके अलावा, मारे गए प्रमुख क्षेत्रीय समिति के सदस्य सुरेश गावड़े, संतोष कुरचामी, मनीष पद्दा और पुनीना भी शामिल हैं।naidunia_image

सुरक्षा बलों से बड़ी संख्या में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। इनमें एक सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर), एक इंसास राइफल, दो 12 बोर गन, एक 315 बोर रायफल, एक बीजील लॉन्चर और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री शामिल है।

कांकेर स्पा आई.के. सेला ने बताया कि यह उत्तर प्रदेश में गुप्त सुरक्षा बल (एसटीएफ) और सीमा सुरक्षा बल (एसटीएफ) और सीमा सुरक्षा फोर्स के बीच स्थित है। बल (बी.एस.एफ.) की संयुक्त टीम का जनरल था। सिक्योरिटी फोर्सेज की टीम जब सुपरमार्केट पर थी, तो जनरल ने घाट पर हमला कर दिया।

यह सुबह करीब साढ़े आठ बजे शुरू हुआ और करीब चार घंटे तक चला। इसके बाद डॉक्युमेंट्स में सफल रहे। बख्तरबंद सुरक्षा आर्कास्ट्रा द्वारा लगाए गए दो इम्प्रोव विजीलेशन एक्सप्लोसिव एनेकेजल (IEDs) को बरामद कर नष्ट कर दिया गया।