समर्थक में मारे गए अमित जोश के समर्थक डी संतोष राव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, बहन के घर ली थी शरण

8 नवंबर को पुलिस समसामयिक में मारे गए अपराधी अमित जोश नाइक मोरिस को शरण देने वाले समेकन डी संतोष राव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह अपने दोस्त शंकर भट्ट के साथ मिलकर अमित जोश को भाटापारा स्थित अपने घर में छिपा रही थी। पुलिस ने उसकी बहन के घर से उसे पकड़ लिया और उसकी निशानदेही पर अमित जोश की स्कूटी पेंड्रा से बरामद कर ली।

द्वारा दिनेश कुमार चौहान

प्रकाशित तिथि: सोम, 18 नवंबर 2024 05:59:13 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: सोम, 18 नवंबर 2024 05:59:13 अपराह्न (IST)

समर्थक में मारे गए अमित जोश के समर्थक डी संतोष राव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, बहन के घर ली थी शरण
बातचीत में मामले की जानकारी देते अधिकारी और उनकी खड़ी बातें

पर प्रकाश डाला गया

  1. डी संतोष राव ने अपने दोस्त शंकर भट्ट के साथ अमित जोश को भाटापारा में शरण दी थी।
  2. पुलिस ने उसकी बहन के घर से बरामद की गई स्कूटी, पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन से बरामद की।
  3. अमित जोश 25 जून को हुए गोलीकांड में शामिल थे, उनके दोस्त को सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था।

नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। आठ नवंबर को जयंती स्टेडियम के पीछे पुलिस के समर्थकों ने अमित जोश नी मोरिस के घर में घुसकर उनकी मदद करने वाले एक व्यक्ति डी संतोष राव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बुज़ुर्ग डी संतोष राव ने अपने एक दोस्त शंकर भट्ट के साथ मिलकर अमित जोश को अपने धुरंधर वार्ड भाठापारा स्थित घर में शरण दी थी।

पुलिस को इसकी जानकारी मिली तो पुलिस ने भाठापारा में भी सामान दिया था, लेकिन आमाशुदा अमित जोश और डी संतोष राव बराकर हो गए थे। डी संतोष राव को पुलिस ने उनकी बहन के घर से गिरफ्तार कर लिया और उनकी निशानदेही पर अमित जोश की स्कूटी को पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया।

naidunia_image

25 जून की देर रात को सेक्टर-6 ग्लोब चौक के पास विश्रामपुर के निवासी सुनील यादव और शहर के बदनाम बदमाश अमित जोश नायडो के साथ उनके कुछ दोस्त सागर ने अपने कुछ दोस्तों टाइगर टेल नीक डागी, मुकुल सोना, स्कोर शर्मा और किशोर नायडू के साथ मुलाकात की। आदित्य सिंह पर गोली चलाई गई थी।

पुलिस ने उनके दोस्त सागर बाघिन डागी, मुकुल सोना, स्कोर शर्मा और यशवंत नायडू को अलग-अलग तारीख को गिरफ्तार किया था। वहीं अमित जोश पर आठ नवंबर को पुलिस सपोर्ट में हमला कर दिया गया था। सपोर्ट के बाद सुपरफास्ट बिजनेसमैन शुक्ला ने स्पष्ट किया कि यह मामला खत्म नहीं हुआ है। अमित जोश की किसी भी तरह से मदद करने वाले भी जाएंगे।

एसपी के निर्देशों के बाद पुलिस ने अमित जोश की मदद के लिए लोगों को उनकी तलाश शुरू करने की सलाह दी। धुरंधर वार्ड भाठापारा के निवासी बंदी संतोष राव और उनके दोस्त शंकर भट्ट ने अमित जोश को भाठापारा स्थित अपने घर में शरण दी थी। शंकर भट्ट को पूर्व में गिरफ्तार किया गया था। वहीं डी संतोष राव बबाल थे। जिसे शनिवार को उसकी बहन के घर सेक्टर-6 से गिरफ्तार कर लिया गया है।naidunia_image

भिलाई से ही स्केच लेकर भागा था अमित जोश

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद अमित जोश अपने घर से ही स्कूटी और एक मॉडल लेकर भागा था। वो पहले भाठापारा में बच्चा छिपा था, लेकिन जब पुलिस उसे खोजते हुए वहां भी पहुंची तो वो वहां से स्केल लेकर भाग निकला।

वह स्कूटी को पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन की दुकान में खड़ा कर दिया और ट्रेन से भाग गया। डी संतोष राव भी उनके साथ पेंड्रा रोड तक गए थे और वहां से अलग हो गए थे। इसलिए उसे अमित जोश के स्कूटी के बारे में जानकारी थी और उसकी मार्कशीट को बरामद कर लिया गया।